किडनी का दर्द कहाँ होता है | Kidney ka dard kaha hota hai

किडनी का दर्द कहाँ होता है- किडनी जिसे हिंदी में गुर्दा कहते हैं हमारे शरीर का एक आवश्यक अंग है हर एक व्यक्ति के शरीर में 2 गुर्दे होते हैं, गुर्दे मूत्र प्रणाली के ही अंग होते हैं

इनके मल स्वरूप को मूत्र कहते हैं, इसमें मुख्यतः अमोनिया और यूरिया पाया जाता है

किडनी का मुख्य कार्य एसिड जैसे अपशिष्ट पदार्थों, और क्रिएटिनिन को हमारे खून से फिल्टर करना होता है, पेशाब का भी उत्पादन इसी से होता है

एक मनुष्य को स्वस्थ रहने के लिए उसकी दोनो किडनियों का भी स्वस्थ रहना जरूरी होता है

परंतु कई कारणों से कुछ लोगों की किडनियां खराब हो जाती हैं जिसकी वजह से उनके शरीर की बहुत सी क्रियाएं ठीक से नहीं हो पाती और उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है

आमतौर पर हमारी किडनियां खराब तब मानी जाती हैं, जब वो हमारे शरीर के रक्त से अपशिष्ट(जहरीले) पदार्थों को फिल्टर करने में असमर्थ हो जाती हैं

जिस वजह से कई अपशिष्ट पदार्थ शरीर में जमा हो जाते हैं जिसके शरीर को बहुत नुकसान पहुंचता है

इस स्थिति में हमारे शरीर को कौन सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है

जैसा कि हमारा सवाल भी है कि किडनी का दर्द कहाँ होता है तथा किडनी के खराब होने के लक्षण और उसके संभव उपचारों आदि को आगे हम विस्तार से पढ़ेंगे

 

Kidney ka dard kaha hota hai
Kidney ka dard kaha hota hai

 

अनुक्रम

किडनी का दर्द कहाँ होता है- Kidney ka dard kahan hota hai

किडनी हमारे शरीर में स्पाइन के दोनों तरफ पसलियों के नीचे और पीठ के पीछे मौजूद एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग होता है जो कि देखने में एक बीन के आकार का दिखता है

शरीर में 2 किडनियां होती हैं जिनमे से प्रत्येक लगभग 4 से 5 इंच लंबी होती है, किडनी का मुख्य काम हमारे शरीर में मौजूद रक्त को साफ करना होता है साथ ही यह टॉक्सिक पदार्थों को शरीर से बाहर निकालना होता है

किडनी शरीर के फ्लूइड बैलेंस को कंट्रोल करती है और इलेक्ट्रोलाइट्स के स्तर को भी बना के रखती है,दिन भर में कई बार शरीर का सारा खून किडनी से होकर गुजरता है

हमारी दोनो ही किडनियों में लगभग लाखों छोटे-छोटे फिल्टर पाए जाते हैं जिन्हे नेफ्रॉन्स भी कहते हैं

कई बार हमारी सिर्फ 10% किडनी ही काम करती है, परंतु इसके न तो कोई लक्षण नजर आते हैं और ना ही कोई समस्या होती है किडनी में रक्त प्रवाह बंद होने पर किडनी फेल होने की संभावना बढ़ जाती है

तो जैसा कि हम जानना चाहते है कि किडनी का दर्द कहाँ- कहाँ होता है तो कई बार कुछ लोगों को स्पाइन, पसलियों, कमर तथा पेट में दर्द रहता है पर वो उसे साधारण दर्द समझ कर नजरंदाज कर देते हैं

परंतु यह दर्द किडनी का भी हो सकता है किडनी में दर्द होना एक गंभीर समस्या होती है जो कई कारणों से हो सकती हैं

गुर्दे का दर्द गंभीर दर्दों में से ही एक होता है जिसे आपके द्वारा अनुभव किया जा सकता है

यदि आपकी बाजू में या फिर पीठ के ऊपरी हिस्से में हो रहा हो तो यह किडनी के दर्द की समस्या हो सकती है पर इसका मतलब ये नही है की आपकी किडनी ही खराब हो चुकी है

आगे हमने किडनी का दर्द कहाँ होता है होता है इसके बारे में विस्तार से बताया है

 

1) किडनी का दर्द मांसपेशियों में होता है 

मांसपेशियों पर भी किडनी के खराब होने का असर पड़ सकता है क्योंकि जब मनुष्य की किडनी खराब होती है तो शरीर में तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स संतुलन से बाहर हो जाते हैं

जिससे मांसपेशियां कमज़ोर पड़ने लगती हैं ऐसे में आपको मांसपेशियों में दर्द का सामना करना पड़ सकता है


