छाती के बीच में दर्द होना – Chati ke bich me dard hone ka karan

छाती के बीच में दर्द होना : हमारी छाती के बीच में जब भी दर्द होता है तो हमें सबसे पहला ख्याल हार्टअटैक का ही आता है परंतु ऐसा नहीं है हर बार Chati ke bich me dard hona हार्टअटैक का संकेत नहीं है

शरीर के बाहरी अंगों की तुलना में हमारे शरीर के आंतरिक अंग बेहद ज्यादा कोमल होने के साथ-साथ ही सेंसिटिव भी होते हैं और अगर इन में किसी भी प्रकार की समस्या आती हैं तो यह समस्याएं जानलेवा भी हो सकती हैं

इसीलिए हमें जब हमारी छाती से संबंधित कोई समस्या होती हैं तो हम सभी तुरंत प्रभाव से डॉक्टर के पास जाते हैं क्योंकि इसका असर सीधे हमारे हृदय से होता है

सीने के बीच दर्द  होने के पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं जिनके बारे में हम आज के इस लेख में चर्चा करने वाले हैं

जैसे की छाती के बीच में दर्द होने के मुख्य क्या कारण हैं एवं सीने के बीच में होने वाले दर्द को कैसे रोका जा सकता है इत्यादि इसके अलावा अन्य बातों पर भी हम आज के इस लेख में चर्चा करेंगे

जिसका आप को वर्तमान तथा भविष्य में जरूर फायदा होगा यदि आप भी छाती के बिच में दर्द होने से परेशान हो तो इस लेख को शुरवात से अंत तक जरूर पढ़े

 

Pain Between Brests in Hindi
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छाती के बीच में दर्द होना – Chati ke bich me dard hone ka karan

मुख्यतः छाती के बीच में दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि एसिडिटी, कुछ मौसमी परिवर्तन होना, आहार नली में कुछ समस्याएं उत्पन्न होना, Sternum Fracture होना इत्यादि

और अगर यह दर्द सीने के अन्य हिस्सों में हैं तो यह हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है तो ऐसी स्थिति में हमें तुरंत ही किसी अच्छे हृदय विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए हालांकि अगर यह दर्द छाती के बीचो-बीच हैं तो इसमें हार्ट अटैक की संभावना नहीं रहती है

परंतु इन सभी कारणों को एक-एक करके समझना जरूरी हैं जिससे कि आपको पूर्ण रूप से यह पता चल सके कि आखिर छाती के बीच में दर्द होने के मुख्य कारण क्या होते हैं

कुछ मोटे वजन वाले लोगों को अगर यह सीने का दर्द रहता है तो उन्हें एक विशेष प्रकार का रोग भी हो सकता है जैसे की गैस्ट्रो एसोफागीयल रिफ्लक्स रोग

इस गैस्ट्रो रिफ्लक्स रोग में मोटे लोगों को छाती के दोनों हिस्सों में दर्द बना रहता है और झनझनाहट भी बनी रहती हैं

इस रोग में सीने में सामान्य दर्द बने रहने के साथ-साथ ही छाती के बीच में दर्द और जकड़न भी महसूस होती हैं और साथ ही यदि उस व्यक्ति को एसिडिटी की समस्या है तो ऐसे में छाती के बीच में जलन भी हो सकती हैं

छाती के बीच में दर्द उत्पन्न करने वाला यह गैस्ट्रो रिफ्लक्स रोग इसलिए होता है, जब हमारे अमाशय में मौजूद हाइड्रोक्लोरिक अम्ल हमारी आहार नली में पहुंच जाता है और आहार नली के ऊपरी हिस्से में आकर छाती के बीच में दर्द उत्पन्न कर देता है

 अगर किसी व्यक्ति को एसिडिटी की समस्या रहती है तो भी छाती के बीच में दर्द बना रह सकता है , क्योंकि जब एसिडिटी में हमारे शरीर के अमाशय का अम्ल भी ऊपर की ओर उठाव करता है और कई बार इससे उल्टियां भी हो जाती हैं

इसीलिए हमें खानपान का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए और जहां तक हो सके सादे भोजन का प्रयोग करना चाहिए जिसमें कि बहुत ज्यादा मिर्च मसाला तथा ऑयल की मात्रा ना हो क्योंकि बहुत ज्यादा मसालेदार और तेल युक्त भोजन का सेवन करने से हमें एसिडिटी की समस्या के साथ साथ ही छाती में दर्द जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं

पर यह बात भी सत्य है कि सीने के बीच में होने वाले दर्द को भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए

