सफेद दाग की क्रीम पतंजलि – सफेद दाग हटाने के घरेलु उपचार

सफेद दाग की क्रीम पतंजलि : आज हर कोई सुंदर दिखना चाहता है। हर महिला और पुरुष को यह लगता है की वह सबसे सुंदर दिखे, लेकिन कई बार आपके चेहरे पर के दाग आपकी सुंदरता को बिगड़ देते है।

चेहरे पर आने वाले सफेद दाग यह चर्म रोग है, जो आपके चेहरे की सुंदरता को कम करता है। सफेद दाग की क्रीम पतंजलि में उपलब्ध है। इसके बारे में हम विस्तार से जानेंगे।

इस लेख में हम सफेद दाग क्यों आते है, हमे क्या कहना चाहिए और क्या नहीं कहना चाहिए, और चेहरे पर लगाने वले क्रीम के बारे में की बताएंगे।

सफेद दाग की क्रीम पतंजलि – Safed daag ki Cream patanjali

Safed daag ka ilaaj patanjali
Safed daag ki Cream patanjali

 

चेहरे पर सफेद दाग कब आते है

सफेद दाग यह एक त्वचा संबंधी बीमारी है। कई लोगों में यह समस्या दिखाई पड़ती है। हमारे त्वचा को रंग प्रदान करने वले कोशिकाओ में गड़बड़ होने से सफेद दाग की समस्या उत्पन्न होती है।

इस कोशिकाओ को melanocytes कहते है। इन कोशिकाओ में Melanin नामक Pigment तयार होता है।

लेकिन जब सफेद दाग की समस्या होती है, तब स्किन के कुछ हिस्सों में यह pigment तयार नहीं होता, और उस जगह पर सफेद दाग आते है। उसे उसे सफेद दाग (vitiligo) ऐसा कहते है।

सफेद दागों की समस्या किसी को छूने से नहीं फैलती है। एक दूसरे के संपर्क में आने से सफेद दागों की समस्या नहीं फैलती। इसके बहुत से कारण है।

कभी कभी यह त्वचा विकार आनुवंशिक भी होता है। अगर आपके परिवर में किसीको यह समस्या है तो यह विकार होने की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन इसके 30% संभावना होती है की यह समस्या आपको भी हो। 70% लोगों मे ऐसा नहीं भी होता है।

कई लोग विरुद्धह आहार लेते है। आयुर्वेद नुसार विरुद्ध आहार लेना हमे नुकसान दायक हो सकता है। इससे हमारे शरीर में कई बीमारिया हो सकती है। सफेद दाग होना यह भी उसी का प्रकार है।

अगर हम मछली के साथ दूध का सेवन करते है, या फिर पपीता या खरबूजा एक ही साथ खाते है, तो हमे भी सफेद दाग की समस्या हो सकती है।

दूध दही और नमक के पदार्थों का एक साथ सेवन करने से भी ऐसी समस्या होने के संभावना ज्यादा होती है

 

सफेद दाग (Vitiligo) होने के संकेत

  • शरीर के अंगों पर छोटे बड़े आकार के सफेद दाग आना शुरू हो जाता है।
  • ज्यादातर यह शूरवात में हाथ की और पैर की उंगलियों में, होंट, हाथ और पैरों के जोड़ों में आते है।
  • दाग आई हुई जगह पर खुजली, जलन जैसे समस्या होती होती। और सिर्फ रंग में ही फरक आने लगता है।
  • Vitiligo की वजह से केवल वटच का ही रंग सफेद नहीं होता, बल्कि बालों का रंग भी सफेद होता है। इन सफेद दागों की वजह से कई बार धूप में परेशानी भी होती है।

 

सफेद दाग (vitiligo) के प्रकार

  • सफेद दागों के आकार अनुसार उसका दो भागों में विश्लेषण किया जाता है। Segmental और Non-segmental
  • सेगमेंटल इस प्रकार में त्वचा के एकही जगह पर सफेद दाग आते है। ये बोहोत धीरे-धीरे फैलते है।
  • Non-segmental इस प्रकार में त्वचा के कई भागों पे सफेद दाग आते है और उनका आकार भी बढ़त रहता है। और यह बोहोत ही ज्यादा तेजी से फैलते है।

