हर्निया रोग क्या है (Hernia) लक्षण, कारण, टेस्ट, इलाज़ और ऑपरेशन

हर्निया रोग क्या है : जब  मानव शरीर की माँसपेशी या ऊतक में किसी छेद के माध्यम से अंदर का अंग उभरकर बाहर आने लगता है, उसे हर्निया कहते हैं।

मानवीय शरीर के कुछ अंग अंदर खोखले स्थानों में स्थित होते है जिसे हम बॉडी कैविटी कहते है।

जब यह झिल्ली से ढकी यह बॉडी कैविटी फट जाती है और वह माँसपेशियों को फाड़ते हुये बाहर निकल जाती है, तब ऐसी विकृति को हार्निया कहते है।

हर्निया पेट के आंत की बीमारी होती है। हर्निया होने से पेट में छिद्र होने लगता है और सूजन के रूप में बाहर आ जाता है।

जिससे कमर की मांसपेशिया कमजोर हो जाती है। हर्निया की बीमारी पुरुषो और महिलाओं दोनों में पायी जाती है। किंतु अधिकांशतः यह बीमारी पुरुषो में अधिक पायी जाती है।

यह एक ऐसी बीमाड़ी है जो जन्म लेते बच्चे से लगाकर बूढ़े व्यक्ति तक किसी को भी हो सकती है।

आप कह सकते है कि हार्निया रोग एक ऐसी बीमारी है जो शरीर के भीतरी अंग किसी कारणवश बाहर आने लगती है तब हम इसे हार्निया रोग के नाम से जानी जाती है।

यह एक ऐसी तकलीफ है जिससे आज के वक़्त में बहुत लोग परेशान है फिर चाहे वो बच्चा हो या जवान, औरत हो या पुरूष सब को ये बीमारी हो रही है।

अगर बात करें उम्र की तो 10 साल से छोटे बच्चे और 35 साल से अधिक उम्र के लोगो को ये बीमारी ज्यादा होने की उम्मीद रहती है।

यह बीमारी होने की संभावना तब अधिक बढ़ जाती है जब गलत खान-पान और रहन-सहन अच्छे से नही करने लगते है।

आप भी अगर हार्निया रोग से पीड़ित हो चुके है और इंटरनेट पर हार्निया रोग क्या है – Hernia in Hindi के बारें में जानना चाहते है

साथ ही हार्निया के कारण, लक्षण, टेस्ट, इलाज़ और ऑपरेशन के बारें में तब आपको इस आर्टिकल में इससे संबन्धित सभी जानकारी को प्राप्त कर सकते है।

 

हर्निया रोग क्या है (Hernia) लक्षण, कारण, टेस्ट, इलाज़ और ऑपरेशन
Hernia ki puri jankari

 

हार्निया रोग क्या है – What is Hernia in Hindi

हमारे शरीर के भीतर कुछ अंग खोखले स्थानों में होते हैं। इन खोखले स्थानों को बॉडी केविटी कहते हैं।

दरअसल बॉडी केविटी चमड़ी की झिल्ली से ढकी होती है। जब इन केविटी की झिल्लियां फट जाती हैं तो अंग का कुछ भाग बाहर निकल जाता है।

इस तकलीफ को हर्निया कहते हैं। हर्निया आमतौर पर पेट में होता है लेकिन यह जांघ के ऊपरी हिस्से, नाभी और कमर के आस-पास भी हो सकता है।

अधिकांश हर्निया घातक नहीं होते हैं हर्निया होने से पेट की मांसपेशिया कमजोर हो जाती है और उसी कमजोर जगह से आंते बहार निकल आती है।

यह समस्या पुरुषो के कमर के भाग पर खास तौर पर रहता है। कुछ लोगो में हर्निया की समस्या जन्मजात से ही रहती है।

हर्निया उभरने से उसमे स्थित रक्तवाहिकाओ पर दबाव पड़ता है। जिससे रक्त का बहाव रुक जाता है और अधिक समस्या उत्पन्न करने लगता है।

इसमें मरीज को बहुत दर्द होती है और उन्हे चलने मे भी दिक्कत का सामना करना पड़ता है साथ ही उन्हे उल्टी जैसे शिकायत भी आने लगती है।

