पीरियड बंद होने के लक्षण और कारन (Period band hone ke lakshan)

पीरियड बंद होने के लक्षण : पीरियड जिसे हम (Period) मासिक धर्म भी कहते हैं

पीरियड की प्रक्रिया महिलाओं में होने वाले आम प्रक्रिया है और यह हर महिला में महीने के 28 दिनों के भीतर पीरियड की प्रक्रिया होती है,

कई महिलाओं को पीरियड आने में एक-दो- दिन पहले होता है, या कभी देरी से हो सकता है

आपको बता दें महिलाओं में पीरियड एक चक्र है और हर महिला और 18 साल से अधिक उम्र वाली लड़कियों को पीरियड से गुजर ना पड़ता है यह एक बीमारी नहीं है बल्कि महिलाओं में होनेवाली आम प्रक्रिया है

पूरी दुनिया में कई महिलाएं है जो पीरियड जैसी समस्या से पीड़ित है आमतौर पर हर महिलाओं को महीनों के भीतर पीरियड होना आम प्रक्रिया है,

और आम बात है, लेकिन कई महिलाएं ऐसी है, जो पीरियड समय पर ना होने जैसी समस्या से जूझ रही है

आज हम इस आर्टिकल में Period band hone ke lakshan उसके उपचार और पीरियड बंद होने के कारण क्या है ? इसके अलावा कई पीरियड संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में विस्तार में जानने की कोशिश करेंगे

वैसे अगर देखा जाए तो पीरियड महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद होता है, और इसका नियमित अवधी पर हो ना महिला के स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक माना जाता है

लेकिन अगर पीरियड में किसी भी तरह का बदलाव देखने को मिले तो यहां एक गंभीर कारण का इशारा है

अगर आप पीरियड बंद होने जैसी समस्या से जूझ रहे है तो इस लेख में हम आपको विस्तार से पूरी जानकारी साझा करने की पूरी कोशिश करेंगे जिसका आप को वर्तमान तथा भविष्य में जरूर फायदा होगा

 

Period band hone ke lakshan
Period band hone ke lakshan

 

पीरियड बंद होने के लक्षण (Period band hone ke lakshan)

महिलाओं में पीरियड की प्रक्रिया रुक जाने के कई कारण होते हैं कई बार महिला ऐसी दवाओं का सेवन करती है

जिसके कारण उनके शरीर पर दवा का गलत प्रभाव पड़ता है उसके कारण भी पीरियड बंद हो जाता है इसके अलावा मेडिकल भाषा मे कई कारण हो सकते हैं जैसे कि :

प्रेगनेंसी, बढ़ती उम्र, और दैनिक जीवन शैली पर गलत प्रभाव के कारण भी कहीं बार महिलाओं को पीरियड बंद होने की समस्या से गुजरना पड़ता है वैसे हमने माहवारी बंद होने के लक्षण नीचे साझा किये है जिसे एक बार जरूर पढ़ लीजिये

 

  • गर्भनिरोधक गोलियां

कई महिलाएं गर्भ को रोकने के लिए अक्सर गर्भनिरोधक गालियों का इस्तेमाल करती हैं।

इसके कारण पीरियड्स में बदलाव होने की संभावना बढ़ जाती हैं।आपको बता दें गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करने से अक्सर महिलाओं के शरीर मे गलत प्रभाव पड़ता है

जिसके कारण पीरियड्स में भी बदलाव देखने को मिलता है। इसके अलावा पीरियड की अवधि में बदलाव देखने को मिलता है अगर आप गर्भनिरोधक गोलियां का सेवन कर रहे है तो एक बार आपके पहचान के डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

 

  • दवाओं का अति सेवन

कई रिसर्च में सामने आया है किअगर महिला दवाओं का सेवन ज्यादा करती हैं तो उनके शरीर में गहरा प्रभाव पड़ता है

