बलगम का आयुर्वेदिक उपचार – Balgam ka Ayurvedic Upchar

बलगम का आयुर्वेदिक उपचार – बलगम की एक ऐसी समस्या है जो हर किसी को बदलने मौसम या कुछ ठंडा खाने पीने से हो जाती हैं। आपको बता दें बलगम एक तरह का कफ है जो गले या छाती के हिस्से में जम जाता है।

जिससे आपके जीवनशैली में काफी बदलाव आ जाता है जैसी की आपको बाहर निकलना अच्छा नही लगता, खाना खाते समय थोड़ी परेशानी होती हैं।

इस बीमारी की समस्या जभी किसी को होती है तो वह बलगम का आयुर्वेदिक उपचार का विकल्प चुनते हैं। बलगम एक आम समस्या है और यह समस्या हर किसी को साल में कई बार होती है।

लेकिन इसका इलाज या आयुर्वेदिक उपचार होना बेहद जरूरी होता है क्योंकि हम जानते हैं जभी बलगम की समस्या होती हैं तो हमारा गला खराब हो जाता है।

सोने में दिक्कत होती हैं। खाँसी जैसी समस्या भी होती हैं। ऐसे में हर कोई चाहेगा इस समस्या से जल्द से जल्द निराकरण लाना।

अगर आप भी बलगम जैसी समस्या से परेशान हैं तो हम आपको इस आर्टिकल में बताएंगे इसके सटीक उपचार और अन्य विस्तार से जानकारी।

बलगम की समस्या दूर करना है तो निचे साझा किये लेख को शुरवात से अंत जरूर पढ़े और सोशल मीडिया पर भी शेयर करे ताकि अन्य लोगों को भी बलगम के घरेलु उपचार के बारे घर बैठे पता चले

 

 Balgam ka Ayurvedic Upchar
Balgam ka Ayurvedic Upchar

 

बलगम का आयुर्वेदिक उपचार – Balgam ka Ayurvedic Upchar

बलगम आमतौर पर गले से छाती के हिस्से में कफ के रूप में जमा होता है और इसको ठीक करने के लिए कई आयुर्वेदिक उपचार है जिससे इस समस्या से छुटकारा पाने में मदद मिलती हैं। आपको कुछ उपचार नीचे दिए गए हैं जिसकी मदद से बलगम जैसी समस्या से राहत मिल सकती हैं।

● हल्दी वाला दूध

अगर आपको लगातार बलगम जैसी समस्या होती हैं तो हर रोज रात को हल्दी वाला दूध पीने से इस समस्या का हल हो सकता है।

क्योंकि हल्दी में द्रुसित तत्व को खतम करने के कण मौजूद होते है जो बलगम का कारण बनता है साथ ही दूध में प्रोटीन होते है जो बलगम इंफेक्शन को खत्म करने का काम करता है।

● अदरक

अदरक का उपचार काफी मशहूर हैं सर्दी खाँसी और बलगम जैसी समस्या को हल करने के लिए। अदरक का रस पीने से सूखी खांसी या खरास को दूर करता है।

और अगर आपको इसका स्वाद अच्छा नही लगता तो आप ब्लैक टी में अदरक उबाल कर पीने से तुरंत राहत मिलती हैं। अदरक में ऐसे गुण होते है जो गले मे जलन या खरास होना,सिरदर्द जैसी अन्य समस्या को ठीक करता है।

● गरम पानी

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि बलगम जैसी समस्या के लिए गरम पानी भी काफी लाभदायक है आपको बता दें गरम पानी छाती में जमा बलगम को निकालने में काफी मदद मिलती हैं।

ज्यादातर डॉक्टर बलगम जैसी समस्या से पीड़ित मरीजों को गरम पानी पीने की सलाह देते है। हम जानते है गरम पानी का यह उपाय आम है लेकिन इसका उपयोग करने का भी बड़े फ़ायदे है।

जहाँ तक नॉर्मल बलगम की बात होती हैं तो दो-तीन दिन गरम पानी पीने से भी ठीक हो जाता हैं।

● गुड़ का सेवन

खरब मौसम या कही बाहर की खाने पीने की चीजों से बलगम हुआ है तो आपको गुड़ का सेवन अवश्य करना चाहिए क्योंकि गुड़ एक गर्म और प्रोटीनयुक्त चीज माना जाता है जो बलगम जमा होने से रोकता है