क्योंकि यह सामान्य सा दिखने वाला दर्द आगे चलकर विशाल और भयानक हृदय संबंधी रोगों से भी जुड़ा हो सकता है और अगर समय रहता है इसका इलाज नहीं किया जाए तो यह कई बार जानलेवा भी साबित हो सकता है


छाती के बीच में दर्द होने के मुख्य कारण

किसी व्यक्ति के छाती के बीच में दर्द होने के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं :

  • हार्ट अटैक का होना भी हो सकता है, सीने के बीच में दर्द होने का कारण

आमतौर पर हार्ट अटैक आने से पहले हमारी छाती में सामान्य सा दर्द होता है और यह दर्द हमारे दोनों हाथों तथा हमारे कंधों में भी होता है और इस दर्द के साथ साथ हाथों में झनझनाहट भी रहती हैं तो ऐसे में यह हार्टअटैक का संकेत हो सकता है

इस प्रकार से उठा हुआ छाती का दर्द आमतौर पर हार्ट अटैक से पहले का दर्द होता है तो हमें इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत प्रभाव से अस्पताल पहुंचना चाहिए

  • एसिडिटी भी कर सकती है, छाती में दर्द

जब कभी भी हम अधिक मिर्च मसाला तथा ऑयल युक्त भोजन का सेवन कर लेते हैं तो इससे हमें एसिडिटी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है और कई बार इस एसिडिटी के कारण हमारी छाती में दर्द भी हो जाता है

एसिडिटी की समस्या के दौरान हमारे आमाशय में भोजन को पचाने वाला अम्ल अर्थात की हाइड्रोक्लोरिक अम्ल हमारी आहार नली में पहुंच जाता है और जिससे हमारी छाती के निचले हिस्से में बहुत अधिक दर्द होता है

  • स्टार्नम फ्रैक्चर नामक रोग भी है, सीने के बीच में दर्द होने का कारण

यह आमतौर पर एक हड्डी होती हैं जो हमारे ऊपरी शरीर को एक सुचारू मूवमेंट प्रदान कराती हैं और अगर इसमें किसी प्रकार का फ्रैक्चर हो जाए तो यह भी छाती के बीच में दर्द होने का कारण बन सकता है

  • गैस्ट्रो एसो फागीयल रिफ्लक्स रोग के कारन मोटे लोगों के छाती के बिच में दर्द हो सकता है

अगर कोई मोटा व्यक्ति सीने के बीच में होने वाले दर्द से परेशान हैं तो इसे गैस्ट्रो रिफ्लक्स रोग हो सकता है, जिसमें की उस मोटे व्यक्ति का वजन लगातार बढ़ता रहता है

और उसके आमाशय में भोजन का पाचन सही ढंग से नहीं हो पाता और ऐसा होने के कारण वह आधा पचा हुआ भोजन कई बार आहार नली में वापस पहुंच जाता है और ऐसा होने से छाती में बहुत अधिक दर्द बना रहता है

  • हृदय की आंतरिक मांसपेशियों की सूजन से भी हो सकता है, छाती के बीच में दर्द

हृदय में मौजूद ब्लड वेसल्स जो कि ऑक्सिजनेटेड ब्लड को हमारे पूरे शरीर में पहुंचाती हैं, अगर उनमें थोड़ी सी भी सूजन हो जाए तो यह छाती के बीच में दर्द उत्पन्न कर सकती है

क्योंकि ऐसी अवस्था में हार्ट का आकार थोड़ा बढ़ जाता है, जिससे कि वह ज्यादा जगह घेरने के साथ ही मांसपेशियों पर दबाव भी बढ़ाता है

  • Pneumonia होने के कारण भी हो सकता है, छाती में दर्द

आमतौर पर यह निमोनिया से होने वाला छाती दर्द छोटे बच्चों में दिखाई देता है जो कि सर्दियों में होता है

क्योंकि सर्दियों के मौसम में यह रोग होने पर छोटे बच्चों के फेफड़े जम जाते हैं और उनमें सांस की प्रक्रिया बहुत ज्यादा धीमी हो जाती हैं जिससे कि उचित ऑक्सीजन ना पहुंच पाने के कारण फेफड़ों और छाती में बहुत दर्द बना रहता है

  • छाती की पसलियों में सूजन भी बढ़ा सकती हैं, सीने के दर्द को

हमारी छाती के ऊपर मौजूद छाती की पसलियों के खोखले हिस्से में यदि सूजन हो जाए तो यह भी सीने के दर्द का कारण बन सकती हैं

