हाथ-पैरों में कमजोरी झुनझुनी का एहसास होना है किस बीमारी के लक्षण

हाथ-पैरों में कमजोरी झुनझुनी का एहसास होना है किस बीमारी के लक्षण : हाथ पैरो में झुनझुनी का एहसान हम सब ने अपने जीवन में कभी-न-कभी किया ही होगा, लगातार ऐसा होने से यह एक चिंता का विषय भी बन जाता है

हमारे दिमाग में यह भी आता है की आखिर क्यों होता है ऐसा, हाथ-पैरों में कमजोरी झुनझुनी का एहसास होना है किस बीमारी के लक्षण है, और इनके क्या उपाय है

आदि सवालों से हमारा दिमाग जूझता है और अगर आप भी इन्ही सब सवालों के जबाब जानना चाहते है तो आप एकदम सही आर्टिकल पर है

लगातार कमजोरी होना, हाथों पैरो का नंब पड जाना, हाथो पैरों में कभी भी झुनझुनी पकड़ लेना ये सब भी चिंता का विषय है और यह  कुछ गंभीर बिमारियों के लक्षण भी है


 सवाल : मुझे हमेशा कमजोरी और थकान सी रहती है और हाथ-पैर में झनझनाहट भी रहता है, मैं क्या करूँ? 

आपने लिखा है कि मुझे हमेशा कमजोरी और थकान रहती और हाथ पैरों में झनझनाहट रहती है तो ऐसे में हमारी एडवाइज है कि आपको एक बार विटामिन B12 का रिपोर्ट करवाना चाहिए ताकि पता चले कि कि आजकल बहुत सारे लोगों को यह दिक्कत आ रही है

उसके पीछे का मेन रीजन विटामिन B12 डिफिशिएंसी है अदर वाइज बॉडी में अगर विकनेस है तो आप सभी से रिपोर्ट कराना कि अपना हिमोग्लोबिन चेक करवा ले और अपनी नजदीकी कोई डॉक्टर से कंसल्ट करें आप हमसे भी कंसल्ट कर सकते हैं


अनुक्रम

हाथ-पैरों में कमजोरी झुनझुनी का एहसास होना है किस बीमारी के लक्षण

 

hath pairon meinkamjori jhunjhuni ka ehsas hona kis bimari kelakshan hai
hath pairon meinkamjori jhunjhuni ka ehsas hona kis bimari kelakshan hai

 

निम्न हमने उन बिमारियों के बारे में बताया है जिनके लक्षण हाथ-पैरों में कमजोरी झुनझुनी का एहसास होना है |हमने 30 बीमारियों के बारे के बारे में बताया है जिनका एक लक्षण हाथो पैरों में झनझनाहट होना भी होता होता है

1. मल्टीपल स्क्लेरोसिस (Multiple sclerosis) से शरीर में कमजोरी होती है

यह एक खुदसे पैदा होने वाली बीमारी है अभी तक विज्ञानिकों को भी यह किस चीज़ से होता है पता नही चल पाया है, इसके होने पर प्रतिरक्षा प्रणाली स्वस्थ ऊतकों पर हमला करती है जैसे कोई वायरस करता है वैसे ही

यह दिमाग की एक बीमरी है जिनमे मरीज के दिमाग की नसों के ऊपर इंसुलेशन की एक परत जम जाती है, जिसे माइलिन शीथ कहा जाता है यह केन्द्रीय तंत्रिका, दिमाग, रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करता है

मल्टीपल स्क्लेरोसिस होने के अन्य लक्षण

  • मांसपेशियों में कमज़ोरी
  • मूत्राशय की समस्य
  • स्वर समस्या
  • थकान
  • दिग्भ्रमितता
  • यौन में दिक्कत
  • चक्कर
  • भूकंप के झटके जैसा लगना
  • दृष्टि समस्या
  • डिप्रेशन
  • स्मृति का कमज़ोर होना

2. विरासत में मिला विकार (Inherited Disorder) हाथ पैर सुन्न होने का एक कारन है 

जो बिमारियां व्यक्ति को उसके जीन से मिलती है अर्थात माता- पिता या पूर्वजो से मिले उसे विरासत में मिला विकार कहते है,

जीन माता पिता से बच्चो में जाते है पर हो सकता है की उनके डीएनए में ही कुछ ऐसे दोष हो जिनसे उनको तो दिक्कत का सामना नही करना पड़ा पर बच्चे को करना पड़ जाये अगर ऐसा होता है तो इसी को विरासत में मिला विकार कहते है

आपके जीन में अवश्य ही कुछ ऐसा होगा जिसने आपके जीन में उपस्थित बीमारी को जागृत कर दिया है  


3. सिस्टमिक रोग (Systemic diseases) के कारन शरीर में कमजोरी आ सकती है 

यह एक ऐसा विकार है जो हमारे शरीर के अंगो पर असर करता है कभी कभी तो पूरे शरीर पर फ़ैल जाता है हमारे हाथ जटिल होते है उनकी बनावट कई तरह के ऊतकों से बनती है इन्ही कारणों से यह सबसे पहले सिस्टमिक रोग से ग्रस्त हो जाते है

