खूनी बवासीर की अंग्रेजी दवा (Khooni Bawaseer ki Angreji Dawa ka Naam)

खूनी बवासीर की अंग्रेजी दवा : हमारे देश मे हर साल लाखों की तादाद में कई लोग बवासीर जैसी समस्या से झुजते है यह जितनी आम बीमारी है उतनी ही गंभीर है

आपको पता ही होगा कि बवासीर क्या है अगर नही तो बता देते हैं यह समस्या मलद्वार में होती हैं जिसमे गुदा की जगहों पर जलन होता या मलद्वार से खून निकलना या गुदा की नसें प्रभावित होती हैं

जिसके कारण मरीज़ ठीक से बैठ नही पाता इस बीमारी को मेडिकल भाषा मे पाइल्स कहते है।

वैसे बवासीर दो तरह के होते है नॉर्मल और खूनी बवासीर,नार्मल बवासीर में सिर्फ मलद्वार पर या टॉयलेट करते समय जलन होती हैं।

और बैचेनी महसूस होती है लेकिन खूनी बवासीर काफी गभीर होता है जिनमे मलद्वार में सूजन आ जाती हैं गुदा की नसों में जलन होती है और टॉयलेट करते समय खून निकलता है।

लेकिन आपको इस बीमारी से डरने की जरूरत नही है हम आपको इस लेख में खूनी बवासीर की अंग्रेजी दवा के बारे में बताएंगे उसके साथ ही कई ऐसे उपाय बताएंगे जिनसे आप इस गंभीर बीमारी से छुटकारा पा सकते है।

अनुक्रम

खूनी बवासीर की अंग्रेजी दवा (Bawaseer ki Angreji Dawa in Hindi)

 

Khooni Bawaseer ki Angreji Dawa
Khooni Bawaseer ki Angreji Dawa in Hindi

 

खूनी बवासीर क्या है

वैसे खूनी बवासीर और नॉर्मल होने वाला बवासीर में ज्यादा फर्क नही होता है लेकिन अगर नॉर्मल बवासीर का इलाज़ समय पर नही किया गया तो वह खूनी बवासीर का कारण बनता है।

अब आपको बता दें खूनी बवासीर के बारे में तो मलाशय और गुदा में बहुत ज्यादा खुजली होती हैं, ब्लीडिंग होती हैं और जलन महसूस होती है

साथ बैठने में तकलीफ होती हैं उसे खूनी बवासीर कहते है जिनका इलाज़ करवाना बेहद जरूरी होता है वैसे इस खूनी बवासीर में मलाशय के अंदर सूजन और अन्य नसे बनती हैं जिससे कारण पीड़ित को काफी तकलीफ होती हैं।

और मलाशय के अंदरूनी हिस्सो में थ्रोम्बोस्ड हेमोरोइड्स (Thrombosed Hemorrhoid) पैदा होते है जो काफी खतरनाक होते है जिससे सूजन,दर्द और ब्लीडिंग जैसी समस्या से जूझना पड़ता है।

 

खूनी बवासीर के लक्षण – Symptoms of Bleeding Piles in Hindi

आपको पता ही होगा खूनी बवासीर की समस्या क्यो होती है अगर नही पता है तो हम बताते हैं

दरअसल बवासीर की बीमारी होने का कारण हमारे शरीर पर निर्भय है जैसे कि शरीर मे विटामिन की कमी, कब्ज की समस्या और खानपान से होने वाली आम बीमारी है।

और खूनी बवासीर के कई मामलू और गंभीर लक्षण है मुख्य लक्षणों के बारे में हमने नीचे जानकारी दी है।

  • मल में ब्लीडिंग होना (खून आना)
  • गुदा में जलन और दर्द होना
  • नॉर्मल लगातार बुखार आना
  • पेट और सिरदर्द
  • उबकाई, उल्टी होना
  • मलद्वार में खुजली होना
  • चक्का आना,बैचेनी

जैसे कई मामूली लक्षण देखने को मिलते है।

 

बवासीर (Piles) के प्रकाश

वैसे साधारण भाषा मे हम नॉर्मल बवासीर और खूनी बवासीर कहते हैं लेकिन अगर मेडिकल भाषा मे बताये तो तीन प्रकार है बाहरी बवासीर,प्रोलेप्सड बवासीर,अंदरूनी बवासीर और खूनी बवासीर।

