लकवा का देसी इलाज (Lakwa Bimari ka Desi ilaj)

लकवा का देसी इलाज : यह लकवा जिसे इंग्लिश में Paralysis भी कहते है यह बीमारी हमारे शरीर की वह अवस्था होती है जिसमें कि शरीर का एक अंग या एक भाग पूर्ण रूप से काम करना बंद कर देता है और उसमें किसी भी प्रकार की मूवमेंट नहीं होती है

यह लकवा बीमारी ना केवल व्यक्ति को शारीरिक रूप से परेशान करती है बल्कि इस बीमारी के चलते व्यक्ति मानसिक रूप से भी काफी ज्यादा कमजोर महसूस करता है और किसी भी कार्य को करने में अपने आप को असहज पाता है परंतु इसका क्या इलाज है?

इस लकवे की बीमारी में किसी भी व्यक्ति के शरीर का कोई भी अंग काम करना बंद कर देता है और उस अंग की स्थिति एक मरे हुए इंसान के अंग की भांति हो जाती हैं

क्योंकि जिस प्रकार से किसी मरे हुए इंसान का कोई अंग काम का नहीं रहता उसी तरह यह लकवा बीमारी होने पर भी उस व्यक्ति का लकवाग्रसित अंग किसी भी काम का नहीं रहता है

हालांकि इसके अनेकों उपाय मेडिकल साइंस में मौजूद हैं परंतु क्या कुछ ऐसे घरेलू उपाय भी हैं, जिनके द्वारा लकवे का इलाज किया जा सकता है

तो आज के इस लेख में हम इन्हीं घरेलू उपायों को देखने वाले हैं कि किस प्रकार से हम इन घरेलू नुस्खों को अपनाकर लकवे जैसी खतरनाक बीमारी को भी काफी हद तक सही कर सकते हैं

तो आज के लेख में हम Lakwa Bimari ka Desi Ilaj के बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करेंगे यदि आप भी इस बीमारी के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते है तब इस लेख को शुरवात से अंत तक जरूर पढ़े

 

Home Remedies for Paralysis In Hindi
Lakwa ka Desi Ilaj in Hindi

 

लकवा का देसी इलाज – Home Remedies for Paralysis In Hindi 

आमतौर पर हमारे शरीर के इस रोग में शरीर की मांसपेशियों तथा अन्य हिस्सों में रक्त का संचरण रुक जाता है और वह अंग काम करना बंद कर देता है

तो हमें इसका देसी इलाज करते समय इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि हम उन्हीं वस्तुओं का सेवन करें जो कि हमारे रक्त परिसंचरण को बढ़ाती हैं और उसके फ्लो को निरंतर रखती हैं

लकवा के  देसी इलाज के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जाने चाहिए :

  • हल्दी के काढ़े का सेवन
  • पीली मिट्टी से बना एक्यूप्रेशर
  • नींबू पानी से बना एनिमा
  • सूर्यतप से विकसित हुआ गरम पानी
  • तुलसी के पत्तों सहित गर्म भाप
  • गर्म प्रवृत्ति वाली वस्तुओं और खाद्य पदार्थों का सेवन
  • शरीर का गर्म पानी द्वारा सेकन
  • गीली मिट्टी का लेपन
  • विभिन्न प्रकार के योगा तथा प्राणायाम भी है इसमें कारगर
  • प्राकृतिक वस्तुओं का सेवन करना
  • स्ट्रेस को कम करते हुए अन्य चीजों पर ध्यान केंद्रित करना
  • मानसिक तनाव से मुक्ति
  • रीड की हड्डी की देखभाल
  • मानसिक स्वास्थ्य वर्धक एक्टिविटीज

 

इन सभी देसी इलाज को अपनाने के साथ-साथ ही आप विभिन्न प्रकार की होम्योपैथिक दवाइयों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं जैसे कि कॉस्टिकम और बेलाडोना इत्यादि

इस लकवे की बीमारी में किसी भी मरीज को मानसिक स्ट्रेस नहीं लेना चाहिए क्योंकि मानसिक दबाव लेने से यह समस्या और ज्यादा बढ़ सकती हैं और अपना प्रभाव नर्वस सिस्टम पर भी डाल सकती हैं

 

