थायराइड का रामबाण इलाज – Thyroid ka Rambaan ilaj in Hindi

थायराइड का रामबाण इलाज – थायराइड की समस्या लगभग हर किसी को होती है यह आमतौर पर गर्दन के अंदर होती हैं मेडिकल भाषा मे इंडोक्राइन कहते हैं। थायराइड की समस्या महिलाओं को ज्यादा होती है।

आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से थायराइड का रामबाण इलाज़ और महत्वपूर्ण जानकारी से रूबरू करवाएंगे जो आपके लिए बेहद रोचक होने वाली है।

आमतौर पर गर्दन और गला हमारे शरीर का एक ऐसा हिस्सा है जिनकी समस्या होने पर हमारी जीवनशैली में काफी गहरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए ऐसे हिस्से में बीमारी न होने का काफी ध्यान रखना पड़ता है

और कई बार ऐसी बीमारी हमारी लापरवाही से होती है उनमें से एक है थायराइड गर्दन की बीमारी। लेकिन आपको डरने की जरूरत नही है यह उतनी गंभीर बीमारी नही है

जितना हम सोचते हैं इसको कई घरेलू या एलोपैथिक उपचार के माध्यम से इलाज किया जा सकता है हम आपको इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए कई उपचार और महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में बतायेगें।

 

अनुक्रम

थायराइड का रामबाण इलाज – Thyroid ka Rambaan ilaj

 

Thyroid ka Rambaan ilaj
Thyroid ka Rambaan ilaj in Hindi

 

थायराइड (Thyroid) क्‍या होता है

वैसे थायराइड के दो प्रकार है हाइपरथायराइड (Hyperthyroid) और हाइपोथायराइड (Hypothyroid) और हार्मोन के विकार के कारण थायराइड की समस्या होती है

साथ ही गले का इंफेक्शन हमारे रोजाना जीवनशैली के दौरान होने वाली आम समस्या है। उनमें से एक होती हैं थायराइड की समस्या।

थायराइड ग्रंथि का एक हिस्सा है जो हार्मोन बनाने पर थायराइड जैसी समस्‍या होती है साफ तौर पर बताये तो यह एक गर्दन के अंदर मौजूद ग्रंथी की एक सूजन है जो इंफेक्शन और खानपान की चीज़ों है होती है।

और पुरुषों की तुलना में यह समस्या महिलाओं में ज्यादा होती हैं अब इसका कारण क्या है उपचार और इलाज के बारे में हम निचे दिए लेख में जानने की कोशिश करेंगे

 

हाइपर थायराइड का रामबाण इलाज – Hyper thyroid Ka Rambaan ilaj

आमतौर पर हाइपर थायराइड एक तरह का इंफेक्शन से होने वाली समस्या है और इसको घरेलू उपाय द्वारा भी ठीक किया जा सकता है।

आपको बता दें इस समस्या को जड़ से ठीक करने के लिए कई घरेलू और रामबाण इलाज मौजूद है कई बीमारियों को हमने घरेलू नुस्खे और रामबाण इलाज द्वारा ठीक होते हुए देखा है वैसी ही हाइपर थायराइड का रामबाण इलाज़ है जिनकी जानकारी हमने नीचे दी है।

 

साबुन धनिया :

हाइपर थायराइड की समस्या हार्मोन द्वारा होती हैं जिसको ठीक करने के लिए हार्मोन विकार से होने वाले इंफेक्शन को ठीक करना बेहद जरूरी होता है जिसमे साबुन धनिया काफी फायदेमंद चीज होती हैं।

रात को एक या दो चम्मच साबुन धनिये को एक ग्लास में भिगोकर रखदे और सुबह गर्म पानी मे उबाल लीजिए,तब तक उबाले जब तक आधा ग्लास बचे बाद में एक चम्मच नमक डालकर गरारे करें इस उपाय से थाइराइड की समस्या से जड़ से छुटकारा मिलेगा।


अदरक और गर्म पानी :

अदरक की आयुर्वेदिक उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका रही हैं ऐसे में अगर थाइराइड की समस्या की बात करे तो यह काफी फायदेमंद है | इसको इस्तेमाल करने का आसन तरीका है अदरक के छोटे टुकड़े को मुँह में चबाने से गले मे थाइराइड के लक्षणों में राहत मिलती हैं इसके अलावा अदरक को गर्म पानी मे उबालकर उस पानी को खाली पेट पीने से गले में होने वाला इंफेक्शन ठीक हो जाता है।


