पतंजलि में शुक्राणु बढ़ाने की दवा – Patanjali mein shukranu badhane ki dawa

पतंजलि में शुक्राणु बढ़ाने की दवा – शुक्राणु के बारे में आप अच्छी तरह से जानते होंगे अगर नही जानते तो हम आपको बता देते है | शुक्राणु पुरुषों में पाए जानी वाली एक तरल पदार्थ है जिसे में वीर्य (sperm) कहते है

और शुक्राणु से मानव का सर्जन होता है और मानव की पीढियों का विकास होता है, और हर पुरुषों का पिता बनने का सुख प्राप्त होता है

लेकिन आज हर दश में से दो पुरुष शुक्राणु की कमी से पीड़ित हैं हालांकि शुक्राणु की नॉर्मल जिंदगी में तब होती है जब पुरूष की उम्र पचास साल से ज्यादा हो जाती हैं।

जिस व्यक्ति की उम्र अठारह से ज्यादा है और शुक्राणु की कमी है तो यह काफी खतरनाक माना जाता है इसका इलाज करवाना बेहद जरूरी है

वैसे आपको बताते शुक्राणु की कमी किसे कहते हैं दरअसल वीर्य के पाने जाने वाले गुण की सख्या में कमी हो जाती है और वह पानी में बदल जाता है उसे शुक्राणु कमी होना कहते है।

शुक्राणु की कमी उन लोगों को ज्यादा होती हैं जो गलत खान-पान का ज्यादा सेवन करते है साथ ही तनाव से भरा जीवन जीते हैं इसके अलावा सेक्-युअल कारण भी हो सकते है।

अगर आप भी शुक्राणु की कमी से पीड़ित हैं तो हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से पतंजलि में शुक्राणु बढ़ाने की दवा और आयुवेर्दिक उपाय के अलावा अन्य महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में बताने की कोशिश करेंगे

जिसके मदत से यदि किसी व्यक्ति में शुक्राणु की कमी है तो वह इस घरेलू उपचार के मदत से शरीर में शुक्राणु को फिर से बढ़ा सकता है

 

अनुक्रम

पतंजलि में शुक्राणु बढ़ाने की दवा – Patanjali mein shukranu badhane ki dawa

 

Patanjali mein shukranu badhane ki dawa
Patanjali mein shukranu badhane ki dawa

 

मानवी शरीर में शुक्राणु क्या होता है

आपको बता दें पूरी दुनिया मे लगभग हर पाँच कपल्स में से दो कपल शुक्राणु की कमी के कारण माता-पिता बनने की समस्या से जूझ रहे है ।

शुक्राणु मानवी शरीर का अहम और सबसे जरूरी एक द्रव्य है जो पुरुषों के वीर्य में पाया जाता है जिसके कारण पति-पत्नी के बीच यौ-न संबंध के बाद महिला के शरीर मे शुक्राणु प्रवेश करता है और महिला गर्भवती बनती हैं।

वैसे आपको पूरे विस्तार से बताते हैं मानवी शरीर मे शुक्राणु के बारे में हर पुरुषों में प्रजनन कोशिश होती हैं जो यौ-न संबंध के दौरान तरल पदार्थ निकलता है

जिसे वीर्य कहा जाता है और उस वीर्य में शुक्राणु मौजूद होते है और पुरुष की प्रजनन कोशिकाओं में हैंप्लोइड (haploid) होते है जिनमे 24 गुणसूत्र पाए जाते है।

वीर्य मानव प्रजनन की रक्षा करता है और यह अहम माना जाता है अब आपको यह भी बताते हैं स्पर्म (वीर्य) कैसे बनता तो यह हर मानवी शरीर में एक सबसे उचित गुण वाला तरल पदार्थ है

 

पतंजलि में शुक्राणु बढ़ाने की दवा

जभी पुरुषों में शुक्राणु की कमी होती हैं या स्पर्म की समस्या होती हैं तो यह इंटरनेट पर तरह तरह की दवाओं सर्च कर के गलत दवाओं का सेवन करते हैं