यह खोकला हिस्सा हमारे फेफड़ों तथा हृदय को एक सुरक्षा आवरण प्रदान कराता है जिससे कि बाहरी चोटों के कारण यह दोनों सेंसिटिव ऑर्गन काफी हद तक प्रभावित नहीं होते हैं

  • विटामिन डी की कमी भी हो सकती हैं, छाती में दर्द का कारण

हमारी हड्डियों को मजबूत करने वाला विटामिन एवं साथ ही सूर्य की रोशनी से प्राप्त होने वाला यह विटामिन डी यदि हमारे शरीर में कम है तो भी हमें सीने में दर्द की समस्या का सामना करना पड़ सकता है

इस विटामिन द्वारा हमारी छाती की पसलियां भी मजबूत होती हैं और साथ ही शरीर की मांसपेशियों पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है जिससे कि वह भी मजबूत होती हैं


क्या छाती में दर्द होना है, हार्टअटैक का संकेत

हमें जब कभी भी सीने के बीच में दर्द होता है तो हमें हृदय विकार संबंधी रोग ही याद आते हैं जैसे कि हार्ट फेल होना या हार्टअटैक इत्यादि परंतु ऐसा नहीं है, ऊपर लिखे गए कारणों के कारण भी हमारी छाती में दर्द हो सकता है

पर ऐसा भी नहीं है कि छाती में दर्द होना हार्ट अटैक का संकेत नहीं है, अगर इस छाती के दर्द के साथ साथ आपके दोनों कंधों में और हाथों में भी लगातार बहुत देर से दर्द बना हैं तो ऐसी स्थिति में यह हार्ट अटैक से पहले की स्थिति हो सकती हैं

ऐसी स्थिति में आपको तुरंत प्रभाव से अस्पताल जाकर अपने हृदय की एंजियोग्राफी करानी चाहिए और हृदय संबंधी अन्य जांच भी करवानी चाहिए जिससे कि इस बात की पुष्टि हो सके की छाती में होने वाला यह दर्द हार्ट अटैक के कारण है या किसी अन्य कारण से उत्पन्न हैं


छाती (सीने) के बीच में दर्द होने पर क्‍या करें?

  1. अचानक छाती में दर्द होने पर एक दो लहसुन की कली को अपने मुंह में रखकर जोर-जोर से चबाए जिससे कि शरीर का रक्त पतला होकर आसानी से आपके हृदय से निकल सकेगा और सीने के दर्द से राहत भी मिलेगी
  2. आप अदरक को भी अपने मुंह में रखकर जोर-जोर से चबा सकते हैं इससे भी आपको छाती का दर्द दूर करने में राहत मिलेगी
  3. आप एक अच्छे से पेन किलर का सहारा लेकर भी छाती के दर्द को कम कर सकते हैं पर अगर यह दर्द हृदय संबंधी विकारों से हैं तो ऐसा नहीं करना चाहिए
  4. चाय पत्ती के पानी के साथ 4 पत्तिया तुलसी की मिलाकर आपको इसका सेवन कर लेना चाहिए जिससे कि आपको छाती दर्द में राहत मिले
  5.  ठंडे पानी का सेवन करने की बजाय थोड़ा गर्म पानी पी लेना चाहिए क्योंकि ठंडा पानी छाती के दर्द को और ज्यादा बढ़ा सकता है
  6. अगर छाती का दर्द बहुत ज्यादा है तो आपको उल्टा लेट जाना चाहिए और आपको तब तक उल्टे लेटे रहना है जब तक कि आपके सीने का दर्द थोड़ा कम ना हो जाए
  7. सीने के बीच में दर्द होने पर अपने सीने की सिंकाई करें इससे आपको दर्द से काफी आराम मिलेगा
  8. बादाम का दूध आपके स्वास्थ्य के लिए हेल्दी हो सकता है इससे छाती के दर्द को कम किया जा सकता है
  9. गर्म पानी पिएं ऐसा करने पर भी आपको दर्द से कुछ राहत मिलेगी

इस प्रकार से आप निम्नलिखित उपायों का सहारा लेकर अचानक हुए छाती के दर्द को शांत कर सकते हैं परंतु इन सभी उपायों को अपनाने के तुरंत बाद आपको अस्पताल जाकर किसी अच्छे से डॉक्टर से जरूर सलाह करनी चाहिए

 

छाती में होने वाले दर्द का इलाज़ कैसे करें – Chati me hone wale dard ka ilaj kaise karen

