महिला के शरीर में कितना खून होना चाहिए – Sharir mein kitna khoon hona chahiye

महिला के शरीर में कितना खून होना चाहिए : हर व्यक्ति के शरीर मे खून की मात्रा अलग-अलग होती है हमारे शरीर में खून की मात्रा बहुत सारी चीज़ों पर निर्भर करती है, किसी भी व्यक्ति के शरीर में खून की मात्रा उसकी उम्र और उसके आकार और भार पर भी निर्भर करती है

हमारे शरीर में खून की मात्रा लीटर में होती है किसी के भी शरीर में खून की मात्रा 4 लीटर से 6 लीटर के बीच में होता है इसको पिंट में मापा जाता है जिसे हम हमारी रिपोर्ट में देख सकते है जिसे आम तौर पर पॉइंट कहते है

पुरुष और महिला के शरीर में खून की मात्रा लगभग सामान होती है दोनों की मात्रा में थोडा सा ही अंतर होता है

किसी के शरीर में उसके खून की मात्रा उसके शरीर के कुल भार का 7 परसेंट होता है, क्या आप भी जानना चाहते है की हमारे रिपोर्ट में पॉइंट में बताया गया खून कितना होता है और महिलाओं के शरीर में कितना खून होना चाहिए तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़े

 

महिला के शरीर में कितना खून होना चाहिए
महिला के शरीर में कितना Blood होना चाहिए

 

महिला के शरीर में कितना खून होना चाहिए – How Much Blood Should Be in the Body in Hindi ?

 स्वस्थ महिला के शरीर में 65 मिली लीटर/किलोग्राम  होता है  खून की मात्रा वजन पर निर्भर करती है

और एक स्वस्थ महिला के शरीर में प्रति किलो के वजन के हिसाब से 65 मिली लीटर खून प्रति किलोग्राम में होना चाहिए

एक स्वस्थ महिला के शरीर में लगभग 10 पिंट (4 लीटर 464  मिली लीटर ) खून तो होना ही चाहिए, अगर आपके शरीर में इस आंकड़े के आस पास है तो आप निश्चिन्त रहिये पर यदि आके शरीर में 7 पिंट से कम खून है तो यह गंभीर चिंता का विषय है

बहुत सारे प्रयोगों के बाद पता चला की एक किलो शरीर के भार में खून की मात्रा मर्दों के शरीर में एक किलो भार में खून की मात्रा से कम होती है

आसान शब्दों में बताये तो महिला के शरीर में खून की मात्रा कम होती है और मर्दों के शरीर खून की मात्रा अधिक होती है

हमारा खून कोशिकाओं और द्रव से मिलके बनता है कोशिकाओं में श्वेत रक्त कोशिकाएं, लाल रक्त कोशिकाएं और प्लातेलेट्स होते है

 

शिशु के शरीर में खून की मात्रा

एक स्वस्थ जन्मे शिशु में लगभग 275 मिली लीटर (0.5 पिंट) खून होता है

बच्चो के शरीर में खून की मात्रा

छोटे बच्चे अर्थात 5 साल से 10 साल के बच्चे इनके अन्दर लगभग 2650 मिली लीटर( 5 पिंट ) खून होता है

जवान लोगों के शरीर में खून की मात्रा

जवान व्यक्ति चाहे वो पुरुष हो या स्त्री, जवान लोगों में सबसे ज्यादा ख़ून होता है यह 9 पॉइंट से 11 पॉइंट तक आराम से हो सकता है

अधेड़ उम्र के लोगों के शरीर में खून की मात्रा

इनके शरीर में 8 पिंट से लेके 10 पिंट तक खून होता है

बुजुर्ग के शरीर में खून की मात्रा

बुजुर्गों के शरीर में 7 पिंट से लेके 9 पिंट तक खून होता है

 

पिंट क्या है

पिंट द्रव जी मापने की इकाई है यह इंटरनेशनल रूप से स्वीकृत इकाई है इसलिए हमारा खून पिंट में नापा जाता है जिसे हम पॉइंट कहते संबोधित करते है

हमने सुना होगा की हमें हमारे शरीर में कितना खून है ये पॉइंट में बताया जाता है, अब सोचने वाली बात ये है की एक पॉइंट से हम कितना अंदाज़ा लगा सकते है की कितना खून है