2) किडनी का दर्द पेट के निचले हिस्से में होता है

किडनी खराब होने पर आपके पेट के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है इसको आप किडनी खराब होने के शुरुवाती लक्षण भी कह सकते हैं

इसके अलावा मूत्राशय के संक्रमण के कारण भी पेट के निचले हिस्से में दर्द महसूस हो सकता है, इन लक्षणों को कभी भी अनदेखा न करें और तुरंत किसी किडनी के डॉक्टर (नेफ्रोलॉजिस्ट) से संपर्क करें


3) किडनी का दर्द पैरों और घुटनों में होता है 

किडनी खराब होने की स्थिति में आपके पैरों और घुटनों में भी दर्द हो सकता है

जब किडनी खराब होना शुरू होती है तो मनुष्य के शरीर में नमक बनने लग जाता है जिसकी वजह से पैरों और घुटनों में सूजन आने लगती है, पैर में दर्द विटामिन की कमी से भी होता है


4) किडनी का दर्द पीठ में होता है 

किडनी खराब होने का सबसे पहले असर पीठ पर ही पड़ता है, जब किसी की किडनी सही से काम नहीं कर पाती तथा पेशाब का उत्पादन सही से नही हो पाता तो इस स्थिति में पीठ में दर्द का अनुभव हो सकता है

इसलिए यदि आपकी पीठ में ज्यादा समय से दर्द हो रहा हो तो इसे बिल्कुल भी नजरंदाज न करें तथा जल्द से जल्द किसी विशेषज्ञ से संपर्क करें


5) किडनी का दर्द सीने में होता है 

आपको लग रहा होगा कि किडनी और सीने का एक दूसरे से क्या मतलब है पर यह सच है कि जब किसी मनुष्य की किडनी खराब होती है तो उसके सीने में भी दर्द होना शुरू हो जाता है

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि, जब किडनी खराब होती है तो हमारे हृदय को ढकने वाली परत में सूजन आ जाती है जिसकी वजह से आपको सीने में दर्द महसूस हो सकता है


किडनी में दर्द होने के कारण | Kidney me dard hone ke karan

किडनी में दर्द अनेकों कारणों से हो सकता है जो कि निम्न दिए गए हैं

  • किडनी के ब्लड वेसल्स में बाधा आना
  • यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन
  • गुर्दे में घाव होना
  • किडनी में स्टोन होना
  • किडनी में इन्फेक्शन होना
  • पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज
  • किडनी में रक्त का थक्का बनना
  • किडनी में रक्तस्राव होना
  • किडनी ट्रॉमा रेनल ट्यूमर या सिस्टस

किडनी खराब होने के लक्षण | Kidney kharab hone ke lakshan

गुर्दा खराब होने के कुछ लक्षण नीचे दिए गए हैं जिनकी समय पर पहचान करके आप किडनी फेलियर की समस्या से बच सकते हैं

  • पेट में दोनों तरफ और कमर में दर्द रहना
  • सीने में दर्द
  • पेशाब में खून आना
  • बार-बार पेशाब जाना
  • पेशाब करते समय दर्द होना
  • झाग दार पेशाब आना
  • ब्लैडर इनफेक्शन
  • उल्टी और जीमचलाना
  • बुखार आना
  • ठंड लगना
  • चक्कर आना
  • थकान महसूस करना
  • सांस में बदबू आना
  • मुंह में मेटल जैसा स्वाद आना
  • सांस लेने में तकलीफ महसूस करना
  • शरीर में सूजन होना
  • हाथ और पैरों की सूजन और आंखों के आसपास सूजन
  • पेशाब करते समय जलन होना

उपर हमने किडनी के खराब होने पर दिखने वाले लक्षणों के बारे में विस्तार से पढ़ा तो यदि आपको ये लक्षण दिखते हैं तो जल्दी ही किसी किडनी के विशेषज्ञ के पास जाकर इसकी जांच कराएं क्योंकि किडनी का खराब होना एक गंभीर बीमारी है

जिसकी वजह से बहुत लोगों की मृत्यु भी हो जाती है इसलिए जैसे ही आपको अपने शरीर में ये लक्षण दिखें उसी समय जाकर इसकी जांच करा लें जिससे स्थिति गंभीर न हो सके और आप जल्द ही स्वस्थ हो सकें


किडनी के दर्द से बचाव के लिए कुछ ध्यान रखने योग्य बातें | Kidney ke dard se bachav ke liye kuch dhyan rakhne yogya baatein

यदि लगातार आपके पेट के दोनों तरफ दर्द हो रहा है और ऊपर बताए गए लक्षण नजर आ रहे हो तो तो कोई भी गंभीर स्थिति हो सकती है इसलिए सही समय पर डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक हो जाता है

