पीलिया के लक्षण (जॉन्डिस) के घरेलू उपाय व लक्षण

पीलिया के लक्षण : आप सबने पीलिया (jaundice) बीमारी के बारे में सुना होगा या आपके परिवार के किसी भी सदस्य ने इस समस्या का सामना किया होगा। आपको बता दें यह एक वायरल हैपेटाइटिस है

जिसे हम साधारण भाषा मे पीलिया कहते हैं और यह बीमारी आमतौर पर गर्मी के मौसम में ज्यादा होती है क्योंकि गर्मी में ज्यादा धूम के कारण हम बाहर का लिक्विड जैसे कोल्डड्रिंक और पानी पीने के कारण होता है।

यह ज्यादातर दूषित पानी के कारण होने वाली आम बीमारी है इस बीमारी के कई लक्षण हैं और कुछ लक्षण आपको धीमे-धीमे पता चलते हैं लेकिन तुरंत पता चलने पर इसका इलाज़ होना काफी जरूरी होता है

क्योंकि यह बीमारी जितनी आम है उतनी ही आपके स्वास्थ्य के लिए गंभीर है, हमने जॉन्डिस (पीलिया) के लक्षण के बारे नीचे कुछ जानकारी दी है

 

पीलिया (जॉन्डिस)के लक्षण  – Piliya ke Lakshan in Hindi

Piliya ke Lakshan in Hindi
Piliya ke Lakshan in Hindi

 

यूरिन (पेशाब) पीला पड़ जाना

जभी यूरिन में पीलापन नजर आए,या आपका पैशाब  पिला पड़ जाए तो इस लक्षण को पीलिया का गंभीर लक्षण मानते हैं। इसका कारण रक्त कोशिकाएं बाइल में बदलने के कारण होता है।

जिससे पेशाब नॉर्मल यानीके सफ़ेद की जगह पिला आने लगता है। पीलिया का यह खास लक्षण हैं ऐसे लक्षण देखने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना सूचित होता है।

त्वचा पीली हो जाना

पीलिया के शरुआती लक्षण में त्वचा पीली पड़ जाती हैं। यह लक्षण पीलिया से पीड़ित सभी उम्र को मरीजों में देखने को मिलता है

और यह लक्षण पीलिया में गंभीर माना जाता है इसके साथ ही यह लिवर के लाल रक्त नष्ट होने के कारण पैदा होता हैं। और अगर त्वचा पीली पड़ने पर इसका इलाज़ नही किया गया तो इसका असर आखों में और नाखून में पड़ता है।

नाखून ( Nails )का पीला होना

कही बार यह नाखून से भी होती हैं क्योंकि हम गर्मी के मौसम में ज्यादातर बाहर रहते है वैसे में कई ऐसी दूषित तत्व हमारे नाखून में जमा हो जाते है

या कई बार दूषित पानी पीने से पीलिया जैसी बीमारी का कारण बनता है आपको बता दें नाखून का पीला पड़ना पीलिया बीमारी के मुख्य लक्षण में से एक है।

भूख न लगना

आमतौर से कभी भी कोई बीमारी होती हैं तो अक्सर हमारे शरीर में थकान और कमजोरी महसूस होती हैं ऐसे में हमे खाना खाने को मन नही करता है ऐसा ही लक्षण पीलिया में पाया जाता हैं।

भूख न लगना, ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि पीलिया के कारण हमारे शरीर मे मौजूद जरूरी तत्वों को काफी असर पड़ता है जिससे शरीर मे कमजोरी महसूस होती है और हमे खाने पीने की चीज़ों से दूर रहने का मन करता हैं।

आँखों मे पीलापन

कई बार पीलिया यानीके जॉन्डिस होने पर आँखे पीली पड़ जाती हैं और कई बार मरीज़ को आखों में जलन होती हैं। यह लक्षण शरुआती दिनों में जल्द देखने को मिलते है

या कुछ लोगों को यह लक्षण दिखने में समय लगता है जभी यह लक्षण देखने को मिले डॉक्टर से तुरंत इलाज करवाना चाहिए।

और डॉक्टर आपके कई तरह के रिपोर्ट करेंगे जैसे कि यूरीन का रिपोर्ट,ब्लड रिपोर्ट जैसे अन्य रिपोर्ट करवाने के बाद डॉक्टर द्वारा सटीक इलाज़ करते हैं।