या वीर्य वर्धक दवाओं का सेवन करते है जो काफी गलत बात है वैसे हम आपको सही तरीका बतायेगें की किस तरह स आप शुक्राणु बढ़ा सकते है और इस समस्या से निजात पा सकते है।

पतंजलि में शुक्राणु बढ़ाने की दवा कई है जो काफी फायदेमंद भी साबित होती हैं और पतंजलि में ज्यादातर औषधीय गुणों से भरपूर जड़ी बूटियां होती है

जिसका सेवन करने से आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। वैसे हमने सबसे कारगर मानी जाने वाली पतंजलि औषधि दवाओं के नाम दिए हैं जो काफी फायदेमंद माने जाते है। और यह शरीर के लिए नुकसानदेह भी नही होती।

  • योवनामरत वटी

यह खास औषधियों से बनी है और यह शरीर के लिए नुकसानदेह भी नही है आप इसका सुबह और शाम 2 गोली का सेवन कर सकते है और कुछ ही दिनों में शुक्राणु कमी की समस्या से निजात पा सकते है।

यह पतंजलि में शुक्राणु बढ़ाने की दवा फायदेमंद मानी जाती है इसके अलावा कई दवाइयां है जिनका इस्तेमाल शुक्राणु बढ़ाने के लिए किया जाता है

लेकिन यह काफी लाभदायक है साथ ही पतंजलि में आप शतावर (Asparagus) अश्वगंधा (ashwagandha) मुसली (musli) का सेवन करना भी फायदा होता है।

साथ ही आपको हरोज दूध का सेवन करना चाहिए यह भी एक बेहतर उपाय है जो शुक्राणु की संख्या बढ़ाने में मदद करता है।

 

सबसे अच्छी दवा शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने के लिए 

आपको बता दें शुक्राणु की सबसे अच्छी दवा हमारा भोजन होता है,  क्योंकि शुक्राणु की कमी भोजन के कारण ही होती हैं फिर भी हम आपकी जानकारी के लिए शुक्राणु की संख्या बढ़ाने के लिए सबस अच्छी दवा के बारे में बताएंगे।

वैसे शुक्राणु की कमी क्योंकि होती है उसके बारे में हमने आपको पहले बताया कि गलत खान-पान की वजह से शुक्राणु की कमी होती हैं।

अब शुक्राणु बढ़ाने की दवा की बात करे तो वैसे बाजारों में शुक्राणु बढ़ाने की दवाइयां कई उपस्थित है लेकिन ज्यादातर लोग वीर्य वर्धक दवाओं का इस्तेमाल करते है जो सिर्फ यौन संबंध बनाने के लिए कार्य करती है

इससे वीर्य में मौजूद शुक्राणु की संख्या में बढ़ने का मौका बहुत कम होता हैं। वैसे हमने आपको कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी है।

  • हिमालय स्पेमन (Himalaya Speman)

वीर्य की गुणवत्ता की संख्या बढ़ाने के लिए आज तक इस दवा को काफी फायदेमंद माना गया है यह दवा खास जड़ी बूटियों और विटीमीन के गुणों से बनाए गए हैं साथ ही यह बाजारों में आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं।

यह एक फायदेमंद दवा है, जिनका सेवन कर के आप कम समय मे शुक्राणु की कमी समस्या से निजात पा सकते है इसके अलावा अन्य दवा भी है लेकिन हमने आपको सिर्फ फायदेमंद दवा के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाना उचित लगा।

 

शुक्राणु बढ़ाने की अंग्रेजी दवा

जहा तक हमारा मानना है कि अगर आप शुक्राणु की किसी भी समस्या से पीड़ित हैं तो आपको सबसे पहले घरेलू या आयुर्वेदिक नुस्खे आजमाने चाहिए

क्योंकि अगर आप अंग्रेजों दवाओं का इस्तेमाल करते हैं तो आपके शरीर के लिए काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है क्योंकि शुक्राणु की संख्या दवा से बेहतर आयुर्वेदिक तरीको से बढ़ाना उचित विकल्प है।