असल बात यह है की पॉइंट की जगह असल शब्द पिंट होता है जिसको हम सामान भाषा में पॉइंट कहते है पर यह पॉइंट नही है ये पिंट है

हमें हमारे रिपोर्ट में जो Unit बताई जाती है इंटरनेशनल Unit है अर्थात यह दवाइयों या खून या किसी और दवाई से जुडी चीज़ को नापने की इकाई है

 

पिंट किसी द्रव को मापने का इकाई है

  • 1 पिंट = 473.17 मिली लीटर
  • 1 पिंट = 0.57 लीटर

 

एक स्वस्थ व्यक्ति में चाहे वो महिला हो या पुरुष उसमे लगभग 10.5 पिंट होना चहिए अर्थात लगभग 5 लीटर खून होना चाहिए

पिंट   कैलकुलेशन  

1 पिंट = 0.57 लीटर  

लीटर  
1 पिंट   1 X 0.57  0.57 लीटर  
2 पिंट   2 X 0.57  1.14 लीटर  
3 पिंट   3 X 0.57  1.71 लीटर  
4 पिंट    4 X 0.57  2.28 लीटर  
5 पिंट   5 X 0.57  2.85 लीटर  
6 पिंट   6 X 0.57  3.42 लीटर  
7 पिंट   7 X 0.57  3.99 लीटर  
8 पिंट   8 X 0.57  4.56 लीटर  
9 पिंट   9 X 0.57   5.13 लीटर  
10 पिंट   10 X 0.57  5.7 लीटर  
11 पिंट   11 X 0.57  6.27 लीटर  
12 पिंट   12 X 0.57  6.84 लीटर  
13 पिंट   13 X 0.57  7.41 लीटर  
14 पिंट   14 X 0.57  7.98 लीटर  

आप अपनी रिपोर्ट में लिखे पिंट को लीटर में बदलकर आराम से समझ सकते है की आपके शरीर में कितने लीटर खून है 

 

मासिक चक्र से महिलाओं का कितना खून कम होता है

यह भी सोचने वाली बात है की मासिक चक्र मे महिला के शरीर में कितना खून होना चाहिए आइये जानते है

अक्सर  महिलाओं को ऐसा लगता है की उनके मासिक धर्म या जिसे हम पीरियड कहते है, उससे उनके शरीर का काफी खून कम हो गया है

पर बहुत से प्रयोगों और अध्ययन से पता चला है की महिलायें अपने मासिक धर्म में बहुत कम खून ही खोती है पर महिलाओं को ऐसा एहसान होता है जैसे पता नही उनका कितना खून कम हो गया है

लगभग हर महिला अपने मासिक चक्र में 30 मिली लीटर से 40 मिली लीटर तक ही खून खोती है, आसान शब्दों में बड़े चम्मच से 4 चम्मच ही खून कम होता है

जिससे आपके शरीर को कोई नुक्सान नही होता है यहाँ तक की महिला के शरीर की खून की मात्रा में भी कोई ख़ास फरक नही पड़ता है

पर कुछ महिलाओं के मासिक चक्र में कुछ परेशानी होती है जिससे वह और महिलाओं के मुकाबले ज्यादा खून खोती है

 

मासिक चक्र में गड़बड़ी और खून का अनियमित रूप से कम या ज्यादा होना 

  • अगर किसी महिला को उसका मासिक धर्म 21 दिन के बाद ही आ जाये और हर बार 21 या 20 दिन के अंदर ही आये तो ये भी मासिक धर्म में समस्या के लक्षण है
  • किसी महिला का मासिक धर्म वापस से आने में 35 दिन से ज्यादा का समय लग रहा है और हर बार ज्यादा से ज्यादा दिनों के बाद आ रहा है तो ये भी मासिक धर्म में समस्या का कारण है

अक्सर ऊपर के दिए कारणों से ही ज़्यादातर महिलाएं घ्रस्त होती है पर इस्पे ध्यान न देने के कारण कई सारी समस्याओं को न्योता दे देती है

