Baccha kaise paida hota hai | शादी के बाद बच्चा कैसे पैदा किया जाता है

Baccha kaise paida hota hai : आज हम आप को एक बच्चे का गर्भ से लेकर उसके जन्म तक की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार में बताने वाले है, जहा आप को यह पता चलेगा की ” शादी के बाद बच्चा कैसे पैदा होता है ” और एक पुरुष के शुक्राणु महिला के योनि से गुजरने के बाद किस तरह से पूरी प्रक्रिया होकर एक बच्चा पैदा होता है

वैसे तो सभी लोगों को यह पता होता है की संभोग के बाद ” Baccha paida hota hai ” लेकिन Baccha kaise paida hota hai और इसके पीछे क्या प्रक्रिया होती है इसके बारे शायद किसे पता हो |

और इसी बात की महत्वपूर्ण जानकारी आप के साथ शेयर करने की हमारी यह कोशिश होगी जिसे शुरवात से लेकर अंत तक जरूर पढ़े विशेष कर महिलाय क्यों की महिलों को “ बच्चे कैसे पैदा होते है ” इसके बारे में पूरी जानकारी होना जरूरी है

 

Baccha kaise paida hota hai  | शादी के बाद बच्चा कैसे पैदा किया जाता है
Baccha kaise paida hota hai in hindi

 

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Baccha kaise paida hota hai | शादी के बाद बच्चा कैसे पैदा किया जाता है

पुरुषो में शुक्राणु का ज्यादा संख्या में होना बहोत जरूरी होता है चाहिए महिला को प्रेगनेंट करने के लिए एक ही शुक्राणु काफी होता है लेकिन पुरुषो में ज्यादा शुक्राणु होना चाहिए क्यों की जितने ज्यादा संख्या में शुक्राणु होंगे उतने ही महिला के pregnant होने के संभावना बढ़ जाते है

इसके अलवा कही सारे पुरुष यह जानने के लिए भी उस्तुक रहते है की ऐसा क्या किया जाये जिस से Unwanted pregnancy ना आये तो इसी सवाल का भी जवाब हम इस लेख में देने की कोशिश करेंगे

एक महिला का मासिक धर्म चक्र 28 दिनों का होता है जिस में से सिर्फ एक ही दिन ऐसा होता है जब महिला के अंडाशय (ovary) से अंडा (egg) बहार निकालता है

और वे सिर्फ 24 घंटे ही जीवित रहता है, याने यह अंडा ख़तम होने के बाद यदि पुरुष और महिला का मिलन होता है तो भी महिला ऐसे स्थिति में प्रेगनेंट नहीं होती है

लेकिन अगर उस 24 घंटो में अंडे का शुक्राणु के साथ मिलन हो जाता है तो महिला प्रेगनेंट हो जाती है वरना वे अंडा बेकार होकर महिला के शरीर से निकल जाता है जिसे पीरियड कहते है

 

पुरुषों के शुक्राणु अंडे तक कैसे पोहचते है और बच्चा कैसे पैदा होता है

जब महिला और पुरुष का मिलन होता है तब पुरुष अपना वीर्य महिला के योनि में छोड़ देता है इस वीर्य में लाखो के संख्या में शुक्राणु होते है और यह शुक्राणु रेस में भागने वाले Athletics की तरह होते है

और उनमे भी एक तरह की रेस लग जाती है की अंडे के पास सब से पहले कौन पोहचेगा, मगर इस चक्र में बहोत से शुक्राणु गर्भाशय के दिवार पर लगे छोटे छोटे रेशो के बिच फस जाते है

मित्रो यह पूरी प्रक्रिया एक युद्ध के तरह ही होती है महिला का गर्भाशय इस तरह से बना होता है की वे शुक्राणु को एकसाथ अंडे तक पोहचने के लिए रोकते है इसीलिए लाखो शुक्राणु से कुछ ही शुक्राणु अंडे तक पोहच पाते है और बाकि सभी कही न कही फस कर ख़तम हो जाते है

