फिटकरी से बवासीर का इलाज कैसे करें

फिटकरी से बवासीर का इलाज: इस लेख के माध्यम से हम आपको बवासीर के घरेलु नुस्खो के बारे में बताने जा रहे है जिसे आसानी से घर पर तयार किया जा सकता है इनके नियमित कुछ दिनों के इस्तेमाल से खुनी और बादी बवासीर हमेशा के लिए जड़ ख़तम हो जाएगी

यदि आप भी बवासीर से परेशान है तो इस घरेलु उपचार का इस्तिमाल जरूर करे | जिस में हम ने फिटकरी से बवासीर का इलाज कैसे करे जैसे महत्पूर्ण विषय पर विस्तार में लेख साझा किया है

बवासीर का घरेलु इलाज शुरू करने के पहले हम फिटकरी और बवासीर के बारे में संक्षेप में जानकारी प्राप्त करेंगे ताकि आप को इन दो शब्दों के बारे में अधिक जानकारी मिल सके उसके बाद हम बवासीर के इलाज पर चर्चा करेंगे

 

फिटकरी से बवासीर का इलाज
फिटकरी से बवासीर का इलाज

 

फिटकरी से बवासीर का इलाज कैसे करें

फिटकरी (Alum), एक रंगहीन, क्रिस्टलीय पदार्थ हैं। साधारण फिटकरी का रासायनिक नाम पोटाश एलम ( KAl (SO4) 2.24H2O ) होता हैं | फिटकारी को अंग्रेजी में पोटैश ऐलम या केवल ऐलम भी कहते हैं

फिटकरी एक पारदर्शी नमक जैसा पदार्थ है | जो आप को किसी भी किराना के दुकान में आसानी से प्राप्त होगा, जिसका उपयोग खाना पकाने के साथ-साथ औषधीय प्रयोजनों के लिए भी किया जाता है।

फिटकरी कई प्रकार की होती है जैसे पोटैशियम एलम या पोटास, अमोनियम, क्रोम, सेलेनेट।

आयुर्वेद में फिटकरी को भस्म (शुद्ध राख) के रूप में प्रयोग किया जाता है जिसे स्फटिक भस्म कहा जाता है। शहद के साथ स्फटिक भस्म का उपयोग फेफड़ों में बलगम के संचय को कम करके काली खांसी को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।

फिटकरी भस्म को दिन में दो बार लेने से भी इसके सूखने वाले गुण के कारण होने वाले पेचिश और दस्त से राहत मिलती है।

महिलाओं द्वारा अनचाहे बालों को हटाने के लिए मोम के साथ फिटकरी का इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह अपने कसैले गुण के कारण त्वचा को कसने और गोरा करने के लिए भी फायदेमंद है।

वही विशेषज्ञों के अनुसार फिटकरी का इस्तिमाल कही सारे बीमारी से राहत पाने के किया जा सकता है जिसमे बवासीर भी उपलब्ध है |

विशेषज्ञों के अनुसार फिटकरी में उपलब्ध ‘ रोगाणुरोधक ‘ गुन बवासीर जैसे बीमारी को रोकने के साथ राहत देने के लिए काफी कार्यशील है इसके नियमित इस्तिमाल से आप बवासीर से होने वाले पीड़ा को रोक सकते है

 

बवासीर पाइल्स क्या है ? क्यों होता है

Piles को हिंदी में बवासीर कहते है जो काफी तकलीफ देने वाली बीमारी है ! बवासीर के वजह से पाइल्स में दर्द के साथ Swelling (सूजन) भी होती है एक स्टडी के अनुसार 50 साल के बाद 50 फीसदी लोगों को बवासीर की शिकायत होती है

बवासीर से जुडी सब से बड़ी दिक्कत यह है की लोग इस बीमारी के बारे में डॉक्टर से बातें करने के लिए झिझकते है और इस बीमारी को सभी से छिपाते है | बीमारी को छुपाने से अक्सर यह बीमारी बढ़ने लगती है और इसके संक्रमण का खतरा भी और बढ़ता है

शुरवात में केवल दर्द और जलन का एहसास होता है लेकिन अगर यहाँ समस्या बढ़ जाये तो गुद्दा से खून आना भी शुरू होता है | बवासीर में Anorectal (गुदा एवं मलाशय संबंधी ) एरिया की रक्त वाहिकाएं बड़ी हो जाती है जिसके वजह से जलन के साथ दर्द होता है

