क्या लड़कों को भी पीरियड्स होते हैं – Kya Ladko ko bhi Periods Hote Hain

क्या लड़कों को भी पीरियड्स होते हैं : हम सभी जानते हैं कि हर महीने महिलाओं को पीरियड की समस्या का सामना करना पड़ता है जिसमें कि उनके शरीर में बनने वाले बहुत सारे गंदे खून और ओव्यूलेशन से उत्पन्न एग्स को शरीर से बाहर निकाला जाता है

पर क्या आप जानते हैं कि यह पीरियड की समस्या लड़कों को भी होती हैं परंतु यह बात भी सत्य है कि महिलाओं की तरह उन्हें इतना ज्यादा पीरियड्स का दर्द नहीं होता है और उन्हें पैड्स लगाने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती है तो आखिर लड़कों को पीरियड्स किस प्रकार से होते हैं

अगर यह बात किसी के सामने कहीं जाए की लड़कों को भी पीरियड की समस्या होती है,तो पहली बार में कोई भी इसे मानने के लिए तैयार नहीं होगा

परंतु हाल ही में की गई साइंटिफिक रिसर्च के अनुसार पुरुषों में होने वाले पीरियड्स को इरिटेबल मेल सिंड्रोम कहा जाता है

और इसमें पुरुषों के अंदर मौजूद टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की मात्रा या तो अधिक हो जाती हैं या फिर शरीर में इस हार्मोन की कमी हो जाती है जिस कारण से पुरुषों को महिलाओं की तरह ही पीरियड्स की समस्या का सामना करना पड़ता है

इस पुरुषों के पीरियड यानी कि इरिटेबल मेल सिंड्रोम को हिंदी में पुरुषों का मासिक धर्म या पुरुषों की महावरी भी कहा जाता है, जिसमें पुरुषों को महिलाओं की तरह ही पीरियड्स की समस्या का सामना करना पड़ता है

आमतौर पर जब पुरुषों को महावरी या पीरियड्स की समस्या होती है तो उनमें भी बहुत ज्यादा चिड़चिड़ापन उत्पन्न हो जाता है और उनके शरीर में बहुत ही ज्यादा थकान रहने लगती हैं

साथ ही उनकी रुचि अन्य कार्यों के प्रति बहुत ज्यादा कम होने के साथ ही शारीरिक संबंध में भी उनका इंटरेस्ट नहीं रहता है इसे आमतौर पर मूड स्विंगिंग भी कहा जाता है

पुरुषों में होने वाले पीरियड्स का सीधा संबंध हार्मोन परिवर्तन से माना जाता है क्योंकि इस दौरान पुरुषों के शरीर में मौजूद टेस्टोस्टेरोन हार्मोन में काफी ज्यादा बदलाव देखने को मिलते हैं

जब किसी मानव शरीर में हार्मोन में किसी भी प्रकार का बदलाव होता है तो उसका सीधा प्रभाव उसके आंतरिक शरीर पर देखने को मिलता है

आज के इस लेख में हम इसी विषय के बारे में चर्चा करने वाले हैं कि क्या लड़कों को भी पीरियड्स होते हैं और अगर यह पीरियड्स लड़कों को होते हैं तो लड़कों को कौन-कौन से लक्षण दिखाई देते हैं एवं उनके शरीर में किस किस प्रकार के परिवर्तन आते हैं

 

Kya Ladko ko bhi Periods Hote Hain
Can men get periods in Hindi 

 

क्या लड़कों को भी पीरियड्स होते हैं – Kya Ladko ko bhi Periods Hote Hain

आज संपूर्ण विश्व में प्रत्येक 100 में से 7 पुरुषों को यह पीरियड्स होते हैं जिसे कि इरिटेबल मेल सिंड्रोम कहा जाता है

और इसमें महिलाओं की तरह रक्त स्त्राव के अलावा सभी लक्षण देखने को मिलते हैं जैसे कि शरीर में बहुत अधिक थकावट हो ना या चिड़चिड़ापन रहना इत्यादि

अमेरिका के एक प्रसिद्ध अखबार वाशिंगटन न्यूज़ के अनुसार यह समस्या धीरे-धीरे पुरुषों में बढ़ रही है और हारमोनियल डिसऑर्डर के कारण यह मेल पीरियड्स की समस्या पुरुषों में आम होती जा रही हैं

