टाइफाइड को जड़ से खत्म करने का इलाज – Typhoid ko jad se khatm karane ka ilaj

टाइफाइड को जड़ से खत्म करने का इलाज – वैसे बुखार कई प्रकार के होते हैं किसी को हल्का बुखार होता है तो किसी को कई हप्तों तक बुखार की बीमारी से जूझना पड़ता है।

जहा तक नॉर्मल बुखार की बात है तब तक डरने की जरूरत नही होती लेकिन जैसे ही टाइफाइड बुखार होता है तब तुरंत इलाज करने पर मजबूर होना पड़ता है क्योंकि यह आम बुखार से कही ज्यादा गंभीर माना जाता है।

जब किसी को टाइफाइड की बीमारी होती है तो सबसे पहले उसके दिमाग़ में टाइफाइड को जड़ से खत्म करने का इलाज करने का विचार आता है।

वैसे यह अच्छी बात है क्योंकि ऐसी बीमारियों का इलाज जड़ से करना सही विकल्प है। आज हम इस आर्टिकल में आपको टाइफाइड से जुड़ी दिलचस्प बातें और इससे निजात पाने का फायदेमंद उपाय बताएगें।

 

टाइफाइड को जड़ से खत्म करने का इलाज

Typhoid ko jad se khatm karane ka ilaj
Typhoid ko jad se khatm karane ka ilaaj

 

टाइफाइड क्या होता है –  Typhoid kya hota hai

बुखार हमारे जीवन से जुड़ी आम बीमारी है जिसे होने पर हम ज्यादा परेशान नही होते क्योंकि हम सब जानते है बुखार एक या दो दिन में दवा लेने से ठीक हो जाता है। टाइफाइड आमतौर पर लंबे समय तक रहने वाला बुखार का एक प्रकार है।

शरीर मे ज्यादा कमजोरी आ जाती है, सिर दर्द,थकान, भूख नही लगती, ऐसे कई लक्षणों के साथ हाई फीवर होता है जिसे हम टाइफाइड कहते हैं।

आपको बता दें जब हम नॉर्मल फीवर को लेकर लापरवाही करते हैं , जैसे कि हमारे शरीर मे ज्यादा तापमान होने के बावजूद नॉर्मल फीवर समझकर इलाज नही करवाते या डॉक्टर को नही दिखाते हैं। तब टाइफाइड बुखार होता है जो बुखार का आखरी स्टेज होता है

कुछ लोगों कई तरह के फीवर होते है जैसे कि, सिर्फ शरीर का तापमान बढ़ता है, ज्यादा थकान होती हैं, कुछ लोगो को इलाज के दौरान पता चलता है कि  फीवर है ऐसे कई नॉर्मल से लेकर गंभीर बुखार की समस्या हमारे जीवन मे रहती हैं।

लेकिन टाइफाइड उन्हीं के कारण होने वाली गंभीर बीमारी है इसको हम गंभीर इसलिए कहते हैं क्योंकि यह लंबे समय तक मरीजों को रहती है | यानिके दवाइयां लेने के बावजूद कुछ दिनों तक शरीर मे कमजोरी, और बुखार के लक्षण देखने को मिलते हैं।

 

टायफाइड के लक्षण क्या है Symptoms of Typhoid In Hindi

वैसे देखा जाए तो टाइफाइड एक इंफेक्शन और वायरल द्वारा होने वाली बीमारी है इस बीमारी में आपको शरूआत से लेकर टाइफाइड के स्टेज तक कई छोटे और गंभीर लक्षण देखने को मिलते हैं।

और कुछ लक्षण हमारे शरीर की तासीर पर निर्भय करता है क्योंकि जिन लोगों की तासीर यानीके शरीर की कमजोरी कितनी मजबूत है

उसके मुताबिक अलग-अलग लक्षण देखने को मिलते हैं कुछ लोगों को जब टाइफाइड की बीमारी होती है तो उसके दिमांग में इस बीमारी को लेकर कई तरह के विचार और डर पैदा होता है