दही और दूध का सेवन:

आयुवेर्दिक दवाओं में दूध का उपयोग होना आम बात है लेकिन क्या आपको पता है दही और दूध थाइराइड की समस्या से झुज रहे लोगों के लिए फायदेमंद है दही और दूध में कैल्शियम और विटामिन मौजूद होते है। इसका रोजाना सुबह और शाम सेवन करने से थाइराइड की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।


हल्दी और दूध :

हल्दी की आधी चम्मच दूध में उबालकर खाने से पहले सेवन करने से गले की समस्या ठीक होती है साथ ही थाइराइड जैसी बीमारियों भी ठीक किया जा सकता है। अक्सर दूध और हल्दी का उपयोग हमारे घर मे रोजाना होता है साथ ही इसका उपयोग थाइराइड की बीमारी के लिए करने से काफी फायदेमंद होता है


ऊपर बताये गए ऐसे रामबाण इलाज है जिसके इस्तेमाल या उपयोग करने से थाइराइड की समस्या को ठीक कर सकते हैं।

आपको बता दें इसके अलावा हम आपको अन्य महत्वपूर्ण जानकारी बतायेगें। जिनसे आपको इस बीमारी को ठीक करने में मदद मिलेंगी।

 

आयुर्वेद में थायराइड का इलाज – Ayurvedic Thyroid ka ilaj

हमने कहि बार देखा है महंगी और ढेर सारी दवाओं का सेवन करने के बावजूद थायराइड की समस्या ठीक नही होती है | ऐसे में कई आयुर्वेद इलाज द्वारा इस समस्या को ठीक किया जा सकता है।

थाइराइड के लिए आयुर्वेद इलाज कई होते हैं लेकिन आयुर्वेद इलाज के लिए प्रोटीनयुक्त और विटामिन से भरपूर साथ ही कैल्शियम जैसी चीजें मौजूद हो वैसी चीजों का सेवन और इलाज के किए इस्तेमाल करना चाहिए।

थायराइड में ज्यादातर लोगो को गर्दन की ग्रंथी में सूजन आ जाती है। इस स्थिति में कैसे आयुर्वेद इलाज की जरूरत होती है उनकी जानकारी हमने नीचे दी है।

 

दालचीनी :

हमारे भोजन में ज्याफ नमकीन खाना खाने से गले की समस्या पैदा होती है उनमें से एक थाइराइड है अगर आपको इसकी समस्या है तो हमारे भोजन में ज्यादा तला हुआ और नमकीन खाना नही खाना चाहिए क्योंकि इससे समस्या बढ़ सकती है इसलिए हरोज भोजन में दालचीनी का उपयोग करना चाहिए जिससे थाइराइड की समस्या जल्द ठीक करने में मदद मिलती है और धीरे धीरे थाइराइड के इंफेक्शन को ठीक करती है।


विभीतिका का चूर्ण:

यह चूर्ण आम तौर में हमारे रोजाना जीवनशैली में उपयोग नही करते लेकिन थाइराइड होने पर इसका इस्तेमाल करना चाहिए। विभीतिका चुर्ण के साथ अश्वगंधा चुर्ण शहद में दो चम्मच मिलकर दिन में तीन बाद पीने से थाइराइड समस्या जड़से खत्म हो सकती हैं।


गाय का घी:

वैसे आयुर्वेद में सबसे विटामिनयुक्त चीज गाय के घी को मानी जाती है। और थाइराइड समस्या होने पर गाय के घी को ठंडा कर के नाक में एक या दो बूंदे डालकर थोड़ी देर आराम करें,इस प्रकार से थाइराइड को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

ग्रंथि के सूजन और हार्मोन के विकास द्वारा होनेवाली समस्या को ठीक करने के लिए इन उपाय का इस्तेमाल कर ठीक कर सकते है।

कई साधारण बीमारियों को हम घरेलू नुस्खे और उपचार से ठीक करते हैं वैसे ही थाइराइड जैसी समस्या को थी ठीक किया जा सकता है।