मासिक धर्म या चक्र सीधा औरतों के स्वास्थ्य से संपर्क रखता है अगर किसी के मासिक चक्र में दिक्कत है तो उसे स्वास्थ्य से जुडी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है

अगर ऊपर दिए गए लक्षण से आपको भी लगता है की आपके मासिक धर्म में समस्या है तो अपने डॉक्टर से सलाह ले वो आपको सबसे बेहतर उपाय अथवा समाधान देंगे

बहुत बार महिला को उसके मासिक चक्र में 7 दिन से ज्यादा होने के बाद भी उनका मासिक चक्र नही रुकता जिससे उनका काफी खून बह जाता है

जिससे उनको काफी तकलीफ झेलनी पड़ सकती है इसलिए अगर किसी महिला को 7 दिन से ज्यादा मासिक चक्र की समस्या है तो वह भी बिना देरी किये अपने डॉक्टर के पास जाये

क्योंकि ज़रुरत से ज्यादा खून का बहना आपके पेट में संक्रमण का लक्षण है, पता नही ये संक्रमण कहाँ हुआ है और कितना है इसलिए बिलकुल भी लापरवाही न करे और समय रहते इसका इलाज करवाए

अगर समय रहते इलाज न हो तो यह किसी भयंकर बिमारी और समस्या का रूप ले लेता है

 

मासिक चक्र किन चीज़ों से प्रभावित होता है 

  • अनियमित भोजन खाने से

अगर आप अपना भोजन सही से नही लेंगे या ऐसी चीज़ों का भोग करेंगे जो आपके सेहत के लिए ठीक न हो तो इससे आपका मासिक चक्र भी प्रभावित होता है

सुबह का खाना सबसे ज़रूरी होता है पर पता नही क्यों लोग सुबह के नाश्ते को अहमियत नही देते जिससे उनको अपने जीवन में सेहत से जुडी काफी समस्याएँ झेलनी पड़ती है

  • सही से न सोने से

पूरी नींद न लेना तो कई बिमारियों को बुलावा देता है जिससे आपका मनसिक चक्र भी प्रभावित होता है सही से न सोने से आपके सेहत और मस्तिष्क दोनों पर प्रभाव पड़ता है  जिसके कारण आपका मासिक धर्म सीधा-सीधा प्रभावित होता है

  • ज्यादा चिंता करने से

बहुत लोग चिंता करके ही अपने लिए समस्या खड़ी कर लेते है चिंता हमारे शरीर को घ्रस्त करके मासिक धर्म में संकट पैदा करती है आपने देखा होगा जब हम किसी चीज़ को लेके बहुत ज्यादा तनाव में रहते है तो हमारा मासिक धर्म अनियमित हो जाता है

  • किसी संक्रमण के कारण

हमारे पेट में संक्रमण के होने से भी मासिक धर्म पर प्रभाव पड़ता है इसी लिए समय से डॉक्टर को दिखा ले ताकि ज्यादा नुकसान से बच सके

  • व्यायाम के कारण

बहुत ज्यादा व्यायाम या बहुत ज्यादा शारीरिक काम भी मासिक धर्म में दिक्कतें लाता है पर यह ज्यादा चिंता की बात नही होती यह समय के साथ खुद ही ठीक भी हो जाता है

  • गर्भावस्था

गर्भवती महिलाओं के लिए मासिक चक्र में गड़बड़ी होना तो आम बात है उनका गर्भावस्था के दौरान मासिक चक्र रुक जाता है पर यदि किसी समस्या के कारण उन्हें खून आ रहा है तो यह गर्भावस्था के कारण ही होता है

  • जन्म नियंत्रण की गोलियों के कारण

बहुत महिलायें जन्म नियंत्रण गोलियों का सेवन करती है यह गोलियां उनके स्वास्थ्य के लिए और तो और मासिक चक्र के लिए नुक्सान दाई है उनके मासिक चक्र में अलग-अलग समस्याएँ देखने को मिल सकती है

  • थाइरोइड के कारण

थाइरोइड का शरीर में कम ज्यादा होना भी मासिक धर्म पर प्रभाव डालता है

 