और टाइफाइड को जड़ से खत्म करने का इलाज ढूंढता है लेकिन हमने टाइफाइड के मुख्य लक्षण के बारे में नीचे बताया है।

  • सिर दर्द (Headache) यह लक्षण दूसरी बीमारी में भी होता है लेकिन टाइफाइड में सिर दर्द काफी ज्यादा होता है जिसमे हम headache कहते है। टाइफाइड में होने वाला दर्द, सिर के आंधे हिस्से में होता है और लगातार दर्द रहता है।
  • डायरिया (Diarrhea) टाइफाइड अगर आपको डायरियां होता है तो तुरंत डॉक्टर से इलाज करवाना चाहिए क्योंकि टाइफाइड में डायरियां होने से मरीज़ काफी कमजोर पड़ जाता है ऐसे में मरीज़ के शरीर मे पानी की कमी होती है और शरीर के लिए टाइफाइड के साथ डायरिया होना काफी गंभीर माना जाता है।
  • ठंड लगना (Chills) बुखार में ठंड लगता आम बात है लेकिन टाइफाइड में मरीज़ ठंड के मारे काफी कापता है बाकी बीमारी में यह कुछ समय तक ठंड आपको प्रभवित करती हैं लेकिन टाइफाइड में लगातार ठंड लगती है जिसके कारण आपको तत्काल डॉक्टर के पास जाने की जरूरत पड़ती हैं।
  • थकान (Tiredness) टाइफाइड के गंभीर लक्षण शरीर में थकान है जिसमें मरीज़ काफी कमजोर पड़ जाता है और उसे बैठने को भी मन नही करता सिर्फ बेड पर लेटे रहता है। और सबसे महत्वपूर्ण बात आपको बता दें कि टाइफाइड जब तक ठीक नही होता तब तक थकान मरीज़ को रहती हैं।
  • तेज बुखार (High fever) टाइफाइड में मरीज़ 103 फेरेनहाइट तक का बुखार होता है। साथ ही मरीज़ को कम से कम दस दिन बुखार रहता है या उससे ज्यादा दिन तक रहता है यह मरीज के इलाज पर निर्भय करता है।

इसके अलावा कई नॉर्मल और गंभीर लक्षण टाइफाइड में देखने को मिलते है। लेकिन हमने जो बताये वह मुख्य लक्षण है जो हर मरीज में देखने को मिलते है साथ ही टाइफाइड का लक्षण मरीज़ के शरीर पर निर्भय करता है कुछ लोगो को सामान्य लक्षण होते हैं फिर भी गंभीर माने जाते है।

 

टाइफाइड के नुकसान – Typhoid ke Nuksan

अगर आपको टाइफाइड की बीमारी होती है तो तुरंत इस बीमारी का इलाज करवाना चाहिए क्योंकि यह बीमारी का इलाज समय पर न होने पर गंभीर रूप ले सकता है।

और इसके कारण शरीर मे अन्य बीमारी होती हैं जैसे आते प्रभावित होता है। पेट की समस्या,उल्टी के साथ-साथ कई तरह की बीमारी होती हैं हमने नीचे टाइफाइड से होने वाली अन्य बीमारी के बारे में बताए हैं।

  • गुदा या यूरिन में इंफेक्शन होता है।
  • मैनिजाइटिंग
  • मेंटेली समस्या
  • लकवा मारना
  • शरीर के अन्य हिस्सों में इंफेक्शन हो सकता है।
  • न्यूमोनिया
  • दिल की समस्या हो सकती हैं

ऐसी कई समस्याएं टाइफाइड कि बीमारी के कारण  होती हैं।

 

टाइफाइड कितने दिन तक रहता है

शरुआती दिनों में हल्के लक्षण होते हैं जैसे दिन में एक या दो बार उल्टी होती हैं और तेज बुखार,साथ ही कमजोरी जैसे अन्य समस्या होती है। अगर आप बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से इलाज करवाते हो तो टाइफाइड होने से पहले आप बच सकते हैं