सिस्टमिक रोग  के अन्य उदहारण 

  • बुखार
  • थकान
  • जोड़ों में दर्द
  • सिरदर्द

4.तंत्रिका फंसाने का सिंड्रोम (Nerve entrapment syndrome) नशों में झुनझुनी होने का कारन

यह नशों के तमाम विकारों को दर्शाता है इसमें परिधीय तंत्रिका लचीलापन और गतिशीलता खो देती है यह ऊतकों की सूजन के कारण होता है

तंत्रिका फंसाने का सिंड्रोम के अन्य लक्षण

  1. जिस जगह की नसे सिकुड़ गयी है वह पर दर्द होना
  2. सिकुड़ी नशों के अंग पे झुनझुनी होना
  3. मांसपेशियों का कमज़ोर हो जाना

5.मधुमेह (Diabetes) के कारन शरीर में कमजोरी या हाथ-पैरों में झुनझुनी हो सकती है

भारत के कुल आबादी की 11.2% Diabetes के Petition urban areas से है और अन्य का डाटा उपलब्ध नहीं है 50 साल के बाद ज्यादतर लोगों को Diabetes होता तो यदि किसी को Diabetes है

और ऐसे में उनके हाथ-पैरों में कमजोरी झुनझुनी का एहसास हो रहा है तो वह मधुमेह के कारन भी हो सकता है तो ऐसे में नज़दीकी डॉक्टर से शरीर का चेकउप कर लेना हमेशा उचित रहता है


6.माइग्रेन (Migraine) से भी शरीर में झनझनाहट कारण है 

अलग अलग तरह के सर दर्द कम सोने से, प्रकाश, ध्वनि के प्रति संवेदना से होता है

माइग्रेन का सर दर्द ट्रिगर होने से शुरू होता है, होरमोन में बदलाव, कुछ ठंडा या नुक्सान देने वाला खा लेना, चिंता लेने से और कभी कभी ज्यादा व्यायाम करने से भी माइग्रेन ट्रिगर होता है

माइग्रेन होने के कारण

  1. महिलाओं में हॉर्मोन के बदलाव से
  2. अस्त्रोजन के बढ़ने और घटने से
  3. गर्भावस्था
  4. ज्यादा तनाव से
  5. नींद की कमी से
  6. मौसम के बदलाव से
  7. दवाई के नुक्सान से
  8. शरीर के रसायनों में असंतुलन से

 

माइग्रेन होने के अन्य लक्षण

  1. इसमें दर्द सर के साथ साथ आँखों और गर्दन तक फ़ैल जाता है
  2. माइग्रेन होने से व्यक्ति को कम उर्जा महसूस होती है जिससे व्यक्ति सुस्त हो जाता है
  3. सर दर्द धड़कते हुए सर में जगह- जगह पर होता है
  4. ज्यादा प्रकाश और ध्वनि से चिढ होने लगती है
  5. उल्टी जैसा लगता है

7.झटका (Stroke ) हाथ-पैर में कमजोरी स्ट्रोक के लक्षण

जब दिमाग में खून का बहाव कम हो जाता है तब दौरा जिसे झटका बोलते है आता है जब रक्त का थक्का दिमाग में धमकी को बाधित करता है

जिससे दिमाग पर दबाव पड़ता है ऐसा होने पर दिमाग की कोशिकाएं मर जाती है जिससे दिमाग के कुछ हिस्सों का नुक्सान भी हो सकता है

झटका होने के कारण

  1. रक्त का बहाव ज्यादा होना
  2. तम्बाकू के सेवन से
  3. दिल की बीमारी

झटके के अन्य लक्षण

  1. मांसपेशियों में तकलीफ
  2. सतुलन बनाने में कठिनाई होना
  3. समझने में दिक्कत होना
  4. मानसिक समस्याएँ

8. रायनौद की प्रक्रिया (Rynaud phenomena) कमजोरी महसूस होना

यह एक ऐसी अवस्था है जिसमे शरीर सुन्न और ठंडा पड जाता है

छोटी धमनिया जो हमारी त्वचा को रक्त प्रदान करती है वह ठण्ड के असर में आने से सिकुड़ जाए  तब हमारा शरीर सुन्न पड जाता है

रायनौद की प्रक्रिया होने के कारण

  1. ऊतक रोग
  2. करपाल टनल सिंड्रोम
  3. चोट लगना
  4. धमनियों का रोग

रायनौद की प्रक्रिया होने के अन्य लक्षण

  1. हाथों पैरों की उँगलियाँ ठण्ड के संपर्क में आने से पीली पद जाती है
  2. शरीर गर्मी के संपर्क में आने से लाल पद जाता है
  3. ठण्ड से दिक्कत हो जाती है
  4. छोने में संवेदना