यह आमतौर पर यह शरीर के हिस्से में मसल की कमजोरी और वहाँ लगातार बार-बार  प्रेशर होने से यह समस्या आने लगती है।

 

हर्निया के प्रकार – Types of Hernia in Hindi

हर्निया कई प्रकार की होती है, ये परेशानी तब होती है जब  पेट का कोई अंग किसी छेद की सहायता से बाहर निकलने लगता है औऱ लेट जाने पर अंदर चला जाता है।

बता दें कि हर्निया केवल पेट में ही नहीं होता है बल्कि ये जाँघ के ऊपरी हिस्से, बीच पेट में और ग्रोइन क्षेत्रों को भी अपना निशाना बना लेती है।

आमतौर पर इसके लक्षण जल्दी दिखते नहीं हैं, लेकिन इस बीमारी में पेट दर्द होना आम लक्षणों में से एक है। हर्निया को 4 प्रकारों में बाँटा गया है जो की निम्न हैं: –

 

हर्निया क्या है
हर्निया रोग क्या है

 

1) हाइटस हर्निया

जब पेट के ऊपर का भाग, डायाफ्राम के छेद (हाइटस) से निकलकर सीने के हिस्से में चला जाता है, तो उस स्थिति को हाइटस हर्निया या हायटल हर्निया कहा जाता है। डायाफ्राम मांसपेशी की एक पतली, लम्बी झिल्ली होती है जो सीने (श्वास तंत्र) को पेट (पाचन के अंगों) से अलग करती है।

हाइटस एक प्रकार की दीवार है जो कई किस्म की मांशपेशियों से मिलकर बनी होती है और छाती को पेट से अलग करने में अहम किरदार निभाती है।

इस छेद के जरिए फ़ूड पाइप पेट तक सफ़र करता है। जब पेट का कोई भाग हाइटस को पार करके छाती के भीतर प्रवेश करता है तो उसे हाईटल हर्निया कहा जाता है।

इसे भी विशेषतौर पर स्लाइडिंग हाइटल हार्निया और पैरा-इसोफेजियल हर्निया के रूप में विभाजित की गई है।

 

2) अम्बिलिकल हर्निया

अम्बिलिकल हर्निया नाभि के पास विकसित होता है। यह बाहर से एक गाँठ की तरह दिखाई देता है। जब पेट में अत्यधिक दबाव पड़ता है तब आँत पेट की कमजोर दीवार में छेद करके बाहर आने लगती है।

यही हर्निया है और इसके कारण दर्द एवं सूजन की समस्या भी होती है। अम्बिलिकल हर्निया ज्यादातर बच्चों में देखा जाता है,

लेकिन यह वयस्कों में भी हो सकती है। वयस्कों में अम्बिलिकल हर्निया होने के मुख्य कारण हैं- मोटापा, वजन उठाना, लंबे समय से खांसी होना।

महिलाएं जो कई बार गर्भावस्था के दौर से गुजर चुकी है उनमें भी अम्बिलिकल हर्निया होने का ज्यादा खतरा होता है। आप इसे इस तरह से समझ सकते है कि जब आंत का कोई हिस्सा नाभि के पास बाहर निकल आता है तब यह रोग हो जाती है।

 

3) इनगुइनल हर्निया

जब ऊत्तक जैसे आंत का कोई हिस्सा पेट की मांसपेशियों में किसी कमजोर स्थान के माध्यम से फैलने या बढ़ने लगता है। इस उभार की वजह से तेज दर्द महसूस हो सकता है, खासकर खांसते, झुकते या किसी भारी वस्तु को उठाते समय।

इंग्वाइनल हर्निया पुरुषों में होने वाली बीमारी है। लेकिन यह गर्भवती महिलाओं को भी हो सकती है, क्योंकि गर्भावस्था के दौरान पेट पर अतिरिक्त दवाब होता है। इकसी वजह से तेज दर्द होता है या यह बड़ा हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर सर्जरी कर सकते हैं।

 

4) वेंट्रल हर्निया

हर्निया का ये प्रकार एब्डॉमिनल वॉल के किसी भी हिस्से में हो सकता है। इसके प्रभाव से इंसिजनल हर्निया होने की संभावना होती है, ये हर्निया ज्यादातर सर्जरी के कारण होता है। जब पेट की मांसपेशियां कमजोर होती हैं तब टिश्यू बाहर निकल आते हैं।