 

पीलिया (Jaundice) के इन लक्षण को नजरअंदाज न करे

ये आम लक्षण हैं जो हमने ऊपर बताए है इसके अलावा कई पीलिया के नॉर्मल लक्षण होते है जो दिखाई नही देते लेकिन इस बीमारी का इलाज जल्द होने पर इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है।

लेकिन आपको बता दे यह एक वायरल इंफेक्शन है और जैसा कि हमने बताया हैपेटाइटिस बीमारी है तो इसको नजरअंदाज नही करना चाहिए।

शरुआती दिनों में आपको ज्यादा तकलीफ नही होती लेकिन इसका समय पर इलाज न होने पर समस्या बढ़ सकती हैं।

 

पीलिया क्यों होता है – Jaundice in Hindi         

पीलिया के अलावा कई बीमारियां होती हैं जो बिना कारण नही होती और इसलिए हमारे स्वास्थ्य का ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी होती हैं। अब आपको बताते है पीलिया क्यो होता है जिसे हम जॉन्डिस कहते है। इसके होने के कुछ कारण हमने नीचे दिए हैं।

दूषित भोजन का सेवन

पीलिया ज्यादातर हमने युवापीढ़ी और बच्चों में होते हुए देखा है इसका कारण है दूषित भोजन का सेवन करना, बाहर का खान जो कब और किनसे बना है उसके बारे में जाने बिना हम खाते हैं

और बाद में हमें पीलिया जैसी बीमारी को झेलना पड़ता है। पीलिया दूषित भोजन खाने से होने का मुख्य कारण में से एक माना जाता हैं इसलिए कभी भी बाहर का खाना नही खाना चाहिए और दूषित खानों से दूर रहना चाहिए।

गंदा पानी पीना

जैसी ही गर्मी के मौसम की शरुआती होती हैं हम अपनी प्यास बुझाने के लिए कोई भी पानी पी लेते है जो हमारे शरीर मे रोग प्रतिरोधक तत्वों को कमजोरी बना देता है

और बीमारी का कारण बनता है दूषित और गंदे पानी से होने वाली बीमारियों में से एक पीलिया है। आपको बता दें गंदा पानी मतलब बाहर मौजूद खुल्ला पानी या काफी दिनों से पड़ी दुकानों में मिलने वाली पानी की बोतलें वगेरे जैसा पानी पीने से पीलिया की बीमारी होती हैं।

ऐसे कई छोटे-मोटे कारण है जिससे पीलिया होता है लेकिन ज्यादातर हमने ऊपर बताए गए कारणों से होता है और यह ऐसा कारण से जो हमारी रोजाना जीवनशैली का हिस्सा है फिर भी हमे ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जो पीलिया जैसी गंभीर बीमारी का कारण न बने।

 

पीलिया रोग कैसे होता है

पीलिया लिवर की बीमारी है जो मरीज के शरीर को काफी प्रभावित करती है जैसे पेशाब, नाखून, त्वचा पीली पड़ जाती हैं लिवर पर असर पड़ता हैं।

भुख नही लगती ऐसे कई नॉर्मल लक्षण है  साथ ही हमारे शरीर पर काफी असर पड़ता है और इस पीलिया रोग होने का नॉर्मल और हमारे रोजाना जीवन मे नजरअंदाज होने वाले कारण है

जैसे कि दूषित पानी, दूषित या ठंडा खाना पीना, गर्मियों में गंदा पानी पीना,ज्यादातर खाने पीने की चीज़ों से होंने वाली एक गंभीर बीमारी है। जिसका इलाज़ अस्तपाल में आसान तरीकों से किया जाता हैं।

 

काला पीलिया के लक्षण

काला पीलिया के लक्षण आम बीमारियों की तरह ही होते हैं लेकिन यह बीमारी काफी अलग है इस बीमारी में पीला पेशाब के साथ पेशाब गाड़ा पड़ जाता हैं। ऐसे कई लक्षण है जिनमे से मुख्य लक्षण की जानकारी नीचे दी है।