गुर्दे का दर्द कई बार तो हल्का होता है परंतु कई बार तेज भी हो सकता है, इसके दर्द की तीव्रता कुछ कारणों पर निर्भर करती है

किडनी में स्टोन या फिर कोई इंफेक्शन होने से भी इसका दर्द अधिक तेज हो सकता है

सही समय पर इलाज शुरू करने से किडनी से संबंधित किसी भी गंभीर समस्या से बचा जा सकता है किडनी के दर्द से बचाव के लिए कुछ आवश्यक बातें नीचे बताई गई हैं उसे भी अवश्य पढ़ें

  • हमें किडनी के दर्द को कम करने या किडनी को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए
  • हमें कम नमक वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए
  • जिन लोगों का वजन अधिक होता है उन्हें भी गुर्दा खराब होने का खतरा हो सकता है इसलिए हर व्यक्ति का अपने वजन को नियंत्रण में रखना आवश्यक है
  • धूम्रपान, तंबाकू और शराब का सेवन न करें
  • रोजाना टहलने जाएं, एक्सरसाइज करें और योगाभ्यास अवश्य करें
  • तले भुने खाद्य पदार्थ और सैचुरेटेड फैट वाले पदार्थों से परहेज करें

एक अच्छी जीवनशैली को फॉलो करके आप अपनी किडनी को स्वस्थ रख सकते हैं

लेकिन अगर पेट में दर्द, पीठ में सूजन, सीने में दर्द या सूजन महसूस हो तो इन लक्षणों को कभी भी नजरअंदाज ना करें ऐसी स्थिति होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें


किडनी के दर्द का इलाज | Kidney ke dard ka ilaaz

किडनी के दर्द का इलाज कई कारणों पर निर्भर करता है यदि आपके शरीर में संक्रमण के लक्षण नजर आते हैं तो डॉक्टर आपको यूरिन टेस्ट की सलाह देते हैं

इसके साथ ही डॉक्टर आपको रेनल फंक्शन टेस्ट (RFT) तथा लीवर फंक्शन टेस्ट (LFT) क्रिएटिनिन सीरियल टेस्ट करवाने के लिए कहते हैं

किडनी के दर्द के कारणों का पता लगाने के लिए डॉक्टर आपको अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन करवाने की भी सलाह दे सकते हैं

परीक्षण करके डॉक्टर किडनी में दर्द का कारण पता लगाकर इलाज शुरू करते हैं जैसे यदि किसी व्यक्ति को किडनी इन्फेक्शन या गुर्दा  में संक्रमण हो, तो डॉक्टर उसे एंटीबायोटिक दवा लेने की सलाह देते हैं

एंटीबायोटिक की दवा सामान्य मरीजों के लिए होती है परंतु यदि किसी की किडनी पूरी तरह से खराब है तो डॉक्टर उस मरीज को किडनी के दर्द को कम करने के लिए कुछ दवाइयां देते हैं

जिसका असर ज्यादा समय तक नही रहता है उसके बाद मरीज को फिर से बहुत सी समस्याएं होने लगती हैं

इसलिए डॉक्टर मरीज को उन दवाइयों के साथ डायलिसिस (जो कि एक आर्टिफिशियल प्रक्रिया होती है खून को फिल्टर करने की) करवाने की भी सलाह देते हैं

परंतु बहुत से मरीजों के केस में डायलिसिस की प्रक्रिया ज्यादा समय तक नही चल पाती है इसलिए यदि मरीज को किडनी डोनर मिल जाता है तो उसे डॉक्टर किडनी ट्रांसप्लांट की ही सलाह देते हैं

क्योंकि किडनी ट्रांसप्लांट करवाने के बाद कुछ दवाइयों का सेवन करके और कुछ परहेज करके आप ज्यादा दिन तक एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं


किडनी के दर्द का घरेलू इलाज | Kidney ke dard ka gharelu ilaz

  • यदि आप पानी कम पीते तो प्रतिदिन पानी का इंटेक बढ़ाएं दूसरी तरल पदार्थ भी पिएं
  • ग्रीन टी पीने से भी किडनी के दर्द को कम किया जा सकता है
  • तुलसी के जूस को पानी में मिलाकर पीना भी लाभदाई होता है, खासकर जब किडनी में पथरी होने के कारण दर्द हो रहा हो
  • नींबू पानी पीने से भी दर्द कम होता है
  • पेट और कमर के निचले हिस्से में दर्द हो तो आप हॉट वॉटर बाग से भी सिकाई कर सकते हैं
  • खट्टे फलों को डाइट में शामिल करें
  • पार्सले और क्रेनबेरी जूस का सेवन करें