इस प्रकार की हर्निया को वेंट्रल हर्निया कहते हैं। कई दफा यह हर्निया जन्म के समय ही हो सकती है। इस प्रकार की हर्निया का कारण मोटापा, प्रेगनेंसी या कोई भारी काम करना हो सकता है।

 

इन सभी प्रकारो के अलावा भी मानव शरीर मे कई तरह के Hernia पाई जाती है जो निम्न है: –

  • वंक्षण हर्निया (inguinal hernia)
  • मादा हर्निया (जघनास्थिक) (femoral hernia)
  • नाल हर्निया (नाभि) (umbilical hernia)
  • इंसिज़नल हर्निया (incisional hernia)
  • अधिजठर हर्निया (epigastria hernia)
  • हियातल हर्निया (hiatal hernia)
  • स्पोर्ट्स हर्निया (spots hernia)

 

हर्निया के कारण – Causes of Hernia in Hindi

जब इंसान के पेट की मसल कमजोर हो जाती है या कोई डिफेक्ट पैदा हो सकता है तब हर्निया की समस्या हो सकती है।

इंसान के ऐसे बहुत सारे गलतियों के कारण उनको इस रोग से गुजरना पड़ता है, लेकिन कई बार यह रोग जन्मजात भी होती है, नीचे इसके कई कारण बताएं गए है: –

  • चोट लगने के कारण हो सकता है।
  • अधिक वज़न और मोटापे से ग्रस्त होना।
  • कब्ज की समस्या होने के कारण हो सकता है।
  • कब्ज की समस्या होने के कारण हो सकता है।
  • लंबे समय तक खासी आने के कारण हो सकता है।
  • यदि कोई पुराना ऑपरेशन करवाया है तो उसके कारण भी हो सकता है।
  • अगर आपके परिवार में पहले से ही कोई इस रोग से पीड़ित हो चुके है तब वंशजात के रूप में यह हो सकती है।
  • जब महिलाएँ गर्भवस्था में होती है तब पेट की मसल कमजोर होने लग जाती है, जिससे यह उस दौरान हो सकती है।
  • जैसे-जैसे इंसान का उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे शरीर के माँसपेशीया भी कमजोर होती चली जाती है, जिससे हम कह सकते है कि बढ़ते उम्र के साथ हर्निया होने की संभावना अधिक हो जाती है।

 

हर्निया के लक्षण – Symptoms of Hernia in Hindi

हर बीमारी की तरह हर्निया के भी कई लक्षण होते हैं, इन लक्षणों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है, जिससे हर्निया को बढ़ने से पहले ही रोका जा सके।

इसीलिए आप को हर्निया रोग क्या है यह पता होना जरूरी है जिसके मदत से आप हर्निया होने के पहले उसपर नियंत्रण कर सकते है

  • बच्चों में अक्सर यह नाभि के क्षेत्र में दिखाई पड़ता है। जो गलत तरीके से नाल काटने से हो जाती है।
  • जिससे बच्चा रोने, खेलने, चिल्लाने पर गांठ या सूजन का रूप ले लेती है और वह बेचैन हो जाता है।
  • जो शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है।
  • इस रोग के आने से पेट में सूजन आने लगती है जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है, लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि हर्निया का सूजन पेट के उसी भाग में होगी, जहाँ की मांशपेशियाँ कमजोर होती है।
  • जिस व्यक्ति को हमेशा पेट भरा भरा महसूस होता है, और व्यक्ति मल त्याग नहीं कर पाता है तो इसे भी हर्निया के लक्षणों में गिना जा सकता है।
  • जो व्यक्ति इसका इसका शिकार हो जाते है, उन्हे अक्सर उसको मल त्यागने में दिक्कतें होती हैं और मल के साथ खून भी निकलता है।
  • कई लोगों को सीने में दर्द महसूस होता है, उठते बैठते वक्त व्यक्ति पेट और सीने में दर्द महसूस करता है।
  • इससे पीड़ित व्यक्ति को अक्सर उसे काम करने, बैठने, और भारी सामान उठाने से पेट पर जोर पड़ता है।
  • अगर दर्द एक दिन के अलावे लंबे समय तक रहता है तब यह हर्निया के लक्षण हो सकते है।
  • जब पेट पर बने उभरे हिस्से को छूया जाता है तब वह ठोस और हल्का दर्द जैसे महसूस होने लगती है।
  • इसके अन्य लक्षण सीने में जलन, दर्द और खाने में दिक्कत इत्यादि शामिल है।