 

स्पर्म बढ़ाने की आयुर्वेदिक दवा

स्पर्म बढ़ाने की आयुर्वेदिक दवा एक बेहतर विकल्प है और साथ ही पतंजलि में शुक्राणु बढ़ाने की दवा भी कारगर है

लेकिन हम आपको सबसे अच्छा और बेहतर आयुर्वेदिक दवा और नुस्खे के बारे में बताएगें जो काफी असरदार माना जाता है

वैसे आपको पता ही होगा कि स्पर्म को बढ़ाने के लिए दूसरी दवाओं से अधिक लाभ आयुर्वेदिक दवाओं से मिलता है इसलिए हमने नीचे कुछ कारगर उपाय बताए हैं।

 

  • अरंडी का पत्ता

अरंडी का पत्ता शुक्राणु यानीके स्पर्म बढ़ाने का बेहतर उपाय है आपको इसके इस्तेमाल के लिए अरंडी के पत्ते को तेज धूम में सुखा दीजिए बाद में उस पत्तो को जमकर पीसकर पावडर बना लीजिए

और उसके बाद आपको इस पावडर का दिन में दो बार सेवन करना है इसका फायदा आपको कुछ ही दिनों में देखने को मिलेगा यह एक बेहतरीन आयुर्वेदिक उपाय है अगर आपको शुक्राणु की सख्या बढ़ानी है तो एक बार इस उपाय को जरूर आजमा सकते हैं।


  • अनार

आपको बता दें जब आपके शरीर मे शुक्राणु की कमी हो जाती है तो नपुंसकता होने की संभावना अधिक बढ़ जाती है

इसलिए आपको शुक्राणु बढ़ाने के लिए इसका इलाज करना चाहिए।

अनार शुक्राणु बढ़ाने में काफी मददगार साबित हो सकते हैं अनार में एंटीऑक्सीडेंट गुण और पौषक तत्व होते हैं जो फ्री रेडिकल्स को खत्म कर शुक्राणु बढ़ाने का काम करता है

इसको इस्तेमाल करने का आसन तरीका है आप अनार का जूस बनाकर दिन में 3 बार सेवन करना चाहिए जिससे कम समय मे शुक्राणु की सख्या में सुधार होता है। और आपको शुक्राणु की समस्या से छुटकारा पा सकते है।


यह थी स्पर्म बढ़ाने की आयुर्वेदिक दवा आगे आपको यह भी बताने जा रहे हैं कि स्पर्म बढ़ाने के लिए कैसे आहार लेने चाहिए।

हमने आपको पहले ही बता दिया था कि खान-पान से भी आप शुक्राणु बढ़ा सकते है इसलिए अब आपको ऐसे आहार के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके द्वारा आप शुक्राणु की संख्या बढ़ा सकते है।


  • कौंच बीज

आप कौच बीज का सेवन कर के शुक्राणु बढ़ा सकते है कौंच बीज में खास तरह की गुण होते हैं जो शुक्राणु को विकसित करते है इसका सेवन बाकी बीमारियों के लिए भी फायदेमंद है।


  • टमाटर

टमाटर वैसे हमारे रोजाना सब्जियों में इस्तेमाल होने वाली आम चीज है लेकिन बहुत कम लोग जानते होंगे टमाटर से शुक्राणु बढ़ा सकते है।

आप दिन में दो बार टमाटर का जूस का सेवन करते हैं तो इसमें खास तरह के गुण होते हैं जो हमारी शरीर को स्वास्थ्य रखने और एनर्जी बनाए रखने में मदद करते हैं साथ ही शुक्राणु संख्या बढ़ाने में काफी कारगर है।


  • कलौंजी का तेल

कलौंजी का तेल दूध में मिलाकर सेवन करने से शुक्राणु की समस्या से निजात पा सकते हैं वैसे कलौंजी का तेल एक हर्बल उपाय है जो सेहत के लिए फायदेमंद है आप अगर दिन में एक बार 5 एमएल कलौंजी का तेल का सेवन करने से आपके शरीर मे शुक्राणु का विकार होता है।