और बलगम को ठीक करने में मदद करता है। आपको बता दें सिर्फ गुड़ का ही सेवन करना फायदेमंद होता है। ज्यादातर ब्लड या शरीर मे प्रोटीन की कमी होने वाले लोगों को गुड़ का सेवन करने की सलाह डॉक्टर अक्सर देते है। इसके साथ ही गुड़ बलगम सिरदर्द गले की समस्या के लिए भी फायदेमंद है।

उसके अलावा अन्य आयुर्वेदिक उपचार है आगे हम आपको कई जानकारी प्रदान करेंगे जो आपके लिए काफी फायदेमंद रहेगा।

 

कफ निकालने की आयुर्वेदिक दवा

वैसी तो कफ की समस्या तब होती हैं जब आप कुछ ऐसी चीजें खा लेते हो जो इंफेक्शन का कारण बनती है और उसके कारण बलगम होता है और पहले सर्दी का रूप लेता है फिर धीरे धीरे छाती के हिस्से में जमा होता है

और फिर ख़ासी, सिरदर्द, बुखार जैसी समस्या पैदा करता है अगर इसका इलाज समय पर नही हुआ तो यह निमोनिया भी हो सकता है लेकिन डरने की कोई बात नही है कफ ज्यादातर नॉर्मल समस्या भी है लेकिन इसका इलाज समय पर होना चाहिए।

अगर आपको कफ की समस्या है और आप बलगम का आयुर्वेदिक उपचार क्या है और तो इसको निकालने की आयुर्वेदिक दवा कुछ उसके बारे में नीचे जानकारी दी गई है।

● लहसुन

लहसुन सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है इसकी तिखास कफ को दूर करती है। लहसुन की चटनी का सेवन करना फायदेमंद होता है। और हरोज़ सेवन करने से कफ निकल जाता हैं।

● कालीमिर्च

कालीमिर्च कफ कि समस्या को जड़ से खत्म करता है और कफ निकालने के लिए फायदेमंद आयुर्वेदिक दवा है। कालीमिर्च में ऐसे गुण होते जिसे एंटी बैक्टीरियल कहा जाता है जो आपके शरीर में रहे इंफेक्शन को खत्म करता है।

इसका उपयोग आसान से आप कालीमिर्च पीस कर शहद के साथ मिलाकर गर्म कर ले बाद में इसका सेवन करे। इस दवा से आपको कफ की कितनी भी बड़ी समस्या हो निकाल देता है।

● दालचीनी पाउडर

यह उपाय काफी आसान घरेलू उपचार है रसोई में डालने वाला दालचीनी आपके कफ को जड़ से निकाल देगा। इसका उपयोग भी आसान से और हमारे घर मे भी उपलब्ध हैं।

आपको बता दें दालचीनी पाउडर को शहद के साथ अच्छे से मिला लीजिए उसमे एक चुटकी सेंधा नमक भी मिला दीजिए। यह दवा तब बनाए जब आप खाने वाले हैं उससे पहले मत बनायेगा क्योंकि यह ताजा बनाएं हुई उपचार ही काम करता है।

इसको एक चम्मच खाना खाने के बाद लेना है और सुबह और शाम लेने से आपका कफ निकल जायेगा।

इसके अलावा कफ को निकालने की कोई खास तरह की दवाइयां नही होती हैं लेकिन हम जो बताया वो उपाय करने से कफ की समस्या जल्द से जल्द ठीक हो जाएंगी।

बाकी डॉक्टर की ओर से एलोपैथिक दवाइयां भी दी जाती हैं। लेकिन अगर आपको घरेलू और आसान उपाय से कफ की समस्या से छुटकारा पाना है तो यह उपाय आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

 

बलगम का घरेलू उपचार

बलगम बच्चों और बुर्जुग लोगों को ज्यादा होता है क्योंकि उनकी इम्युनिटी पावर थोड़ी कमजोर होती हैं जिससे बलगम का इंफेक्शन होना आम बात है।

ऐसे में घरेलू उपाय और बलगम का आयुर्वेदिक उपचार का इस्तेमाल कर के इसे ठीक किया जा सकता है हमने कुछ घरेलू उपाय की जानकारी नीचे दी गई है।