जो शुक्राणु अंडे तक पोहचते है उनमे से भी सिर्फ एक शुक्राणु अंडे के अंदर दाखिल हो पाता है और उसके अंडे के अंदर घुसते ही अंडे का बाहरी खोल मजबूत हो जाता है जिसके कारन बाकि के शुक्राणु बहार ही ख़तम हो जाते है

और इस पूरी प्रक्रिया में शुक्राणु को सिर्फ 6 इंच की दूरी ही तय करनी पड़ती है लेकिन इतनी दूरी तय करने के लिए भी शुक्राणु को घटों लग जाते है

इस प्रकार शुक्राणु का अंडे के अंदर दाखिल होने के बाद अंडा Fertilized होता है और उसी समय उस बच्चे का लिंग निश्चित हो जाता है की वे लडक होगा या लड़की होगी

 

Normal Delivery या Cesarean Delivery | Baccha kaise paida hota hai in hindi 

कही लोगों का एक सवाल हमेशा डॉक्टरों से होता है की नॉर्मल डिलीवरी अच्छी होती है या सीजेरियन ? और इसी सवाल का जवाब आज हम आप के साथ प्रदान करने की कोशिश करेंगे |

वैसे तो पेशंट के साथ डॉक्टर भी यह चाहते है की डिलीवरी नार्मल हो जाये क्यों की Normal Delivery में बच्चा महिला के योनि मार्ग से आता है

वही नार्मल डिलीवरी में डॉक्टर को महिला के योनि के छेद को बड़ा कराना होता है तो वह भी CUTS लग जाते है और सीजेरियन में डॉक्टर को महिला के पेट में छेद करना पड़ता है इसका मतलब छेद दोनों तरह करना अनिर्वाय है

 

नॉर्मल डिलीवरी अच्छी होती है या सीजेरियन बच्चा कैसे पैदा करे

अगर सब सही चल रहा है बच्चा (baby) हेड से है, बेबी के तरह जानेवाला ब्लड फ्लो बहोत ही अच्छा है , बेबी के साईट का पानी सही तरह से है इसके अलावा अवल योनि मार्ग पर ना होकर ऊपर स्तिथ है और अपने आप सही तरह से labor pain शुरू हो गया है और labor pain का प्रोग्रेस भी सही चल रहा है

यदि किसी महिला में 18 घंटे -24 घंटे labor pain हो रहा है तो वे गलत है ऐसे में अपने डॉक्टर से एकबार जरूर बात कर लीजिये

 

नॉर्मल डिलीवरी में बच्चा कैसे पैदा किया जाता है

जब कोई महिला प्रथम समय प्रेगनेंट है और जो दूसरे या तीसरे समय प्रेगनेंट है तो इन दोनों में यह डिलीवरी होने का स्पीड अलग अलग रहता है और यह सब डॉक्टर को पता होता है याने अगर बेबी के हार्ट बिट सही तरह से चल रहे है बच्चे दानी का मुँह खुला है तो जरूर हमे Normal Delivery की राह देखनी है

केवल माँ (महिला) को लगता है की मुझे यह पीड़ा बर्दाश नहीं होगी इसीलिए हमे सीजेरियन बिलकुल नहीं करना है | जी नार्मल डिलीवरी में थोड़ी ज्यादा पीड़ा हो सकती है

और उसे सहना मुश्किल होता है लेकिन जब painless epidural रहता है जिस में Pain भी होते है लेकिन यह माँ (महिला) समझते नहीं है तो यह शात्र बहोत सालो से विकसित शात्र है

और अगर इसका इस्तिमाल किया तो पीड़ा आप को बर्दाश हो सकती है इसके साथ आप की delivery भी normal होगी
( सिर्फ पीड़ा से डर कर सीजेरियन ना करे )

 

सीजेरियन में बच्चा कैसे पैदा किया जाता है

सीजेरियन में बच्चा माँ (महिला) के पेट से निकला जाता है : जब बच्चे (baby) का हेड ही प्रोग्रेस नहीं हो रहा है, या बेबी पैरो से बहार आ रहा है, या बच्चा महिला के पेट में आड़ा है तो कही बार महिला का गर्भशय का मुँह नहीं खुलता है,