 

हर्निया रोग से बचाव – Hernia prevention in Hindi

नीचे कुछ उपाय दी गई है, जिससे आपको Hernia की समस्या हो गई है तब आप इन सभी मुख्य बातों को अपनाकर इससे निजात पा सकते है और आप इस समस्या से बच सकते है :

  • स्वस्थ आहार खाने और व्यायाम करके आदर्श शरीर के वजन को बनाए रखें।
  • कब्ज से बचने के लिए पर्याप्त फल, सब्जियां और साबुत अनाज खाएं।
  • वजन या भारी वस्तुओं को उठाते समय सही फॉर्म का प्रयोग करें। ऐसी कोई भी चीज उठाने से बचें जो आपकी क्षमता से परे हो।
  • जब आप लगातार खांसी या छींक से बीमार हों तो डॉक्टर से मिलें।
  • धूम्रपान न करें, क्योंकि आदत से खाँसी हो सकती है जो हर्निया को ट्रिगर करती है।

 

हर्निया का इलाज – Hernia treatment in Hindi

हर्निया एक गंभीर बीमारी है, जो कि जानलेवा साबित होने वाली समस्याओं का कारण बन सकती है, लेकिन – आमतौर पर हर्निया की समस्या घातक या जानलेवा नहीं होती है।

लेकिन इसमें कम या अधिक दर्द हो सकता है। साथ ही आमतौर पर हर्निया को दूर करने के लिए ऑपरेशन ही कराना होता है।

जबकि कुछ केसेज में अन्य चिकित्सा पद्धतियों के जरिए भी हर्निया का इलाज किया जाता है। हर्निया का इलाज इसकी स्थिति और इस बात पर भी निर्भर करता है कि यह शरीर के किस हिस्से में हुआ है। कुछ केसेज में हर्निया के उबरने से नसों पर दबाव पड़ने लगता है,

इससे संबधित हिस्से में रक्त का प्रवाह बाधित होता है। इस कारण तुरंत ऑपरेशन की स्थिति भी बन जाती है। कई लोगों का मानना है कि हर्निया एक लाइलाज बीमारी है, इसका कोई इलाज नहीं है, लेकिन ये बिलकुल गलत है,

क्योंकि बाकी सभी बीमारियों की तरह ही हर्निया का भी इलाज आसानी से हो सकता है। इसके इलाज़ के लिए आपको निम्न चरणों से गुजरना पर सकती है : –

  • होम्योपैथिक इलाज
  • आयुर्वेदिक इलाज़
  • ओपन सर्जरी
  • लेप्रोस्कोपिक सर्जरी
  • घरेलू उपचार
  • जीवन शैली में बदलाव

 

हर्निया का इलाज कैसे किया जाता है – Hernia operation

हर्निया का ऑपरेशन कैसे होता है हर्निया आमतौर पर अपने आप ठीक नहीं होते हैं, और सर्जरी ही उन्हें ठीक करने का एकमात्र तरीका हो सकता है। अगर डॉक्टर को लगती है कि आप इस बीमारी से पीड़ित है तब वह आपके सर्जरी यानि ऑपेरेशन कराने के बारें में बोलते है: –

ओपन सर्जरी: – जिसमें हर्निया के स्थान पर शरीर में एक कट लगाया जाता है। उभरे हुए ऊतक को वापस अपनी जगह पर सेट कर दिया जाता है और कमजोर मांसपेशियों की दीवार को वापस एक साथ जोड़ दिया जाता है। इसमें दो मसल्स के बीच में एक जाली लगा दी जाती है, इसमें सबसे पहले बढ़े हुए मसल्स की लेयर होती है उसके बाद एक जाली और फिर मसल्स की लेयर होती है।