 

बवासीर होने के कही कारन हो सकते है निम्न जो लिखित है :

  • कुछ व्यक्तियों में यह रोग पीढ़ी दर पीढ़ी पाया जाता है। अतः अनुवांशिकता इस रोग का एक कारण हो सकता है।
  • जिन व्यक्तियों को अपने रोजगार की वजह से घंटों खड़े रहना पड़ता हो, जैसे बस कंडक्टर, ट्रॉफिक पुलिस, पोस्टमैन या जिन्हें भारी वजन उठाने पड़ते हों,- जैसे कुली, मजदूर, भारोत्तलक वगैरह, उनमें इस बीमारी से पीड़ित होने की संभावना अधिक होती है
  • कब्ज भी बवासीर को जन्म देती है, कब्ज की वजह से मल सूखा और कठोर हो जाता है जिसकी वजह से उसका निकास आसानी से नहीं हो पाता मलत्याग के वक्त रोगी को काफी वक्त तक पखाने में उकडू बैठे रहना पड़ता है, जिससे रक्त वाहनियों पर जोर पड़ता है और वह फूलकर लटक जाती हैं।
  • मोटापा, मानसिक तनाव, मसालेदार पदार्थ, चिकन का अधिक सेवन के वजह से भी बवासीर का होना संभव है

 

पाइल्स का दर्द हर किसी में एक जैसे हो ” यह जरूरी नहीं है Rectal Area में दर्द, खुजली,जलन, सूजन और संक्रमण इसके सामान्य लक्षण है

बवासीर पाइल्स का इलाज संभव है लेकिन लोग झिज़क में इलाज से बचते है लेकिन यदि आप चाहिए तो घरेलु उपाय से बवासीर को ठीक कर सकते है

 

फिटकरी से बवासीर का घरेलु इलाज

फिटकरी का इस्तिमाल मेडिकल और आयुर्वेदिक में बड़े स्तर पर किया जाता है इसी के साथ विशेषज्ञों की माने तो हम फिटकरी का इस्तिमाल कर के बवासीर से होने वाले दर्द से राहत पा ” सकते है !

हम ने निचे फिटकरी का इस्तिमाल कर बवासीर का कैसे इलाज किया जा सकता है के बारे में विस्तार में जानकारी साझा करने की कोशिश की है

यदि आप बवासीर से परेशान है तो निचे दिए फिटकरी नुस्खे का इस्तिमाल करे आप को बवासीर से होने वाले दर्द से जरूर राहत मिलेगी

 

फिटकरी पाउडर, कपूर और नीम के तेल

फिटकरी पाउडर, कपूर और नीम के तेल से बवासीर से होने वाले दर्द को रोक सकती है | जैसे की हम सभी को पता है फिटकरी पाउडर, कपूर और नीम Anti bacterial और Anti fungal गुणों से समृद्ध होता है

जिसके चलते यह स्किन के साथ साथ बवासीर जैसे गंभीर बीमारी का सफलता पूर्वक इलाज करती है

फिटकरी पाउडर, कपूर और नीम के तेल से बनाने वाला यह नुस्खा बवासीर जैसे बीमारी को काफी हद तक ठीक करने की अद्भुत क्षमता रखता है | विशेषज्ञों के अनुसार इसके नियमित इस्तिमाल से बवासीर कितनी भी पुरानी हो इस घरेलु नुस्खे वे ठीक हो जाएगी

 

बवासीर पर फिटकरी का घरेलु उपाय

 

इस्तिमाल करने का तरीका :

  • 2 चमच नीम का तेल
  • 3 से 4 टिकिया कपूर ( खानेवाला कपूर )
  • एक चौथाई चम्मच फिटकरी पाउडर

इन तीनों को अच्छी तरह से आपस में मिलकर पेस्ट बना लीजिये और इस पेस्ट को दिन में 2 बार प्रभावी जगह पर लगाये | कुछ दिनों के नियमित इस्तिमाल से आप की बवासीर की बीमारी हमेशा के लिए ठीक हो जाएगी