तो कही बार महिलाओं को काफी समय तक labor pain चलते रहते है लेकिन कोई प्रोग्रेस दिखाई नहीं देता है तो वही बच्चे की हार्ट बिट कम होना शुरू होता है

बच्चे की तरह ब्लड फ्लो सही तरह से जाता नहीं है या बच्चा महिला के पेट में पोटी कर लेता है तो ऐसे में नार्मल डिलीवरी के लिए रुकना बच्चे के लिए खतरनाक साबित हो सकता है

इसीलिए नॉर्मल डिलीवरी कौनसे केसेस में अच्छे है और सीजेरियन डिलीवरी कौनसे केसेस में अच्छे है यह डॉक्टर को डिसाइड करने दो और आप को अपने डॉक्टर पर पूरा भरोसा होना चाहिए |

 

Aurat kitne saal tak bacha paida kar sakti hai 

महिला कितने साल तक बच्चे पैदा कर सकती है या कितने साल तक एक महिला गर्भवती हो सकती है यह एक कॉमन सवाल है

जिसे लेकर महिला काफी चिंतित रहती है और चिंतित रहने का कारण अधूरी जानकारी होती है और यदि आप को पता चल Aurat kitne saal tak bacha paida kar sakti hai तो बेशक आप कभी चिंतित नहीं रहोगे और इसी सवाल का सिंपल सा जवाब हम ने निचे प्रदान किया है जिसे एक बार जरूर पढ़े

जभी कोई लड़की एक योनाअवस्था में प्रवेश करती है तो उनके बॉडी में कुछ hormonal changes होते है जिसके वजह से उन्हें period आने शुरू होते है

याने पीरियड आने का मतलब है की वे महिला या लड़की प्रेगनेंसी हेतु तैयार है याने अगर उसके साथ योन संबंध बनाये तो वे अब प्रेगनेट हो सकती है

अब यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है की जबतक किसी को पीरियड आ रहे है तबतक उन्हें को प्रेगनेंसी लग सकती है यह आप का उम्र मैटर नहीं करता है आप किसी भी उम्र की हो जबतक आप को पीरियड आ रहे है तबतक आप bacha paida kar sakti hai

पीरियड का बंद होना यह एक सत्य है लेकिन कौनसे उम्र में बंद होगा इसका कोई सटीक जवाब नहीं है याने किसीका 40 में तो किसी का 45 तो किसी का 50 तक पीरियड आते रहते है,

हमारे कहने का मतलब यह है की जभी किसी महिला को रेगुलर या उनरेगुलर पीरियड आ रहे है तब तक वो बच्चे को जन्म दे सकती है

 

प्रेगनेंसीव् में 1 से 9 महीने गर्भ में शिशु के विकास कैसे होता है | bacche kaise bante hain

हमे यह पता होता है की जभी कोई महिला प्रेगनेंट होती है तो उसे बच्चे को जन्म देने में 9 महीनों का समय लगता है लेकिन इस 9 महीनों के सफर में बच्चे की अपने माँ के पेट में किस तरह से विकास होता है ? और कौनसे महीने में बच्चे का कौनसा अंग बनता है ?

इसके बारे शायद आप को पता नहीं होगा और Baccha kaise paida hota hai इस सवाल का मुख्य जवाब भी इस सफर में छुपा है जिसे आप को एक बार जरूर पढ़ना चाहिए

 

baccha kaise paida hote hai

 

प्रेगनेंसी के पहले महीने में बच्चे के कौन-कौन से अंग बनते हैं

प्रेगनेंसी के पहले महीने में महिलाओं को यह भी पता नहीं होता है की वे प्रेगनेंट हो चुकी है और इस महीने के अंतिम में जब उनके पीरियड रूक जाते है तो उन्हें कहीं न कही एहसास होता है की शायद वो प्रेगनेंट है ?