● नकम और गर्म पानी

गले या छाती में जमा होने वाला बलगम को ठीक करने का यह आसन उपचार है आप गुनगुने पानी मे एक चम्मच नमक मिलाकर गरारे करने से गले मे जम बलगम साफ हो जाता है और खरास में राहत मिलती हैं यह उपाय सुबह और शाम करने से काफी अच्छा फायदा होता है।

● कच्ची हल्दी

औषधीय गुणों से भरपूर कच्ची हल्दी बलगम को ठीक करने के लिए काफी अच्छा विकल्प है कच्ची हल्दी को मुंह मे रखने से गला साफ रहता है और बलगम को जमा होने से रोकता है साथ ही उनको ठीक करने में मदद मिलती हैं।

● नीलगिरी का तेल

यह घरेलू उपाय काफी दिलचस्प है क्योंकि यह उपाय कम लोग आज़माते है लेकिन आपको बता दें नीलगिरी के तेल में एंटीबैक्टीरियल तत्व होते है। जो बलग़म की समस्या से छुटकारा पाने में मदद करता है। यह उपाय दूसरे घरेलू उपाय की तरह आसान है।

इसका इस्तेमाल आप पानी मे दो बूंद डालकर स्टीम लेकर किया जाता है।

● नींबू-प्याज

प्याज और नींबू हमारे रोजाना भोजन में इस्तेमाल होनेवाली चीजों में से एक है लेकिन अगर इसका इस्तेमाल बलगम की समस्या में सुधार लाने के किए किया जाए तो काफी फायदेमंद है।

प्याज को पीसकर आप उसमे नींबू का रस डालकर इसका सेवन कर सकते हैं जिससे गले मे या छाती में जम बलगम को ठीक करने में मदद मिलती हैं।

 

कफ निकालने की होम्योपैथिक दवा

जब भी हम वायु प्रदूषण के संपर्क में आते है तो द्रुसित वायु हमारी श्वसन प्रणाली में चला जाता है जिससे गले मे इंफेक्शन होता है और बलगम (कफ) जैसी समस्या होती हैं। जिससे ख़ासी, सिरदर्द, खरास और बुखार जैसी बीमारियों का कारण बनता है

कही बार निमोनिया भी हो जाता है। अब आपको बताने जा रहे है कफ निकालने की होम्योपैथिक दवाओं के बारे में।

सबसे पहले आपको कफ और बलगम के बीच के तफावत के बारे में। कफ और बलगम एक चीज है लेकिन मेडिकल भाषा मे कहे तो तरल पदार्थ जो नाक से निकलता है

उसे कफ कहते हैं उसके बराबरी में बलगम थोड़ा लचीला पर्दाथ होता है जो छाती के हिस्से में जमा होता है। वैसे दोनों समान है और इसके लक्षण भी समान है अगर आपको नाक में कफ होता है तो कुछ ही दिनों में छाती में बलगम होने में वक्त नही लगता।

 

अब बताते हैं कफ निकालने की होम्योपैथिक दवाओं के बारे में

आमतौर पर डॉक्टर होम्योपैथिक दवा से मरीज का इलाज तब करते हैं जब नॉर्मल इंफेक्शन हो, लेकिन ज्यादातर कफ की समस्या होम्योपैथीक दवाओं से दूर हो जाती हैं।

अगर आप डॉक्टर के पास जाते है तो काफी फायदेमंद होम्योपैथिक दवाइयां है जैसे :

  • अमोनियम कार्बोनिकम – Ammonium Carbonicum
  • स्टैनम मेटालिकम – Stannum Metallicum
  • आईपेकाकुआन्हा – ipecacuanha
  • कार्बो वेजिटैबिलिस – Carbo vegetabilis
  • कैलियम बाइक्रोमाइकम – Kali Bichromicum
  • सांगुईनैरिया कैनाडेंसिस – Sanguinaria canadensis
  • आर्सेनिकम एल्बम – Arsenic Album

 

NOTE : लेकिन आपको महत्वपूर्ण बात बताते यह दवाओं का इस्तेमाल डॉक्टर द्वारा चेकअप करने के बाद ही सही तरीकों से या आपकी शरीर की तासीर के मुताबिक करना ही योग्य हैं। इसलिए डॉक्टर की सलाह बिना इन दवाओं का उपयोग नही करना चाहिए।

 