इसके कारण कई बार महिलाओं के पीरियड में भी उसका असर देखने को मिलता है।

आपको बता दें कई दवाइयां ऐसी होती हैं जिनका सेवन लगातार लंबे समय तक करने से हमारी सेहत के लिए अच्छा नही होता

उसके अलावा कई ऐसी बीमारी है जिनमे लंबे समय तक दवाओं का सेवन करना पड़ता है।

जैसे कि मानसिक रोग, तनाव की दवा, ब्लड प्रेशर, इंफेक्शन की दवा, डायबिटीज जैसी बीमारियों की लंबे समय तक सेवन की जानी वाली दवा महिलाओं के पीरियड में सीधा असर करती हैं

और कही बार मासिक धर्म (Periods)बंद होने का कारण बनती हैं।

 

  • जीवनशैली में बदलाव

महिलाओं की आज के समय की जीवनशैली में काफी बड़ा बदलाव आया है, और अक्सर महिलाए अपने आपको फिट और हेल्दी रखने के लिए एक्सरसाइज करती हैं

और जिम जाकर लगातार कसरत करती हैं। अपने शरीर का वजन कम करना और घंटो तक एक्सरसाइज करने के कारण भी मासिक धर्म (पीरियड) बंद हो सकता है।

उसका कारण यह है कि ज्यादा एक्सरसाइज करने से हमारा शरीर काफी कमजोर हो जाता है और हमारे शरीर में स्नायु और पाचन तंत्र मैं काफी बड़ा प्रभाव पड़ता है और पीरियड बंद होने की संभावना बढ़ जाती है

 

  • हार्मोनल अंसुतलन

कई महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन के कारण पीरियड रुकने का कारण माना जाता है।

आपको बता दें पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम एक ऐसी स्थिति है जिनके कारण महिला के हार्मोन को काफी हद तक बढ़ा देती हैं

इस वजह से पीरियड में काफी प्रभाव पड़ता है। अगर किसी भी महिला के शरीर मे हार्मोनल असंतुलन है तो उसको पीरियड रुकने की समस्या हो सकती हैं।

 मेनोपॉज के कारण भी पीरियड रुक जाता है यह स्थिति 50 वर्ष के उम्र की महिलाओं में देखने को मिलती हैं 

और कई महिलाएं ऐसी है जिनको 40 वर्ष के भीतर ओवुलेशन होना बंद हो जाता है जिसके कारण उन महिला में पीरियड नही होता है और पीरियड की प्रक्रिया रुक जाती है।

 

  • वजन या मोटापा का बढ़ना

पीरियड बंद होने का एक कारण यह भी माना जाता है कि अगर किसी भी महिला मोटापा जैसी समस्या से जूझ रही है तो उनमें पीरियड बंद होने की संभावना ज्यादा होती है

क्योंकि ऐसी स्थिति में उनके हार्मोन पर काफी बड़ा प्रभाव पड़ता है और उनका शरीर नॉर्मल शरीर से काफी अलग काम करने लगता है

वजन या मोटापा जैसी स्थिति से गुजरने वाली महिलाओं में पीरियड बंद होने जैसी समस्या देखने को मिलती है

अगर किसी महिला के अंदर शरीर में वृद्धि देखने को मिलती है जैसे कि नॉर्मल शरीर से अधिकतम बदलाव होना और शरीर में मोटापा होना, पीरियड बंद होने का कारण है

 

  • प्रेगनेंसी के कारन

अगर किसी महिला प्रेग्नेंट है तो ऐसी स्थिति में उनको नियमित अवधि के अलावा आगे पीछे  पीरियड में देर हो सकती है

इसके अलावा प्रेगनेंसी के दौरान पीरियड बंद होना आम बात है

आपको बता दें जब कोई महिला प्रेगनेंसी के शुरुआती दिनों में होती है उस दौरान उनको मासिक धर्म होना बंद हो जाता है