  • काला पीलिया होने पर मरीजों को शरूआत में हल्का बुखार होता है,भूख में असर पड़ती हैं, पेट मे दर्द होता है,साथ ही थकान और धीरे धीरे वजन कम होने लगता है।
  • काला पीलिया के कारण लिवर पर असर पड़ता है। काला पीलिया होने पर लिवर के विकारों में असर पड़ता है। जिससे शरीर मे बैचेनी और थकान ज्यादा महसूस होती हैं ,सिरदर्द, हाथ-पैरों में हल्का दर्द होना। ऐसे कई नॉर्मल लक्षण देखने को मिलते है।

 

काला पीलिया के घरेलू उपाय

काला पीलिया से बचने के लिए आपको लिवर का ध्यान रखना बेहद जरूरी है लिवर के लिए फायदेमंद पौष्टिक आहार लें और गर्मी के मौसम में भी गुनगना पानी पीने की आदत डाले, साथ ही गर्म भोजन का सेवन करे इसके अलावा हमने कुछ घरेलू उपाय दिए है जो आपके लिए फायदेमंद रहेंगे।

  • पाइनएप्‍पल का जूस : पाइनएप्‍पल का जूस गर्मी के मौसम में काफी फायदेमंद माना जाता है यह पेट को साफ रखता है और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कारगर उपाय है।
  • आंवला का जूस: आपको सायद पता होगा कि आंवला में विटामिन सी मौजूद होता है और इसका इस्तेमाल आप सूखा या कच्चा खाकर कर सकते है या इसका जूस बनाकर दिन में एक बार पीने से भी फायदा होता है।
  • टमाटर : टमाटर काला पीलिया के लिए फायदेमंद होता है यह कम लोगों को पता होता है कि सब्जियों में इस्तेमाल होने वाला टमाटर बीमारियों से लड़ने के लिए भी फायदेमंद है साथ ही इनमें लाइकोपीन जैसें एंटीऑक्‍सीडेंट होते है जो आपके शरीर को फ्रेस रखता है और बीमारियों से लड़ने में मदद करता है।

 

गर्भावस्था में पीलिया के लक्षण

गर्भवस्था में पीलिया के लक्षण समान होते है। फिर भी गर्भवती महिलाओं को पीलिया के लक्षण के बारे में जानना बेहद जरूरी होता है। गर्भवती महिलाओं में पीलिया का लक्षण तब दिखाई देता है जब पीलिया की असर पूरे शरीर मे पड़ती हैं

क्योंकि गर्भवस्था के दौरान अक्सर महिलाओं पीलिया में पाने वाले सामान्य लक्षण होते है

जैसे कि उल्टी होना,कमजोरी थकान महसूस होना,सिरदर्द इसके अलावा अगर गर्भवस्था में पीले रंग का पेशाब हो,या शरीर मे खुजली जैसी समस्या हो, साथ ही आंखे,नाखून पिले हो जाए तो तुरंत अपने डॉक्टर को बताता चाहिए हालांकि गर्भवस्था के दौरान भी पीलिया का इलाज किया जा सकता है।

गर्भवस्था में होनेवाले पीलिया के कुछ नॉर्मल लक्षण नीचे दिए हैं।

  • लगातार सिरदर्द
  • पेशाब करते समय हल्का जलन महसूस करना
  • शरीर के नर्म हिस्सो में खुजली होना
  • त्वचा के कुछ अंगो का पीला पड़ जाना,जैसे आँख,नाखून
  • शरीर मे लगातार कमजोरी महसूस होना
  • मतली और उल्टी होना
  • हाथ या पैरों के पंजो में सूजन
  • हल्का बुखार होना।

ऐसे नॉर्मल और गंभीर लक्षण गर्भवस्था के दौरान पीलिया की बीमारी में देखने को मिलते हैं

 

प्रेग्नेंसी में जॉन्डिस के उपचार

गर्भवस्था के दौरान जॉन्डिस यानीके पीलिया की बीमारी होना गंभीर बात नही है इसका सही इलाज होने पर ठीक हो सकती हैं

लेकिन अगर गर्भवती महिला को जॉन्डिस की बीमारी होती हैं तो सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि इसके लक्षण कब देखे गए और कितने गंभीर लक्षण हैं

  • प्रेग्नेंसी के दौरान अगर आपको जॉन्डिस की बीमारी होती हैं तो आपको सबसे पहले बीपी पर नजर रखना बेहद जरूरी होता है।इसके अलावा हाइड्रेशन और पेशाब पर पूरा ध्यान रखे अगर आपको लगे आपका पेशाब गाड़ा आ रहा है और जलन महसूस होती हैं तो तुरंत डॉक्टर को सूचित करें।