इन चार प्रकार के बवासीर होते है लेकिन हमें इसके बारे में ज्यादा पता नही होता हम आपको इन चारों प्रकार के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी नीचे दी है

 

अंदरूनी बवासीर : External hemorrhoids

अंदरूनी बवासीर आम समस्या है जो मलाशय के ऊपर होता है और साधारण लक्षण होते है जैसे कि खुजली होना हल्की जलन होना इस बवासीर घरेलू उपाय से भी एक हप्ते में ठीक हो जाता है।

लेकिन इस बवासीर को नजरअंदाज नही करना चाहिए और भले ही यह नॉर्मल हो फिर भी डॉक्टर को दिखाना जरूरी है

खूनी बवासीर : Bloody Hemorrhoids

इस बवासीर को काफी गंभीर माना जाता हैं क्योंकि इस बवासीर से पीड़ित को काफी तकलीफ होती हैं

जैसे मल त्याग करते समय खून आना,जलन होना मलद्वार को काफी प्रभावित करता है जहाँ पर सूजन होती हैं।

बवासीर के इस प्रकार को नजरअंदाज कभी नही करना चाहिए और डॉक्टर से मेडिकल रिपोर्ट के माध्यम से इसका इलाज़ करवाना चाहिए। कई लोग खूनी बवासीर की अंग्रेजी दवा द्वारा इसका इलाज़ करना उचित समझते हैं जैसे भी हो इसका इलाज समय पर करना चाहिए।

प्रोलेप्सड बवासीर : Prolapsed Hemorrhoids

इस प्रकार के बवासीर में ज्यादातर मरीजों को मलद्वार में सूजन आ जाती हैं और मलाशय के अंदरूनी हिस्सो से यह सूजन बाहर निकलने लगती हैं जिनसे मरीज़ को बैठने में काफी तकलीफ होती हैं।

जिसे में एक तरह की गांठ बोल सकते है, अगर  प्रोलेप्सड प्रकार का बावजूद हुआ है तो आपको जल्द से डॉक्टर से इलाज करवाना चाहिए क्योंकि समय पर इसका इलाज न होने पर सर्जरी करवाने की नौबत आती हैं।

बाहरी बवासीर : External Hemorrhoids

मलाशय की सतह पर एक नॉर्मल गांठ होती हैं जो मलाशय के बाहरी हिस्सो प्रभावित करती हैं उसे बाहरी बवासीर कहते है।

वैसे यह ज्याफ गंभीर समस्या नही होती हैं लेकिन आपके जीवनशैली पर काफी असर डालती है इसलिए इसका इलाज होना जरूरी है चाहे घरेलू उपाय हो,या डॉक्टर द्वारा किया जाने वाला इलाज।

 

खूनी बवासीर की अंग्रेजी दवा कौन सी है

आमतौर पर बवासीर से छुटकारा पाने के लिए अंग्रेजी दवाओं का उपयोग तेजी से हो रहा है और कई लोगों के लिए फायदेमंद रहा है वैसे यह दवाइयां डॉक्टर द्वारा सटीक जांच और निदान के बाद दी जाती है फिर भी आपको खूनी बवासीर की अंग्रेजी दवा के बारे में जानकारी के लिए बताते हैं जो हमने नीचे दी है।

  • इस्क्यूलस हिपोकैस्टीन  (Aesculus hipocysteine)

इस्क्यूलस हिपोकैस्टीन दवा कितनी भी भयंकर खूनी बवासीर की समस्या हो इस दवा से जड़ से ठीक किया जा सकता है जभी आप डॉक्टर के पास जाते है और रिपोर्ट के खूनी बवासीर होने का पता चलता है या गंभीर लक्षण पाए जाते हैं तो आपको इस दवा का उपयोग करने का सुजाव देते है।

  • पाइलोरैप फोर्टी  (Pilorap Forte)

बवासीर के लिए फायदेमंद दवाओं में एक इसे माना जाता है यह मलाशय में खुजली,जलन और मल त्याग करते समय होने वाली समस्याओं से छुटकारा दिलाती हैं।

यह दवा का सेवन करने से हमारे शरीर मे किसी भी तरह का गलत असर नही पड़ता। लेकिन उसके बावजूद डॉक्टर का सुजाव भी बेहद जरूरी है।

  • कॉलिंग सोनिया (Calling Sonia)