क्योंकि पेट में पल रहे बच्चे के विकार के कारण मासिक धर्म की प्रक्रिया तब तक रुक जाती है जब तक बच्चा जन्म लेने की स्थिति में नहीं होता,

और यह पीरियड बंद होने का मुख्य कारण माना जाता है

अक्सर प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं में पीरियड बंद होने की समस्या देखने को मिलती है

लेकिन कहीं डॉक्टरों का मानना है कि यह आम बात है और इससे महिलाओं के शरीर में किसी भी तरह का नुकसान नहीं होता, यह माता के पेट में पल रहे बच्चे के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।


ऊपर बताए गए पीरियड बंद होने के मुख्य कारण है आपको बता दें कई बार पीरियड बंद होने से महिलाओं को फायदा भी होता है

और कहीं बार इसे गंभीर भी माना जाता है जैसा कि अगर प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं में मासिक धर्म होना बंद होता है तो यह फायदेमंद माना जाता है।

और अगर आप प्रेग्नेंट नहीं हो और मासिक धर्म बंद होने की समस्या देखने को मिलती है तो इसका इलाज समय पर करना काफी जरूरी होता है क्योंकि यहां गंभीर बीमारी का कारण भी बन सकता है

वैसे अगर नियमित अवधि के अनुसार एक या दो दिन आगे पीछे पीरियड होता है तो इससे घबराने की जरूरत नही है,

लेकिन अगर 15 दिन से ज्यादा समय लगता है या फिर महीनों तक पीरियड नहीं होता तो, यह गंभीर समस्या मानी जाती है। ऐसी स्थिति में आपको डॉक्टर को दिखाना बेहद जरूरी होता है।

 

पीरियड बंद होने के लक्षण (Symptoms of stopped periods in Hindi)

जैसा कि हमने आर्टिकल के शुरुआत में बताया कि अगर किसी महिला को पीरियड बंद हो जाता है तो शरुआती दिनों में उनके लक्षण देखने को मिलते हैं कई बार पीरियड बंद होने के लक्षण गंभीर भी हो सकते हैं तो कई बार साधारण लक्षण की देखने को मिलते हैं

वैसे माहवारी बंद होने के लक्षण को परखना बेहद जरूरी होता है, ताकि आपको पता चले कि पीरियड संबंधित आप समस्या से पीड़ित है,

हमने पीरियड बंद होने के मुख्य लक्षणों के बारे में बताया है, और इस लक्षण के आधार पर, आप पीरियड संबंधित किसी भी बीमारी को, आसानी से पहचान सकते हैं।


  • मूड स्विंग होना

महिलाओं में मेनोपॉज (menopause) होना आम बात है जब भी किसी महिला मेनोपॉज के करीब होती है ऐसी स्थिति में पीरियड बंद होता है

इसके अलावा मूड स्विंग होने के कारण ही पीरियड बंद होने की संभावना होती है इसमें अगर लक्षणों की बात करें तो ऐसी स्थिति में महिला में दुर्व्यवहार देखने को मिलता है,

जैसे कि वह हमेशा तनाव में रहती है, छोटी-छोटी बातों में चिढ़ना,रोना, गुस्सा करना, यह पीरियड बंद होने का कारण है, जिसे मेडिकल भाषा में मूड स्विंग कहते हैं।


  • गर्मी लगना

कहीं महिलाओं में बदलने के कारण पीरियड जैसी समस्या होती है ऐसी स्थिति में महिलाओं को ज्यादा गर्मी महसूस होती है

आपको पता होगा हर मोड़ हार्मोन महिलाओं के शरीर के लिए बेहद जरूरी माना जाता है

अगर इसमें किसी भी तरह का बदलाव देखने को मिलता है इसका सीधा असर महिलाओं के पीरियड में और अन्य बीमारी का कारण बनता है

जब भी किसी भी महिला मेनोपॉज नजदीक होने पर उनके शरीर में गर्मी का तापमान नॉर्मल तापमान से अधिक बढ़ने लगता है