साथ ही इस स्थिति में ब्लड कॉम्पोनेंट की सप्लीमेंट जैसे चीजें लेने से आपका इलाज बेहतर हो सकता है। लेकिन हमारा सुजाव यही रहेगा कि प्रेग्नेंसी में किसी भी तरह की अन्य बीमारी होती हैं तो आपका इलाज कर रहे डॉक्टर की सलाह जरूर ले।

 

बच्चों में पीलिया होने के कारण

मेडिकल हिस्ट्री में एक साल से कम उम्र वाले बच्चों में पीलिया जैसी बीमारी देखने को नही मिलती उससे ज्यादा उम्र वाले बच्चों में ये बीमारी होना लाज़मी है।

बच्चों में यह बीमारी ज्यादा दिन तक रहती हैं। और पीलिया का लक्षण जल्द देखने को मिलते हैं इसके अलावा बच्चों का इलाज़ भी सही तरीकों से और लैब रिपोर्ट के आधार पर किया जाता हैं ताकि बच्चे का इलाज सटीक हो। आपको नीचे बच्चों को होने वाले पीलिया के कुछ कारण दिए हैं।

  • हैपेटाइटिस के कारण बच्चों को पिलाया होने का कारण माना जाता हैं क्योंकि किसी भी बैक्टीरियल इन्फेक्शन से हैपेटाइटिस होता है और इससे धीरे धीरे पीलिया के लक्षण देखने को मिलते है।
  • पित्त की पथरी कई बच्चों को पीलिया तब होता है जब उसके शरीर मे पित्त की थैली में पथरी की नॉर्मल समस्या हो। जिसे हम गोल ब्लैंडर स्टोन्स कहते है।
  • इम्यून सेल्स इंफेक्शन बच्चों के शरीर मे रोग प्रतिरोधक प्रणाली बड़े उम्र के लोगो से कमजोर होती से जिससे दूषित तत्व शरीर मे प्रवेशने से बीमारी होती हैं और कई बार पीलिया का कारण बनती हैं।

 

पीलिया का इलाज हिंदी Jaundice treatment in hindi

पीलिया का इलाज आम बीमारी की तरह है लेकिन अगर फायदेमंद उपचार की बात करे तो पीलिया होने के कारण पर निर्भर करता है। नीचे कुछ इलाज के ऑप्शन दिए हैं।

  • अगर डॉक्टर द्वारा किया जानेवाला पीलिया के इलाज की बात करे तो डॉक्टर हमने पहले बताया उसी तरह लैब रिपोर्ट के अधार पर एंटीबायोटिक दवाओं से इलाज करते हैं।
  • अगर आपको पित्त की समस्या पहले रह चुकी हैं इसके कारण आपको पीलिया की बीमारी हुई है तो सबसे पहले डॉक्टर आपको पित्त की थैली या पित्त की थैली की पथरी के लिए सर्जरी करने का सुजाव देते है।
  • हमारी शरीर मे आयरन की ज्यादा जरूरत होती हैं इसलिए जितना हो सके आयरन से भरपूर खाने का सेवन करना चाहिए।जिससे हमारे ब्लड में जरूरी तत्व मिल सके और रक्त प्रणाली मजबूत रहे।
  • सबसे महत्वपूर्ण बात बता दें अगर आपको पीलिया के लक्षण है और आप दूसरी ड्रग्स का सेवन कर रहे या दवाओं का उपयोग कर रहे है तो तुरंत उसे बंद करदे क्योंकि यह हमारे शरीर के लिए परेशानी पैदा कर सकती हैं।

 

पीलिया का सटीक इलाज स्किन और लिवर के स्पेशलिस्ट डॉक्टर द्वारा ज्यादातर किया जाता है जो पीलिया जैसी बीमारी को जड़ से इलाज करने में मदद मिलती हैं इसके अलावा इस बीमारी का इलाज दूसरे तरीकों से करने के बजाय डॉक्टर द्वारा होना बेहतर विकल्प है।

 