जभी आप डॉक्टर के पास जाते हो तब आपको पहले नॉर्मल दवाओं का सवेन करने को कहते लेकिन अगर उसे ठीक नही होता तो आपको कॉलिंग सोनिया दवा का सेवन करने को कहते है यह दवा से आमतौर पर बवासीर के गंभीर लक्षण को ठीक करने और समस्या में राहत दिलाने में मदद मिलती हैं।

  • कॉर्टिकॉस्टेरॉइड्स (corticosteroids)

आपको पता ही होगा कि बवासीर की समस्या को दूर करने के लिए सबसे पहले उसके लक्षण को ठीक होना बेहद जरूरी होता है इसलिए इस दवा से जलन,सूजन, और दर्द जैसी समस्या से राहत पाने के लिए यह दवा काफी फायदेमंद है।

ध्यान रखें जभी बवासीर की तकलीफ होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर ले और किसी भी तरह की दवाओं का इस्तेमाल बिना डॉक्टर को बताए न करे।

 

खूनी बवासीर में अंग्रेजी दवा के नुकसान

जैसे हमने बताया बवासीर के कई मामूली और गंभीर लक्षण होते है और अगर आपको घरेलू या आयुर्वेदिक उपचार से बवासीर ठीक हो जाता है तो आपको अंग्रेजी दवाओं की आवश्यकता नही पड़ती हैं।

हमने देखा है कई लोगों को घरेलू या आयुर्वेदिक इलाज से बवासीर ठीक हो जाता है लेकिन अगर आप घरेलू उपाय करने के बावजूद बवासीर ठीक नही हुआ तो आपको अच्छे डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

अगर बात करे खूनी बवासीर में अंग्रेजी दवा के नुकसान की तो अंग्रेजी दवा डॉक्टर द्वारा चैकअप कर के दी जाती हैं

अगर आप बाजार की मेडिकल में बिना डॉक्टर को दिखाई कोई भी दवाओं का इस्तेमाल करते हैं तो साइड इफेक्ट हो सकता है

क्योंकि बवासीर की अंग्रेजी दवा थोड़ी भारी होती हैं आपको डॉक्टर को बिना दिखाई किसी भी अंग्रेजी दवाओं का सेवन नही करना चाहिए।

 

खूनी बवासीर के कारण  (Causes of bloody piles)

बवासीर की समस्या होना आम है और इस बीमारी का कारण नॉर्मल है और हमारी जीवनशैली के साथ जुड़ा हुआ है।

खूनी बवासीर लापरवाही से होता है क्योंकि हम खानपान में ध्यान नही रखते , जैसे कि ट्रीट फूड का सेवन करते हैं तल हुआ खाना, ज्यादा तीखा और नमकीन खाना खाने से पाचनतंत्र में काफी असर पड़ता है

जिनके कारण मल त्याग करने में दिक्कत होती हैं जिससे मलद्वार प्रभावित होता है और बवासीर का कारण बनता है।

और जैसे ही इस बीमारी का शिकार बनते है तुरंत खूनी बवासीर की अंग्रेजी दवा और घरेलू नुस्खे आजमाने लगते है। लेकिन आपको बता देंखूनी बवासीर के कई कारण है हमने कुछ मुख्य कारण नीचे दिए हैं।

  • मल त्याग के दौरान समस्या

मल त्याग (टॉयलेट) करना हमारे शरीर में स्वास्थ्य के लिए हमारी जीवनशैली का हिस्सा है। लेकिन अगर आप टॉयलेट में ज्यादा देर बैठे रहते है या मल त्याग करने में प्रेसर होती हैं तब मलाशय पर असर पड़ता है

और अंदरूनी हिस्से की चमड़ी के ऊपर का हिस्सा क्रैच होता है और खून आता है साथ ही जलन जैसे समस्या पैदा हो जाती हैं और खूनी बवासीर जैसे गंभीर बीमारी का शिकार बनते है।

  • विटामिन की कमी

हमारे शरीर मे विटामिन होना बेहद जरूरी होता है अगर किसी भी व्यक्ति के शरीर मे विटामिन की कमी होती हैं तो उसे कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है

उनमें से एक बवासीर है अब आपको बताते हैं क्यों विटामिन की कमी से बवासीर होता है वह इसीलिए की विटामिन की कमी के कारण पेट मे पाचनक्रिया काफी कमजोर पड़ जाती है और पेट मे सही मल नही बनता और मल त्याग के दौरान समस्या होती हैं। जिनसे बवासीर जैसी बीमारी से जूझना पड़ता है।