और इस चीज़ को कन्फर्म करने के लिए कही सारे महिलाये Pregnancy kit का सहारा लेते है और यह पता करते है की वे वाकही में प्रेगनेंट है या नहीं

प्रेगनेंसी का पहला दिन उनके अंतिम पीरियड के आखरी दिन से होता है और उसी दिन से महिला को पहला दिन लग जाता है और इस महीने के अंतिम तक आप का बच्चा 1 सेंटीमीटर तक लंबा हो चुका रहता है

जहा बच्चे का अंगो का विकास होना शुरू होता है जैसे की बच्चे के फेफड़े, दिमाग, भुजाये, दिल जैसे सभी अंगो का धीरे धीरे विकास होना शुरू होता है

 

प्रेगनेंसी के दूसरे महीने में बच्चे के कौन-कौन से अंग बनते हैं

दूसरे महीने में बच्चा अपना विकास कर रहा है जहा उसकी लंबाई 2 सेंटीमीटर तक हूई है जहा बच्चे के आंखे , घुटने, हड्डिया और उसके रिप्रोडक्टिव सिस्टम का विकास शुरू हो गया है और इसी महीने में बच्चे के हार्ट बिट भी आना शुरू होगी जिसे अल्ट्रा साउंड के माध्यम से डिटेक्ट किया जा सकता है

 

प्रेगनेंसी के तीसरा महीने में बच्चे के कौन-कौन से अंग बनते हैं

तीसरे महीने के अंतिम में बच्चे का Face इंसान की तरह दिखाना शुरू होगा और तीसरे महीने तक बच्चा 7 से 8 सेंटीमीटर तक लंबा हो जायेगा और वो अपने माँ के पेट में हलचल भी करना शुरू कर देगा

लेकिन तीसरे महीनों तक उनका विकास ज्यादा नहीं होता तो वही वो बहोत छोटा होता है इसीलिए उसकी जो हलचल होगी वो बहोत धीमी होगी जिसका एहसास एक माँ को नहीं हो पायेगा

 

प्रेगनेंसी के चौथे महीने में बच्चे के कौन-कौन से अंग बनते हैं

चौथे महीनो तक आप का बच्चा माँ के पेट में हलचल कर सकता है जिसका एहसास माँ को हो सकता है लेकिन यह आप पर निर्भय करता है की बच्चे की वो हलचल आप को फील हो रही है या नहीं |

बच्चे ने इस महीने में माँ के पेट में पिशाब भी करना शुरू किया होता है और उसने Mnotyflood को भी अपने अंदर लेना शुरी किया होता है

जिसके माध्यम से वे नुट्रिएंस लेता है उसे प्रोसेस करता है और Urine के जरिये दोबारा मनोटिक थैली के अंदर छोड़ देता है, और यह जो पूरा चक्र है तो इस चक्र के कारन मनोटिक जो द्रव्य है उसका लेवल बना रहता है

चौथे महीने तक बच्चे की लंबाई 13 सेंटीमीटर तक बढ़ चुकी होती है और उसके रिप्रोडक्टिव सिस्टम तेज़ी से बन रहे होते है और उसके पैरो के और हाथो के उंगलिया बन रही होती है

 

प्रेगनेंसी के पांचवे महीने में बच्चे के कौन-कौन से अंग बनते हैं

पांचवे महीने तक बच्चा 20 सेंटीमीटर तक बड़ा होता है और उसने अपने अंगूठे को चूसना शुरू किया होता है वही बच्चे ने अपना सोने का और उठने का एक समय बनाया होता है और ऐसे में बच्चा ज्यादा हलचल करना शुरू कर देता है जिसका आभास माँ को होने लगता है

 

प्रेगनेंसी के छठे महीने में बच्चे के कौन-कौन से अंग बनते हैं

छठे महीने तक बच्चे का साइज करीब 30 सेंटीमीटर तक बढ़ जाता है वही बच्चा महिला के गर्भ के अंदर मजबूत होना शुरू करता है जिसके वजह से उसकी एक्टिविटी ज्यादा होना शुरू होती है

और इस समय माँ (महिला) को बच्चे की किक महसूस हो सकती है क्यों की छठे महीने तक बच्चा बलशाली हो जाता है यदि इस समय आप को कोई हलचल या किक महसूस नहीं होती है तो आप को अपने डॉक्टर से एक बार बात करनी होगी

छठे महीने तक बच्चे के सर पर बाल, एब्रो आना शुरू होते है वही उनका दिमाग और फेफड़े का विकास काफी तेज़ी से होना शुरू होता है