शुक्राणु बढ़ाने की मेडिसिन

शुक्राणु की समस्या इतनी गंभीर नही होती जितना लोग समझते हैं, लेकिन इस बीमारी को नजरअंदाज नही करना चाहिए इस बीमारी का संकेत मिलते हैं आपको इसका इलाज करना चाहिए

क्योंकि अगर इसका इलाज समय पर नही हुआ तक नपुंसकता का सामना भी करना पड़ सकता है। वैसे शुक्राणु की कमी होती है तो उसे बढ़ाया भी जा सकता है

हमने पहले आपको कुछ आयुर्वेदिक उपाय बताए और अब आपको शुक्राणु बढ़ाने की मेडिसिन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी बताने जा रहे है।

  • गोनैडोट्रॉफ़िन (Gonadotropins)

आपको बता दें किसी भी टेबलेट या दवाओं का इस्तेमाल करने से पहले आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए

क्योंकि बिना डॉक्टर को दुखाए कहि बार दवा का साइड इफेक्ट भी हो सकता है लेकिन यह दवा टेस्टोस्टेरोन की मात्रा बढ़ाकर शुक्राणु में काफी सुधार होता है और शुक्राणु की कमी होने की समस्या से छुटकारा पा सकते है।


  • लेट्रोज़ोल (Letrozole)

आगर आपका शरीर भारी है या मोटापे की जिंदगी जी रहे है और मोटापे में होने वाली शुक्राणु की कमी में यह दावा का उपयोग किया जाता है ऐसे में डॉक्टर आपको इस दवा का।

इस्तेमाल करने से पहले जरूरी सुजाव दे सकते हैं इसलिए आपको बिना डॉक्टर को बताए इसका सेवन नही करना चाहिए।


यह दो मेडिसिन आपको शुक्राणु की समस्या हो हल करने मे मदद कर सकती है आपको बता दें दवा का इस्तेमाल तब करना चाहिए जब शुक्राणु की समस्या बढ़ जाती है

या दूसरी बीमारी के लक्षण सामने आते हैं शुक्राणु की कमी होना और बढ़ना यह आपकी शरीर पर निर्भर करता है। शुक्राणु की जभी कमी होती है तो आपके शरीर मे अन्य लक्षण भी देखने को मिलते हैं

जैसे शरीर में कमजोरी होती है पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है ऐसे कई बाकी बीमारी के लक्षण शुक्राणु की कमी होने पर पाए जाते हैं।

 

निल शुक्राणु की दवा क्या होता है

एजुस्पर्मिया को निल शुक्राणु कहा जाता है जो काफी गंभीर समस्या है,  पूरी दुनिया मे लगभग तीन प्रतिशत लोग इस बीमारी की समस्या से जूझ रहे है।

यह वीर्य बाहर प्रवेश होते तब उसमें शुक्राणु की मात्र होती नही है या यूं कहें कि निक शुक्राणु होते है।

निल शुक्राणु की समस्या गंभीर इसलिए मानी जाती है कि पुरूष के शरीर मे अपने पार्टनर को गर्भवती करने की क्षमता गुमा देते है। इसे साफ भाषा मे नपुंसकता कह सकते है।

इसका इलाज आसान है लेकिन डॉक्टर से इलाज करवाना बेहद जरूरी होता है अगर इसका इलाज समय पर नही किया गया तो आपके पार्टनर को कभी गर्भधारण करने का अधिकार गुमा सकते है।

पतंजलि में शुक्राणु बढ़ाने की दवा तो हमने बताए लेकिन निल शुक्राणु में आपको डॉक्टर की सलाह लेनी बेहद जरूरी है वैसे डरने के बात नही है इस समस्या का इलाज भी है