इसके साथ ही आप को खान-पान का विशेष ध्यान रखना जरूरी है जैसे : मिर्च मसालों का सेवन कम करना है और दिन में कम से कम 4 लिटिर पानी पीना है इसके अलावा भोजन में हरी पत्तिया जैसे पालक, मेथी, मुलिया का ज्यादा इस्तिमाल करना है

 

शहद – फिटकरी और  खूनी बवासीर

घावों और अन्य त्वचा की समस्याओं के इलाज में शहद कितना अच्छा यह बताने की जरूरत नहीं है है, बैक्टीरिया से लड़ने और घायल ऊतकों की वसूली में तेजी लाने की क्षमता के कारण, यह सोचना स्वाभाविक ही है कि यह बवासीर को भी ठीक कर सकता है।

हालांकि कोई भी डॉक्टर आपको यह नहीं बताने वाले है कि साधारण शहद आपके बवासीर को ठीक कर सकता है,

लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यदि बवासीर के दर्द से राहत पानी है ” तो 1- 2 चुटकी फिटकरी (स्फटिका भस्म) लें। उसे एक चम्मच शहद के साथ मिलाएं और हल्का भोजन करने के बाद दिन में दो बार इसका सेवन करें

शहद और फिटकरी के नियमित सेवन से जल्द ही आप को खूनी बवासीर से छुटकारा पाने में मदत मिलेगी

 

दही – फिटकरी और बवासीर की सख्त गांठ

यदि आप बवासीर की सख्त गांठ से परेशान हैं तो 20 ग्राम मक्खन या दही लें और उसमें 10 ग्राम फिटकरी मिलाएं। इस मिश्रण को बवासीर की गांठ पर नियमित लगाएं। इससे ये गांठें सूख जाएंगी। और आप को सख्त गांठ के वजह से होनेवाली परेशानी से राहत मिलेगी

 

सिट्ज़ बाथ – फिटकरी और पाइल्स

पाइल्स से पीड़ित लोगों द्वारा अनुभव की जाने वाली एक बड़ी समस्या सूजन और रक्तस्राव है और इस लेख के माध्यम से हम ने जाना की ” बवासीर के लक्षणों के इलाज के लिए फिटकरी बहुत प्रभावी है क्योंकि यह रक्तस्राव को रोकता है

विशेषज्ञ और अनुभवी लोगों के अनुसार बवासीर को कम करने के लिए फिटकरी का उपयोग करने का एक सबसे अच्छा तरीका सिट्ज़ बाथ है |

इसमें आप को एक बड़ा टब लेना है जिसमे आप अपने हिप्स को पूरी तरह डुबो सकें। अब टब को गर्म पानी से तब तक भरें जब तक कि कूल्हे पूरी तरह से उसमें न डूब जाएं, ध्यान रखें कि पानी ज्यादा गर्म न हो !

अब 1/2 टेबल स्पून फिटकरी पाउडर को 1/4 कप पानी में तब तक मिलाएं जब तक कि फिटकरी पाउडर पूरी तरह से घुल न जाए फिर उसे टब के पानी में डाल दें

याद रखे पानी में कोई भी शैम्पू या शॉवर जेल न डालें। अपने कूल्हों को पूरी तरह से पानी में डुबोएं, 20 से 30 मिनट तक बैठें रहे | इसके नियमित इस्तिमाल से फिटकरी सिट्ज़ बाथ रक्तस्राव को कम करने, बवासीर के आकार को कम करने और जलन को कम करने में आप की मदद करेगा

पहले सिट्ज़ बाथ से ही आप को बवासीर के दर्द से राहत मिलने का अनुभव आना शुरू होगा |

हालांकि, यह केवल सूखे बवासीर के लिए काम करता है और उन लोगों के लिए इसकी सलाह नहीं दी जाती है जिन्हें खूनी बवासीर हो गया है।

 

फिटकरी और पानी का उपयोग

  • एक स्वस्थ फाइबर युक्त आहार के साथ, स्वस्थ मल त्याग को बनाए रखने के लिए पर्याप्त पानी का सेवन आवश्यक है। रोजाना लगभग छह से आठ गिलास पानी पीने से कब्ज की रोकथाम में मदद मिलती है और आपका पाचन तंत्र सुचारू रूप से चलता रहता है। जिस से बवासीर जैसे बीमारी होने का खतरा कम होता है
  • फिटकरी के चूर्ण को सीधे बवासीर प्रभावित क्षेत्रों पर नहीं लगाया जाता है, बल्कि इसे पहले साफ गर्म पानी में घोलना होता है। फिर उसे बवासीर के मस्सो पर रुई या कपडे के मदत से ध्यान से लगाया जाता है