प्रेगनेंसी के सातवे महीने में बच्चे के कौन-कौन से अंग बनते हैं

सातवे महीनो तक बच्चा करीब 35 सेंटीमीटर तक लंबा हो सकता है, इस समय बच्चा काफी मजबूत हूआ होता है और माँ के पेट के अंदर लाते मार रहा होता है तो वही बच्चा अगर अपने हाथो को और पैरो को फुलाता है तब माँ का पेट कड़क हो जाता है

जिसके कारन उस माँ को थोड़ा दर्द भी हो सकता है, लेकिन घबराने की कोई जरूरत नहीं है यह निसर्ग का नियम होता है इसमें आप को कोई परेशानी नहीं होगी

सातवे महीनो में बच्चा आप के आवाज को सुन सकता है इसीलिए आप को उस से बात करना चाहिए | आप जैसे जैसे बात करोगे वैसे वैसे उसकी Response आप को देखने के लिए मिल सकती है | इस समय बच्चा आपने आंखे खोलना और बंद करना शुरू कर देता है

प्रेगनेंसी के आठवे महीने में बच्चे के कौन-कौन से अंग बनते हैं

आठवे महीनो तक आते आते बच्चो का विकास काफी तेज़ हो जाता है वही उनकी हाइट 45 Cm तक हो जाती है और बच्चे के महत्वपूर्ण अंगो का विकास हो चूका होता है लेकिन दिमाग और फेफड़ो का विकास अबतक पूरा नहीं हुआ है

इसीलिए आठवे महीनो में आप को किसी भी तरीके में डिलीवरी के लिए Avoid करना है, इस महीने में आप को कोई भी ऐसा कार्य नहीं करना है जिस से आप की डिलीवरी आठवे महीनों में ही हो जाये जैसे की :

  • इस महीने में आप को ज्यादा ट्रेवलिंग नहीं करनी है
  • आप को घी का ज्यादा सेवन नहीं करना है

आठवे महीने के खतम होते होते बच्चे की Position सही होना चाहिए याने बच्चे का सर योनि के तरफ होना चाहिए जिस से महिला की नार्मल डिलीवरी होना संभव हो सके

 

प्रेगनेंसी के नौवें महीने में बच्चे के कौन-कौन से अंग बनते हैं

नौवें महीने तक आप के बच्चे की हाइट 45 cm से 50 cm तक होना चाहिए और बच्चे का वजन 2.5 kg से लेकर 4 kg तक होना चाहिए

क्यों की बच्चा जब सातवे महीनों में आता है तब उसका विकास काफी तेज़ी से होना शुरू होता है और उसका वजन भी तेज़ी से बढ़ रहा होता है

आठवे और नौवे महीनो में बच्चा अपने वजन को बहोत ज्यादा बढ़ाता है और उसके वजह से महिला के गर्भ के अंदर इतनी जगह नहीं होती है की वो बच्चा आसानी से घूम सके और आप को किक दे सके

आठवे और नौवे महीनो में अगर बच्चे की किक कम होती है या उसका हलचल थोड़ी धीमी होती है तो आप को घबराने की आवश्यकता नहीं है क्यों की बच्चे ने गर्भ में ज्यादा विकास कर लिया जिसके वजह से बच्चे के पास गर्भ में इतनी जगह नहीं है की वे घूम पाए

नौवें महीने में बच्चे का विकास पूरा होता है और वो हमारे दुनिआ में आने के लिए तैयार होता है

 

शादी के बाद बच्चे कब पैदा करना चाहिए | shaadi ke bad Baccha kab paida kare

शादी एक दो दिलो का पवित्र बंधन होता है जिसे हर कोई पुरे शिद्धत से निभाना चाहता है तो वही इस बंधन में बच्चे का सुख हर माँ-बाप सपना होता है और इसी सपने को देख कर युगल बच्चे की प्लानिंग करते है |

तो आज हम आप को शादी के बाद बच्चे कब पैदा करना चाहिए इसके बारे में थोड़ी सलाह देना चाहते है जिसका आप को वर्तमान तथा भविष्य में जरूर फायदा होगा