9. अंडरएक्टिव थाइरोइड (Underactive thyroid) पूरे शरीर में दर्द होना

इसमें हमारा थाइरोइड ग्लैंड पर्याप्त मात्रा में थाइरोइड हॉर्मोन नही पैदा करता है
ऐसा होने से ह्रदय की गति, शरीर का तापमान सब पर असर पड़ता है 

अंडरएक्टिव थाइरोइड होने के कारण 

  1. गर्दन में गिल्टी का होना
  2. रेडियो आयोडीन उपचार
  3. थाइरोइड सर्जरी
  4. कम नमक का प्रयोग
  5. जन्म के समय थाइरोइड की समस्या होना
  6. पितुअत्ट्री ग्लैंड में विकार होना

अंडरएक्टिव थाइरोइड के होने के अन्य लक्षण 

  1. पूरे शरीर में दर्द होना
  2. ठण्ड लगना
  3. बहुत धीरे वृद्धी होना
  4. बाल गिरना
  5. अपज
  6. थाइरोइड का बढ़ जाना
  7. कोलेस्ट्रोल का बढ़ जाना
  8. दिल की धड़कन का धीरे होना
  9. वजन बढ़ना या घटना

10.कार्पल टनल सिंड्रोम (Carpal tunnel syndrome) हाथों में झनझनाहट का कारन 

इस सिंड्रोम के कारण हाथ झनझनाने लगते है और सुन्न भी पड जाते है यह हमारी हथेली की नस के दबने से होता है 

कार्पल टनल सिंड्रोम  के होने के कारण

  1. हाथों के पोस्टर को ख़राब करने से अर्थात अपने हाथों को ऐसे तरीके से एक लम्बे तरीके से रखना जिससे हाथों पर तनाव पड़े और धीरे धीरे नसे दबने लगने
  2. स्व होने वाले विकार
  3. ट्रामा

कार्पल टनल सिंड्रोम के अन्य लक्षण 

  1. हाथ और हथेली में दर्द होना
  2. हाथ का सुन्न पड जाना
  3. हाथ का कमज़ोर हो जाना
  4. हथेली का कमज़ोर हो जाना

11.सूखी नस (Pinched nerv) हाथ-पैर में झनझनाहट होने का कारन 

यह तब होता है जब ऊकतों, हड्डियों, मांसपेशियों के चारों तरफ से नस पर बहुत ज्यादा दबाव पड़े जिससे नसे दबने लगे और समय के साथ सूख जाये इनके कारण  शरीर के अंगों में दर्द, हाथ-पैरों में कमजोरी झुनझुनी का एहसास भी होता है

नस के सूखने के कारण

  1. चोट लगना
  2. कलाई की गाठ
  3. तनाव
  4. ज्यादा मोटापा होने पर

नस के सूखने के अन्य लक्षण

  1. दर्द और जलन होना
  2. पिन और सूई की संवेदना
  3. ऐसा महसूस होना की आपका अंग सुन्न हो गया है

 


12.विटामिन की कमी (Vitamin deficienc)


13.मैग्नीशियम की कमी (Magnesium deficiency)


14. किडनी खराब (Kidney failure)


15.परिधीय धमनी रोग (Peripheral artery disease) पैरों में कमजोरी महसूस होना

एक ऐसे अवस्था जिसमे वाहिका हमारे अंगों में कम रक्त प्रवाह करने लगती है 

परिधीय धमनी रोग के कारण 

  1. रक्तचाप का ज्यादा होना
  2. कोलोस्त्रोल का बढ़ना
  3. बढ़ती उम्र के साथ ये आम है
  4. धूम्रपान
  5. मधुमेह

परिधीय धमनी रोग के अन्य लक्षण 

  1. एंठन होना
  2. पैरों में कमजोरी
  3. हिप्स में दर्द होना
  4. घाव का ज़ल्दी ठीक न होना
  5. शरीर के बालों का कम बढ़ना
  6. पैरों और हाथों का पीला पड जाना

16.संधिशोथ गठिया (Rheumatoid Arthritis) शरीर में थकान और कमजोरी के लक्षण 

यह एक सूजन का विकार है जिसमे हमारे हाथ पैर और अन्य अंग प्रभावित होते है, हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपने ही शरीर की दुश्मन बन जाती है तथा ये आतंरिक अंगों तक प्रभाव कर देता है 

संधिशोथ गठिया के कारण 

  1. ज्यादा प्रयोग से गठिया टूट जाती है जिससे यह विकार हो जाता है
  2. उम्र बढ़ना भी एक कारण है
  3. प्रतिरक्षा प्रणाली का दुश्मन बनना
  4. जन्मजात कारण

संधिशोथ गठिया होने के अन्य लक्षण 

  1. पूरे शरीर में अकडन महसूस करना
  2. शरीर के अंगों में सूजन का होना
  3. हमारे शरीर का असामान्य रूप से वजन घटना
  4. अनियमित रूप से बुखार का होना
  5. पूरे शरीर में थकान और कमजोरी का होना

17.लुपस (lupu) जोड़ों में दर्द और सूजन का होना 

यह एक अस्त्रोंजन नाम के हॉर्मोन के कारण होता है इसके कारण हमारे जोड़ों में दर्द होता है