पुरुषों को होने वाले इस पीरियड्स में बहुत ज्यादा मूड स्विंगिंग का अनुभव होता है और जिसमें उनका मूड हर समय बदलता रहता है

अर्थात की कभी तो उन्हें सब कुछ सही लगता है परंतु कुछ ही समय बाद उनमें चिड़चिड़ापन व उदासी छा जाती हैं जो कि मुख्यता उनके मेल हार्मोन टेस्टोस्टेरोन के कारण होता है

जिस प्रकार से जब महिलाओं को पीरियड्स की समस्या होती हैं तो उनके मेल पार्टनर्स उनकी बहुत ज्यादा हेल्प करते हैं तो उसी प्रकार से महिलाओं को भी अपने मेल पार्टनर की पीरियड्स के समय हेल्प करनी चाहिए और उन्हें शारीरिक रूप से मजबूत रहने के लिए भी कहना चाहिए

जब भी पुरुषों को पीरियड की समस्या होती है तो शुरुआती लक्षणों में उनके पेट के ऊपरी हिस्से में बहुत ज्यादा दर्द होता है

और एक-दो दिन तक यह दर्द बहुत ज्यादा भी बना रहता है इसके अलावा उनके पैरों तथा कमर में भी हल्का फुल्का दर्द बना रहता है

हमारे समाज में शुरुआत से ही पुरुषों को बहुत ज्यादा ताकतवर और कठोर माना गया है, परंतु हाल ही में पाए गए शोधों के अनुसार जब पुरुषों को इस प्रकार के पीरियड की समस्या होती है तो उनका शरीर अंदर से कमजोर रहने लगता है

और इससे रिकवर होने में उन्हें 1 सप्ताह तक का समय भी लग जाता है इस कारण से अब यह बात कहने में दोराई नहीं होगी कि मर्द को दर्द नहीं होता

बहुत सारे मेडिकल रिसर्च के अनुसार पुरुषों में होने वाली पीरियड्स की समस्या उनके अंदर पाए जाने वाले टेस्टोस्टेरोन हार्मोन तथा चंद्रकलाओं के कारण होती हैं

और जब जब यह चंद्रमा अपनी कलाएं बदलता है तो पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन भी बदलता रहता है और लगातार होने वाला यह हार्मोन का बदलाव ही पुरुषों में पीरियड्स की समस्या का कारण बनता है

तो वहीं कुछ मेडिकल साइंस के विशेषज्ञों द्वारा इस बात का खंडन भी किया गया है कि पुरुषों में किसी भी प्रकार का पीरियड्स नहीं होता क्योंकि उनके अंदर कोई गर्भाशय मौजूद नहीं है

और इसके मौजूद ना होने के कारण उनके शरीर से कोई अनिषेचित अंडे की ब्लीडिंग भी नहीं होती है जिस कारण से पुरुषों में पीरियड्स का होना एक असंभव बात है

पर कुछ भी हो पुरुषों को पीरियड्स के समय महिलाओं की तरह बहुत ज्यादा थकान, हाथ पैरों में दर्द, चिड़चिड़ापन एवं मूड स्विंग जैसी समस्याओं का सामना तो करना ही पड़ता है

 

पुरुषों को पीरियड्स के लक्षण – Ladako Main Periods ke Lakshan 

जिस प्रकार से जब महिलाओं को पीरियड की समस्या होती है तो उनके जननांगों से अनिसचित अंडों का रक्त के माध्यम से बाहरीकरण हो जाता है

उसी प्रकार पुरुषों में जब पीरियड्स की समस्या होती हैं तो उन्हें महिलाओं की तरह ही विभिन्न प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं जो कि निम्नलिखित हैं:

