पानी का पर्यायवाची शब्द (Paani Ka Paryayvachi Shabd in Hindi)

Paani Ka Paryayvachi Shabd – क्या होते है। जी हां आज हम पानी के पर्यायवाची शब्द के बारे में जानेंगे। और साथ ही हम ये भी जानेंगे कि हम पानी को और क्या- क्या कह सकते है।

पर्यायवाची शब्दों से जुड़ी और भी जानकारी हम इस आर्टिकल के जरिए आप तक पहुचाएंगे।

जैसे किसी इंसान के नाम के अलावा उसके और भी नाम होते है, जिन्हे हम निक नेम कहते है। ठीक उसी प्रकार किसी भी निर्जीव सा सजीव वस्तु या सामान या किसी भी चीज के एक के अलावा और भी नाम होते है। जिन्हे हम पर्यायवाची शब्द कहते है।

पानी के साथ हम कुछ ऐसे शब्दों को भी जानेंगे जिनके एक जैसे अर्थ होते हैं। कहने का अभिप्राय यह है कि, एक शब्द जिसके कई अर्थ हैं। और साथ-ही-साथ उसके शब्द के जो अर्थ हैं, वे भी समान ही है। ऐसे शब्दों को पर्यायवाची या समानार्थक शब्द भी कहा जाता है।

विस्तार से और आसान तरीके से जानने के लिए पहले पर्यायवाची या समानार्थक शब्द की परिभाषा को जान लेना आवश्यक है।

 

पानी का पर्यायवाची शब्द | Paani Ka Paryayvachi Shabd in Hindi

 

पानी का पर्यायवाची शब्द

 

‘पर्यायवाची शब्द’ का अर्थ क्या होता है | Paryayvachi shabd ka arth kya hota hai :

हिंदी की किताबों में अकसर आपने पर्यायवाची शब्द के बारे में पढा ही होगा। जिन्होने नही पढा उन्हे हम बता देते है कि, ‘पर्यायवाची शब्द’ क्या होते है

हम ऐसे भी जान सकते है कि ‘पर्याय’ का अर्थ है- ‘समान’ तथा ‘वाची’ का अर्थ है- ‘बोले जाने वाले’।

अर्थात् जिन शब्दों का अर्थ एक जैसा होता है, उन्हें ‘पर्यायवाची शब्द’ कहते हैं। या जिन शब्दों के अर्थ में समानता हो, उन्हें ‘पर्यायवाची शब्द’ कहते है। समान अर्थ वाले शब्दों के हम ‘पर्यायवाची शब्द’ या समानार्थक भी कहते है।

 

उदाहरण के लिए-

सूर्य, दिनकर, दिवाकर, रवि, भास्कर, भानु, दिनेश- इन सभी शब्दों का अर्थ है ‘सूरज’। सूरज को हम सूर्य, दिनकर, दिवाकर, भास्कर आदि नामों से संबोधित कर सकते है। क्योकि सूर्य, दिनकर, दिवाकर, भास्कर आदि शब्दो को मतलब सूरज है। या हम ये भी कह सकते है कि सूरज के ‘पर्यायवाची शब्द’ सूर्य, दिनकर, दिवाकर, भास्कर आदि है।

 

Paani Ka Paryayvachi Shabd in Hindi :

जैसा की की अब आप जान चुके है कि पर्यायवाची शब्द किसे कहते है। जिस शब्द के कई सारे अर्थ होते है और उन सभी अर्थों का समान मतलब होता है उन्हे ही पर्यायवाची शब्द कहते है। औऱ आज हम यहां आपको पानी के पर्यायवाची शब्दों के बारे में बताएंगे।

पानी हमारे जीवन का अहम हिस्सा है। जल के बिना कोई जीवित नही रह सकता है। इसलिए कहा जाता है जल ही जीवन है। सुबह होने से लेकर रात होने तक हम जल का किसी ना किसी प्रकार से इस्तेमाल करते है।