  • कब्जियत

सही खाना हमारे पेट और हमारे शरीर के लिए स्वस्थ माना जाता है लेकिन जैसे ही दूषित भोजन या पानी पिया तुरंत कब्जियत होती हैं

आपको पता ही होगा कि कब्जियत पेट की समस्या है और पेट की समस्या से सीधा असर मल त्याग और मलद्वार पर पड़ती हैं और इनसे होती हैं बवासीर की बीमारी। खुनी बवासीर का कारण कब्जियत सबसे मुख्य कारण है।

  • पानी की कमी

जितना हमारा शरीर को भोजन चाहिए उनसे बड़ी तादाद में पानी की आवश्यकता होती हैं। और शरीर मे पानी की कमी होने से पेट सूख जाता है और भोजन को पचाने में दिक्कत होती हैं

पाचनतंत्र कमजोर हो जाता है क्यों कि पानी से पाचनतंत्र काफी स्वस्थ और तंदुरुस्त रहता है।

इसलिए अगर आपको खूनी बवासीर से बचना है तो खूब सारा पानी पीजिए। कम से कम पूरे दिन में तीन लीटर पानी शरीर के मुताबिक पीना चाहिए।

इसके अलावा खूनी बवासीर के कई कारण है। महत्वपूर्ण बात आपको बता दें बवासीर को कभी नजरअंदाज न करे अगर आपको नॉर्मल लक्षण दिखे या नॉर्मल बवासीर की समस्या हो तो तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाना चाहिए,

यह एक ऐसी बीमारी है जो लंबे समय तक रहती हैं इस बीमारी के ठीक होने में कम से कम एक महीना या आपके इलाज पर निर्भय करता है साथ ही बवासीर के लक्षण कितने गंभीर है कितने समय से बीमार है ये सारी चीजों को देखते हुए डॉक्टर आपका इलाज करता है।

 

खूनी बवासीर से बचने के उपाय – Bavasir se bachne ka upay

बवासीर किसी कारण के बिना नही होता और हमने बवासीर कैसे होता है उसके कारण बताए हैं। बवासीर किसी को भी हो सकता है। हमारी रोजाना जीवनशैली में कही बार ऐसी चीजों का सेवन लेते हैं कि कई बीमारियां होती हैं। बवासीर से बचने के कुछ आसान उपाय है

  • मल त्याग करते समय ज्यादा जोर न लगाए क्योंकि मलाशय के अंदरूनी हिस्से पर गहरा असर पड़ता है और प्रभावित होती हैं हमारे मल त्याग करते समय आराम से बैठकर मल त्याग करना चाहिए, नाकि जल्दबाजी में। इसके अलावा कभी भी मल त्याग के दौरान जोर नही लगाना चाहिए।
  • फाइबर युक्त भोजन का सेवन करे कही भोजन हमारे आसपास मौजूद होते है या हमारे घर मे उपलब्ध होते है जैसे कि नीली सब्जियां,प्रोटीनयुक्त भोजन, साथ ही ऐसे चीजे खाए जो पेट मे पच जाए या पाचनक्रिया में गलत असर न पड़े। स्वस्थ और फाइबर युक्त भोजन खाने से हमारा पेट साफ रहता है और कब्ज, मल त्याग में आसानी होती हैं और बवासीर जैसी समस्या कभी नही होती।
  • योगा और प्राणायाम हमारे जीवनशैली में कई बीमारियों से लड़ने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भोजन से पहले या बाद में योगा करने से हमारे शरीर मे तंदुरुस्ती बनी रहती हैं और शरीर में रोग प्रतिरोधक तत्व बनते है जिनसे हमारे शरीर को बड़ा फायदा होता हैं पेट और शरीर के अन्य हिस्सों की कभी बीमारी का सामना करने की नौबत नही आती।

 

खूनी बवासीर (Piles) का इलाजTreatment of bloody piles in Hindi

जभी आपको बवासीर के नॉर्मल लक्षण एक या दो बार दिखे तो आपको अपने सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है साथ ही खानपान में ध्यान रखना चाहिए।

अगर आपको बवासीर की समस्या धीमे धीरे बढ़ती है तो स्पेशलिस्ट सर्जर डॉक्टर को दिखाना चाहिए। जैसा कि हमने कहा इसका इलाज मेडिकल रिपोर्ट और मेडिकल हिस्ट्री पर निर्भय करता है।