 

सफेद दाग और उनसे होने वाले परिणाम

सफेद दाग होने से उसका कोई भी विपरीत परिणाम हमारे आरोग्य पर नहीं होता। बस वटच का राग बदल जाता है।

Vitiligo की समस्या रहने वाले व्यक्ति को धूप से बहुत तकलीफ होती है। इसलिए ऐसे व्यक्तियों ने Sunscreen का इस्तेमाल करना चाहिए।

इसके अलावा उस व्यक्ति के शरीर पे कुछ खास असर नहीं होता है। लेकिन इस वजह से उनके मन पर असर हो सकता है ।

वह खुद को कमजोर समझने लगते है। उसका खुद पर से विश्वास कम कम होने लगता है।

सुंदरता में कमी होने के कारण उस व्यक्ति में आत्मविश्वास कम होने लगता है। और उसे सब के साथ घुल मिलने में डर लगता है। इस कारण उस व्यक्ति में डिप्रेशन की समस्या हो सकती है।

 

सफेद दाग होने पर क्या खाना चाहिए

सफेद दाग होने पर ताजी सब्जिया खानी चाहिए। हरी सब्जियों में भरपूर मात्र में विटामिन और मिनेरल्स होते है। जो हमारे त्वचा के लिए बहुत अच्छा और फायदेमंद होता है।

उसी के साथ ताजे फलों का भी सेवन भी करना चाहिए। जिस फलों में Vitamin “C भरपूर मात्र में है वह फल ज्यादा कहना चाहिए – Vitamin “C हमारे स्किन के लिए बहुत अच्छा होता है।

पोंष्टीक आहार लेना चाहिए। जिसमे रोटी, दाल, चावल इन सबका समावेश होना चाहिए। हमे सब प्रकार की दाल खाना चाहिए।

 

सफेद दाग होने पर क्या नहीं खाना चाहिए

सफेद दाग होने पर विरुद्ध आहार लेने से बचना चाहिए।

  • जैसे की दूध दही के साथ नमक वाली चीजे खाने से बचना चाहिए।
  • दूध के साथ मछली या चिकन नहीं खाना चाहिए।
  • खरबूज और पपीता साथ में नहीं खाना चाहिए।
  • दही का सेवन रात में ना करें
  • बैगन की सब्जी का सेवन ना करें
  • मूली के साथ अचार का सेवन ना करें

 

सफेद दागों का इलाज (Treatment of vitiligo)

सफेद दाग का इलाज उसके प्रकार और आकार पर निर्भर करता है। इसके इलाज में त्वचा पर लगाने वाली क्रीम, खाने वाली दवाई इनका समावेश होता है।

सफेद दाग हटाने की क्रीम पतंजलि में उपलब्ध है। आज दवाई ली और कल सब ठीक हो गया ऐसा इस त्वचा विकार में नहीं होता। इस लिए सफेद दाग के इलाज में कम से कम तीन महीने तक दवाई लेना पड़ती है।

अच्छे तरीके से सफेद दागों का इलाज करने से यह समस्या धीरे-धीरे कम हो सकती है। उसके बारे में आगे विस्तार से बताया है।

 

सफेद दाग की क्रीम पतंजलि श्रितरघ्न लेप

सफेद दागों के लिए पतंजलि श्रितरघ्न लेप बहुत गुणकारी और असरदार साबित होता है। इसके रोजाना इस्तेमाल से सफेद दागों से छुटकारा मिल सकता है।

यह लेप शहद या फिर गोवर्धन अर्क के साथ मिलाकर रोज रात को लगाना चाहिए। जब आप यह लेप लगाने की शूरवात करते है तब आपकी स्किन खुरदरी भी हो सकती है। तब आपको रोज अपने स्किन पर मॉइस्चराइज़र भी लगाना पड़ेगा, ताकि त्वचा की नमी बरकरार रहे।