अगर आप की शादी कम उम्र में हुई है जैसे की लड़की 18 या 19 की है और लड़का 22 या 24 का है तो आप बच्चा पैदा करने के लिए थोड़ा इंतजार कर लीजिये |

क्यों की इस उम्र में महिला एव पुरुष दोनों भी मेंटली बच्चे के लिए प्रीपेर नहीं होते है इसके अलावा बच्चा पैदा होने के बाद जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है और यह जिम्मेदारी लेने के लिए आप पूरी तरह से Mature होना जरूरी है इसीलिए थोड़ा प्लानिंग कर के बच्चा पैदा करे क्यों की आप के पास अभी आप के पास समय है

अगर आपकी शादी 25 से 30 साल के बीच होती है तो आप शादी के तुरंत बाद बच्चे की प्लानिंग कर ले । कुछ कपल्स का मानना है कि बच्चा पैदा करने के लिए यह सही उम्र होती है।

इसके अलावा अगर आपकी शादी 30 से 35 साल के बीच होती है तो आपको तुरंत बच्चे की प्लानिंग कर लेनी चाहिए । क्योंकि महिलाओं में यह उम्र आते-आते प्रेग्नेंट होने के चांसेस घटने लगते हैं।

 

बच्चा पैदा करने के लिए क्या करना पड़ता है | Baccha paida karne ke liye kya karna padta hai ?

बेशक बच्चे पैदा करने के लिए शारीरिक संबंध बनाने पड़ते है जिसके बाद महिला प्रेगनेंट होती है और 9 महीने के बाद बच्चा पैदा होता है | तो यह एक चक्र है जिसके नियम कुमार अवस्था में आते आते सभी को पता चल जाते है

लेकिन केवल शारीरिक संबंध बनाने से बच्चे नहीं होते है तो बच्चे पैदा करने के लिए पुरुष का वीर्य महिला के योनि मार्ग से अंदर प्रवेश कर महिला के अंडा से मिलन करना चाहिए जिसके बाद महिला प्रेगनेंट होती है फिर उसे बच्चा होता है

लेकिन यह संबध कब और कैसे बनाने से बच्चा होता है यह आप को पता होना चाहिए जिसके बारे में निचे हम ने पॉइंट नुसार लिखा है

  • लड़की के जबतक पीरियड चल रहे है तब तक लड़की एव महिला प्रेगनेंट हो सकती है
  • पीरियड अवस्था में कभी भी योन संबंध बनाने से लड़की बच्चा पैदा कर सकती है
  • ओवुलेशन डेट के भीतर अगर आप संबंध बनाते है तो लड़की के प्रेगनेंट होने के संभवना ज्यादा होती है
  • निरोध का इस्तिमाल कर संबंध बनाने से लड़की बच्चे पैदा नहीं कर सकती है याने वे प्रेगनेंट नहीं होगी
  • कही बार संबंध बनाते समय निरोध फट जाता है तो और ऐसे में पुरुष का वीर्य महिला के योनि में प्रवेश करता है महिला प्रेगनेंट हो सकती है
  • पुरुष का वीर्य का एक बूंद भी लड़की को प्रेगनेंट कर सकता है

 

बच्चे कैसे पैदा होते है ( सवाल-जवाब )

शादी के बाद बच्चा कैसे पैदा किया जाता है

शादी के बाद पुरुष और महिला के सहमति से जब असुरक्षित योन संबंध होते है तब पुरुष का वीर्य महिला के योनि में प्रवेश करता है फिर वे महिला प्रेगनेंट होती है और निसर्ग के नियम के अनुसार 9 महीने के बाद बच्चा पैदा होता है

शादी के कितने दिन बाद प्रेग्नेंट होते हैं

वे आप के शारीरिक संबंध और महिला के मासिक चक्र पर निर्भय करता है | अगर आप शादी के दिन संबंध बनाकर महिला के योनि में वीर्य छोड़ते है तो हो सकता है उसी दिन महिला प्रेग्नेंट हो जाये | तो इसका कोई सटीक जाव नहीं है लेकिन unprotected संबंध के बाद शादी के बाद कभी भी महिला प्रेग्नेंट हो सकते है

बच्चे पैदा करने के लिए कितनी बार करना चाहिए

एक अध्ययन के मुताबिक प्रेग्नेंसी का पॉजिटिव रिजल्ट पाने के लिए कपल्स शुरुआत से कम से कम 78 बार करते हैं. इसका टाइम पीरियड 6 महीने से लेकर 158 दिन का है. स्टडी के अनुसार 1194 पैरेंट्स का सर्वे किया गया. स्टडी में पाया गया कि कपल्स कंसीव करने के लिए महीने में कम से कम 13 बार सेक्स करते हैं.