अब आपको बताते है कौनसी होम्योपैथिक दवाओं इस्तेमाल कब किया जाता है।

1. अमोनियम कार्बोनिकम : यह दवा डॉक्टर आपको तब देते है जब नाक में पानी आ रहा हो। गले मे खरास या सूजन हो,कफ के कारण नाक बंद हो गया हो या छाती में जलन महसूस हो।
2. स्टैनम मेटालिकम :इस दवा का उपयोग तब किया जाता है जब छाती या फेफड़े में हल्का दर्द हो रहा हो या,कमजोरी महसूस हो,और खांसी के दौरान बलगम आ रहे हो इस स्थिति में ज्यादातर डॉक्टर आपको इस दवाओं के इस्तेमाल करने देते है।
3. आईपेकाकुआन्हा : यह दवा का उपयोग तब किया जाता है जब छीकते वक्त आखों में पानी आ रहा हो,सास लेने में थोड़ी तकलीफ़ हो रही हो,बुखार के साथ सुखी खाँसी होना ऐसे स्थिति में इस दवा का उपयोग करने से राहत मिलती हैं।
4. कार्बो वेजिटैबिलिस : यह दवा का उपयोग ज्यादातर गले की समस्या के लिए किया जाता है जैसे कि आवाज बैठ जाना,बोलते वक्त गले मे हल्का दर्द महसूस होना,बलगम थूकना ऐसी समस्या होने पर इस दवा फायदेमंद मानी जाती हैं
5. कैलियम बाइक्रोमाइकम :यह दवा नाक की समस्या के और नाक से कफ का पानी निकालने जैसी समस्याओं के लिए इस्तेमाल होता हैलगातार छीकने जैसी समस्या,खासते वक्त सीने में हल्का दर्द होना। ऐसी समस्या होने पर इस दवा के इस्तेमाल करने का डॉक्टर की ओर सुजाव होता है।
6. सांगुईनैरिया कैनाडेंसिस : यह दवा का उपयोग ज्यादातर कफ संबधित समस्या के लिए किया जाता हैं। इसके सलवा छाती में जलन महसूस होना,नाक में जलन,गले मे खाते वक्त हल्का दर्द होना ऐसे कई कफ औए बलगम से जुड़ी समस्याओं के लिए उपयोग किया जाता है।
7. आर्सेनिकम एल्बम : इस दवा का इस्तेमाल तब किया जाता है जब नाक में पानी आ रहा हो यह तब होता है जब सर्दी होती हैं और सर्दी के साथ साथ कफ की समस्या होती हैं। यह दवा के इस्तेमाल से आपको नींद की समस्या और नाक में बहता पानी और बंद नाक की समस्या में छुटकारा पाने में मदद मिलती हैं।

 

बलगम होने के मुख्य कारण

बलगम एक वायरल इंफेक्शन से होने वाली बीमारी है और इसके होने के कई कारण है। इस समस्या के कारण शरीर मे बैचेनी,थकान, बुखार जैसी समस्या भी होती है।

बलगम छाती के हिस्से में जमा होता है जिससे शरीर मे कमजोरी महसूस होती है साथ ही सिरदर्द और बंद नाक की परेशानी होती हैं बलगम (कफ) होने के कुछ सामान्य कारण नीचे दिए गए हैं।

● सर्दी और फ्लू

बदलते मौसम या किसी ठंडा खाने पीने से सर्दी की समस्या होती हैं कुछ लोगों को सर्दी नॉर्मल होती है जो एक दो दिन में ठीक हो जाती है लेकिन कुछ लोगो को सर्दी ठीक होने में समय लगता है जिसके कारण फ्लू की समस्या होती है जिससे गला बैठ जाता है और साथ सीने मे बलगम जमा हो जाता है। फक की समस्या के मुख्य कारण सर्दी और फ्लू की वजह से होने का है।

● ठंडा वातावरण

ठंड के मौसम में ज्यादातर लोगो को कफ और बलगम की समस्या होती हैं। क्योंकि ठंड की वजह स नाक में हवा जाने की वजह से अंदर की नसों को प्रभावित करती हैं जिससे सर्दी होती है अगर किसी को सर्दी होती हैं और वज समय पर इलाज नही करवाता तो कुछ ही दिनों में सर्दी कफ में बदल जाती हैं।