इस लेप से आपकी त्वचा लाल भी हो सकी है, लेकिन चिंता न करे। यह कुछ दिनों बाद ठीक हो जाएगा।

सफेद दाग की क्रीम के लिए डॉक्टर Tolenorm Oil Ointment नामक क्रीम को इस्तिमाल करने की भी सलाह ज्यादा देते है जो सफेद दाग हटाने में ज्यादा कार्यशील है ( यह क्रीम लेने के पहले आप को dermatologist से चर्चा करना जरूरी है )

 

सफेद दाग की दवा पतंजलि कायाकल्प वटी (Divya Kayakalp Vati)

दिव्य कायाकल्प वटी सफेद दागों को हटाने में बहुत असरदार साबित होती है। यह आपके खून को शुद्ध करती है, और आपके त्वचा विकारों को दूर करने में मदद करती है।

 

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दिव्य कायाकल्प वटी का अर्क हमारे स्किन में मौजूद Melanin पिग्मन्ट को पुनःनिर्मित करने में मदद करता है। जिस व्यक्ति को सफेद दागों की समस्या है, उसने यह दिव्य कायाकल्प वटी रोज सुबह 2 गोलो और रात को 2 गोली का सेवन करना चाहिए।

इससे उनकी सफेद दागों की समस्या दूर हो जाएगी। कई बार यह डॉक्टर के परामर्श के अनुसार भी लेना भी अनुचित होता है। तो यह वटी लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले।

 

सफेद दाग की दवा पतंजलि दिव्य गिलोय सत (Divya Giloy Sat)

दिव्य गिलोय सत यह हमारे शरीर में होने वले गड़बड़ को रोकता है। यह हमारे खून को भी साफ करता है। जो Melanin pigment की मात्र कम हुई है उसे रोकने में भी मदद करता है।

 

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इस तरह यह सफेद दागों को रोकने में मदद करता है। यह हम घर पर भी बना सकते है। गिलोय की डाली को तोड़े और उसे रात भर पानी में भिगोकर रखे।

पानी उतना ही ले जितना की डाली भीग सके। अगली सुबह यह डाली को पीसकर उसका अवशेष निकाल ले। और बाकी बचे हुए पानी को फेक दे।

उसके बाद इस अवशेष को धूप में सुखाए और सुख गोल बनाने दे। इसको गिलोय सत कहते है। बादमे इसका सेवन करे।

 

दिव्य बकुची चूर्ण (Divya Bakuchi Churna)

दिव्य बकुची चूर्ण त्वचा विकारों को ठीक करता है, यह ल्यूकोडर्मा या सफेद दाग को नियंत्रित करता है। बकुची एक बहुत शक्तिशाली बीज है जो रक्त शोधक के रूप में कार्य करता है और त्वचा को होने वाले नुकसान को नियंत्रित और ठीक करता है।

 

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बकुची चूर्ण प्राकृतिक अर्क से बनाया गया है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। चर्म रोग से परेशान न हों। अपने रक्त से विषाक्त पदार्थों और सूक्ष्म जीवों को साफ करने और स्वस्थ, चमकती त्वचा पाने के लिए बकुची चूर्ण का सेवन करें। जिस से आप की त्वचा तो निखरेगी बल्कि चहरे के सफेद दाग भी काफी हद तक नियंत्रित होंगे

बकुची चूर्ण का सेवन चिकित्सक द्वारा निर्देशित के अंतर्गत ही लेना चाहिए

 

सफेद दाग की पतंजलि क्रीम का नाम बताये

हम सभी जानते है पंतजलि एक बाबा रामदेव के अंतर्गत बनाया आयर्वेदिक ब्रांड है जिसमे मानवी स्वस्थ से जुड़े सभी प्रकार के Ayurvedic टेबलेट, दवा, क्रीम, चूर्ण और तेल उपलब्ध है

जहा हम स्वस्थ से जुड़े सभी प्रकार के इलाज की आयुर्वेदिक दवा प्राप्त कर सकते है लेकिन फिलाल सफेद दाग याने ( Vitiligo ) से जुडी किसी भी तरह की पतंजलि क्रीम स्टोर में उपलब्ध नहीं है