अगर आप इस समस्या को खत्म करना चाहते हैं तो आपको अपने डॉक्टर को खुलकर इस समस्या के बारे में बताना होगा यह इसलिए क्योंकि बहुत से लोग हैं जो डॉक्टर को इस समस्या बताने से हिचकिचाहट होती हैं

 

निल शुक्राणु के प्रकार

  • ऑब्सट्रक्टिव एजुस्पर्मिया (obstructive azoospermia)

निल शुक्राणु के इस प्रकार में शुक्राणु धीरे धीरे विकसित होते हैं, लेकिन पजनन कोशिकाओं में रुक जाते हैं

उसके कारण वीर्य में शामिल नही हो पाते और यौन संबंध के दौरान सिर्फ वीर्य निकलता है उसमें शुक्राणु निल पाए जाते है।

कुछ लोगों यह समस्या बहुत जल्द होती है तो कुछ लोगो को इसके लक्षण दिखने में समय लगता है लेकिन आपको इस प्रकार का संकेत दिखे तुरंत डॉक्टर को दिखाए।


  • नोन-ऑब्सट्रक्टिव एजुस्पर्मिया (non-obstructive azoospermia)

यह पहले प्रकार की तरह ही है लेकिन इस प्रकार की समस्या में पुरूष के वीर्य में कम मात्र में शुक्राणु पाए जाते हैं।

और कुछ लोगो मव।शुक्राणु बनाने की प्रक्रिया खतम हो जाती हैं ऐसे में आपके पास एक ही रास्ता है डॉक्टर को दिखाने का इस निल शुक्राणु के इस प्रकार में आपको लापरवाही नही करनी चाहिए और डॉक्टर को तुरंत दिखाना चाहिए।

 

निल शुक्राणु की दवा

निल शुक्राणु वैसे दूसरे स्पर्म के लक्षण से काफी अलग होते है जब किसी भी पुरूष निल शुक्राणु की समस्या से पीड़ित होता है तो वह अन्य बीमारियों से भी पीड़ित हो जाता है

जैसे बैचनी होती हैं शरीर मे कमजोर आ जाती है थकान महसूस होना, भूख नही लगता, ऐसे कई बीमारियों के लक्षण देखने को मिलते है

वैसे आपको बात दे इस समस्या को ठीक करने के लिए बाजारों में आपको कई तरह की दवाओं मिल जाएंगी, या कई बार लोग मेडिकल स्टोरी के ही वीर्य वर्धक जैसी दवाओ खरीद लेते है

जो एक तरह स खतरनाक है कुछ रिसर्च के मुताबिक जो दवाए सामने आए उसके बारे में आपको नीचे जानकारी दी गई हैं।

 

शुक्राणु कम होने के लक्षण

शुक्राणु कमी होने के वैसे कई लक्षण होते हैं, लेकिन मुख्य लक्षण नपुंसकता है, यानीके शुक्राणु की कमी होने पर आदमी बच्चा पैदा करने की क्षमता गुमा देता है।

साथ ही हार्मोन प्रभावित होती हैं कई लोगों को शुक्राणु की कमी होने पर दूसरी समस्या भी देखने को मिलती हैं जैसे कि शरीर मे कमजोरी आ जाती है,सिरदर्द और यूरिन इंफेक्शन भी होता है। शुक्राणु एक ऐसा तत्व है जिनके द्वारा हमारी पीढ़ी का सर्जन होता है

ऐसे में अगर किसी के शरीर मे शुक्राणु की कमी होती हैं तो इसका प्रभाव उनकी आनेवाली पीढ़ी को पड़ता है इसलिए कई लोग इस समस्या से डर जाते हैं लेकिन आपको बता दें इस समस्या से डरने की जरूरत नही है

अगर आपको लगता है यौ-न संबंध बनाते समय किसी भी प्रकार का संदेह है तो आप डॉक्टर की सलाह ले सकते है

और शुक्राणु की कमी एक आम समस्या भी है और अगर इसका इलाज समय पर नही हुआ तो गंभीर बीमारी भी माना जाता है वैसे हमने कुछ मुख्य लक्षण के बारे में नीचे बताया है।