लेकिन अगर आपको यह समस्या काफी समय से हैं और आयुर्वेद इलाज के बावजूद ठीक नही हो रही हैं आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए या डॉक्टर से इलाज करवाना चाहिए।

 

थायराइड का रामबाण इलाज पतंजलि – Thyroid Ka Rambaan ilaj Patanjali

थाइराइड के कारण गले मे सूजन,जलन,दर्द और बालों को प्रभावित करने वाली लक्षण पाए जाते हैं। ऐसे में अगर थाइराइड की समस्या को ठीक करना है तो थायराइड का रामबाण इलाज पतंजलि से किया जाता है हम आपको महत्वपूर्ण पतंजलि इलाज़ के बारे मे कुछ जानकारी नीचे दी है।

  • थाइराइड का रामबाण पतंजलि इलाज है अश्वगंधा और गिलोय इसका इस्तेमाल आसान है और बाजार में मौजूद आसानी से मिलने वाली चीजें हैं आपको बता दें अश्वगंधा और गिलोय की एक या दो गोली लेने से कितनी भी बड़ी थाइराइड की समस्या हो वो ठीक हो जाती है।
  • एलोवेरा और आवंला का जूस थाइराइड की समस्या से होने वाली सूजन दर्द में राहत पाने में मदद करता है इसको सुबह चाय पीने से पहले रोजाना जूस का सेवन करना चाहिए जिससे थाइराइड के कारण होने वाले दूसरे लक्षण कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते है।
  • नायरल का तेल द्वारा इस बीमारी को ठीक करने का इलाज काफी फायदेमंद रहा है। इस मे ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो इंफेक्शन को ठीक करने में मदद मिलती हैं आपको बता दें नायरल का तेल एक या दो चम्मच उबले हुए पानी मे डालकर खाली पेट सुबह और शाम लेने से थाइराइड जैसे बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है।
  • शहद और गर्म पानी का इस्तेमाल करना थाइराइड की समस्या में राहत मिलती है इसका इस्तेमाल करना बेहद फायदेमंद शहद में ऐसे भारी तत्व होते है जो गले में मौजूद दूषित तत्वों को नष्ठ करने में मदद करता है।

 

इसके अलावा थाइराइड पीड़ित व्यक्ति को क्या करना चाहिए

  • हमारे हर दिन की शुरुआत होती हैं और दिन की शुरुआत के साथ ही हमारे भोजन को ग्रहण करना शुरू कर देते है जिनमे कई भोजन हमारे सेहत के लिए हानिकारक होते हैं या उनमे मौजूद दूषित तत्व बीमारी का कारण बनते हैं। ऐसे में दिन की शुरुआत के साथ खानपान में भी ध्यान रखना जरूरी है।
  • थाइराइड से पीड़ित व्यक्ति को सुबह चाय की जगह रोज दूध का सेवन करना चाहिए। अगर आप इस समस्या के लिए दवाइयां ले रहे है तो वो भी दूध के साथ ले सकते हैं जिससे से यह बीमारी से जड़ से छुटकारा पाने में मदद मिलती हैं।
  • दो वक्त के खाने में यानीके दोपहर और शाम के भोजन में दालचीनी वाला भोजन ले,लहसुन,ट्रॉबेरी की पत्तियों का उपयोग करना चाहिए, इसके अलावा नीला शाकभाजी सब्जी में इस्तेमाल करना चाहिए। कुल मिलाकर स्वस्थ और प्रोटीनयुक्त खाना पीना चाहिए।

 

थायराइड के कारण

वैसे अगर देखा जाए तो थायराइड गंभीर बीमारी नही लेकिन ऐसा नही है कि इस बीमारी को नजरअंदाज करना चाहिए, अगर इसका इलाज समय पर नही हुआ तो कई गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है।

लेकिन हमने इस बीमारी के कारण के बारे में सटीक जानकारी दी है जो थायराइड जैसी बीमारी होती हैं।