  • अपने पीरियड्स के दौरान पुरुष बहुत ज्यादा चिड़चिडे हो जाते हैं और उनका मन किसी भी कार्य में पूर्ण रूप से नहीं लगता है और यहां तक कि अपने पार्टनर के साथ भी वह सही से बर्ताव नहीं कर पाते
  • अपने पीरियड्स के दौरान पुरुष बहुत ज्यादा उदासी का अनुभव भी करते हैं और उन्हें हर समय आराम करने का मन करता है और यहां तक की वह सामान्य से अधिक देर तक भी सोते रहते हैं
  • पीरियड्स के दौरान अधिकतर पुरुष अपने पार्टनर के साथ संबंध बनाने में भी रुचि नहीं दिखाते हैं और जिस कारण से उनकी फीमेल पार्टनर्स भी कई बार उनसे नाराज हो जाती हैं, पर ऐसे समय में उनकी फीमेल पार्टनर को उनकी केयर करनी चाहिए
  • कई सारे पुरुष पीरियड की समस्या से ग्रसित होते हैं तो उनमें बहुत ज्यादा मूड स्विंग इन की समस्या होती है और इस दौरान कभी तो उनका मन बहुत सारी चीजें करने का करता है परंतु अचानक ही उन्हें बहुत ज्यादा उदासी और थकावट आ जाती है
  • पीरियड्स के दौरान उनके शरीर में उत्पन्न होने वाला टेस्टोस्टेरोन हार्मोन कभी कबार बहुत अधिक मात्रा में स्रावित होता है, तो कभी कबार बहुत ही कम मात्रा में इसका स्त्राव शरीर में होता है, जिस कारण से भी पुरुषों को हारमोनियल डिसऑर्डर का सामना करना पड़ता है
  • महिलाओं की तरह ही पुरुषों को अपने पीरियड्स के समय बहुत ज्यादा थकान का अनुभव होता है और जिस कारण से पुरुष किसी भी कार्य को अपने शत-प्रतिशत के साथ नहीं कर पाते हैं
  • पहली बार यदि किसी पुरुष को पीरियड की समस्या हो तो ऐसे में वह अवसाद या डिप्रेशन में भी जा सकता है या फिर वह बहुत ज्यादा चिंतित भी हो सकता है जो कि इसका एक सबसे प्रमुख लक्षण भी माना जाता है
  • जिस प्रकार से महिलाओं को पीरियड्स के समय चिड़चिडेपन की समस्या रहती है, उसी प्रकार से पुरुषों को अपने पीरियड्स के समय बार-बार गुस्सा आता है और छोटी सी बात पर भी वह बहुत ज्यादा गुस्सा करते हैं जिसे कि कई बार वह स्वयं भी नहीं समझ पाते हैं कि वह किस लिए गुस्सा कर रहे हैं
  • पीरियड्स के दौरान पुरुष अपने पार्टनर्स के प्रति भी ज्यादा रुचि नहीं दिखाते हैं जिस कारण से इस अवधि के दौरान उनके पार्टनर और उनके बीच सेक्सुअल रिलेशनशिप नहीं बन पाते हैं
  • पुरुषों को जब पीरियड्स की समस्या होती है तो उनके पेट के ऊपरी हिस्से में भयंकर दर्द बना रहता है और यह दर्द काफी दिनों तक रहता है
  • पीरियड्स के दौरान पुरुषों के हाथ पैरों में भी काफी दर्द रहता है, इसके अलावा उनकी कमर में भी यह दर्द बना रहता है

तो इस प्रकार उपरोक्त सभी लक्षण किसी पुरुष को उसके पीरियड्स के समय देखने को मिलते हैं

 

पीरियड्स के दौरान पुरुष क्या करें?

जैसा कि हम जानते हैं कि पुरुषों में होने वाली पीरियड्स की समस्या प्रत्येक पुरुष को नहीं होती परंतु जिन पुरुषों को भी यह समस्या होती हैं उन्हें अपनी दिनचर्या में सुधार के साथ साथ ही इन लक्षणों के अनुसार ही उपचार भी करने चाहिए