  • कामेच्छा में कमी – decreased libido
  • लिंग में तनाव – tension in the penis
  • यौ/न समस्याएं – se-sual problems
  • नपुंसकता – impotence
  • शरीर के बालों का कम होना – loss of body hair

 

यह मुख्य लक्षण हैं जिससे शुक्राणु कमी होने का पता चलता है और अगर आपको इन मे से लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से इलाज करवाना चाहिए ताकि इस समस्या को गंभीर होने स बचा सकते है।

 

शुक्राणु बढ़ाने के लिए कौन सा फल खाना चाहिए

शुक्राणु बढ़ाने के लिए कई फल है जो मददगार साबित होते हैं वैसे इसका बेहतर तरीका हमने बताया कि पतंजलि में शुक्राणु बढ़ाने की दवा कौनसी है और हमने उसके बारे में विस्तार से जानकारी बताए, अब बात करते हैं शुक्राणु बढ़ाने के लिए कौन सा फल फायदेमंद रहता है।

आपको बता दें शुक्राणु बढ़ाने के लिए सबसे जरूरी है कि आप किस तरह के खाने के शौकीन हैं क्योंकि अगर आप बाहर का सबसे ज्यादा खाते हैं तो स्पर्म यानीके शुक्राणु की कमी होने की संभावना बढ़ जाती है।

और जो लोग फल का सेवन करते हैं हप्ते में दो या तीन बार भी अगर फल खाते हैं तो उनके शरीर मव शुक्राणु की कमी जैसी समस्या देखने को नही मिलती हैं।

शुक्राणु बढ़ाने के कई तरीके हैं लेकिन यह आपकी लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है और अगर आप शुक्राणु की कमी से पीड़ित हैं तो आपके ऐसे फल का सेवन करता चाहिए जो पौषक तत्व से भरपूर हो साथ ही विटामिन भी शामिल हो, आप जानते हैं कि हर फल में कई तरह के पोषक तत्व और प्रोटीन मौजूद होते हैं

लेकिन कुछ फल शुक्राणु बढ़ाने में ज्यादा कारगर नही होते और कुछ फल शुक्राणु के लिए काफी फायदेमंद माने जाते हैं ऐसे में हमने शुक्राणु बढ़ाने के मुख्य फल के बारे में नीचे महत्वपूर्ण जानकारी दी है।

  • अनार – Pomegranate

अनार शरीर के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। और अनार में ऐसे पोषक तत्व होते हैं जिससे शरीर मे शुक्राणु की सख्या बढ़ती है अनार वैसे हमारे घर मे आसानी से उपलब्ध हो जाता है।

आप अनार का जूस बनाकर दिन में दो या तीन बार सेवन करने से शुक्राणु जैसी समस्याओं से छुटकारा पा सकते है। यह बाकी बीमारी के लिए भी फायदेमंद है इसके प्रोटीन में मौजूद होता है।


  • गाजर – carrot

स्पर्म काउंट को बढ़ाने के लिए सबसे फायदेमंद गाजर है। यह आपके शरीर को काफी स्वास्थ्य रखता है और इसका जूस पीने से वीर्य में स्पर्म की संख्या बनाने में मदद करता है।

अगर आप शुक्राणु जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं तो आपको गाजर का सेवन करना चाहिए। आपको बता दें गाजर का सेवन आपको दिन में तीन या चार बार जूस बनाकर करना चाहिए। इसके अलावा आप गाजर को बिना जूस भी खा सकते है।


  • ब्रोकली – broccoli

ब्रोकली में ऐसे तत्व होते है जो शुक्राणु बढ़ाने में मदद करता है यह विटामिन की कमी को पूरा करता है

वैसे शुक्राणु की कमी विटामिन की कमी के कारण भी होता है अगर आप इस समस्या का समाधान आसान तरीको से चाहते हैं तो ब्रोकली का सेवन जरूर करे। इसका सेवन करते ही एक हप्ते में इसका असर देखने को मिलेगा।