ध्यान रखें कि आप इसे आंतरिक क्षेत्र में उपयोग कर रहे हैं, इसलिए आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि आप किस प्रकार के पानी का उपयोग करने जा रहे हैं। किसी भी प्रकार के संक्रमण को रोकने के लिए शुद्ध जल का उपयोग करना सबसे अच्छा है,

यदि आप के पास फिटकरी की पाउडर है तो 1 TBSP फिटकरी के पाउडर को 5 TBSP पानी में घोलना चाहिए

 

बवासीर के लिए फिटकरी इंजेक्शन

फिटकरी को एक बार बवासीर में डालने से VAS की दीवार सिकुड़ जाती है। यह रक्त प्रवाह को कम करता है और बवासीर को रोकता है। यह बवासीर के पैमाने को भी कम करता है।

  • टिप्स : पोटैशियम मेटल सल्फेट को टैनिन के साथ मिलाकर बवासीर में डाला जाता है। और यह कार्य केवल डॉक्टर के द्वारा किया जाता है

 

बवासीर (PILES) में फिटकरी (ALUM) के साइड इफ़ेक्ट

फिटकरी से जलन, त्वचा में सूजन, सांस की समस्या हो सकती है। यदि आप गलती से पाउडर को अंदर ले लेते हैं तो यह सांस की जलन, सिरदर्द और मतली का कारण बन सकता है। फिटकरी पाउडर से सबसे आम दुष्प्रभाव स्थानीय ऊतक जलन है।

फिटकरी को IARC, NTP, या OSHA द्वारा कार्सिनोजेन के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया गया है

किसी भी संदिग्ध व्यवहार या किसी अन्य असामान्यता के मामले में अपने चिकित्सक से परामर्श करें और फिटकरी का उपयोग बंद कर दें।

 

FAQ – fitkari se bawasee ka ilaj

Q.फिटकरी से बवासीर का इलाज करने से कोई नुकसान है ?
फिटकरी के गलत इस्तिमाल या अंदर लेने से जलन, त्वचा में सूजन, सांस की समस्या हो सकती है

Q.बवासीर के लिए फिटकरी का इंजेक्शन लेना सही होगा ?
अपने डॉक्टर के सलाह से आप इंजेक्शन ले सकते है | इसके काफी लाभ है लेकिन यह इंजेक्शन केवल डॉक्टर के द्वारा लेना चाहिए

Q.दही को फिटकरी के साथ कैसे लेना चाइये | जिस से बवासीर से राहत मिल सके ?
लगभग 1 से 2 ग्राम फिटकरी पाउडर को दही में मिलाकर सुबह-शाम खाना चाहिए जिस से आप को बवासीर (Piles) काफी राहत मिलेगी

Q.क्या फिटकरी और हल्दी का इस्तिमाल बवासीर के लिए कर सकते है ?
आयुर्वेदा के अनुसार यदि आप दो चुटकी फिटकरी और हल्दी और खीरा का रस मिलाये | सुबह शाम इस मिश्रण को बवासीर के सूजन पर लगाते है तो पाइल्स के दर्द से शूटकरा मिल सकता है

 

conclusion

आज के लेख में हम ने फिटकरी से बवासीर का इलाज कैसे करें और पाइल्स जैसे बीमारी से राहत पाने के लिए फिटकरी किस तरह से उपयोग किया जाता है जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की है | यदि आप भी काफी दिनों से बवासीर से परेशान है तो उप्पर दिए घरेलु नुस्खे का इस्तिमाल जरूर कर के देखना | जिस से आप को जरूर राहत मिलेगी

यदि कोई महिला गर्भवती है या किसी को खुनी बवासीर की परेशानी है तो उन्होंने कोई भी घरेलु उपाय करने पहले बिना झिझक के अपने स्वास्थ्य के आधार पर कोई भी निर्णय लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

 

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