हल्दी का काढ़ा है, लकवे का सबसे अच्छा उपाय

हल्दी का काढ़ा पीने से लकवे से ग्रसित मरीज के शरीर में रक्त का थक्का नहीं जमेगा और जिस कारण से उसके अन्य अंगों पर लकवे का प्रभाव भी नहीं पड़ेगा

इसके अलावा हल्दी अपने एंटी टरमरिक गुणों के लिए भी जानी जाती हैं और इसके काढ़े का सेवन करने पर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी कई गुना बढ़ जाती हैं

Haldi

 

हल्दी से बने काढ़े का सेवन करने पर कभी-कभी मरीज को आने वाले लकवे के दौरे भी खत्म हो जाते हैं और छोटे बच्चों में यदि लकवे की समस्या हो तो उन्हें हल्दी का काढ़ा दूध के साथ मिलाकर देना चाहिए जिससे कि उसकी कड़वाहट कम हो जाती है

हल्दी का काढ़ा बनाने के लिए गर्म पानी में थोड़ी सी कच्ची हल्दी को  और थोड़ी सी हल्दी पाउडर को भी डाल जिससे कि एक उचित मात्रा वाला काढ़ा तैयार हो सके

साथ ही इस काढ़े को ज्यादा गाढ़ा ना रखते हुए पानी की तरह पतला रखें जिससे कि मरीज द्वारा इसका सेवन आसानी से किया जा सके

 

गीली मिट्टी का लेपन भी माना जाता है लकवे का देसी घरेलु इलाज

आप सभी ने एक्यूप्रेशर का नाम तो जरूर सुना होगा और इसका प्रयोग मेडिकल साइंस में डॉक्टरों द्वारा किया जाता है, जब किसी शारीरिक अंग का रक्त संचरण अचानक बंद हो जाता है तो

इस गीली मिट्टी का लेपन करने के लिए लकवे से ग्रसित मरीज को सीधा लेटा कर उसके पेट के ऊपर इस का एकदम गाढ़ा लेपन कर देना चाहिए और अगर यह प्रक्रिया रोजाना अपनाई जा सके तो इसे रोजाना अपनाना भी चाहिए

 

mitti

 

अगर किसी कारणवश यह रोजाना नहीं हो सकती तो इस प्रक्रिया को एक दिन छोड़कर दूसरे दिन जरूर अपनाना चाहिए और कुछ ही दिनों में इसका सकारात्मक प्रभाव आपके अंगों पर देखने को मिलेगा जो कि पहले लकवा ग्रस्त थे

 

लकवे के आयुर्वेदिक इलाज में  नींबू पानी का एनिमा भी शामिल है 

लकवे से ग्रसित रोगी के पेट पर इस नींबू पानी के एनिमा को रगड़ना चाहिए और ऐसा करने पर उस रोगी के शरीर की गंदगी भी बाहर आएगी और इस रोग में ऐसा होना बेहद आवश्यक है

 

Nimbu Pani

 

विभिन्न गंदगी आने के साथ ही उस रोगी के शरीर से पसीना भी निकलेगा और यदि ऐसा होगा तो शरीर में रक्त संचरण की प्रक्रिया बढ़ेगी जो कि लकवे का इलाज करने के लिए बेहद ज्यादा जरूरी मानी जाती है

उस लकवा ग्रसित रोगी के पेट पर रगड़ने के अलावा इस एनिमा को उसकी पीठ पर भी रगड़ना चाहिए

 

सूर्य ताप से गर्म पानी भी है, लकवे में सहायक

यह उपाय लकवा ग्रस्त रोगियों के लिए सर्दियों में काम आने वाला सबसे आवश्यक घरेलू उपाय हैं और इसे करने के लिए एक बोतल पानी कि भरकर पूरे दिन सूर्य के ताप में रख देनी चाहिए

 

Sun

 

साथ ही रोगी को इस पानी का सेवन सूर्य की गर्मी में बैठकर ही करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने पर उसकी इंद्रियां बहुत ज्यादा जागृत हो जाएंगी

इसके अलावा रोगी के लकवा ग्रस्त अंगों में धीरे-धीरे मूवमेंट भी आना शुरू हो जाएगी क्योंकि सूर्यताप की गर्मी उसे बाहरी और आंतरिक तौर पर भी उपलब्ध होगी

 