  • पीरियड्स के दौरान पुरुष अपने उदास मूड को सही करने के लिए अपनी रूचि के अनुसार कुछ कार्यों को कर सकते हैं जो कि उन्हें पसंद है जैसे कि किताबें पढ़ना या कोई खेल खेलना या खाना बनाना इत्यादि
  • पीरियड्स के दौरान अगर पुरुष कोई बाहरी कार्य नहीं कर सकता तो उसे अपने घर के कार्यों में ही व्यस्त रहना चाहिए ताकि उसे अपनी पीरियड्स का ज्यादा एहसास ना हो
  • अगर पीरियड्स के दौरान पुरुष को बार-बार मूड स्विंगिंग हो रही है तो उसे किसी गार्डन में जाकर थोड़ी सी जोगिंग करनी चाहिए और सुबह-सुबह व्यायाम भी करना चाहिए
  • जब पुरुष पीरियड की समस्या से ग्रसित हो तो उसे सुबह जल्दी उठकर योगा करना चाहिए जिनमें से सूर्य नमस्कार प्रमुख हैं
  • पीरियड्स के दौरान जब पुरुष अपनी फीमेल पार्टनर के साथ किसी प्रकार का सेक्सुअल रिलेशनशिप स्थापित नहीं करता है, तो इस दौरान उसे अपने फीमेल पार्टनर के साथ विभिन्न प्रकार की बातें करनी चाहिए जिससे कि उनके मध्य में इमोशनल बॉन्ड और ज्यादा बढ़े
  • पुरुष अपने पीरियड्स के खाली समय के दौरान विभिन्न प्रकार की आदर्श सोशल एक्टिविटीज भी कर सकता है
  • जब पुरुष इस पीरियड की समस्या से ग्रसित हो रखा हो तो ऐसे में उसे मसालेदार भोजन से बचना चाहिए और हैवी भोजन की बजाय हल्के भोजन की ओर रुख करते हुए फल फ्रूट का ज्यादा से ज्यादा सेवन करना चाहिए ताकि शारीरिक रूप से उसे एनर्जी मिले
  • इस पीरियड की अवधि के दौरान ज्यादा चिंताजनक तथा तनावपूर्ण बातें करने से बचें क्योंकि ऐसा करना आपके हार्मोन के साथ साथ ही आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकता है और इससे पीरियड्स के और अधिक दुषप्रभाव हो सकते हैं
  • पीरियड्स की अवधि के दौरान पुरुषों को अपने शरीर के जिन-जिन अंग में दर्द होता है, जैसे कि पेट एवं हाथ पैर, कमर इत्यादि पर गर्म पानी का सेक करना चाहिए और इसी गर्म पानी से स्नान करना चाहिए

क्या सभी पुरुषों को पीरियड्स होते हैं 

यह बात एकदम झूठ है कि सभी पुरुषों को पीरियड की समस्या होती हैं क्योंकि वॉशिंगटन मे स्थित एक मेडिकल फर्म के अनुसार संपूर्ण विश्व के प्रत्येक 100 में से 7 पुरुषों को इस पीरियड्स की समस्या का सामना हर महीने करना पड़ता है

हालांकि यह बात सत्य है कि महिलाओं की तरह पुरुषों को इतने ज्यादा पीरियड्स के गहरे लक्षण नहीं दिखाई देते हैं,

परंतु बाहरी तौर पर उन्हें महिलाओं की तरह ही दर्द सहन करना पड़ता है जैसे कि हाथ पैर और कमर में दर्द होना या फिर पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द होना या बहुत ज्यादा उदासी या चिड़चिड़ापन होना इत्यादि

जब अपने पीरियड्स के दौरान पुरुषों द्वारा बहुत ज्यादा मानसिक तनाव ले लिया जाता है, तो ऐसे में उनके शरीर में मौजूद हार्मोन जो कि उनके मेलनेस को बढ़ाता है, जिसका नाम टेस्टोस्टेरोन है

उसका संतुलन भी शरीर में बिगड़ जाता है और कभी वह हार्मोन ज्यादा तो कभी वह हार्मोन पुरुष के शरीर में बहुत ज्यादा कम हो जाता है

इस टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के शरीर में अधिक या कम होने के कारण हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज की समस्या भी हो सकती हैं जो कि इसका एक महत्वपूर्ण दुष्प्रभाव भी मानी जाती है

 

पुरुषों के पीरियड्स का विरोध

यह तो एक सार्वभौमिक सत्य है कि हर सिक्के के 2 पहलू होते हैं और जब भी कोई नई खोज होती हैं तो उसे बहुत सारे विरोध का सामना भी करना पड़ता है तो कुछ इसी प्रकार के विरोध का सामना पुरुषों के पीरियड्स की समस्या को भी करना पड़ा और करना पड़ रहा है