लेप्रोस्कोपिक सर्जरी: – लेप्रोस्कोपिक सर्जरी सुरक्षित और दर्दरहित ऑपरेशन प्रक्रिया है। इससे ऑपरेशन के बाद रोगी को बड़ी परेशानी नहीं होती है और ऑपरेशन के बाद जल्द से जल्द घर चला जाता है। इसे डे-केयर सर्जरी भी कहते हैं जिसमें रोगी ऑपरेशन के 24 घंटे के भीतर चलने फिरने की स्थिति में आ जाता है और अपना काम भी कर सकते हैं।

रोबोटिक हर्निया सर्जरी: – इसमें लैप्रोस्कोप का प्रयोग होती है और छोटे चीर की जाती है। रोबोटिक सर्जरी में सर्जन ऑपरेटिंग रूम में एक कंसोल पर बैठे रहते है और कंसोल की मदद से सर्जरी के सभी उपकरण को पकड़ते रहते है  और मशीन से रोबोट (कृतिम मानव) की सहायता यह काम पूर्ण की जाती है।

 

हर्निया का होम्योपैथिक इलाज – Hernia Homeopathic Medicine

होम्योपैथिक दवाओं के जरिए हर्निया का प्राकृतिक ढंग से इलाज किया जाता है और इस उपचार से लक्षणों में भी आराम मिलता है।

पौधों और खनिज से तैयार की गई होम्योपैथिक दवाएं मरीज के लक्षणों और उसे कोई अन्य बीमारी होने की संभावना के आधार पर बहुत थोड़ी और नियंत्रित मात्रा में दी जाती हैं।

इससे पीड़ित व्यक्ति को सरल इलाज संभव है, जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है।

होम्योपैथिक इलाज का उद्देश्य हर्निया के मुख्य कारण का इलाज करते हुए उसे जड़ से खत्म करना होता है ताकि वह समस्या व्यक्ति को दोबारा ना हो।

नीचे हर्निया की होम्योपैथिक दवा का नाम दी गई है, जिसका सेवन डॉक्टर के देख-रेख में और उनसे सलाह लेकर की जा सकती है और इस बीमारी से निजात पाई जा सकती है: –

 

  • एस्कुलस हिप्पोकैस्टेनम (Aesculus Hippocastanum) :  इस दवा को Horse Chestnut के नाम से भी जानी जाती है। अगर आपको सीने में जलन, गले में खराश, पेट दर्द, लीवर के आस-पास छूने पर दर्द, गुदा में जलन, पेट में भारीपन हो रही है तब इसका सेवन कर सकते है
  • साइलीशिया (Silicea): – जिसे Silica नाम से भी जानी जाती है। अगर मरीज को पैरों में पसीना आना, हमेशा ठंड लगना, पेट दर्द, पेट फूलना, दस्त होना, गले मे सूजन, उल्टी होना और गर्म खाने को नापसंद होती है तब उन्हे इस दवा का सेवन के लिए दिया जा सकता है।
  • नक्स वोमिका (Nux Vomica): – जिसका सामान्य नाम Poison Nut है, जिसका इस्तेमाल अलग – अलग प्रकार के हार्निया इलाज़ में किया जा सकता है साथ ही बच्चे से लेकर बूढ़े तक इससे पीड़ित व्यक्ति इस दवा का इस्तेमाल कर सकते है
  • कैल्केरिया कार्बोनिका (Calcarea Carbonica) : यह दवा बच्चों को होने वाले उस हर्निया के उपचार में बेहतर काम करती है, जिसमें उनके सिर पर बहुत अधिक पसीना होता है। हालांकि, इस दवा का इस्तेमाल बुजुर्गों के लिए ज्यादा नहीं करना चाहिए।
  • रस टाक्सिकोडेन्ड्रन​ (Rhus Toxicodendron) : इस दवा का इस्तेमाल उन लोगों के उपचार के लिए किया जाता है, जिन्हें भारी-भरकम सामानों को उठाने के कारण हर्निया हो जाती है। पॉइजन आईवी का इस्तेमाल उन लोगों के लिए फायदेमंद होता है, जिनमें सभी आंतरिक ग्रंथि में सूजन का लक्षण दिखते हैं।

 