और तो और त्वचा, गुर्दे, दिमाग, ह्रदय, कोशिकाएं, फेफड़े आदि भी दुष्प्रभाव में आते है

हमारा शरीर संतुलित रहने के लिए अलग अलग तरह के हॉर्मोन पैदा करता है पर यदि यह हॉर्मोन असंतुलित मात्रा में हो तो यह खुद समस्या का कारण बन जाते है इस बीमारी में भी यही हुआ है

पुरुषों से अधिक महिलाओं में यह बीमारी ज्यादा होती है

लुपस होने के कारण

  1. यह बीमारी मौसम और पर्यावरण के कारण भी हो सकती है
  2. यह खानदानी विकार भी हो सकता है हो सकता है आपके परिवार में पहले किसी को हो चूका हो और आपके जीन में होने के कारण आप भी चपेट में आ गए

लुपस होने के अन्य लक्षण

  1. जोड़ों में दर्द और सूजन होना
  2. अत्यधिक थकान होना
  3. आँखों के आस पास सूजन होना
  4. रोशनी से संवेदनशीलता
  5. गाल और नाक पर दाने होना

18.सीलिएक रोग (Celiac Disease) शरीर में सूजन और कमजोरी मुख्य लक्षण है 

इसमें सूजन के कारण हमारी छोटी अंत को नुक्सान पहुचता है इससे गंभीर समस्याएँ भी होती है इसके होने से हमारे शरीर में कुछ पोषण तत्व बनने भी बंद हो जाते है 

सीलिएक रोग होने के कारण
गेंहू और राइ में एक प्रोटीन ग्लूटन पाय जाते है जिसे हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली खाने का काम करती है,

हमारी प्रतिरक्षण प्रणाली को समय के साथ ग्लूटन को खाने से सूजन हो जाती है जिससे हमारी छोटी आंत को नुक्सान पहुचता है इसी को सीलिएक रोग कहते है जिसमे हमारी छोटी आंत को नुक्सान पहुचे

सीलिएक रोग होने के अन्य लक्षण 

  1. इससे दस्त आने लगता है
  2. शरीर ढीला पड जाता है
  3. शरीर में सूजन होना समसे मुख्य लक्षण है
  4. पेट में गैस बनने लगती है
  5. कब्ज की समस्या हो जाती है
  6. लोहे की कमी हो जाती है
  7. वजन पर फरक पड़ता है

19.लाइम की बीमारी (Lyme disease) शरीर में थकान का एहसास होना 

यह बीमारी जीवाणु के कारणहो होती है इस बीमारी को जन्म देने वाले जीवाणु का नाम बोरेलिया बर्गडोरफेरी है 

यह जीवाणु हिरन के अन्दर मौजूद होते है

लाइम की बीमारी होने के कारण 

  1. यह संक्रमित काले लेंड टिक्स के काटने से होते है
  2. यह बोरेलिया बर्गडोरफेरी जीवाणु और कभी कभी बोरेलिया मेयोनी जीवाणु से भी हो सकता है 

लाइम की बीमारी होने के अन्य लक्षण 

  1. बुखार होना
  2. सर में दर्द होना
  3. शरीर में थकान रहनीशरीर पर लाल लाल चकते पड जाना

20.स्वायत्त रोग (Aautonomous disease)

इस बीमारी में हमारा शरीर ही हमारा दुश्मन बन जाता है हमारी रोग प्रतिरोधक शक्ति ही शरीर का नुक्सान करने लग जाती है,

हमारा शरीर में जब एंटीबाडी की रचना हमारे शरीर के और कोशिकाओं की रचना के समान हो और हमारी रोग प्रतिरोधक शक्ति वायरस के साथ साथ हमारी कोशिकाओं को भी मारने लगे 

इसके पीछे की मुख्य वजह अभी तक पता नही चल पायी है पर यह अलग अलग कारणों से हो सकती है

स्वायत्त रोग होने के अन्य लक्षण 

  • ह्रदय गति का असामान्य रूप से बढ़ना या घटना
  • लगातार पसीना आना
  • पाचन सम्बन्धी कठिनाइय

स्वायत्त रोग बहुत प्रकार के होते है 


21. हैनसेन की बीमारी (Hansen’s disease) शरीर का सुन्न होना

यह बीमारी म्य्कोबक्टेरियम लेप्राए नामक बैक्टीरिया के संक्रमण से होती है ये बैक्टीरिया बहुत धीरे-धीरे बड़े होते है

और बहुत धीरे धीरे हमें जख्मी करते है यह हमारी नसें, त्वचा, नाक और आँखों को भी नुक्सान पहुचती है ,अगर सही समय पर इसका इलाज हो जाये तो इससे बचा जा सजता है

पर देरी होने पर ये जानलेवा साबित भी हो सकती है, वह लोग जो सही समय पर अपना इलाज करवा लेते है वह इलाज से पहले और इलाज के बाद अपनी आम ज़िन्दगी जीते है 