साथ ही लक्षण, बवासीर के प्रकार जैसे अन्य चीजों की जांच करते हुए खूनी बवासीर का इलाज़ किया जाता हैं। कभी भी बिना जांच खूनी बवासीर की अंग्रेजी दवा का इस्तेमाल नही करना चाहिए। हमने खूनी बवासीर (Piles) के इलाज के बारे महत्वपूर्ण जानकारी नीचे दी है।

  • मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर इलाज :

अगर बवासीर के शरुआती लक्षण हल्के और नॉर्मल है फिर आप घरेलू उपाय आजमाते है फिर भी ठीक नही होता और समस्या बढ़ जाती हैं। तो आप जभी डॉक्टर के पास इलाज के लिए जाते हैं तो सबसे पहले डॉक्टर मेडिकल रिपोर्ट के माध्यम से बारीकी से जांच करते हैं जिससे बवासीर के गंभीर लक्षण का पता लगाया जाता है और इसका सटीक इलाज होता।

  • इलेक्ट्रोकोएग्युलेशन :

अगर मलाशय में बवासीर की नसें गांठ के रूप में बढ़ने लगती हैं या मलाशय के बाहरी हिस्सो को प्रभावित कर रही हैं तब इलेक्ट्रोकोएग्युलेशन द्वारा इसका इलाज किया जाता हैं

इस इलाज में एडवांस ट्रीटमेंट के तौर पर इलेक्ट्रॉनिक शार्ट द्वारा आपके बवासीर को सूखा देते है। और बाद में वह धीरे धीरे निकल जाता हैं।

  • हेमोरोइडेक्टॉमी :

जभी बवासीर अंदरूनी हिस्सो को प्रभावित करता है तब मरीज को काफी तकलीफ होती हैं और गंभीर लक्षण के साथ बवासीर से जूझना पड़ता है ऐसे में डॉक्टर हेमोरोइडेक्टॉमी प्रकिया का इस्तेमाल करते है

इस प्रक्रिया में अंदरूनी में मौजूद बवासीर को निकाल दिया जाता है और आपको एक हप्ते का आराम करने को कहते है आपको बता दें यह प्रकिया एक तरह की सर्जरी मानी जाती हैं।

  • हेमोरोइडोपेक्सी :

खूनी बवासीर की अंग्रेजी दवा से आप इलाज करवाते हैं फिर भी कोई ठीक नही होता तो अंत मे आपको सर्जरी की जरूरत पड़ती हैं जो सर्जरी के माध्यम से बवासीर को निकाल जाता हैं

और हेमोरोइडोपेक्सी खूनी बवासीर के लिए एक तरह की सर्जरी हैं।

डॉक्टर इस प्रक्रिया में सर्जिकल स्टेपल्स की मदद से बवासीर की बढ़ती चमड़ी और गांठ को निकालते हैं।

इस सर्जरी में ज्याफ समय नही लगता लेकिन सर्जरी के बाद आपको थोड़ा दर्द होता है और एक एक या दो दिन के लिए हॉस्पिटल में रहने का सुजाव देते है।

 

क्या गर्भवस्था के दौरान खूनी बवासीर की समस्या होती हैं

खूनी बवासीर की समस्या गर्भवती महिलाओं को ज्यादा होती हैं क्योंकि उनके शरीर मे कब्ज,और भोजन को लेकर काफी बदलाव देखने को मिलता है आपको बता दें गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा बवासीर होने का डर तब लगता है

जब वह आखरी स्टेज में हो,कई महिलाओं को डिलीवरी के तुरंत बाद खूनी बवासीर की समस्या हो जाती हैं। वो इसीलिए होता है क्योंकि बेबी बोर्न के दौरान मलद्वार की नसों पर असर पड़ता है। और मलाशय के अंदरूनी हिस्सो को प्रभावित करता है।

 

खूनी बवासीर के घरेलू उपाय (Khooni Bawaseer  ke Gharelu Upay)

खूनी बवासीर बीमारी से छुटकारा पाने के वैसे कई घरेलू उपाय है जो कई फायदेमंद रहे हैं। लेकिन ऐसा जरूरी नही घरेलू उपाय से जड़ से ठीक हो जाता है