● धूम्रपान और प्रदूषण

हम सब जानते हैं शहरों में कितना धूम्रपान और प्रदूषण फैला हुआ है। और यह प्रदूषण कई बीमारियों का कारण बनता है। आपको बता दें कई लोगों को प्रदूषित वातावरण से एलर्जी होती हैं जिसके कारण कफ या सर्दी बुखार जैसी समस्या होती हैं। और बलग़म प्रदूषण से होनी वाली आम समस्या है

● बुखार

आपको बता दें बुखार हमारे जीवनशैली की सामान्य बीमारी है और यह हर किसी को किसी भी वक्त खाने पीने की चीजों से या बीमारी व्यक्ति के साथ रहने से यह बीमारी होती है

कही बार द्रुसित पानी पीने से भी बुखार की बीमारी होती है लेकिन बुखार कभी कभी कफ और बलग़म जैसी समस्या का कारण भी बनता है क्योंकि कई लोगो को बुखार के साथ सिरदर्द होता है और कही बुखार के साथ-साथ सर्दी के कारण कफ की समस्या भी हो जाती हैं।


बलग़म की समस्या हमारे जीवन का हिस्सा है लेकिन इसको नजरअंदाज करना कही बार बड़ी समस्या हो सकती हैं। कभी कभी आपको कफ या बलग़म जैसी समस्या हो सबसे पहले असरकारक उपाय कीजिए।

एक महत्वपूर्ण बात आपको बता दे कि बलग़म होने पर अगर आप घरेलू नुस्खे आजमाते है और एक या दो दिन में असर देखने को नही मिलता तो तुरंत डॉक्टर से इसका इलाज करवाना बेहतर विकल्प हैं।


बलगम का आयुर्वेदिक उपचार पतंजलि

आज पूरे भारत पतंजलि आयुर्वेद दवाओं को काफी फायदेमंद आयुर्वेदिक उपचार माना जाता हैं।और पतंजलि आयुर्वेदिक दवाओं को कई औषधीय गुणों को मिलकर बनाया जाता हैं।

ऐसे में कई ऐसी आयुर्वेदिक पतंजलि उपचार और दवा है जिसके द्वारा कफ और बलग़म जैसी समस्या से निपटा जा सकता है।

● पतंजलि गिलोय जूस

गिलोय जूस काफी चर्चित आयुर्वेदिक दवाओं में से एक है। जिनको पतंजलि द्वारा बनाया गया है। गिलोय जूस इसीलिए फायदेमंद है क्योंकि ऑनलाइन इस दवा की रेटिंग काफी पोजिटिव है। और बिना साईड इफेक्ट इस दवा का इस्तेमाल कर सकते है।

फायदे: गिलोय जूस का सेवन करने से इम्युनिटी पावर मजबूत बनती हैं और पूरा कफ की समस्या को दूर करती हैं। माना जाता है कि इस दवा में कई गुण मौजूद हैं जो अन्य बीमारियों को भी ठीक करता है।

बलगम का आयुर्वेदिक उपचार कई है साथ पतंजलि आयुर्वेदिक उपचार भी समान हैं। बलग़म को ठीक करने के लिए पतंजलि आयुर्वेदिक फायदेमंद उपचार में से एक है शहद! जो हरोज़ इसका सेवन करने ख़ासी, बलग़म सिरदर्द जैसी समस्या से हमेंशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं क्यो इस मे खास तौर से एंटी बैक्टीरियल गुण होते है।

हमने पहले भी बताया कि लहसुन एक पतंजलि उपचार में शामिल हैं जिसमे कास तरह के गुण मौजूद होते हैं।

और पतंजलि में इसका इस्तेमाल सामान्य है जैसी की लहसुन की कलियों को कच्चा चबाने से गले के इंफेक्शन और नाक में जमा कफ और बलग़म की समस्या में राहत मिलती हैं।

आपको बता दें बलग़म का आयुर्वेदिक पतंजलि उपचार घरेलू नुस्खे के समान है लेकिन उसको इस्तेमाल करने का तरीके अलग हो सकते है। घरेलू उपचार और पतंजलि आयुवेर्दिक उपचार में दोनों के नुस्खे बड़े फायदेमंद है।

 

बलग़म के कारण होनेवाली गंभीर बिमारी

बलग़म एक शरीर का हिस्सा है लेकिन इसमें समस्या होने पर कई गंभीर बीमारी होती हैं। बलग़म या कफ होने के कारण अन्य हिस्सों को प्रभावित होता है।