लेकिन टेबलेट और चूर्ण उपलब्ध है जिसके मदत से आप चहरे के सफेद दाग को नियंत्रण में कर सकते है लेकिन सफेद दाग की पतंजलि क्रीम अभी उपलब्ध नहीं परंतु भविष्य में इस बीमारी से जुडी क्रीम भी जल्द से जल्द पतंजलि स्टोर पर आप को देखने के लिए मिल सकती है

निचे दिए बटन पर क्लिक करे के आप पतंजलि के ऑनलाइन स्टोर पर विजिट कर सकते है जहा ऊपर सर्च बार में ” Vitiligo cream ” याने सफ़ेद दाग की क्रीम ऐसे सर्च कर देख सकते है वह फिलाल Vitiligo संबंधित कोई क्रीम उपलब्ध नहीं है लेकिन भविष्य में यहाँ आप को पंतजलि सफ़ेद दाग की क्रीम जरूर देखने मिलेगी

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सफेद दाग (Vitiligo) के लिए घरेलू इलाज

 

  • पपीता का सेवन :

जिन व्यक्तियों को सफेद दागों की समस्या होती है, उन्होंने पपीता का सेवन करना बोहोत उपयुक्त माना जाता है। उसी के साथ जिस जगह सफेद दाग है उस जगह पपीता लगाने से सफेद दागों किन समस्या दूर हो सजती है। इसका प्रयोग करना चाहिए।

  • तुलसी के पत्ते और नींबू का रस:

तुलसी के पत्तों का रस नींबू के रस के साथ मिक्स करके उसका मिश्रण तयार कीजिए। और यह मिश्रण रोज रात को सफेद दागों पर लगाए। सफेद दागों से छुटकारा पाने के लिए यह उपयुक्त उपाय है।

  • हल्दी और राई का तेल:

एक चम्मच हल्दी में राई का तेल मिक्स करे और उसका मिश्रण तयार करे। अब इस मिश्रण को रोज लगाए। यह नुस्खा भी सफेद दागों के लिए काफी असरदार साबित होता है।

  • आक्रोड:

सफेद दागों वाले व्यक्तियों ने रोज 5-6 आक्रोड खाने चाहिए। आक्रोड में मौजूद विटामिन और झींक त्वचा रोग को काम करने में मदद करती है।

  • तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी:

रोज सुबह उठने के बाद तांबे के बर्तन में रखा हुआ पनि पीने से सफेद दाग कम होने में मदद मिलती है। इससे Melanin pigment की निर्मिती होती है। यह सब घरगुती उपाय सफेद दागों पर काफी उपयुक्त है।

 

सफेद दाग वालों ने इन बातों का ध्यान रखना चाहिए

  • पेट में किटाणु या फिर कृमि की वजह से दर्द न हो इस बात पर ध्यान देना चाहिए। क्योंकि कृमि की वजह से सफेद दाग हो सकते है। इसलिए काम से काम साल में एक बार तो भी किटाणुनाशक दवाई डॉक्टर के सलाह से ले।
  • नहाने के लिए केमिकल वाली साबुन का प्रयोग न करे। हर्बल साबुन या फिर आयुर्वेदिक साबुन का ही इस्तेमाल करे।
  • मुलायम और रुई के कपड़े ही पहने। टेरिलेने या पसीना सोकने वाले कपड़े ना पहने।
  • डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवाई, क्रीम या पाउडर का इस्तेमाल न करे।
  • मानसिक तनाव ना ले।
  • झींक, विटामिन-सी से भरपूर पदार्थों का सेवन करे। मटन, चिकन, काजू, बादाम इसमे झींक की मात्र पर्यंत रूप में उपलब्ध होती है, और साथ ही नींबू, आवल, संतरा इसमे विटामिन-सी की मात्र पर्याप्त रूप में होती है। इन पदार्थों का सेवन करे।

 