बहुत सारे मेडिकल एक्सपर्ट और डॉक्टर्स का मानना है कि जब पुरुषों में गर्भाशय ही नहीं होता और गर्भाशय नहीं होने के कारण उनमें अंडे ही नहीं बनते तो यह कैसा पीरियड्स है, जिसमें की अनफर्टिलाइज्ड एग्स शरीर से बाहर ही नहीं आते, जैसा की महिलाओं में आते हैं

जब महिलाओं में पीरियड्स होते हैं तो उनकी योनि द्वारा गर्भाशय में मौजूद अनफर्टिलाइज्ड अंडे रक्त के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाते हैं और 1 सप्ताह के लिए यह प्रोसेस चलता रहता है, जिसे की महिलाएं पीरियड्स के नाम से जानती हैं या जिसे मासिक धर्म कहा जाता है

पर यह महिलाओं के पीरियड्स में होने वाली प्रोसेस पुरुषों के पीरियड्स में नहीं होती है और इसी कारण से बहुत सारे मेडिकल एक्सपर्ट्स इस बात का खंडन करते हैं कि पुरुषों में किसी भी प्रकार के पीरियड की समस्या नहीं होती है

और यह केवल एक भ्रांति हैं जो कि अनावश्यक रूप से लोगों के मध्य फैलाई जा रही हैं

  1. अगर पुरुषों में केवल पेट के ऊपरी हिस्से के दर्द को ही पीरियड्स के तौर पर मान लिया जाए तो यह पेट दर्द तो किसी सामान्य कारण से भी हो सकता है
  2. पुरुषों में रहने वाला चिड़चिड़ापन किसी अन्य कारण से भी आ सकता है और केवल इस कारण को ही पुरुषों में होने वाले पीरियड्स के लिए जिम्मेदार नहीं माना जा सकता
  3. मूड स्विंग किसी व्यक्ति के विचारों पर निर्भर करता है कि वह पूरे दिन में किस प्रकार से सोचता है और उसके सोचने की शैली किस प्रकार की हैं
  4. अगर किसी पुरुष का अपने पार्टनर के साथ संबंध बनाने का मन नहीं कर रहा है तो यह कोई पुरुषों में होने वाले पीरियड्स का लक्षण नहीं है क्योंकि कई बार बहुत ज्यादा वर्क लोड के कारण भी पुरुष महिलाओं के साथ संबंध बनाने से कतराते हैं
  5. अगर किसी पुरुष को बहुत ज्यादा कमर दर्द तथा हाथ और पैरों में दर्द है तो यह नहीं कहा जा सकता कि उसे पीरियड की समस्या हो रखी है क्योंकि हाथ पैरों में दर्द किसी अन्य कारण से भी हो सकते हैं
  6. कोई व्यक्ति किसी भी कारण से उदास हो सकता है तथा इस कारण से उदासी को भी पुरुषों में होने वाले पीरियड्स का लक्षण नहीं माना जा सकता

उपरोक्त सभी छह तथ्य विभिन्न मेडिकल एक्सपर्ट्स द्वारा दिए गए हैं जो की इस बात का खंडन करते हैं कि पुरुषों में किसी भी प्रकार का पीरियड्स नहीं होता है


FAQs : क्या लड़कों को भी PERIODS होते हैं

सवाल : अगर किसी लड़के को पीरियड होता है तो उसे सबसे पहले कौन से लक्षण दिखाई देते हैं?

अगर किसी लड़के को पीरियड की समस्या होती है तो वह उदास हो जाता है तथा उसमें चिड़चिड़ापन भी रहने लगता है एवं साथ ही उसे विभिन्न प्रकार के खानपान का मन करता है

सवाल : क्या लड़कों को पीरियड्स के समय लड़कियों की तरह रक्त स्त्रावण की समस्या का सामना करना पड़ता है?

नहीं, ऐसा नहीं है लड़कियों को होने वाले पीरियड्स की तरह लड़कों को रक्त स्त्रावण की समस्या नहीं होती हैं

सवाल : क्या सभी लड़कों को पीरियड्स की समस्या का सामना करना पड़ता है?