पीलिया के इलाज के लिए घरेलू उपाय

जैसे ही गर्मी की मौसम की शरूआत होती है तुरंत कई लोंगो पीलिया (jaundice) जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ता है। इसके लक्षण जितने आम हैं उतने ही गंभीर यह बीमारी है

लेकिन कई लोग घरेलू नुस्खे या उपाय आजमाते है पीलिया एक तरह का इंफेक्शन है यह एक इम्युनिटी कमजोर होने के कारण होने वाली आम बीमारी है।

हमारे देश में लाखों लोग हर साल पीलिया जैसी बीमारी का शिकार बनते है और इस बीमारी की वजह हमारे द्वारा होनेवाली लापरवाही हैं एक ऐसी लापरवाही जो हम हमारे रूटिंग जीवनशैली में करते है

साफ तौर पर कहे तो जैसे ही गर्मी के मौसम की शरूआत होती हैं हम ठंडा पानी या बाहर गलियों में खड़ी स्ट्रीट फूड की दुकानों से दूषित भोजन का सेवन करते है साथ ही कीटाणु युक्ति खानपान का सेवन करते है जिससे पीलिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझना पड़ता है।

पीलिया से डरने की बात नही है इसके कुछ घरेलू उपाय है जिनसे आप इस बीमारी से छुटकारा पा सकते है। नीचे कुछ उपाय दीए गए हैं।

  • अरंडी के पत्ते : दोस्तो अरंडी के पत्ते का घरेलू उपाय पीलिया से छुटकारा पाने में काफी कारगर है। इसका इस्तेमाल सुबह और शाम अरंडी के पत्तो का रस पीने से पीलिया दो से तीन दिन में जड़ से ठीक हो जाता है।
  • गन्ने का जूस : पीलिया की बीमारी के लिए सबसे फायदेमंद उपाय है गन्ने का जूस। दोस्तो जिस मौसम में ज्यादातर पीलिया की बीमारी होती है उसी मौसम में गन्ने का जूस आसानी से मिल जाता हैं और यह हर कही उपलब्ध हैं हर हरोज दिन में दो या तीन बार पीने से एक या दो हप्ते में पीलिया की बीमारी ठीक हो जाती हैं। ध्यान रखे गन्ने का जूस ताजा होना चाहिए तभी लाभ होगा।
  • नारंगी : नारंगी स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक है आमतौर पर इसका सेवन हम करते हैं लेकिन अगर पीलिया होने पर इसका इस्तेमाल किया जाए तो तुरंत ऐसी बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है। क्योंकि नारंगी में खास तरह के गुण होते है जो पाचनतंत्र और लिवर को तंदुरुस्त रखने का काम करता है।
  • धनिया आपको बता दें आयुर्वेदिक औषधियों में ज्यादातर धनिया का उपयोग किया जाता है ऐसे में पीलिया की बीमारी के लिए भी काफी कारगर है इसको इस्तेमाल करने का आसान तरीका है धनियां के बीज को घंटो तक पानी मे भिगोकर रखिए बाद में इस पीना को पीने से काफी फायदा होता है साथ ही धनिया को रोटी या सब्जी में भी इस्तेमाल करना चाहिए।
  • दही यह उपाय दूसरे उपचार से काफी आसान है क्योंकि दही एक ऐसी चीजें हैं जो रोजाना हमारे घेरों में उपलब्ध रहती है आपको बता दें बैक्टीरिया के इंफेक्शन से लड़ने और खतम करने के लिए काफी फायदेमंद रहता है इसलिए पीलिया से पीड़ित व्यक्ति को दही का सेवन करना चाहिए।

ऐसे कई घरेलू उपाय है जैसे पपीता,मूली,टमाटर,जैसी चीजों का सेवन करने से पीलिया जैसी बीमारियों को ठीक किया जा सकता है साफ तौर पर अगर आपको कहे तो सब्जी और ताजा भोजन और प्रोटीन युक्त भोजन खाने से पीलिया की बीमारी को ठीक करने में मदद मिलती हैं।

 

पीलिया (जॉन्डिस) के प्रकार  – Types of Jaundice

पीलिया के कोई खास प्रकार नही होते हैं लेकिन मेडिकल हिस्ट्री में पीलिया के मुख्य तीन प्रकार है जैसे कि हीमोलाइटिक,हैप्टोसैलुलर और ऑब्सट्रक्टिव है इन तीनो प्रकार में कैसे लक्षण पाए जाते हैं उसकी जानकारी नीचे मौजूद है।