बिना शादी के बच्चे कैसे पैदा होते हैं

लड़की योन अवस्था में आकर याने 14 साल से लेकर उसकी शादी होने तक अगर वो किसी पुरुष के साथ असुरक्षित शारीरिक संबंध बनाती है तो वे प्रेगनेंट होकर शादी के पहले बच्चा पैदा कर सकती है

पुरुष कितने साल तक बच्चा पैदा कर सकता है

यह पुरुष के स्‍पर्म काउंट पर निर्भय करता है | अगर पुरुष का स्‍पर्म काउंट ज्यादा है तो वे 45 से 50 साल में भी बच्चे पैदा कर सकते है

जल्दी बच्चा चाहिए तो क्या करें

यदि आप को जल्दी बच्चे चाहिए तो ओवुलेशन दिन के पहले 3 दिनों से ओवुलेशन के बाद 3 से 4 दिन तक लगातार असुरक्षित योन संबंध बनाये जिस से आप जल्दी प्रेगनेंट हो जाओगे

पीरियड के कितने दिन पहले प्रेग्नेंट हो सकते हैं

पीरियड शुरू होने के एक या दो दिनों बाद तक महिला के प्रेगनेंट होने की संभावना न के बराबर होती है। जैसे-जैसे पीरियड के दिन गुजरते हैं, वैसे-वैसे माहवारी के दौरान संबंध करने से गर्भधारण की संभावना बढ़ती जाती है। पीरियड शुरू होने के बाद 13 दिनों तक महिला के गर्भवती होने की संभावना लगभग 9 प्रतिशत होती है

अनचाहे गर्भ से बचने के लिए क्या करना चाहिए

अनचाहे गर्भ से बचने के निरोध का इस्तिमाल करना अनिर्वाय है इसके अलावा यदि निरोध के होते वीर्य महिला के योनि में जाता है तो उसी दिन ipill नामक टेबलेट उसे देने से महिला गर्भवती नहीं होती है

 i-pill Tablet 72 घंटो के अंदर देना जरूरी है जिसे डॉक्टर के सलाह के बिना न दे

 

आखरी शब्द

आज हम ने Baccha kaise paida hota hai इसके अलवा शादी के बाद बच्चा कैसे पैदा किया जाता है, बच्चा पैदा करने के लिए कितने बार करना चाहिए और नॉर्मल डिलीवरी अच्छी होती है या सीजेरियन जैसे सभी महत्वपूर्ण जानकारी आप के साथ शेयर करने की कोशिश की है |

यह सभी जानकारी अनुभवी डॉक्टर और विकिपीडिआ जैसे लोकप्रिय स्थल से ली गई है इसीलिए आप को इसे लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है

इंटरनेट पर ऐसे कही सारे फेक वेबसाइट उपलब्ध है जहा आप को सटीक जानकारी प्राप्त नहीं होगी तो ऐसे वेबसाइट पर आप को भरोसा भी नहीं करना चाहिए |

और पताकरे वेबसाइट आप को जागरूक करना चाहती है की इंटनेट पर शेयर किये जानकारी को केवल अपने जानकारी तक सिमित रखे और हमेशा डॉक्टर से खुद को चेक करवाए और उनकी सलाह ले |

इसके अलवा मासिक, प्रेगनेंसी, बच्चेदानी, सिमित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी पर भी हम रोजाना लेख शेयर करते है

और उसके बदले आप को सहला भी देते यदि आप के मन में इन विषयी किसी भी तरह के सवाल है तो बेझिजक आप निचे कमेंट कर सकते है जिसका जवाब हम जरूर देंगे | धन्यवाद

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