जैसे जल को हम पीने से लेकर खाना बनाने कपड़े धोने जैसे कामों में इस्तेमाल करते है। इसलिए जल को अनमोल कहा जाता है। तो चलिए जान लेते है पानी का पर्यायवाची शब्द  के बारे में –

 

पानी को हम निचे लिखे नामों से भी जानते है। और इन शब्दों को हम पर्यायवाची शब्द कहते है।

पर्यायवाची समानार्थक
जल सलिल
नीर उदक
सारंग अम्बु
तोय जीवन
वारि पय
अमृत मेघपुष्प
पेय धनरस
आब रस
अमृत आपु
वारि उदक

 

पानी के पर्यायवाची शब्द पढ़ने और सुनने में भले ही एक जैसे लगें, किन्तु उनके अर्थ में सूक्ष्म अंतर हो सकता है।

एक ही वाक्य में सभी पर्यायवाची शब्दों का प्रयोग हो जाए, यह आवश्यक नहीं है। व्याख्या के आधार पर वाक्य में भिन्न पर्यायवाची का प्रयोग किया जा सकता है। जैसे-

  1. पानी– पानी के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।
  2. नीर– वर्षा ऋतु का नीर बहुत ही स्वच्छ होता है।
  3. जल– जल हमें प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त होता है।
  4. जीवन – जल के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। इसीलिए जल को जीवन कहा गया है।
  5. वारि – संस्कृत में जल को वारी कहते हैं।
  6. पानी – हमने पानी ऊपर चढ़ाने के लिए घर में मोटर लगवाई है।
  7. पय – मूर्छित व्यक्ति को पय देने से उसकी मूर्छा टूट जाती है।
  8. अमृत – हमें वर्षा रूपी अमृत का सरंक्षण करना चाहिए।
  9. मेघ पुष्प – गर्मी में मेघपुष्प के बरसने पर मिट्टी की भीनी-भीनी खुशबू फैलती है ।

 

पानी के बारे में अधिक जानकारी | Paani K Bare Mai Adhik Jankari

आप पानी शब्द के पर्यायवाची शब्दों के बारे में तो जान चुके हो अब हम आपको पानी से जुड़ी अनोखी जानकारी देंगे। जिन्हे जानकर आप भी यकीनन सोच में पड़ जाएंगे।

  • हमारी पृथ्वी का तीन चौथाई भाग पानी से ढ़का है, लेकिन इस जल का 99% भाग पीने योग्य नही है। पृथ्वी का केवल 1% जल ही पीने योग्य है।
  • विश्व का 90% ताजा पानी अंटार्कटिका में पाया जाता है।
  • विज्ञानको द्वारा पानी को ‘Universal Solvent’ भी कहा जाता है क्योंकि पानी में अधिकांश पदार्थों को घोला जा सकता है।
  • जल को जब जमाया जाता है तो यह अपने घनत्व का 9% तक फैल जाता है।
  • क्या आप जानते हैं ज्यादा पानी पीने से आपको नशा भी हो सकता है। उदाहरण के तौर पर ज्यादा पानी पीने से हमारा मस्तिष्क असंतुलित हो जाता है, और हमें नशे जैसा अनुभव होता है।
  • अगर आप पानी को गर्म करके बर्फ जमाते हैं, तो वह ठंडे पानी की बजाए जल्दी जम जाएगी।
  • आपको जानकर हैरानी होगी दुनिया का 20% साफ जल मात्र एक झील समेटे हुए हैं। जिसका नाम बेकाल झील है, और यह झील रूस में है।
  • आपको जानकर हैरानी होगी, इस समय पृथ्वी पर लगभग 200 करोड लोग दूषित पानी पीकर अपना जीवन व्यतीत कर रहे है।
  • इंसानों के खून का 83 प्रतिशत हिस्सा जल से बना होता है।
  • आपको जानकर हैरानी होगी। अगर इंसान के शरीर में 10% पानी की कमी हो जाए, तो उसकी मृत्यु हो सकती है।
  • अफ्रीका में इस समय जल की भारी किल्लत है। उदाहरण के तौर पर अफ्रीका के गांव में लोगों को पानी लेने के लिए लगभग 10 किलोमीटर दूर तक जाना पड़ता है।
  • क्या आप जानते हैं इंसान भोजन के बिना कई महीनों तक जीवित रह सकता है। परंतु जल के बिना इंसान का जीना 1 हफ्ते के लिए भी संभव नहीं है।
  • पृथ्वी पर महासागरों में सबसे अधिक जल प्रशांत महासागर में समाया हुआ है।
  • जानवरों में हाथी एकमात्र ऐसा जानवर है, जो 5 किलोमीटर दूर से पानी का पता लगा सकता है।
  • क्या आप जानते हैं हम अपने घरों में सर्वाधिक पानी का उपयोग बाथरूम में करते हैं। उदाहरण के तौर पर एक बार फ्लश करने पर 6 लीटर पानी बह जाता है।
  • पानी को विज्ञानिकों ने तीन भागों में बांटा है जिसके तहत यह हमें तरल, ठोस और गैस रूप में मिलता है।
  • ‘जल ही जीवन है’ ये कथन सत प्रतिशत सत्य है। हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए जल को सुरक्षित करना बेहद जरूरी है। क्योंकि इस समय विश्व में जल का भारी संकट छाया हुआ है। उदाहरण के तौर पर अब तक जल को लेकर कई देशों में 265 लड़ाईया लड़ी जा चुकी है।