  • ग्रंथि में सूजन: हार्मोन में ज्यादा मात्रा में स्राव होने से गर्दन की ग्रंथि में सूजन या गांठ होती हैं। जो थायराइड का कारण बनती हैं।
  • ग्रेव्स: यह एक तरह का डिजीज है जिसे आम तौर पर एक छोटी सी बीमारी मानते हैं इस बीमारी के कारण भी कई बार थायराइड जैसी समस्या पैदा होती हैं जो हमारे गले को काफी प्रभावित करती हैं।
  • आयोडीन का सेवन: आयोडीन एक माइक्रोन्‍यूट्रिएंट है जो हार्मोन को काफी प्रभावित करता है। आयोडीन जैसी चीजों का ज्यादा सेवन करने से गले मे मौजूद शुष्म तत्वों बनते हैं जो ग्रंथि के इंफेक्शन होता है और थायराइड जैसी बीमारी होती हैं।
  • गर्भवस्था: इस स्थिति में गर्भवती महिलाओं के हार्मोन में काफी बदलाव देखने को मिलते हैं जिनसे हाइपरथायराइडिज्‍म होता है और पिट्यूटरी ग्रंथि प्रभावित होती हैं ऐसे में महिलाओं को हार्मोन को लक्षण पाने वाले भोजन का सेवन करना चाहिए।

 

थायराइड का एलोपैथिक इलाज – Allopathic Treatment for thyroid in Hindi

हमने आपको बताया कि थायराइड तरह के होते हैं अब आपको बता दें इन दो तरह के थायराइड में क्या फर्क है।

जिनमे हाइपोथायराइड में थाइरॉक्सिन हार्मोन लेवन टी-3,टी-4 लो लेवल तक नीचे चला जाता है। और इससे हाई लेवल में चला जाता है तो उसे हम हाइपर थायराइड कहते है अब आपको इन दोनों के बीच का अंतर पता चल गया होगा अब बात करते हैं | थायराइड का एलोपैथिक इलाज क्या है

 

हाइपो थायराइड 

इसमें डॉक्टर आपको ऊपर से थाइरॉक्सिन हार्मोन्स खाने की दवाइयां देते है। इसमें कई माइक्रो ग्राम की एलोपैथिक टेबलेट आती हैं। और यह दवाइयां डॉक्टर द्वारा किए जानेवाले मेडिकल रिपोर्ट आधारित दी जाती हैं।

उसके अलावा आपके मेडिकल हिस्ट्री की जांच भी होती हैं थायराइड के साथ आपको दूसरी बीमारी है कि नही कितना गंभीर है सब चैकअप के बाद एलोपैथिक दवाओ का सवेंन किया जाता है।


हाइपर थायराइड

इसमें दूसरे थायराइड के प्रकाश की तरह उल्टा इलाज किया जाता है जैसे कि इसमें अगर थाइरॉक्सिन हार्मोन्स टी-3, टी-4 से बढ़ गया है तो उसे कम कर के इलाज़ किया जाता है या उसे कंट्रोल कर के एलोपैथिक उपचार के माध्यम से इलाज किया जाता है।

इसमें डॉक्टर द्वारा दी जानेवाली कारगर टेबलेट की बात करे तो Neomercazole और carbimazole ग्रुप की टेबलेट दी जाती है जो आपको जड़ से खत्म करने के लिए एक दो महीने तक इसका सेवन करना पड़ता है पहले की तरह आपको बता दें यह आपके मेडिकल रिपोर्ट पर निर्भय करता है।

इस एलोपैथिक और आयुर्वेद इलाज कितना अलग है उसके बारे में अगर बाते करे तो आयुर्वेदिक इलाज़ में आपके पूरी बॉडी को ध्यान में रखकर इलाज किया जाता है

और एलोपैथिक में डॉक्टर द्वारा मेडिकल हिस्ट्री, मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टर द्वारा की जानेवाली जरूरी जांच के आधार पर किया जाता है।


आयुर्वेदिक कारगर उपचार

थायराइड को जड़से छुटकारा पाने के लिए फायदेमंद आयुर्वेदिक की उपचार में ज्यादातर दीपक पाचन औषधियों का इस्तेमाल किया जाता है

जिनमे त्रिकटु का पावडर आता है इसको सुबह शाम लेने से थायराइड बीमारी को ठीक कर सकते है। और हमेंशा के लिए छुटकारा पा सकते है।

 

थायराइड का इलाज कैसे होगा

अगर आपको थायराइड के बारे में बात करे तो इसका इलाज़ साधारण तरीको से किया जाता है। हाइपरथायराडिज्‍म की जांच होती हैं और कुछ मेडिकल रिपोर्ट किए जाते है हमने थायराइड के इलाज़ की कुछ महत्वपूर्ण जानकारी नीचे दी है।