हैनसेन की बीमारीको बहुत ही घातक बीमारी माना जाता है पर जब हमें यह पता है की यह ज़ल्दी नही फैलता है हम सही समय पर इसका इलाज करवा सकते है

पर अगर इसका इलाज ना कराया जाये तो हमारी नसों चलना बंद कर देती है इससे अंधापन, शरीर का हमेशा के लिए सुन्न पड जाना,शरीर के अंगों का अपंग होना भी शामिल है 

यह अभी तक पता नही चल पाया है की यह रोग फैलता कैसे है पर अब हमें यह पता है जब किसी को ये बीमारी होती है तो उसके छीकने से उनके कणों में इस बीमारी के कण भी होते है जो सामने वाले तक पहुचने के बाद उसको संक्रमित करते है यह संक्रमण आकस्मिक संक्रमण से नही फैलता


22. गैंग्लियन सिस्ट (Ganglion cyst) महिलाओं में यह आम बीमारी है 

गैंग्लियन सिस्ट तरल पदार्थ की एक छोटी थैली होती है जो एक जोड़ या कण्डरा के ऊपर बनता है आकार के आधार पर सिस्ट सख्त या स्पंजी लग सकते हैं

गैंग्लियन सिस्ट जिसे बाइबिल सिस्ट के रूप में भी जाना जाता है, आमतौर पर कलाई के जोड़ पर हाथ की पीठ पर दिखाई देते हैं, लेकिन वे कलाई की हथेली की तरफ भी विकसित हो सकते हैं वे अन्य क्षेत्रों में भी दिखाई दे सकते हैं

गैंग्लियन सिस्ट का कारण ज्ञात नहीं है एक सिद्धांत से पता चलता है कि आघात के कारण जोड़ के ऊतक टूट जाते हैं, जिससे छोटे सिस्ट बनते हैं जो बाद में एक बड़े, अधिक स्पष्ट द्रव्यमान में शामिल हो जाते हैं

सबसे संभावित सिद्धांत में संयुक्त कैप्सूल या कण्डरा म्यान में एक दोष शामिल है जो संयुक्त ऊतक को बाहर निकालने की अनुमति देता है गैंग्लियन सिस्ट महिलाओं में अधिक आम हैं


23.फाइब्रोमायल्गिया (Fibromyalgia) जोड़ों में दर्द और थकान का कारन 

फाइब्रोमायल्गिया आपकी हड्डियों और मांसपेशियों को प्रभावित करने वाली दूसरी सबसे आम स्थिति है फिर भी इसे अक्सर गलत निदान और गलत समझा जाता है

इसके क्लासिक लक्षण व्यापक मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द और थकान हैं इसका कोई इलाज नहीं है

लेकिन दवा, व्यायाम, अपने तनाव को प्रबंधित करने और स्वस्थ आदतों का एक संयोजन आपके लक्षणों को इतना कम कर सकता है कि आप एक सामान्य, सक्रिय जीवन जी सकें, डॉक्टरों को यकीन नहीं है कि इसका क्या कारण है,

लेकिन कुछ लोग सोचते हैं कि यह एक समस्या है कि आपका मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी आपकी नसों से दर्द के संकेतों को कैसे संसाधित करती है


24.वाहिकाशोथ (Vasculiti)

कई स्थितियों के लिए एक सामान्य शब्द है जो आपके रक्त वाहिकाओं में सूजन का कारण बनता है इसे एंजियाइटिस या आर्टेराइटिस भी कहा जाता है

यह आपकी रक्त वाहिकाओं को कमजोर, फैला हुआ, बड़ा या संकरा बना सकता है वे पूरी तरह से बंद हो सकते हैं Vasculitis किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है

कुछ रूप रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करते हैं जो आपकी त्वचा, आंखों या मस्तिष्क जैसे विशिष्ट अंगों में जाते हैं या आपूर्ति करते हैं अन्य प्रकारों में एक ही समय में कई अंग प्रणालियां शामिल हो सकती हैं

इनमें से कुछ सामान्य रूप हल्के हो सकते हैं और उन्हें उपचार की आवश्यकता नहीं होती है अन्य गंभीर हो सकते हैं

डॉक्टरों को पता नहीं है कि वास्कुलिटिस के कई मामलों का क्या कारण है यह एक दवा के लिए एलर्जी की प्रतिक्रिया से जुड़ा हो सकता है

आप इसे एक संक्रमण होने के बाद भी प्राप्त कर सकते हैं जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली में असामान्य प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है, आपकी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है

वास्कुलिटिस प्रतिरक्षा प्रणाली की बीमारियों से भी जुड़ा हो सकता है जो आपको महीनों या वर्षों से है, जैसे कि रुमेटीइड गठिया, ल्यूपस या सोजग्रेन सिंड्रोम


25. गिल्लन बर्रे सिंड्रोम (Guillain-barre syndrome)

Guillain-Barre सिंड्रोम एक बहुत ही दुर्लभ और गंभीर स्थिति है जो तंत्रिकाओं को प्रभावित करती है।