इसके कारण महिला में मासिक धर्म बंद होने की संभावना बढ़ जाती है और यह मुख्य कारणों में से एक माना जाता है


  • पेशाब पर नियंत्रण की कमी

महिलाओं में पेशाब नियंत्रण की कमी देखने के कारण पीरियड बंद होना जाहिर है, आपको बता दें मेनोपॉज जैसी स्थिति में महिला होती है, उस दौरान ब्लेंडर पर नियंत्रण खराब हो जाता है,

और महिला को अक्सर बार-बार पेशाब जाना पड़ता है, और नॉर्मल पेशाब से कई बार जाने की नौबत आती है, वैसे पीरियड बंद होने का यह भी एक कारण हो सकता है।

ऐसी स्थिति में, आपको डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए या अपने फैमिली डॉक्टर को दिखाना बेहद जरूरी होता है, जब भी आपको पेशाब पर नियंत्रण की कमी महसूस हो, आपको तुरंत डॉक्टर का संपर्क करना चाहिए।

हो सकता है, यह समस्या बाद में गंभीर बीमारी का कारण बने, जैसा कि पीरियड बंद होने जैसी बीमारी हो सकती है


  • पेटदर्द

अगर किसी भी महिला को पेट दर्द की समस्या होती है उसके साथ-साथ पीरियड में भी बदलाव देखने को मिलता हैं

तो ऐसी स्थिति में, आपको तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। क्यों की महिला के पीरियड पर काफी गहरा प्रभाव पड़ता है

आपको बता दें जब भी पीरियड बंद होने की समस्या होती है, ऐसी स्थिति में अक्सर महिला को पेट दर्द जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है,

और यह दर्द कम समय के लिए भी हो सकता है, या लंबे समय तक रहता है, अगर आपको लंबे समय से पीरियड नहीं होता और पेट दर्द जैसी समस्या रहती है

ऐसी स्थिति में आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए, हो सकता है, यह पीरियड संबंधित गंभीर बीमारी का संकेत हो

पीरियड बंद होने की कहीं साधारण और नॉर्मल लक्षण देखने को मिलते हैं हमने ऊपर पीरियड बंद होने के कुछ मुख्य लक्षण के बारे में बताया है अगर आपको हमने बताया के लक्षण देखने को मिलते हैं

और तुरंत डॉक्टर की सलाह लेने बेहद जरूरी है क्योंकि अगर आप ऐसी स्थिति में लापरवाही करते हैं तो यह काफी गंभीर बीमारी थी हो सकती है पीरियड के मामले में आपको किसी भी तरह की इलाज के लिए लापरवाही नहीं करनी चाहिए

 

पीरियड्स रुकने की समस्या होने पर किए जाने वाले टेस्ट

जब भी आपको नियमित अवधी पर पीरियड नहीं होता,  इसके अलावा आपको लंबे समय से पीरियड नहीं हो रहा, ऐसी स्थिति में आपको डॉक्टर के पास जाना उचित विकल्प है।

इसके अलावा आप ऐसे उपाय भी कर सकते है, जिसके माध्यम से आप पीरियड रुकने रुकने जैसी समस्या से छुटकारा पा सकते हैं

लेकिन हमारा मानना है, कि अगर आपको अचानक पीरियड बंद होने के लक्षण देखने को मिले

और आपको लंबे समय से पीरियड नहीं हो रहा है। तो ऐसी स्थिति में आपको एक्सपर्ट डॉक्टर से मिलकर इसका समय पर इलाज करवाना चाहिए।

वैसे हमने पीरियड्स रुकने की समस्या के दौरान किए जाने वाले टेस्ट बारे में महत्वपूर्ण जानकारी नीचे बताए है।

 

खून की जांच

जब भी आप डॉक्टर के पास पीरियड बंद होने के इलाज के लिए जाते हैं उस दौरान डॉक्टर सबसे पहले आपके खून की जांच करते हो और ब्लड टेस्ट के माध्यम से प्रोलैक्टिन हार्मोन,थायराइड हार्मोन, ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन जैसे स्तर की जांच की जाती है