हर्निया का आयुर्वेदिक इलाज – Hernia Patanjali Ayurvedic Medicine

हर्निया के इलाज के लिए आयुर्वेदिक चिकित्‍सक तेल लगाने और पिंड स्‍वेद (गर्म सिकाई) की सलाह देते हैं। हर्बल औषधियों के मिश्रण, आहार में उचित बदलाव, आंतों को स्‍वस्‍थ रखकर और तनाव में कमी लाकर हर्निया का इलाज किया जा सकता है

  • त्रिफला गुग्‍गुल: – इस आयुर्वेदिक दवा में त्रिफला, गुलगुल और त्रिकुट होती है जो पेट साफ रखने वाले पदार्थ से कफ साफ, आंतों में मजबूती, शरीर में दर्द और ऐंठन को खतम करने वाले गुण मौजूद होते है जो हर्निया के लक्षणो को दूर करते है और इस रोग से बचाती है।
  • गंधन रसायन: – गंधक रसायन में गंधक के अलावा नाग केसर, दालचीनी और हरीतकी की जरूरी मात्रा भी मौजूद होती है। इसके सेवन से ब्लड सेल्स को साफ किया जा सकता है। ये रक्त कोशिकाओं में मेटाबोलिज्म रेट कंट्रोल करती है। कोई दोष होने पर या ब्लड सेल्स के बहाव में असामान्यताएं होने पर इस दवा को देना चाहिए।
  • कुटज: – संक्रमण और दस्त से छुटकारा पाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। भूख न लगना या पाचन तंत्र में गड़बड़ी आदि सब विकारों का इलाज कुटज से किया जा सकता है। आंतों में मौजूद खतरनाक बैक्टीरिया और पैथोजन जो संक्रमण फैलाते हैं) को यह दवा खत्म कर देती है जिससे हर्निया में लाभ मिलता है।
  • मंजिस्ठा: – खून की गंदगी और अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने के लिए इस जड़ी-बूटी का इस्तेमाल किया जाता है। उतकों के स्वास्थ्य को ठीक करने के लिए मंजिष्ठा अच्छी जड़ी-बूटी है। इसलिए हर्निया या अन्य सर्जरी के बाद इसका प्रयोग किया जाता है। मंजिष्ठा को काढ़ा, पेस्ट या पाउडर के रूप में ले सकते हैं।
  • सानाय: – हमारे शरीर में पाचन तंत्र होता है। भोजन के पोषक तत्व शरीर में अवशोषित हो जाते और वेस्ट चीजें पाचन तंत्र के सभी अंगों से गुजरने के बाद शरीर के बाहर निकलती हैं। खाद्य पदार्थों को पाचन तंत्र के सभी अंगों तक पहुंचाने वाली मांशपेशियों को पेरिस्टलसिस कहते हैं। सनाय का सेवन करने से इन मांसपेशियों के सिकुड़ने की क्षमता बढ़ जाती है जिससे मलत्याग करने में परेशानी नहीं होती है।
  • करंज: – करंज आंत को उत्तेजित करने और पेट में गैस को कम करने में मददगार हो सकता है। लेकिन करंज का सेवन करने से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है क्योंकि करंज हानिकारक भी हो सकता है।

 

हर्निया का घरेलू उपाय – Home Remedies for Hernia in Hindi

अगर कोई व्यक्ति हर्निया से पीड़ित है तब वह कुछ घरेलू उपाय और इलाज़ को अपनाकर दर्द और इसके अन्य लक्षणों से छुटकारा पा सकता है: –

  • अगर पीड़ित को सूजन हो गई है और पेट संबन्धित कोई परेशानी है तब उन्हे अरंडी के बीज का तेल का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • दर्द कम करने के लिए उस स्थान पर बर्फ से सिकाई कर सकते है जो सूजन और दर्द दोनों को तुरंत कम कर देती है।
  • कालीमिर्च का उपयोग करके इसके लक्षणो को कम किया जा सकता है, क्योंकि इसमें सूजनरोधी गुण पाएँ जाते है जो पाचनतंत्र को ठीक कर देता है।
  • एलोवेरा जूस के सेवन से इसे कम किया जा सकता है, क्योंकि यह पेट से संबन्धित बीमारियों को ठीक करने के लिए सबसे उत्तम रस है।
  • मोटापा हर्निया के खतरों को बढ़ा देता है ऐसे में उन्हे व्यायाम और वज़न कम करने पर ध्यान देना चाहिए।
  • साथ ही दालचीनी के सेवन से इसे कम किया जा सकता है क्योंकि यह पेट के लिए बहुत लाभदायक है जो मांसपेशियों में दर्द और सूजन कम करने में मदद करती है।
  • हर्निया के दौरान उत्पन्न दर्द और सूजन को अदरक से कम किया जा सकता है।