किडनी में संक्रमण के कारण भी होता है किडनी में दर्द 

किडनी में दर्द होने के कारणों में किडनी में संक्रमण को एक मुख्य कारण माना जा सकता है, बैक्टीरिया के किडनी में प्रवेश करने से यह संक्रमण होता है

यह बैक्टीरिया आमतौर पर मूत्रपथ द्वारा आपके शरीर में प्रवेश करते हैं

गुर्दा में होने वाला यह संक्रमण आपकी दोनों किडनियों को प्रभावित कर सकता है इसलिए इसका जल्द से जल्द इलाज करना अत्यंत आवश्यक है

यदि आप इसका समय पर इलाज नहीं कराते हैं तो आगे चल कर इसकी वजह से आपकी दोनों किडनियां खराब हो सकती हैं

इसके साथ ही शरीर के अन्य हिस्से भी इससे प्रभावित हो सकते हैं इसलिए इस समस्या का समय पर इलाज कराना जरूरी है

  • पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज | Polysistic Kidney disease

पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज किडनी की ही एक अनुवांशिक बीमारी है यह जीन में होने वाली समस्याओं की वजह से होता है

किडनी के अंदर जब सिस्ट बढ़ जाता है तो इसकी वजह से पी.के.डी हो सकता है

जब यह सिस्ट बढ़ जाते हैं तो शरीर के ऊतकों को भी नुकसान पहुंचाने लगते हैं जिसकी वजह से व्यक्ति पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज से संक्रमित हो जाता है

आगे चल कर यह पीकेडी (पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज) क्रॉनिक किडनी डिजीज का कारण बनता है जिसमें व्यक्ति की किडनी फेल होने की संभावना भी हो सकती है

पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज के दो प्रकार होते हैं

  •  ऑटोसोमल डोमिनेंट पीकेडीए
  •  ऑटोसोमल रिसेसिव पीकेडी

ऑटोसोमल डोमिनेंट पीकेडी तब होता है जब सिर्फ किडनी में सिस्ट बढ़ जाता है परंतु ऑटोसोमल रिसेसिव पीकेडी तब होता है जब लीवर और किडनी दोनों में सिस्ट की मात्रा बढ़ जाती है

  • यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन | Urinary tract infection

यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन यूरिनरी सिस्टम के किसी भी हिस्से में हो सकता है इस इन्फेक्शन की वजह से आपकी किडनी, यूरेटर्स ब्लेडर और यूरेथ्रा भी प्रभावित हो सकते हैं

यू.टी.आई (यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन) का खतरा पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक होता है

यह समस्या काफी दुखदायक हो सकती है पर यदि यू.टी.आई की समस्या किडनी में फैलने लगती है तो एक गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है

इन समस्याओं के अलावा गुर्दे में रक्त के थक्के होना, किडनी में स्टोन तथा किडनी में रक्तस्राव की वजह से भी आपकी किडनी में दर्द हो सकता है

इस स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए ताकि समय पर आप का इलाज शुरू किया जा सके


FAQs – किडनी का दर्द कहाँ होता है

सवाल: किडनी खराब होने से कमर में दर्द होता है क्या?

हां, किडनी खराब होने से रोगी की कमर में भी दर्द होता है

सवाल: किडनी में सूजन के लक्षण क्या है?

पेट में असहनीय दर्द, नींद न आने की समस्या तथा किडनी या उसके आस पास दर्द होना आदि किडनी में सूजन के कुछ लक्षण हैं

सवाल: किडनी खराब होने पर कहाँ दर्द होता है?

किडनी खराब होने पर व्यक्ति के मांसपेशियों, पेट और सीने में भी दर्द होता है

सवाल: किडनी में दर्द होने का क्या कारण हो सकता है?

किडनी में दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं जिनमे से एक कारण किडनी में संक्रमण है

सवाल: क्या किडनी का दर्द पीठ में भी होता है?

जी हां, गुर्दे का दर्द पीठ में भी होता है

 

Conclusion

आज हमने किडनी का दर्द कहाँ होता है इसके बारे में जाना और हमने आपको किडनी के दर्द के लक्षण, उसके कारण तथा किडनी के दर्द से बचाव एवं उसके इलाज के बारे में सारी आवश्यक जानकारियां प्रदान की है

किडनी का दर्द पेट, पीठ, मांसपेशियों तथा सीने में होता है वैसे तो इसका जवाब आपको आर्टिकल पढ़ते समय कई जगह विस्तार से मिल ही गया होगा

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारे द्वारा दी गई सारी जानकरियां अच्छी लगी होंगी और ये आपके काम भी आई होंगी, इसे और लोगों के साथ Share करे और हमें अपने विचार Comment box में बताएं इस लेख को शुरवात से अंत तक देखने के लिए शुक्रिया

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