और इसके आधार पर आप का इलाज किया जाता है ब्लड टेस्ट के अलावा यूरिन टेस्ट (urine test) भी किया जाता है

और बारीकी से इस समस्या के कारण को ढूंढ कर सटीक इलाज किया जाता है

जब भी किसी महिला को पीरियड संबंधित बीमारियां समस्या होती है, ऐसी स्थिति में डॉक्टर अक्सर ब्लड टेस्ट और यूरिन टेस्ट करवाना आम बात है क्योंकि क्योंकि यह दोनों तरीकों से डॉक्टर आप का बेहतर इलाज कर सकते हैं

 

अल्ट्रासाउंड, एमआरआई व सीटी स्कैन

अगर आपको पीरियड संबंधित गंभीर बीमारी है या उनके लक्षण गंभीर है ऐसे मामले में डॉक्टर अल्ट्रासाउंड यह सीटी स्कैन टेस्ट करके पिट्यूटरी ग्रंथि की जांच करते हैं

इसके अलावा एम आर आई टेस्ट के माध्यम से अब का सटीक निदान किया जाता है आपको बता दें या टेस्ट तब किया जाता है

जब लक्षण गंभीर हो और आप पीरियड ना होने की समस्या से लंबे समय से जूझ रहे हो ऐसी स्थिति में डॉक्टर अक्सर सिटी स्कैन करवा कर बारीकी से बीमारी की जांच करते हैं

और यह इलाज काफी फायदेमंद भी माना जाता है। इसके अलावा, डॉक्टर आपको कुछ दवाओं का सेवन करने का सुझाव देते हैं

 

कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए

हमने आपको पीरियड बंद होने के लक्षण के बारे में बताया, इसके अलावा हमने कई महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में बताया।

अब आपको यह भी जानना बेहद जरूरी है, कि अगर आपको पीरियड संबंधित किसी भी समस्या होती है। तो कब डॉक्टर को दिखाना बेहद जरूरी होता है

वैसे पीरियड होना महिलाओं में आम बात है, लेकिन पीरियड संबंधित कहीं ऐसी गंभीर बीमारी है। जो महिलाओं के लिए गंभीर मानी जाती है। और उनके शरीर के लिए, काफी नुकसानदायक साबित हो सकती है

अब आपको बताते हैं कि कब आपको डॉक्टर से इलाज करवाना चाहिए।


  • नियमित अवधि पर पिरियड ना होना – पीरियड्स महिला के शरीर की प्रक्रिया है अगर आपको नियमित अवधि के मुताबिक पीरियड नहीं होता तो ऐसी स्थिति में आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

  • सफेद पानी आना– अक्सर महिलाओं में योनि से सफेद पानी आने की समस्या देखने को मिलती है। अगर यह समस्या बढ़ जाती है,और उसके कारण पीरियड में भी गहरा प्रभाव पड़ता है। तो इन स्थिति में आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए,वैसे सफेद पानी आना आम बात है, लेकिन कई बार अगर ज्यादा सफेद पानी आने लगता है। तो ऐसी स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

  • रुक-रुक कर पीडियड होना – कई महिलाओं को रुक-रुक कर पीरियड होने की समस्या होती है जैसा कि नियमित अवधि से पहले पीरियड होता है,और अवधि के बाद भी पीरियड होने लगता है यह एक गंभीर लक्षण हो सकते हैं जब भी आपको ऐसी समस्या देखने को मिले तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिएकहीं बार महिलाओं के शरीर में हार्मोनल में बदलाव होने के कारण यह समस्या होती हैं और आपको जब भी ऐसा लक्षण देखने को मिले, उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बल्कि आपको तुरंत डॉक्टर से इलाज करवाना चाहिए

 