अंडे से बढ़ा सकते है शुक्राणु

अगर आपको पतंजलि में शुक्राणु बढ़ाने की दवा से असर देखने को न मिले तो अंडे से भी आप शुक्राणु बढ़ा सकते हैं। आपको बता दें अंडे में ऐसे प्रोटीन होते है जो शुक्राणु बढ़ाने में मदद करते है।

स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए अंडे का सेवन काफी फायदेमंद होता है। अंडे में विटामिन ई पाया जाता है

वैसे आप जानते है कई लोग अंडे को खाने में इस्तेमाल करते हैं या उसकी रेसिपी का सेवन करते है जो लोग अंडे को खाने में इस्तेमाल करते हैं जैसे आमलेट और अन्य रेसिपी के साथ उनको शुक्राणु की समस्या कभी नही होती।

शुक्राणु बढ़ाने के लिए अंडे का नुस्खा आसान है आप अंडे को सुबह उबालकर छोटे टुकड़ों में काट ले बादमे बेहतर स्वाद के लिए नमक और अन्य मसाला डालकर आप सेवन कर सकते है।

शुक्राणु की कमी होने पर आप अंडे का कम से कम एक हप्ते सेवन करे,इसका असर आपको कम समय मे देखने को मिलेगा,इसके अलावा आपको महत्वपूर्ण बात बताते हैं अगर शुक्राणु की समस्या गंभीर है तो डॉक्टर को जरूर दिखाए।

 

FAQ,s Patanjali mein shukranu badhane ki dawa

सवाल : शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने की आयुर्वेदिक दवा क्या है ?

अश्वगंधा,शतावरी,गोक्षुर,सुरक्षित मुस्ली,कपिकाच्छु,अमलाकी जैसे आयुर्वेदिक पदार्थ का सेवन कर शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाया जा सकता है

सवाल : शुक्राणु बढ़ाने की पतंजलि दवा का नाम क्या है

पतंजलि दिव्य युवामृत वटी एक आयुर्वेदिक दवा है जिसका उपयोग मुख्य रूप से यौ–न जीवन शक्ति के उपचार के लिए किया जाता है, जिसके मदत से शरीर में शुक्राणुओं की संख्या बढ़ने में मदत होती है

सवाल :  क्या पतंजलि अश्वशिला शरीर के लिए अच्छी है

पतंजलि अश्वशिला स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छी होती है। यह सहनशक्ति बढ़ाने में मदद करता है

सवाल : क्या आयुर्वेद कम शुक्राणुओं की संख्या का इलाज कर सकता है?

अश्वगंधा (विथानिया सोम्निफेरा), मुशाली (कर्कुलिगो ऑर्कियोइड्स), कपिकाचू (मुकुना प्रुरीएन्स), शिलाजीत और कई अन्य हर्बल सप्लीमेंट जैसे जड़ी-बूटियाँ जिनका उपयोग पुरुषों में कम शुक्राणुओं के उपचार के लिए किया जा सकता है।


Disclaimer

इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न विशेषज्ञों के अध्ययन और राय के साथ-साथ आम आदमी के स्वास्थ्य पर आधारित है। इस जानकारी को देने का उद्देश्य विषय से परिचित होना है। पाठकों को अपने स्वास्थ्य के आधार पर कोई भी निर्णय लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

Conclusion

हमें उम्मीद है कि अब आपको पतंजलि में शुक्राणु बढ़ाने की दवा के बारे में सभी महत्वपूर्ण जानकारी मिल गई होगी। कृपया इस लेख को अपने दोस्तों, परिवार और रिश्तेदारों के साथ जरूर साझा करें यदि आपको लगता है कि यह उनके लिए उपयोगी होगा।

यदि आपके पास आज के ब्लॉग पोस्ट से संबंधित कोई प्रश्न हैं, तो कृपया उन्हें नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में पूछें, और हम जल्द से जल्द जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे। तब तक Patakare को फॉलो करते रहें

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