 

Hernia Medicine Name

नीचे दी गई दवाओं का इस्तेमाल डॉक्टर के देख-रेख में और उनकी इजाजत के ही करे :

  • Omeprazole
  • Famotidine
  • Lansoprazole
  • Maalox
  • Tums
  • Pepcid
  • Nexium
  • Prilosec
  • Prevacide

 

FAQ’s – Hernia in Hindi

सवाल : हर्निया के ऑपरेशन में कितना खर्च आता है
जवाब : ज्यादातर लोग हर्निया सर्जरी को एक महंगी प्रक्रिया समझते हैं, इसी कारण वे इसे कराने से हिचकते हैं। लेकिन यदि उन्हें यह पता हो कि यह एक किफायदी सर्जरी है, जिसका औसतन खर्चा 18 से 60 हजार होता है।

सवाल : हर्निया बेल्ट के फायदे
जवाब : हर्निया बेल्ट उन मरीजों के लिए कारगर है जो सर्जरी करवाने में सक्षम नहीं है। जैसे कि बुजुर्ग लोग जिन्हें न ही ज्यादा दिक्कते रहती हैं और न ही सर्जरी की खास आवश्यकता होती है। अगर आपका हर्निया छोटा है और कोई खास परेशानी पैदा नहीं करता है तो हर्निया बेल्ट आपकी सहायता कर सकती है।

सवाल : हर्निया का इलाज बिना ऑपरेशन के
जवाब : बगैर ऑपरेशन इलाज संभव नहीं है। हैं कुछ उपायों जैसे बेल्ट्स supporter आदि से ज्यादा बढ़ने से रोक जा सकता है। इसके साथ योगासन व साधारण व्यायाम से शरीर बलवान होता है व हार्निया में लाभ होता है पौष्टिक भोजन भी करना चाहिए।

सवाल : हर्निया का देसी इलाज
जवाब : 4-5 आम के पत्ते, 4-5 अमरूद के पत्ते, 4-5 अनार के पत्ते, थोड़ी बहेड़ा, 1-2 चम्मच सर्वकल्प क्वाथ, थोड़ी हरण, पूर्ननवा, सुखा आंवला हर एक चीज इमामदस्ता में डालकर अच्छी तरह से पीस लें। इसके बाद एक पैन में 400 ग्राम पानी लेकर गर्म करे। इसके बाद इसमें कूटा हुआ मिश्रण डाल दें। इसके बाद इसे धीमी आंच में पकने दें। जब पानी 100 ग्राम बचे तो गैंस बनकर इसे छान लें। सुबह और शाम खाली पेट इसमें शहद मिलाकर इसका सेवन करे।

सवाल : महिलाओं में हर्निया के लक्षण
जवाब : पेट का मोटापा, चमड़ी के नीचे एक उभार महसूस होना, उभार में दर्द और भारीपन, पेट की चर्बी या आंतों का बाहर की ओर निकलना, अक्सर खांसने से या बहुत बुरी तरह खाँसी होना, गर्भवती स्त्री को डिलीवरी के बाद होने वाला दर्द कई बार हर्निया का लक्षण हो सकता है, बहुत ज़्यादा और लगातार उल्टी होने से दवाब, तनाव खड़े रहने और मल-मूत्र में परेशानी होना इसका लक्षण है।

 

 

Disclaimer

इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न विशेषज्ञों के अध्ययन और राय के साथ-साथ आम आदमी के स्वास्थ्य पर आधारित है। इस जानकारी को देने का उद्देश्य विषय से परिचित होना है। पाठकों को अपने स्वास्थ्य के आधार पर कोई भी निर्णय लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

 

Conclusion

इस लेख में आपने Hernia in Hindi – जानिए हर्निया के प्रकार, कारण और इलाज के बारें में जाना। आशा करते है आपको हर्निया रोग क्या है, और इसे कैसे ठीक किया जाता है की पूरी जानकारी जान चुके होंगे।

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