गर्भवती महिला के शरीर में कितना खून होना चाहिए 

गर्भवती महिला के शरीर में और महिलाओं के मुकाबले काफी ज्यादा खून होता है गर्भवती महिला के शरीर के भार के साथ-साथ उनके शरीर में खून की मात्रा भी बढ़ जाती है

 स्वस्थ गर्भवती महिला के शरीर में लगभग 1250 मिली लीटर खून गर्भवती होने के कारण बढ़ जाता है 

डिलीवरी के समय गर्भवती महिला के शरीर में खून 25 परसेंट तक बढ़ जाता है

ऐसा होने के बहुत से कारण है हमारे शरीर में द्रव और लाल रक्त कोशिकाओं की मात्रा का बढ़ना या घटना बहुत सारी चीज़ों पर निर्भर करता है

गर्भावस्था सबसे बेचीदा उदहारण है जिसमे गर्भवती महिला के शरीर में द्रव अथवा खून का बढ़ना और घटना समान रूप से देखा जा सकता है

यह गर्भवती महिला के शरीर की आवश्यकता के हिसाब से होता है, जब उसके शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन की ज़रुरत होती है तो खून बढ़ जाता है अपर यह कोइ चमत्कार नही है यह बायोलॉजिकल तौर से संभव होता है

ऐसी और भी बहुत सी चीज़ें है जो गर्भवती महिला के शरीर में समय के साथ बढती घटती रहती है और जब ऐसा होने में दिक्कत आने लगती है तो गर्भवती महिला की प्रेगनेंसी में भी दिक्कतें देखने को मिलती है

गर्भवती महिला के शरीर में बढ़ते बच्चे के विकास के लिए 2.4 पिंट से अधिक खून की मात्रा बढ़नी चाहिए अर्थात आपके शरीर में खून का दर समय के साथ बढ़ता रहना चाहिए और ज्यादा नही तो 2.4 पिंट तो बढ़ना ही चाहिए

तो अब आप जान ही गए होंगे की गर्भावस्था में महिला के शरीर में कितना खून होना चाहिए

 

शरीर में खून कम होने से क्या होता है 

शरीर में खून कम होने से रक्त श्वेत कोशिकाएं कम हो जाती है जिससे निम्न लिखित हालातों का सामना करना पड़ सकता है

  • ऑक्सीजन की कमी

खून हमारे शरीर के अंगों को ऑक्सीजन पहुंचाता है इसलिए जब हमारे शरीर में खून कम होता है तो हमारे शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लग जाती है  जिससे सांस लेने में तकलीफ होना, भारी पन लगना आदि समस्याएँ हो सकती है

  • हीमोग्लोबिन की कमी

खून के कम होने से हीमोग्लोबिन कम हो जाता है हीमोग्लोबिन हमारे शरीर में पोषण का संचार करता है इसकी कमी बहुत सारी बिमारियों को आमन्त्रण देना है आपने सुना होगा की बहुत बार डॉक्टर कहते है की आपके शरीर में हीमोग्लोबिन कम हो गया है और आपको दवाई लिख देते है हीमोग्लोबिन की वजह से ही ऑक्सीजन हमारे शरीर के अंगों तक पहुच पाता है

  • किडनी और दिल से जुडी समस्याएँ

खून कम होने से अंगों में कमी आने लगती है सबसे पहले दिल और किडनी पर इसका प्रभाव दीखता है आपको दिल और किडनी से जुडी समस्याएँ देखने को मिल सकती है

  • कमजोरी होना

यह तो आम सी बात है शरीर में खून नही होगा तो हमारा शरीर काम कैसे करेगा ज़ल्दी थकान होना तो लाज़मी है

किसी भी काम को करते ही कुछ समय में थक जाना, ज्यादा देर तक खड़े न रह पाना, शरीर में दर्द होना, सोचने में दिक्कत आना आदि समस्याएँ खून की कमी की वजह से होती है

  • मानसिक समस्याएँ होना

हमारे दिमाग को सबसे ज्यादा ऑक्सीजन की ज़रुरत होती है और खून की कमी के कारण दिमाग में सही मात्रा में ऑक्सीजन नही पहुच पाता और सोचने में दिक्कत, भ्रम होना, किसी भी चीज़ को सही से समझ न पाना आदि समस्याएँ देखने को मिल सकती है

 