यह मुख्य रूप से पैरों, हाथों और अंगों को प्रभावित करता है, जिससे सुन्नता, कमजोरी और दर्द जैसी समस्याएं होती हैं। इसका इलाज किया जा सकता है

और अधिकांश लोग अंततः पूरी तरह से ठीक हो जाएंगे, हालांकि यह कभी-कभी जीवन के लिए खतरा हो सकता है और कुछ लोगों को दीर्घकालिक समस्याओं के साथ छोड़ दिया जाता है।

गुइलेन-बैरे सिंड्रोम सभी उम्र के लोगों को प्रभावित करता है लेकिन यह वयस्कों और पुरुषों में अधिक आम है।

माना जाता है कि गुइलेन-बैरे सिंड्रोम प्रतिरक्षा प्रणाली की समस्या के कारण होता है,आम तौर पर प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर में आने वाले किसी भी कीटाणु पर हमला करती है

लेकिन गुइलेन-बैरे सिंड्रोम वाले लोगों में, कुछ गलत हो जाता है और यह गलती से तंत्रिकाओं पर हमला करता है और उन्हें नुकसान पहुंचाता है यह स्पष्ट नहीं है कि ऐसा क्यों होता है, लेकिन यह स्थिति अक्सर संक्रमण के बाद होती है


26.सर्विकल स्पॉन्डिलाइसिस (Cervical spondylosis)

सरवाइकल स्पोंडिलोसिस एक सामान्य, उम्र से संबंधित स्थिति है जो आपकी ग्रीवा रीढ़ में जोड़ों और डिस्क को प्रभावित करती है, जो आपकी गर्दन में होती है

इसे सर्वाइकल ऑस्टियोआर्थराइटिस या नेक अर्थराइटिस के नाम से भी जाना जाता है यह उपास्थि और हड्डियों के टूट-फूट से विकसित होता है हालांकि यह काफी हद तक उम्र का परिणाम है

यह अन्य कारकों के कारण भी हो सकता है क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 90 प्रतिशत से अधिक लोगों में यह स्थिति मौजूद है

कुछ लोग जिन्हें यह होता है वे कभी लक्षणों का अनुभव नहीं करते हैं। दूसरों के लिए, यह पुराने, गंभीर दर्द और जकड़न का कारण बन सकता है हालांकि, बहुत से लोग जिनके पास यह है वे सामान्य दैनिक गतिविधियों का संचालन करने में सक्षम हैं।


27.हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism)

हाइपोथायरायडिज्म एक ऐसी स्थिति है जहां आपके रक्त प्रवाह में पर्याप्त थायराइड हार्मोन नहीं होता है और आपका चयापचय धीमा हो जाता है हाइपोथायरायडिज्म तब होता है

जब आपका थायरॉयड आपके शरीर में पर्याप्त थायराइड हार्मोन नहीं बनाता और छोड़ता है इससे आपका मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे आपका पूरा शरीर प्रभावित होता है

अंडरएक्टिव थायराइड रोग के रूप में भी जाना जाता है, हाइपोथायरायडिज्म काफी आम है जब आपके थायरॉयड का स्तर बेहद कम होता है, तो इसे मायक्सेडेमा कहा जाता है एक बहुत ही गंभीर स्थिति, myxedema गंभीर लक्षण पैदा कर सकती है, जिनमें शामिल हैं:

  1. शरीर का कम तापमान
  2. एनीमिया
  3. दिल की धड़कन रुकना 
  4. भ्रम 
  5. प्रगाढ़ बेहोशी

यह गंभीर प्रकार का हाइपोथायरायडिज्म जीवन के लिए खतरा है सामान्य तौर पर, हाइपोथायरायडिज्म एक बहुत ही इलाज योग्य स्थिति है इसे नियमित दवाओं और अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के साथ अनुवर्ती मुलाकातों से नियंत्रित किया जा सकता है


28.एथेरोस्क्लेरोसिस (Antherosclerosis)

एथेरोस्क्लेरोसिस समय के साथ धमनी को अस्तर करने वाले कोलेस्ट्रॉल प्लेक के कारण आपकी धमनियों का सख्त और संकुचित होना है यह रक्त प्रवाह को खतरे में डाल सकता है

क्योंकि आपकी धमनियां अवरुद्ध हो जाती हैं आप इसे धमनीकाठिन्य या एथेरोस्क्लोरोटिक हृदय रोग कह सकते हैं यह दिल के दौरे, स्ट्रोक और परिधीय संवहनी रोग का सामान्य कारण है – आप इस प्रक्रिया को रोक सकते हैं और इसका इलाज कर सकते हैं।

आपकी श्वेत रक्त कोशिकाएं एलडीएल को पचाने के लिए प्रवाहित होती हैं वर्षों से, कोलेस्ट्रॉल और कोशिकाएं आपकी धमनी की दीवार में प्लाक  बना रही होती है