नहीं, सभी लड़कों को पीरियड की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है तथा एक रिसर्च के अनुसार 100 में से 7 लड़कों को यह समस्या होती है

सवाल :  क्या लड़कों को जब पीरियड्स की समस्या होती हैं तो उन्हें लड़कियों की तरह अपने जननांगों पर पैड्स पहनने पड़ते हैं?

नहीं, लड़कों को लड़कियों की तरह पीरियड्स के समय रक्त स्त्राव नहीं होता है, इस कारण से उन्हें अपने जननांगों पर पैड्स पहनने की झंझट नहीं रहती हैं

सवाल : क्या साइंटिफिकली यह बात सत्य है कि लड़कों को भी पीरियड की समस्या होती हैं?

कुछ वैज्ञानिकों द्वारा इसे सही माना गया है तो वही कुछ साइंटिफिक रिसर्च द्वारा इसे एक मिथ बताया गया है क्योंकि लड़कियों की भांति लड़कों में ओवरी नहीं होती हैं, इस कारण से ओव्यूलेशन भी नहीं होगा और अगर ओवुलेशन नहीं होगा तो पीरियड्स की समस्या का सवाल ही नहीं उठता

सवाल : पुरुषों को पीरियड कैसे होते हैं?

पुरुषों को जब पीरियड का एहसास होता है तो उनके शरीर में हार्मोन से संबंधित अनेक प्रकार के असंतुलन उत्पन्न हो जाते हैं और महिलाओं की तरह ही उनमें बहुत ज्यादा थकान और अकड़न का एहसास होता है

सवाल : क्या कोई पुरुष अपने पीरियड्स के दौरान संबंध बना सकते है

हां, कोई भी पुरुष अपने पीरियड्स के दौरान संबंध कर सकता है क्योंकि उस पुरुष में महिलाओं की तरह पीरियड्स के लक्षण नहीं होते हैं, जैसे कि ओव्यूलेशन के एग्स का बाहर आना या गंदे खून का निकलना इत्यादि

सवाल : मेडिकल की भाषा में पुरुषों के पीरियड्स को किस नाम से जाना जाता है?

मेडिकल की भाषा में पुरुषों के पीरियड्स को इरिटेबल मेल सिंड्रोम के नाम से जाना जाता है जिसका अर्थ होता है किसी पुरुष के शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाना या इस हार्मोन का स्तर बहुत ज्यादा शरीर में घट जाना

सवाल : क्या पुरुषों में होने वाले पीरियड्स महिलाओं की तरह ही 1 सप्ताह तक रहते हैं?

ऐसा नहीं है, पुरुषों को होने वाले पीरियड  24 घंटों से लेकर 48 घंटों तक ही विद्यमान रहते हैं, जिन्हें की हार्ड हॉर्स के से जाना जाता है और इस दौरान उस पुरुष के पेट में बहुत ज्यादा दर्द होता है

सवाल : क्या पुरुषों के पीरियड के दौरान उनका हार्मोन टेस्टोस्टेरोन बहुत ज्यादा बढ़ जाता है?

हां, पुरुषों के अंदर यह पीरियड होने पर उनका हार्मोन टेस्टोस्टेरोन या तो बहुत ज्यादा बढ़ जाता है या बहुत ज्यादा घट जाता है


Conclsuion

हम आशा करते हैं कि आपको आज का हमारा यह लेख क्या लड़कों को भी पीरियड्स होते हैं बहुत ज्यादा पसंद आया होगा और इस लेख को पढ़कर अब आप जान चुके होंगे कि हां कुछ कुछ लड़कों को भी लड़कियों की भांति पीरियड्स का सामना करना पड़ सकता है

अगर आपको हमारा यह लेख पसंद आया हो तो इस लेख के Comment Box  में अपने अमूल्य Suggestions जरूर लिखें ताकि आगे आने वाले समय में हम आपके इन सुझावों के मुताबिक इसी प्रकार के ज्ञानवर्धक लेख आपके लिए लाते रहे और आपके ज्ञान में सकारात्मक वृद्धि करते रहें

इस लेख को पढ़ने के लिए आप सभी पाठकों का बहुत-बहुत धन्यवाद और आभार

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