शरीर में खून कम होने के लक्षण 

  • त्वचा का पीला पड़ना

खून की कमी से हमारे शरीर का रंग भी बदलने लगता है खून की कमी से चेहरा पीला दिखने लगता है ऐसा लगता है जैसे व्यक्ति को पीलिया हो गया है

  • अत्यधिक कमजोरी होना

कमजोरी होना जैसे किसी काम को ज्यादा देर तक न कर पाना, थकान का ख़त्म ही न होना, व्यायाम आदि करने में असमर्थ होना, दौड़ते समय चक्कर आना आदि खून की कमी से होता है

  • चक्कर आना

जिनके शरीर में खून की कमी होती है उनको खड़े होने या बैठते समय अचानक से हल्का सा सर घूमता है, कभी कभी ऐसे लगता है जसे सब काला हो गया है कुछ दिखाई नही देता, और अनियमित रूप से कम या ज्यादा चक्कर आना भी खून की कमी के लक्षण है

  • साँस की तकलीफ होनी

जिनके शरीर में खून कम होता है वह जैसे ही कोई काम करते है या भीड़ भाड़ की जगह पर जाते है तो उनको सांस लेने की समस्या होने लगती है उनको आम तौर पर साँस लेनें में तकलीफ नही होती पर थोडा सी भी कठिनाई होने पर सबसे पहले उनको साँस की समस्या देखने को मिलती है

  • धड़कन का बढ़ना

दिल की धड़कन सामान्य नही रहती या तो यह ज्यादा रहती है या तो कम पर सामान्य नही रहती

  • त्वचा का सफ़ेद होना

त्वचा का रंग एकदम सफ़ेद होना भी खून की कमी के लक्षण है

  • नाखून के अन्दर सफेदी होना

खून की कमी से हाथों पैरों के नाखूनों के अन्दर सफ़ेद-सफ़ेद हो जाता है यह सीधा दर्शाता है की आपके शरीर में खून कम है

  • सूजन दिखाई देना

कभी कभी खून की कमी से सुजन भी देखने को मिलती है यह सुजन पूरे शरीर की भी हो सकती है या तो मुह हाथ पैर की हो सकती है

  • सर दर्द होना

अनियमित रूप से सर दर्द होना और लगातार होते रहना भी खून की कमी के लक्षण है

  • हाथों पैरों का पानी में डालने से सिकुडन होना

खून की कमी से हाथों पैरों में भी खून कम हो जाता है और जब हम अपने हाथ को पानी में डालते है तो खून की कमी के कारण वह सिकुड़ने लगती है

 

FAQs – Mahila ke sharir mein kitna khoon hona chahiye

सवाल : नार्मल ब्लड कितना होना चाहिए ?

नार्मल ब्लड 7 पिंट से 10 पिंट तक होता है

सवाल : तेज़ी से खून कैसे बढाए ?

चुकंदर और मधु की बनावट खून के जैसी ही होती है इसी कारण चुकंदर और मधु के सेवन से बहुत ज़ल्दी खून बढ़ता है

और भी ऐसी चीज़ें है जिसको खाने से खून बनता है जैसे लाल मांस, बीफ, हरी सब्जियां, किशमिश , फलिया अंडे आदि

सवाल : 1 पॉइंट में कितना खून होता है ?

असल में पॉइंट के स्थान पर पिंट है पर आसान भाषा में हम पॉइंट बोल देते है

  • 1 पिंट में लगभग आधा लीटर खून होता है
  • 1 पिंट = 0.57 लीटर
  • 1 पिंट = 450 मिली लीटर

सवाल : महिला में कितना खून होना चाहिए ?

महिला में लगभग 9 पिंट खून होना ही चाहिए

सवाल : शरीर में खून की कमी को कैसे पता करे ?

कमजोरी, चक्कर आना, सर दर्द, त्वचा का सफ़ेद होना धड़कन का बढ़ना आदि खून की कमी के लक्षण है

 

Conclusion

इस लेख में आप महिला के शरीर में कितना खून होना चाहिए के बारे में जाना आशा करते है | आप Sharir mein kitna khoon hona chahiye जैसे महत्वपूर्ण विषय की पूरी जानकारी जान चुके होंगे।

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