प्लाक आपकी धमनी की दीवार पर एक उभार बनाता है जैसे-जैसे एथेरोस्क्लेरोसिस खराब होता जाता है, वह गांठ बड़ी होती जाती है जब यह काफी बड़ा हो जाता है, तो यह रुकावट पैदा कर सकता है


29.चारकोट मैरी टूथ डिजीज (Charcot marie tooth disease)

चारकोट-मैरी-टूथ रोग वंशानुगत विकारों का एक समूह है जो तंत्रिका क्षति का कारण बनता है यह क्षति ज्यादातर हाथ और पैर (परिधीय नसों) में होती है

चारकोट – मैरी – टूथ रोग को वंशानुगत मोटर और संवेदी न्यूरोपैथी भी कहा जाता है चारकोट – मैरी – टूथ रोग के परिणामस्वरूप छोटी मांसपेशियां  कमज़ोर हो जाती हैं

आप संवेदना और मांसपेशियों के संकुचन के नुकसान और चलने में कठिनाई का भी अनुभव कर सकते हैं पैर की विकृति जैसे हथौड़े और ऊंचे मेहराब भी आम हैं लक्षण आमतौर पर पैरों में शुरू होते हैं, लेकिन वे अंततः आपके हाथों और बाहों को प्रभावित कर सकते हैं

चारकोट-मैरी-टूथ रोग एक अनुवांशिक स्थिति है यह तब होता है जब जीन में उत्परिवर्तन होते हैं जो आपके पैरों, हाथों और बाहों में नसों को प्रभावित करते हैं कभी-कभी, ये उत्परिवर्तन तंत्रिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं अन्य उत्परिवर्तन तंत्रिका को घेरने वाले सुरक्षात्मक आवरण को नुकसान पहुंचाते हैं।


30.फैब्री की बीमारी (Fabry’s disease)

जिन लोगों को फैब्री रोग है, वे अल्फा-गैलेक्टोसिडेज़ ए (अल्फ़ा-जीएएल) नामक एंजाइम (रक्त रसायन) के पर्याप्त स्वस्थ संस्करण नहीं बनाते हैं ये एंजाइम स्फिंगोलिपिड्स, एक वसा जैसे पदार्थ को रक्त वाहिकाओं और ऊतकों में जमा होने से रोकते हैं

अल्फा-जीएएल एंजाइमों के बिना काम करने से रक्त वाहिकाओं और ऊतकों में स्फिंगोलिपिड्स के हानिकारक स्तर बन जाते हैं फेब्री रोग हृदय, गुर्दे, मस्तिष्क, केंद्रीय तंत्रिका तंत्र और त्वचा को प्रभावित करता है यह माता-पिता से बच्चे को पारित एक विरासत में मिली स्थिति है इसे कभी-कभी एंडरसन – फैब्री रोग कहा जाता है

बच्चों को माता-पिता से एक्स गुणसूत्र पर गैलेक्टोसिडेज़ अल्फा (जीएलए) जीन में उत्परिवर्तन (परिवर्तन) विरासत में मिलता है

जीएलए जीन अल्फा-जीएएल एंजाइम पैदा करता है जो वसायुक्त पदार्थों (स्फिंगोलिपिड्स) को तोड़ने में मदद करता है जिन लोगों को एक दोषपूर्ण GLA जीन विरासत में मिला है, वे पर्याप्त अल्फा GAL एंजाइम का उत्पादन नहीं करते हैं नतीजतन, रक्त वाहिकाओं में वसायुक्त पदार्थ जमा हो जाते हैं


हाथ-पैरों में कमजोरी झुनझुनी का एहसास होना है किस बीमारी के कारन

हमने कुछ मुख्य कारणों को बताया है

  • अपनी लातों को लम्बे समय तक मोड़ के रखने से भी हमारे खून का बहाव सही से नही हो पाता है जिसके कारण हाथों और पैरों में झनझनाहट हो सकती है हमारे हाथ और पैर में कैपिलरी बहुत कम होती है जिसके कारण ये सबसे पहले प्रभाव में आते है
  • विटामिन बी 12 की कमी के कारण हाथों और पैरों में झनझनाहट होती है
  • न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर भी एक कारण है अगर पहले दो कारण से आपके अंगों में झुनझुनी नही हो रही है तो आपको अपने डॉक्टर के पास जाके न्यूरोलॉजिकल टेस्ट करवाने चाहिए
  • सुबह उठने के बाद बहुत लोगो के हाथों में झुनझुनी होती है जो की पूरा दिन काम करते समय बिलकुल नही होती है अगर ऐसा आपके साथ भी हो रहा है तो ये हमारे शरीर में पोषण तत्वों की कमी के कारण हो रहा है
  • आईटी फील्ड में काम करने वाले लोगो के हाथों को माउस पर एक ही अवस्था में  रखते है उसकी नसों के अव्यवस्थित होने से दबाव पड़ता है और ज्यादा दबाव पड़ने से समय के साथ बढ़ने वाली झुनझुनाहट बढ़ जाती है इस तरह की झुनझुनाहट को एक बीमारी का नाम दिया गया है जिसको हम कार्पल टनल सिंड्रोम कहते है इससे आप बच सकते है अपने बैठने के तरीके और अपने काम करने वाले डेस्क को सही करके,कभी-कभी हाथों की झनझनाहट के साथ हमारी जबान भी लड़खड़ाने लगे या तो हाथ के साथ-साथ  सर भी झनझनाने लगे तो यह एक गंभीर बीमारी के लक्षण है ज़ल्द से ज़ल्द अपने डॉक्टर से संपर्क करे
  • एक तरह होने वाली झनझनाहट जैसे एक तरफ के हाथ और उसी तरफ के पैर का साथ में झनझनाना दिमाग की बीमारी के लक्षण है जो एक ही तरफ आती है चाहे आधे चेहरे पे भी दिमाग की बीमारी के लक्षण है
  • चलते- चलते झनझनाहट का बढ़ते जाना या हिलने से झनझनाहट होना रीड की हड्डी से जुडी समस्या में से एक है यह इलाज़ से ही ठीक होगा