 

पानी की महत्वता | Panni ki Mahatvta

तो देखा आपने पानी हमारे लिए कितना जरुरी है। वही नगरीकरण और औद्योगिकीरण की तीव्र गति और बढ़ते प्रदूषण तथा जनसंख्या वृद्धि के साथ प्रत्येक व्यक्ति के लिए पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है।

जैसे जैसे गर्मी बढ़ती है, देश के कई हिस्सों में पानी की समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है। प्रतिवर्ष यह समस्या पहले के मुकाबले और बढ़ जाती है,

लेकिन हम हमेशा यही सोचते हैं कि बस जैसे तैसे गर्मी का सीजन निकाल जाये, बारिश आते ही पानी की समस्या दूर हो जायेगी। और यह सोचकर जल सरंक्षण के प्रति बेरुखी अपनाये रहते हैं। आगामी वर्षों में जल संकट की समस्या और अधिक विकराल हो जाएगी।

शुद्ध पेयजल की अनुपलब्धता और संबंधित ढेरों समस्याओं को जानने के बावजूद भी देश की बड़ी आबादी जल संरक्षण के प्रति सचेत नहीं है। जहां एक ओर लोगों को मुश्किल से पानी मिल पाता है,

वहीं दूसरी ओर बेपरवाह लोग जल के महत्व को नही समझ रहे हैं। जिसे बिना किसी परेशानी के जल मिल रहा है, वे ही बेपरवाह नजर आ रहे हैं। आज शहरों में फर्श चमकाने, गाड़ी धोने और गैर-जरुरी कार्यों में पानी को निर्ममतापूर्वक बहाया जाता है।

प्रदूषित जल में आर्सेनिक, लौहांस आदि की मात्रा अधिक होती है, जिसे पीने से तमाम तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां उत्पन्न हो जाती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक अध्ययन के अनुसार दुनिया भर में 86 फीसदी से अधिक बीमारियों का कारण असुरक्षित और दूषित पेयजल है।

वर्तमान में करीब 1600 जलीय प्रजातियां जल प्रदूषण के कारण लुप्त होने के कगार पर हैं, जबकि विश्व में करीब 1.10 अरब लोग दूषित पेयजल पीने को मजबूर हैं और साफ पानी के बगैर अपना गुजारा कर रहे हैं।

यह ना सिर्फ सरकार और आम जनता दोनों के लिए चिंता का विषय है। इस दिशा में अगर कदम उठाते हुए सार्थक पहल की जाए, तो स्थिति बहुत हद तक नियंत्रण में रखी जा सकती है, अन्यथा भविष्य में हम सभी को पानी की किल्लत का सामना करना पडेगा।

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