जिससे अन्य गंभीर बीमारी होने को संभावनाएं बढ़ जाती हैं। नीचे बलग़म के कारण होने वाली कुछ गंभीर बीमारी के बारे में बताया गया है।

● निमोनिया

निमोनिया को गंभीर बीमारी इसीलिए माना जाता हैं क्योंकि निमोनिया से पीड़ित व्यक्ति को सांस लेने में काफी तकलीफ होती हैं यह इसीलिए होता क्योंकि बलग़म न ठीक होने वजह से छाती में बलगम ज्यादा जमा होता जाता है

और फेफड़ों को प्रभावित करता है इसीलिए सास लेने में मरीज़ को तकलीफ होती है। निमोनिया बलग़म के इंफेक्शन से होने वाली बीमारी माना जाता हैं। जिसमे तेज बुखार, सीने में दर्द ऐसे कई लक्षण देखने को मिलते हैं।

● ब्रोंकाइटिस

यह बीमारी खास तौर से सांस की नली में पाई जाती है। इस बीमारी होने के पीछे का कारण बलग़म है क्योंकि कई लोगों को ब्रोंकाइटिस होने से पहले सीने में बलग़म जमा होता है जिनसे फेफड़ों में सूजन और सीने दर्द जैसी लक्षण पाए जाते हैं।

यह भी एक इंफेक्शन बीमारी माना जाता है इसका इलाज़ समय करना बेहद जरूरी है क्योंकि ब्रोंकाइटिस होने पर मरीज़ काफी कमजोर पड़ जाता है और उसे शरीर मे थकान जैसी अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

 

गर्भवस्था में बलग़म होने के कारण

कम लोगों को पता होता है कि गर्भवस्था में भी बलग़म जैसी समस्याए होती हैं लेकिन आपको बता दें गर्भवस्था में बलग़म के लक्षण शरीर ज्यादा प्रभावित नही करते क्योंकि गर्भवस्था में एस्ट्रोजन हार्मोन के कारण बलगम की समस्या होती हैं

जो काफी नॉर्मल समस्या है कई बार गर्भवती महिलाओं को कफ और खासी की समस्या होती है लेकिन उसका एक ही कारण है एस्ट्रोजन हार्मोन से होता है और यह बलग़म बिना इलाज ठीक हो जाता है।

 

कैसी एलर्जी से कफ या बलग़म की समस्या होती हैं ?

हमारे शरीर मे लाखों तत्व मौजूद होते है जो अपनी अपनी क्रिया के कारण हमारे शरीर को स्वस्थ रखना का कार्य करते हैं

लेकिन कुछ लोगों को इन्ही तत्वों की वजह से एलर्जी पैदा करता है। और उस एलर्जी से कई बीमारियां होती हैं। लेकिन कुछ लोगों को कई ऐसी एलर्जी होती हैं जिसके कारण बलग़म की समस्या होती हैं। नीचे दिए गए एलर्जी के कारण बलग़म जैसी समस्याएं होती है।

● वायु प्रदूषण
● लिक्विड या कोल्डड्रिंक
● नमकीन फूड
● मिठाई या मीठा भोजन
● धूम्रपान या प्रदूषण
● बदलते मौसम
● बाहर का खाना

ऐसी कई एलर्जी होती है जो कई बार हमें पता नही होती लेकिन अगर आपको बताई गई चीजों के कारण बलग़म या कफ जैसी समस्या होती हैं तो समझ लीजिए आपको उन चीजों से एलर्जी है और इन चीजों से दूर रहना सेहत के लिए फायदेमंद होता है।

 

Disclaimer

इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न विशेषज्ञों के अध्ययन और राय के साथ-साथ आम आदमी के स्वास्थ्य पर आधारित है। इस जानकारी को देने का उद्देश्य विषय से परिचित होना है। पाठकों को अपने स्वास्थ्य के आधार पर कोई भी निर्णय लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

Conclusion

इस लेख में बलगम का आयुर्वेदिक उपचारबलगम का घरेलु उपचार के बारें में जाना। आशा करते है आप कफ निकालने की आयुर्वेदिक और बलगम के लिए पतंजलि दवा की पूरी जानकारी जान चुके होंगे

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