  • हीमोलाइटिक : यह प्रकार काफी गंभीर माना जाता है और इसमें पीलिया के लक्षण धीरे धीरे दिखाई देते है जिससे मरीज़ को पीलिया से शरीर पर गंभीर असर पड़ता हैं। पीलिया के इस प्रकार में रेड ब्लड कोशिका प्रभावित होने के कारण बिलिरुबिन की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। जिससे पीलिया गंभीर रूप लेता है। लेकिन सबसे जरूरी बात बता दे इसका इलाज़ होने पर कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।
  • हैप्टोसैलुलर : लिवर की समस्या या बीमारी से पीड़ित को अगर पीलिया होता है तो उसका प्रकार हैप्टोसैलुलर माना जाता है और कई बार चोट लगने से होनी वाली पीलिया की बीमारी को भी इस प्रकार से जाना जाता हैं।
  • ऑब्सट्रक्टिव : ज्यादातर मरीजों को इस प्रकार का पीलिया होता है जैसे कि ऑब्सट्रक्टिव का प्रकार देखने को मिलता है और इसको दूसरे प्रकार के पीलिया से गंभीर माना जाता है यह बाइल डस्ट के कारण पीलिया की बीमारी पैदा करता है।

 

पीलिया की अंग्रेजी दवा – English Medicine for Jaundice

पीलिया रोग के निदान के लिए बेहद विकल्प डॉक्टर है जो आपके शरीर के तापमान और तासीर के मुताबिक अंग्रेजी दवाओं द्वारा आपका इलाज करते है कुछ दवाइयां है जो डॉक्टर द्वारा आपको लेने की सलाह दी जाती हैं।

  • लुमिनल टेबलेट-Luminal Tablet
  • सोल्फोटों टेबलेट -Solfoton Tablet
  • इ-लिन -E-Lin
  • बार्बीटा टेबलेट -Barbita Tablet

कुछ इस तरह की पीलिया की अंग्रेजी दवा होती हैं लेकिन इसको कैसे और किस तरह से लेना है वह इलाज कर रहे डॉक्टर पर निर्भर करता है

हमारा आपसे अनुरोध है अगर आपको पीलिया के लक्षण हो और आपको यकीन हो कि आपको पीलिया की बीमारी है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाए और डॉक्टर के सलाह सूचना का पालन करे।

 

पीलिया रोग से कैसे बचें

पीलिया से डरने की बात नही है लेकिन यह बीमारी हर किसी को नही होती हैं फिर भी गर्मी के मौसम में खानपान की चीज़ों में ध्यान देना बेहद जरूरी है

साथ ही आपको बता दें टीकाकरण अवश्य लगवाए और छोटे बच्चों को टीकाकरण लगवाने से पीलिया जैसी होने वाली गंभीर बीमारी से बचाया जा सकता है

सबसे जरूरी और महत्वपूर्ण बात स्वस्थ आहार जो किसी भी तरह की बीमारियों से बचने में मदद करता है। अपनी सेहत की जिम्मेदारी हमे खुद रखनी पड़ती हैं

इसलिए बदलते मौसम के साथ खानपान में ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। एक बार आपको फिर से बता दें पीलिया की बीमारी से बचने का आसान तरीका है स्वस्थ पानी पीजिए और तंदुरुस्त भोजन का सेवन कीजिए।

 

Disclaimer

इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न विशेषज्ञों के अध्ययन और राय के साथ-साथ आम आदमी के स्वास्थ्य पर आधारित है। इस जानकारी को देने का उद्देश्य विषय से परिचित होना है। पाठकों को अपने स्वास्थ्य के आधार पर कोई भी निर्णय लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

 

Conclusion

इस लेख में हम ने पीलिया के लक्षण (जॉन्डिस) के घरेलू उपाय व लक्षण के बारे में जाना | आशा करते है आप Piliya ke Lakshan की पूरी जानकारी जान चुके होंगे

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यदि पीलिया केका इलाज संबंधित कोई भी सवाल होगा तो आप नीस कमेंट में पूछ सकते है जिसका हम जरूर जवाब देंगे | शुरू से अंत तक इस लेख को Read करने के लिए आप सभी का तहेदिल से शुक्रिया…

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