  • ब्लड टेस्ट: किसी भी बीमारी की पहचान करने के लिए ब्लड टेस्ट करना बेहद जरूरी है उसी तरह थायराइड बीमारी में आपके लेवल की जांच करने में मदद मिलती हैं जैसे कि टीएसएच टी-3,टी-4 का लेवल चेक किया जाता है।
  • नेत्र परीक्षण: शरीर में होनेवाली बीमारी कितनी गंभीर है उसका पता कहि बार डॉक्टर नेत्र परीक्षण से लगाते हैं जैसे कि आँखों मे तेज कितना है बीमारी के कारण आंखों जैसे अंग को कितना प्रभावित किया है अगर आँखों मे किसी भी तरह का असर देखने को मिलता है तो समझ लीजिए बीमारी के कारण अन्य लक्षण देखने को मिल सकते है।
  • इमेजिंग:आयोडीन उपडेट इमेजिंग रिपोर्ट करना कही बार थायराइड की समस्या के लिए जरूरी होता है सिटी स्कैन, एक्स रे,अल्ट्रासाउंड रेडियोएक्टिव जैसे इमेजिंग रिपोर्ट के माध्यम से कैंसर जैसी बीमार का पता चलता है क्योंकि थायराइड कही बार कैंसल का कारण बनता है।

 

थायराइड के लक्षण – Symptoms of Thyroid in Hindi

महिलाओं को थायराइड की समस्या ज्यादा होती हैं उसके कारण है की पुरुषों की तुलना में महिलाओं का हार्मोन जल्द प्रभावित होता है

और उनके गर्दन और गले मे मौजूद ग्रंथि काफी नरम होती है जिसने उसे तुरंत इंफेक्शन और थर्मोजेनेसिस को जल्द नियंत्रित नही किया जाता  हमने नीचे पुरुष और महिलाओं में समान थायराइड के लक्षण की जानकारी दी है।

 

थायराइड में पाई जाने वाले लक्षण

  • थकान महसूस करना।
  • ज्यादा प्यास लगना
  • दिल की धड़कन तेज हो जाना
  • आँखों का सूखापन होना
  • वजन कम हो जाना
  • बेचैनी महसूस करना
  • बाल का झड़ना

ऐसे कई छोटे मोटे लक्षण देखने को मिलते है।

 

थायराइड को कैसे पहचाने

इस बीमारी के लक्षण दूसरी बीमारियों के समान है अगर आपको यह बीमारी होती है तो सबसे पहले आप थायराइड का रामबाण इलाज सबसे पहले ढूढने की कोशिश करेंगे।

थायराइड इतनी भी गंभीर बीमारी नही है कि इसके इलाज नही है इस समस्या से छुटकारा पाने के कई उपाय और दवाइयां है इसके लक्षण को पहचानना थोड़ा कठिन होता है लेकिन कोई बात नही हम आपको लक्षण के बारे में बताएंगे जिनसे आप थायराइड की बीमारी को पहचान ने में मदद मिलेंगी।

महिलाओं में कही बार थायराइड की समस्या होने पर पिरियड टाइम पर नही आता, दूसरी और पुरुष और महिला में थायराइड को पहचान ने के किए समान लक्षण की बात करे तो अगर आपको लगातार पसीना आ रहा है,बार बार भूख लगती हैं।

थकान और बाल झड़ने जैसी समस्या होती हैं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए क्योंकि यह कही बार थायराइड जैसी बीमारी का कारण बनता है।

 

पुरुषों की तुलना में महिलाओं को थायराइड की समस्या अधिक क्यो होती हैं

पुरूष और महिलाओं के गले मे समान एक ग्रंथि होती हैं प्रिंटयूटरी ग्रंथि थायराइड हार्मोन को नियंत्रित करती है जिसको मेडिकल भाषा मे टीएसएच कहते है।

और अगर बात करे महिलाओं में थायराइड सही से काम नही करने का बड़ा खतरा होता है और गर्भवस्था के दौरान इस बीमारी का ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है।