छाती में होने वाले दर्द का इलाज उसके होने के कारणों और गंभीरता पर निर्भर करता है आपके डॉक्टर सर्जरी, दवा, गैर-सर्जिकल जैसी प्रक्रियाओं के साथ सीने के बीच में होने वाले दर्द का इलाज कर सकते हैं

  • ऐसी दवाईयां छाती के दर्द को कम कर सकती हैं जिनमें नाइट्रोग्लिसरीन तथा अन्य दवाएं शामिल हों, जो बंद धमनियों को खोलती हैं थक्के को हटाती हैं और रक्त को पतला करती हैं
  • छाती के दर्द को कम करने के लिए डॉक्टर धमनियों की सर्जिकल मरम्मत करते हैं जिसे कोरोनरी धमनी, बाईपास ग्राफ्टिंग या बाईपास सर्जरी कहा जाता है
  • डॉक्टर्स कुछ दवाओं जैसे एंटी-एंग्जायटी दवाएं जो पैनिक अटैक से संबंधित होती है, छाती में होने वाले दर्द का इलाज करने के लिए प्रयोग करने की सलाह देते हैं

FAQs : Chati ke bich me dard hona in Hindi 

सवाल : क्या छाती के बीच में दर्द होना हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है?

हां, सीने के बीच में दर्द होना हार्ट अटैक का संकेत भी हो सकता है और इस छाती के दर्द के साथ यदि आपके दोनों कंधे भी दर्द कर रहे हैं और हाथ भी दर्द कर रहे हैं तो यह हार्टअटैक का कारण हो सकता है

सवाल : क्या किसी व्यक्ति को एसिडिटी के कारण भी छाती में दर्द की समस्या हो सकती हैं?

आमतौर पर एसिडिटी के दौरान छाती के ऊपरी हिस्से में दर्द होता है क्योंकि इस समय कोई भी अम्लीय भोजन हमारी आहार नली में पहुंच जाता है

सवाल : क्या बहुत अधिक वजन वाले व्यक्ति को सीने के दर्द द्वारा कोई रोग हो सकता है?

अगर किसी मोटे व्यक्ति को छाती के बीच में दर्द रहता है तो उसे एक रोग हो सकता है जिसका नाम है, गैस्ट्रो ओशोफेगल रिफ्लक्स रोग

सवाल : क्या छाती के बीच में दर्द होने पर हमारी सीने की पसलियां भी दर्द होती हैं?

आमतौर पर छाती की पसलियां कॉस्टोकांड्राइटिस नामक एक बीमारी के कारण दर्द होती हैं और छाती के दर्द होने पर इनमें सामान्य सी सूजन भी आ जाती हैं

सवाल : क्या किसी मौसमी परिवर्तन के कारण भी सीने के बीच में दर्द हो सकता है?

आसमान में जब बहुत सारे बादल छा जाते हैं तो ऐसी स्थिति में कई लोगों के सीने में दर्द होता है और यह दर्द मुख्य बांई और चलता है

सवाल : क्या छाती के बीच में दर्द होने का संबंध आहार नली से होता है?

हां, ऐसा हो सकता है क्योंकि यदि हमारे आमाशय में मौजूद अम्ल वापस से आहार नली में पहुंच जाए तो यह छाती के दर्द को बढ़ावा देता है

सवाल : सीने या छाती में दर्द होने पर हॉस्पिटल कब जाना चाहिए?

यदि आपको लगता है कि आपकी समस्या कुछ गंभीर है तथा दर्द भी असहनीय है तो तुरंत किसी नजदीकी अस्पताल में जाएँ


NOTE : सीने के संबंधित किसी भी प्रकार की परेशानी हो तो आप के अपने नज़दीकी डॉक्टर के पास जाकर जरूर चेक करना चाहिए , छाती संबंधित मामूली परेशानी को भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए


Conclusion

आज के हमारे इस लेख में हमने छाती के बीच में दर्द होना पढ़ा, तथा छाती के बीच में होने वाले दर्द के लक्षण, उसके कारण, उसके इलाज तथा छाती के दर्द से कैसे कर सकते हैं बचाव इन सबके बारे में हमने पूरे विस्तार से सारी जानकारी प्राप्त की है

हम उम्मीद करते है आप को सीने में दर्द के बारे में सारी आवश्यक बातें पता चल गयी होंगी तथा आप दूसरों को भी इसके बारे में बता सकते हैं, हम आशा करते हैं कि स्वस्थ संबंधित किसी परेशानी के समाधान के लिए आप हमारे इस वेबसाइट पर विजिट करेंगे

इस लेख को शुरवात से अंत तक पढ़ने के लिए तहे दिल से शुक्रिया

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