गर्म भाप का स्नान भी है लकवे में कारगर

इस दौरान लकवे से ग्रस्त रोगी को गर्म पानी से नहा कर सूर्य की तेज धूप में एक गर्म गीली चादर ओढ़ कर बैठ जाना चाहिए

इस प्रकार की गतिविधि करने पर उसके अंगों में सर्दी तथा गर्मी दोनों प्रकार के ताप का एहसास होगा और वह अंग पहले की भांति धीरे-धीरे अपना चाल चलन करना शुरू कर देंगे

 

Hot Water

 

यह भाप स्नान सप्ताह में एक बार किया जाना चाहिए और कोई मरीज यदि विभिन्न अंगों में लकवे से ग्रसित हैं तो उसे इस स्नान का प्रयोग 1 सप्ताह में दो से तीन बार भी करना चाहिए

 

नियमित प्राणायाम तथा योगा

Medical science की भाषा में लकवे को पैरालाइसिस के नाम से जाना जाता है और जिसका तात्पर्य होता है कि शरीर के किसी अंग में रक्त का प्रवाह बंद हो जाता है और वह काम करना बंद कर देता है

 

Yoga 1

 

पर इन अंगों को वापस से संचालित करने के लिए इनका मूवमेंट होना जरूरी है और इस प्रकार का मूवमेंट विभिन्न प्रकार के योग आसनों द्वारा लाया जा सकता है

ऐसा करने के लिए विभिन्न प्रकार के योगा आसनों एवं विभिन्न प्रकार के प्राणायाम का सहारा लिया जा सकता है जो कि निम्नलिखित हैं :

  1. अनुलोम विलोम करना
  2.  ताड़ासन करना
  3.  गोमुखासन करना
  4.  सूर्य नमस्कार करना
  5. ध्यान मुद्रा
  6. कोण आसन
  7. नेक मूवमेंट

 

उष्ण प्रवृत्ति वाले खानपान का सेवन

अपनी प्रकृति में बहुत ज्यादा गर्म रहने वाले खानपान का सेवन करने से पैरालाइसिस में भी काफी हद तक सुधार देखने को मिलता है परंतु ऐसे खाने से उन मरीजों को दूर रहना चाहिए जिन्हें की डायबिटीज हो रखी है या फिर जिन्हें ब्लड प्रेशर की समस्या हो रखी है

 

Veg

 

इस प्रकार का गर्म खानपान आपके शरीर में बहुत ज्यादा गर्मी उत्पन्न करके इसके अंगों को एक नई ऊर्जा प्रदान करने का कार्य करता है

अगर कोई नॉनवेजिटेरियन है तो उसके लिए इस प्रकार के खानपान के विभिन्न संसाधन उपलब्ध हैं

 

मानसिक स्वास्थ्य और स्ट्रेस को कम करना है जरूरी है 

आपने कहावत सुनी होगी मन चंगा तो कठौती में गंगा तो इसीलिए इस समस्या से ग्रसित मरीजों को बिल्कुल भी तनाव नहीं लेना चाहिए और आराम से अदर एक्टिविटीज को करते रहना चाहिए

अनावश्यक स्ट्रेस लेने से ना केवल उनके शरीर पर विपरीत प्रभाव पड़ते हैं जबकि इस लकवे का प्रभाव उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी देखने को मिलता है और यह लकवा उनके नर्वस सिस्टम को भी प्रभावित करने लग जाता है

लकवा ग्रस्त मरीजों को अन्य कामों में बहुत ज्यादा व्यस्त रहना चाहिए जैसे कि विभिन्न प्रकार के खेल खेलना जो कि संभव हो या फिर अन्य कार्यों को करते रहना जो उन्हें पसंद हो इत्यादि

 

FAQs : लकवा (Paralysis) का देसी इलाज

सवाल : क्या गर्म चीजों का सेवन करने पर लकवे की बीमारी में राहत मिलती है?

हां आमतौर पर लकवे से ग्रसित मरीज को उन वस्तुओं का सेवन करना चाहिए जिनकी प्रकृति बहुत ज्यादा गर्म होती है क्योंकि यह शरीर के अंदर रक्त के प्रवाह को बढ़ाती हैं

सवाल : क्या पीली मिट्टी का लेप करना भी लकवे का एक प्रमुख देसी इलाज है?