और टी-3 टी-4 का लेवल काफी नीचे चला जाता है। अगर किसी भी गर्भवती महिलाओं को डायबिटीज की तकलीफ है तो उसे गर्भवस्था के दौरान थायराइड की समस्या होना निश्चित है।

 

थायराइड में क्या खाना चाहिए

दोस्तो बीमारी कोई भी बीमारियों का कारण खानपान और प्रदूषण, धूम्रपान जैसी चीजें जिम्मेदारी होती हैं।

ऐसे में अगर आपको थायराइड समस्या है तो आपको कम कैलोरी वाले भोजन लेना चाहिए,जैसे कि अंगूर,गाजर अन्य फ्रूट और सब्जियां खानी चाहिए।

इसके अलावा रोजाना भोजन में हरी सब्जियां,टमाटर, लौकी भिंडी,करेला और पैथी पालक खाना चाहिए। इसके अलावा प्रोटीन से भरपूर भोजन ही लेना चाहिए।

 

ओवरएक्टिव थायराइड क्या है

यह थायराइड का हिस्सा है जिनमे थायराइड ग्रंथियां प्रभावित होती हैं। जैसे कि ज्यादा मात्रा में थायराइड हार्मोन पैदा करने लगती हैं। ओवरएक्टिव के लक्षण सामान और अलग होते है जो हमने नीचे दिए हैं।

  • नींद नही आना।
  • शरीर मे ज्यादा कमजोरी
  • चिड़चिड़ापन,घबराहट जैसे लक्षण
  • गले मे हल्का या ज्यादा दर्द
  • पैर या अन्य हिस्सों में दर्द

ऐसे ओवरएक्टिव नॉर्मल थायराइड के समान बीमारी है और यह एक लक्षण हैं।

 

थायराइड से बचने के लिए कैसे सावधानियां रखे ?

अब आपको चल गया होगा थायराइड हार्मोन से जुड़ी समस्या है और इस बीमारी पर  काबू पाने या इस बीमारी से बचने के लिए खानपान की चीज़ों पर ध्यान रखना पड़ता है जो हमने नीचे कुछ जानकारी दी है।

  • मुलेठी: थायराइड से बचने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर मुलेठी का सेवन करना चाहिए। आपको बता मुलेठी का इस्तेमाल करने से थकान शरीर मे कमजोरी जैसी चीजों से निपटने में मदद मिलती हैं। मुलेठी खाने से और भी कई फायदे होते है
  • मछली: यह आज के समय मे ज्यादातर खाए जाने वाली सब्जी के रूप में उपयोग होने लगा है ये गलत बात नही है कि इसमें कोई प्रोटीन या हर बीमारी से लड़ने के लिए आयोडीन काफी होता है अगर आप हप्ते में एक बार भी मछली खाते हैं तो आपको थायराइड जैसी समस्या कभी नही होती क्योंकि यह एक समुद्री जीव है और इसमें पाए जाने वाला आयोडीन नेशनल और रोग से सुरक्षित रखने में मदद करती हैं।
  • सोयाबीन: अगर आपको थायराइड हुआ है तो आपको सोयाबीन से बने भोजन का सेवन करना चाहिए। हमारे हार्मोन को कंट्रोक करने के लिए यह काफी फायदेमंद है वैसे सोयाबीन का सेवन हर कोई करता है साथ ही थायराइड जैसी बीमारी के लिए इसका सेवन करना काफी फायदेमंद होता है।

 

Disclaimer

इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न विशेषज्ञों के अध्ययन और राय के साथ-साथ आम आदमी के स्वास्थ्य पर आधारित है। इस जानकारी को देने का उद्देश्य विषय से परिचित होना है। पाठकों को अपने स्वास्थ्य के आधार पर कोई भी निर्णय लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

 

conclusion

ऐसी कई खानपान की चीजों के जरिए थायराइड जैसे बीमारी से बचा जा सकता है आपको महत्वपूर्ण जानकारी बतादे तो इस बीमारी से बचने का आसान तरीका है – हार्मोन को सही रखें गले या हार्मोन को प्रभावित करे ऐसी चीजों को खानों से दूर रहे।

अगर आपको थायराइड के हल्के से लक्षण देखने को मिले तो तुरंत डॉक्टर को दिखाए या थायराइड का रामबाण इलाज भी है जिसके जरिए आप इस बीमारी से स्वस्थ हो सकते हैं।

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