हाथ पैरों में झनझनाहट की आयुर्वेदिक दवा एंव घरघूती इलाज

हमने कुछ इलाज बताए है जिनका उपयोग आप कर सकते है अगर इनसे भी आपको लाभ न हो तो आप सीधा डॉक्टर को दिखाएँ

  • हल्दी युक्त दूध

हल्दी वाले दूध का नियमित प्रयोग करने से आपके शरीर में खून के बहाव को सही रहने में सहायता करता है और आम तौर पर झनझनाहट खून के बहाव के रुकने के कारण होती है


  • गर्म पानी

गर्म पानी आपके पैर की झनझनाहट ठीक नही हो रही तो अपने पैर को गरम पानी में कुछ समय के लिए निश्चित रूप से आराम मिलेगा


  • दालचीनी

दालचीनी में ऐसे तत्व होते है जो हमारे खून के बहाव को बढाती है इसका सेवन करने से झनझनाहट से आराम मिलता है इसको एक चम्मच दालचीनी के पाउडर में एक चम्मच शहद मिला कर सेवन करे


  • शरीर की मसाज

शरीर की  मसाज शरीर की नसों और पूरे शरीर को आराम देता है इससे सिर्फ थकान से नही बल्कि बहुत तरह के रोगों से मुक्ति मिलती है, जो झनझनाहट तांत्रिका तंत्र से जुडी होती है  मसाज से उनको आराम मिलता है लैवेंडर के तेल से मसाज करे ज्यादा आराम मिलेगा


  • विटामिन बी 12 का सेवन

विटामिन बी 12 से युक्त खाद पदार्थ जैसे अंडा, मीट,केला आदि चीज़ों का सेवन करने से हमारे शरीर में विटामिन बी की कमी पूरी होने से बहुत तरह की समस्याएँ नही होती, झनझनाहट से भी आराम मिलता है


  • व्यायाम

व्यायाम करके भी हम अपने रक्त के संचार को सही रख सकते है जिससे झनझनाहट से भी आराम मिलता है,हमारी नसें दबने से हमारा रक्त संचार सही से नही हो पाता जिसके फलस्वरूप हमें कई बिमारियों का सामना करना पड़ता है इसलिए व्यायाम अवश्य करे


खाद्य पदार्थ जिनसे हाथ-पैर में झनझनाहट कमजोरी झुनझुनी से तुरंत आराम मिले

  • मैदा और सफ़ेद ब्रेड न खाए
  • एक चिम्मच  एप्पल साइडर विनेगर को एक ग्लास गर्म पानी में एक चम्मच शहद के साथ मिला के नियमित रूप से सेवन करने से झनझनाहट से आराम मिलता है
  • एक चम्मच गिन्कगो बुलिबा टी को शहद के साथ एक गिलास पानी में मिला के नियमित सेवन करे
  • एक चम्मच एप्सोम नमक को एक गिलास पानी में डाल कर नियमित सेवन करे
  • एक चम्मच सिन्नामिन पाउडर को एक गिलास पाने में मिला कर पीये
  • एक कटोरी दही का नियमित सेवन करे

 

Disclaimer

इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न विशेषज्ञों के अध्ययन और राय के साथ-साथ आम आदमी के स्वास्थ्य पर आधारित है। इस जानकारी को देने का उद्देश्य विषय से परिचित होना है। पाठकों को अपने स्वास्थ्य के आधार पर कोई भी निर्णय लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

 


Conclusion

इस लेख में आपने हाथ-पैरों में कमजोरी झुनझुनी का एहसास होना है किस बीमारी के लक्षण के बारे में जाना आशा करते है | आप

आपको लगता है कि इसे दूसरे के साथ भी Share करना चाहिए तो इसे Social Media पर सबके साथ इसे Share अवश्य करें।

और इस विषय संबंधित कोई भी सवाल आप के मन में होगा तो निचे कमेंट में बताये हम आप के कमेंट का जरूर जवाब देंगे | शुरू से अंत तक इस लेख को पढ़ने के लिए तहेदिल से शुक्रिया…

error: Content is protected !!