एक बात का ध्यान जरूर रखे दो या तीन दीन घरेलू उपाय द्वारा बवासीर ठीक नही होता तो तुरंत डॉक्टर से इलाज करवाएं क्योंकि हो सकता है आप इलाज के किए देर करदे और वह खूनी बवासीर का कारण बन जाए लेकिन हमने फायदेमंद और बवासीर के लक्षण में राहत दिलाने वाले कुछ घरेलू उपाय नीचे दिए हैं।

  • नारियल का तेल :

यह उपाय आसान है और फायदेमंद भी है अगर आपको ज्यादा जलन हो रही हैं और दर्द हो रहा है साथ ही मल त्याग के दौरान परेशानी होती हैं तो आप कॉटन को तेल में हल्का भिगोकर प्रभावित हिस्सो पर हल्के से लगाने से काफी बड़ी राहत मिलती हैं।

बवासीर की सूजन कम हो जाती है साथ ही मल त्याग करते समय जलन या दर्द नही होता। आपको बता दें नारियल में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होता है जो बवासीर जैसी समस्या में राहत दिलाता है।

  • पेट्रोलियम जेली :

आसानी से मेडिकल स्टोर में मिलने वालों पेट्रोलियम जेली (Petroleum jelly) मलाशय पर होने वाली बवासीर की गांठ या फ़टी चमड़ी पर हल्के से लगाने से दूसरे ही दिन काफी बड़ा फर्क देखने को मिलेगा।

पेट्रोलियम जेली द्वारा आप बवासीर में होने वाले कई लक्षणों पर राहत मिलती हैं और कही बार बवासीर जैसी समस्या जड़ से खत्म हो जाती हैं।

  • ढीले कपड़े पहने :

अक्सर लोग काफी टाइड और फिट कपड़े पहनते हैं। ऐसे कपड़े पहनने से बवासीर के बाहरी हिस्सो पर असर पड़ता है और खूनी बवासीर की समस्या बढ़ जाती हैं।

जीन्स जैसे पेंट्स और फिट कपड़े न पहनें क्योंकि इससे बवासीर के घाव को ज्याफ प्रभावित होता है और मलाशय में मौजूद बवासीर काफी मजबूत हो जाता है जिससे मल त्याग करते समय चमड़ी फट जाती हैं और खून आने लगता है। इसलिए नॉर्मल और साधारण कपड़े पहनने चाहिए।

घरेलू उपाय तब करे जब आपको लगे कि आपको बवासीर में लक्षण हैं या आपको मल त्याग में परेशानी होती हो, खूनी बवासीर होंने पर  ज्यादातर डॉक्टर को दिखाना है सूचित है

Disclaimer

इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न विशेषज्ञों के अध्ययन और राय के साथ-साथ आम आदमी के स्वास्थ्य पर आधारित है। इस जानकारी को देने का उद्देश्य विषय से परिचित होना है। पाठकों को अपने स्वास्थ्य के आधार पर कोई भी निर्णय लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

 

conclusion

बवासीर की समस्या का इलाज समय पर नही हुआ तो सर्जरी और अन्य लेजर ऑपरेशन के माध्यम से इलाज करवाने की नौबत आ जाती हैं।

इसलिए स्वास्थ्य का ध्यान रखे और खानपान में ऐसी चीजें कभी न खाए जो बीमारी का कारण बने साथ ही खूनी बवासीर न हो उसका ध्यान जरुरी रखे।

ज्यादा पानी पीजिए, हो सके तब तक बाहर का खाना अवॉयड करे इसके अलावा बवासीर होने पर अपने डॉक्टर की दिशा निर्देश का पालन करे।

एक और महत्वपूर्ण बात बता दें बवासीर गंभीर समस्या नही है सिर्फ उनके लक्षण गंभीर होने के कारण इसको ठीक करने में समय लगता है लेकिन यदि आप इस बीमारी का सामना करते हैं तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है

आज के लेख में हम ने खूनी बवासीर की अंग्रेजी दवा के बारे में जाना इसके अलवा आज हम ने खूनी बवासीर का घरेलू इलाज क्या है जैसे महत्वपूर्ण विषय की भी जानकारी विस्तार में शेयर की है |

यदि आप को Khooni Bawaseer की समस्या है और आप उसका समाधान पाना चाहते है तो इस लेख को शुरवात से अंत तक जरूर पढ़े इसके अलवा अगर आप हम से कोई सुझाव चाहते है तो निचे कमेंट में बताये हम आप के कमेंट का जरूर रिप्लाई देंगे | धन्यवाद

 

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