पीरियड बंद होने के समस्या से कैसे बचे

आपको एक बार फिर से याद दिला देगी महिलाओं में पीरियड होना कोई बड़े बीमारी नहीं है

बल्कि एक नेचुरल शरीर की प्रक्रिया है और इस प्रक्रिया से हर एक महिला गुजरती है इस प्रक्रिया के कारण हर महिला गर्भवती बनने का सुख प्राप्त करती है

इसके अलावा इन पीरियड्स महिला के शरीर के लिए भी फायदेमंद होता है, लेकिन अगर पीरियड्स में किसी भी तरह का बदलाव देखने को मिलता है तो उसका सीधा असर महिला की जीवनशैली पर पड़ता है

इसलिए पीरियड संबंधित किसी भी तरह की समस्या हो, इसका इलाज समय पर होना बेहद जरूरी होता है।


पीरियड ना होने की समस्या से बचने के लिए आसान तरीका है, कि आप किसी भी लंबे समय की दवाओं का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर एक बारजरूर सलाह ले

और उन्हें बताया कि, इस दवा का असर आपके पीरियड्स यानी कि मासिक धर्म पर गलत प्रभाव पड़ेगा या नही

इसके अलावा, आप अपने जीवनशैली को स्वस्थ रखिए, नियमित खाना पीना चाहिए, पूरी नींद होना, पौष्टिक और विटामिन से भरपुर भोजन का सेवन करे

इसके अलावा पीरियड ना होने की समस्या से बचने के लिए, अलग से, किसी भी तरह का नुस्खा या दवा नहीं है। अगर आप की जीवनशैली स्वास्थ्य से भरपूर रहेगी तो, आपको कभी भी, पीरियड जैसी समस्या पैदा नहीं होगी

 

पीडियड न आने के नुकसान

एक महिला ही जान सकती है, कि अगर उन्हें समय पर पीरियड नहीं होता, तो उनके लिए कितना नुकसान हो सकता है।

हम सब जानते हैं कि, महिला के पीरियड होना कितना फायदेमंद होता है

और अगर महिला के पीरियड पर किसी भी तरह का प्रभाव पड़ता है, या उसमें बदलाव देखने को मिलता है। तो कहीं तरह के नुकसान महिला और गलत असर उनकी आने वाली पीढ़ी पर पड़ता है।

  • अगर किसी भी महिला को शुरुआत से पीरियड्स नहीं हो रहे और इसका इलाज नहीं होता तो इसका सीधा असर उनके आने वाली पीढ़ी पर पड़ता हैयानी कि आपके परिवार में किसी भी महिला पीरियड ना होने की समस्या से पीड़ित है तो बाकी महिलाओं में पीरियड ना होने की समस्या होने की संभावना बढ़ जाती हैहालांकि या हालांकि ऐसी स्थिति बहुत कम महिलाओं में देखने को मिलती है लेकिन यदि एक नुकसान माना जाता है

  • महिला के शरीर में ओवुलेशन प्रक्रिया ना होने के कारण उसका सीधा असर उनके पीरियड पर पड़ता है | ऐसी स्थिति में कई बार महिला प्रेग्नेंट नहीं हो पाती।जिसे हम आम भाषा में बांझपन की समस्या भी कहते हैं ।यह सबसे बड़ा नुकसान माना जाता है, जब किसी महिला पीरियड ना होने की समस्या से पीड़ित है, आपको बता दें अगर आपको नियमित अवधि के बजाएं लंबे समय तक पीरियड नहीं होता तो, इसका इलाज समय पर करना चाहिए। वरना आप कभी भी मां नहीं बन पाएंगे।

  • पीरियड बंद होने के कारण ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर समस्या होने की संभावना बढ़ जाती है।इस समस्या के कारण महिलाओं की शरीर की हड्डी काफी कमजोर हो जाती है।और यह उनके जीवनशैली पर काफी बड़ा प्रभाव डालती है। यहां एक ऐसा कारण है, जो कई रिसर्च में भी पाया गया है, कि अगर महिला को पीरियड नहीं होता है तो उनका सीधा असर उनके शरीर की मुख्य हड्डियों पर पड़ता है