FAQ : Safed daag ka ilaaj patanjali

सवाल : शरीर के किस अंग पर सफेद दाग आते है
जवाब : मेलानिन की कमी की वजह से सफेद दाग शरीर के किसी भी अंग पर आ सकते है। उसमे भी हाथ, पैर, चेहरा, होंट यह ज्यादा दिखाई पड़ते है। इसके अलावा मुह के अंदर, नाक में, कान में यह भी दिखाई पड़ते है।

सवाल : आनुवंशिकता के कारण सफेद दाग (vitiligo) हो सकता है क्या
जवाब : आनुवंशिकता से विटीलिगों यह समस्या एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाती है या नहीं इसमे लोगों की बहुत सी राय है। क्योंकि बहुत लोगों के घर में उनके पहली पीढ़ी में यह समस्या होने के बावजूद अगली पीढ़ी में यह समस्या देखने को नहीं मिलती।

लेकिन सफेद दाग की समस्या एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाना इसकी 30% संभावना होती है। बाकी की 70% लोगों में यह समस्या नहीं होती। इससे यह काग सकते है की अगर आपके परिवार में कोई है जिनको ऐसी समस्या है, तो शायद आपको भी यह समस्या आ सकती है।

सवाल : क्या आयुर्वेदिक ट्रीट्मन्ट यह समस्या पूरी तरह से ठीक कर सकती है
जवाब : हाँ, आयुर्वेदक जड़ीबूटी Vitiligo की समस्या पूरी तरह से ठीक कर सकता है। ईसी के साथ आयुर्वेदिक जड़ी बूटी सफेद दाग बढ़ने से भी बचाता है, और सफेद दागों की जगह Pigment फिर से तयार करना भी चालू करता है।

सवाल : सफेद दाग का आयुर्वेदिक इलाज क्यों
जवाब : विटीलिगों यह एक वर्णक विकार है। विटीलिगों का इलाज आयुर्वेदिक बहुत अच्छे से कर सकता है। इसकी जड़ीबूटिया बहुत ही असरदार होती है, जो सफेद दागों को जड़ से मिटती है। और उन्हे फैलने से भी रोकती है। आयुर्वेद 5000 साल पुरानी प्रथा है, और बिना किसी दुष्प्रभाव के रोग के मूल कारण पर काम करती है।

 सफेद दाग को जल्द से जल्द मिटाने के लिए डॉक्टर रोजाना योगा और व्यायाम करने की सलाह देते है और कम से कम दिन में 4 लीटर पानी पिने के लिए कहते है जिस के वजह से आप को इस परेशानी से राहत मिलने की संभवना अधिक होती है 

इस लेख में हमने यह जाना की सफेद दाग या विटीलिगों होने के क्या कारण हो सकते है। उसके घरेलू उपाय के बारे में भी चर्चा की। जिनके चहरे पर सफेद दाग है उन्होंने किस तरह से अपने चहरे का ध्यान रखना चाहिए यह विस्तार में बताने की कोशिश की है

ईसी के साथ क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिये यह भी बताया है । पतंजलि यह एक आयुर्वेदिक ब्रांड है। सफेद दाग की क्रीम पतंजलि में उपलब्ध है, अगर नहीं होगी तो आप सफेद दाग हटाने के टेबलेट या चूर्ण का सेवन कर सकते

उसी के साथ सफेद दाग की दवा पतंजलि में मौजूद है। इसके रोजाना इस्तेमाल से यह समस्या आसानी से जड़ से मीट सकती है। यह लेख आपको कैसा लगा ये हमे निचे कमेंट करके जरूर बताए !

इसके अलवा सफ़ेद दाग को लेकर आपके मन में कोई सवाल है तो उसे भी आप निचे कमेंट में पूछ सकते है जिसका हम जरूर जवाब देंगे

 

Disclaimer

इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न विशेषज्ञों के अध्ययन और राय के साथ-साथ आम आदमी के स्वास्थ्य पर आधारित है। इस जानकारी को देने का उद्देश्य विषय से परिचित होना है। पाठकों को अपने स्वास्थ्य के आधार पर कोई भी निर्णय लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

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