इस पीली मिट्टी द्वारा भी लकवे का देसी इलाज किया जाता है और जिसके तहत लकवे से ग्रसित व्यक्ति के पेट पर इस पीली मिट्टी का लेपन करके उसे 1 से 2 घंटे तक रख दिया जाता है

सवाल : लकवे से ग्रसित मरीज को किस प्रकार के योगा का सहारा लेना चाहिए?

अपनी शुरुआती एक्सरसाइज के तौर पर किसी भी लकवे से ग्रसित मरीज को अनुलोम-विलोम तथा विभिन्न प्रकार के प्राणायाम करने चाहिए, जिससे कि जो अंग लकवे से ग्रसित हैं उसमें मूवमट हो सके

सवाल : क्या मेडिकल साइंस में लकवे की कोई कारगर दवाई मौजूद हैं?

लकवे के देसी इलाज के अलावा मेडिकल साइंस में थ्रंबोलीसिस इंजेक्शन भी आता है जो कि लकवे को पूर्ण रूप से खत्म करने में सक्षम हैं

सवाल :  लकवे के इलाज के लिए कौन से घरेलू तेल का उपयोग करना चाहिए?

लकवा के इलाज के लिए सरसों के तेल को गर्म करके इसका उपयोग लकवे से ग्रसित अंग पर करना चाहिए

सवाल : लकवे के लिए सबसे अच्छी होम्योपैथिक दवाई कौन सी है?

लकवे के लिए सबसे अच्छी होम्योपैथिक हवाई कॉस्टिकम तथा बेलाडोना है और साथ ही यह दोनों होम्योपैथिक दवाइयां लकवे को जड़ से मिटाने के लिए जानी जाती हैं और विशेषकर मानव शरीर के निचले हिस्से यदि लकवे से ग्रस्त हो तो उसमें यह और भी ज्यादा कारगर सिद्ध होती हैं

सवाल : क्या घरेलू उपाय तथा नुस्खे द्वारा लकवे का पूर्ण इलाज संभव है?

अगर इन घरेलू उपायों को नियमित तौर पर और एक व्यवस्थित तरीके से अपनाया जाए तो इन उपायों द्वारा लकवे का घर बैठे इलाज भी किया जा सकता है परंतु यह उस मरीज की इच्छाशक्ति पर भी निर्भर करता है

सवाल :  क्या सूर्य तप्त से उबला हुआ पानी भी लकवे के इलाज के लिए कारगर माना जाता है?

हां, यह भी लकवे का एक घरेलू उपाय माना जाता है जिसमें एक पानी की बोतल को दिन भर सूर्य की गर्मी में रखकर उसके पानी को तीन से चार बार लकवे के मरीज को देना चाहिए

सवाल :  लकवा ग्रस्त मरीज को किस चीज का सेवन नहीं करना चाहिए?

इस प्रकार के मरीजों को ज्यादा भुना हुआ व ज्यादा पकाया हुआ भोजन करने की बजाय फल फ्रूट और लिक्विड चीजें लेनी चाहिए

सवाल :  क्या लकवा ग्रस्त मरीज के लिए घरेलू उपाय के रूप में शरीर का सेक करना भी शामिल है?

रात्रि को सोने से पहले लकवा ग्रस्त मरीज की रीड की हड्डी पर गरम पानी की प्लास्टिक थैली के द्वारा 2 से 4 मिनट के लिए सेक किया जाना चाहिए जिससे कि रीड की हड्डी के साथ साथ ही उस मरीज के अन्य अंगों तक भी रक्त संचरण आसानी से होता है


Conclusion

आशा करते हैं कि आपको आज का हमारा यह लेख लकवा का देसी इलाज बहुत ज्यादा पसंद आया होगा और इस लेख को पढ़कर आप किस प्रकार से कुछ चुनिंदा घरेलू नुस्खे द्वारा अपने लकवे को बहुत हद तक सही कर सकते हैं और एक सामान्य जिंदगी जी सकते हैं

अगर आपको हमारा यह लेख पसंद आया हो तो इस लेख के Comment Box  में अपने अमूल्य सुझाव जरूर लिखें ताकि आगे आने वाले समय में हम आपके इन्हीं सुझाव के मुताबिक विभिन्न प्रकार के ज्ञानवर्धक लेख लाते रहे और आपके ज्ञान में सकारात्मक वृद्धि करते रहें

इस लेख को पढ़ने के लिए आप सभी पाठकों का बहुत-बहुत धन्यवाद और आभार

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