    और उन्हें काफी थकान और कमजोरी महसूस होती है। इसीलिए इसका इलाज समय पर हो ना, आपके शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है।

 

पीरियड्स जल्दी लाने के उपाय

कई महिलाएं पीरियड जल्दी लाने के लिए कई तरह की दवाओं का सेवन करते हैं

जोकि उनके शरीर के लिए काफी हानिकारक मानी जाती है लेकिन अगर आप पीरियड्स जल्दी लाना चाहते हो तो उसके लिए कई घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय है

और यह आयुर्वेदिक उपाय आपके शरीर के लिए भी नुकसानदायक नहीं होते, और इससे किसी भी तरह का साइड इफेक्ट भी नहीं होता। हमने कुछ पीरियड्स जल्दी लाने के उपाय के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी बताए हैं।

 

  • अदरक की चाय

पीरियड्स जल्दी लाने के लिए अदरक की चाय काफी कारगर मानी जाती है, आपको दिन में तीन कप अदरक वाली चाय का सेवन करना है। इसको सेवन करने का आसान तरीका है

आप अदरक को पीसकर पानी में डालकर, कम से कम 15 मिनट तक पकने दें। उसके बाद उस पानी को एक कप में छानकर नींबू या तुलसी की पत्तियां मिलाकर आप सेवन कर सकते हैं,

अगर आप दिन में तीन बार अदरक की चाय का सेवन करते हैं तो आपको कुछ ही दिनों के भीतर पीरियड हो जाएगा।


  • विटामिन सी

विटामिन सी महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद है, इसके अलावा  आपके स्वास्थ्य के लिए भी काफी लाभदायक माना जाता है

ऐसे में अगर आपको पीरियड समय पर नहीं आता तो, आप विटामिन सी, का सेवन कर पीरियड जल्दी ला सकते हैं

आपको बता दें विटामिन सी का सेवन करना आसान है। आपको विटामिन सी से भरपूर फलों का सेवन करना होगा, अगर आपको लगता है आपके पीरियड में काफी देरी हो गई है

ऐसी स्थिति में आपको विटामिन सी से भरपूर फलों का सेवन करना चाहिए। इससे आपके शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर संतुलित होता है।

और पीरियड नियमित अवधि पर होता है अगर आपको विटामिन सी के फल के बारे में पता नहीं है, तो हम आपको बता दें, कि ब्रोकली, टमाटर, और पालक, इसके अलावा आलू जैसी चीजों में विटामिन सी की मात्रा ज्यादा होती है

इसका सेवन करना सेहत के लिए भी फायदेमंद है, और महिलाओं में पीरियड जैसी समस्या में काफी लाभदायक माना जाता है।

 


Disclaimer

इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न विशेषज्ञों के अध्ययन और राय के साथ-साथ आम आदमी के स्वास्थ्य पर आधारित है। इस जानकारी को देने का उद्देश्य विषय से परिचित होना है। पाठकों को अपने स्वास्थ्य के आधार पर कोई भी निर्णय लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

 

Conclusion

आज के लेख में हम ने पीरियड बंद होने के लक्षण (Period band hone ke lakshan) और माहवारी बंद होने के लक्षण के अलावा पीरियड से जुड़ी कई समस्या के बारे में जाना

इसके अलावा पीरियड संबंधित किसी भी समस्या या बीमारी से छुटकारा पाने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी जानकारी साझा करने की कोशिश की है

आपको बता दें पूरे विश्व में हर दिन कई महिलाएं ऐसी है जो पीरियड संबंधित किसी ना किसी बीमारी से पीड़ित है

लेकिन हमारा मानना है कि अगर आपको पीरियड संबंधित किसी भी तरह की समस्या होती है तो इसका इलाज तुरंत करवाना हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है

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