लेकिन अगर आपको टाइफाइड वाला बुखार हुआ है तो डॉक्टर से इलाज़ कराने के बावजूद टाइफाइड कम से कम दस या पाच दिन तक रहता है या कभी भी एक हप्ते तक भी टाइफाइड रहता है। यह आपके डॉक्टर द्वारा किए जाने वाले इलाज़ पर निर्भय करता है।

 

टाइफाइड जड़ से खत्म करने की दवा –Typhoid ki Dawa in Hindi

टाइफाइड की बीमारी मरीज़ को काफी तकलीफ देती हैं वैसे देखा जाए तो यह बीमारी गंभीर नही है। सिर्फ सावधानियां बरतनी चाहिए।

वैसे अगर बात करे टाइफाइड की दवाओ की तो मरीज का सबसे पहले मेडिकल चैकअप होता है जिससे साफ तौर से पता चले कि नॉर्मल टाइफाइड है या गंभीर। हमने नीचे टाइफाइड को जड़ से खत्म करने की दवाओं के कुछ पॉइंट दिए हैं।

  • डॉक्टर हमेशा टाइफाइड से पीड़ित मरीज़ का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से करते हैं।जो शरीर मे मौजूद दूषित बैक्टीरिया को खत्म करती हैं। एंटीबायोटिक दवाओं से टाइफाइड के मरीज़ में दो हप्तों में सुधार देखने को मिलते है।
  • टाइफाइड बीमारी का इलाज वैसे अंग्रेजी दवाओं से ज्यादा किया जाता है और आमतौर डॉक्टर मरीज़ के ब्लड रिपोर्ट, यूरिन रिपोर्ट और अन्य रिपोर्ट को देखते हुए दवाइयां देते है।
  • टाइफाइड के इलाज़ को जड़ से खत्म करने के लिए डॉक्टर आपको एंटीबायोटिक के अलावा सिरप (Syrup) भी देते है जैसे कि Extacef DS Dry Syrup, Milixim 100 Mg DS Syrup इसके साथ ही आपको टेबलेट भी देते है

यह दवाइयां सिर्फ आपके जानकारी के लिए है हमारा अनुरोध है टाइफाइड जैसी बीमारी को ठीक करने के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से किसी भी तरह की दवाइयों का सेवन नही करना चाहिए।

 

टाइफाइड को जड़ से खत्म करने का घरेलू उपाय – Typhoid ka Gharelu Upay

यह एक बैक्टीरियल इंफेक्शन से होने वाली बीमारी है वैसे यह दवाओं से ही ठीक होती हैं | लेकिन इसके साथ घरेलू उपाय काफी कारगर साबित होता है

इसलिए एलोपैथीक दवाओं के साथ-साथ टाइफाइड को जड़ से खत्म करने का इलाज घरेलू उपाय भी है।

साफ तौर से अगर आपको बताये तो इस बीमारी को ठीक करने के लिए ऐसे उपाय की जरूरत होती जो शरीर मे मौजूद बैक्टीरियल इंफेक्शन को खत्म कर सके, हमने इस बीमारी को ठीक करने के लिए कारगर घरेलू उपाय बताए हैं।

  • फलो का ज्यूस (Fruit juice) टाइफाइड के मरीज़ को डिहाइड्रेशन होता है जिसके कारण कमजोरी और कई अन्य समस्या भी होती हैं वैसे में शरीर में पानी के अलावा तरल पदार्थों का सेवन करने से काफी फायदा होता है साथ ही ताजे फलों का ज्यूस दिन में तीन बार पीना चाहिए जिससे हमारे शरीर मे इलाज़ के लिए जरूरी विटामिन मिल सके।
  • गर्म पानी (Hot water) वैसे आपको पता ही होगा कि गर्म पानी बीमारियों से लड़ने में कितना कारगर माना जाता है वैसे ही टाइफाइड के लिए भी गर्म पानी कारगर है क्योंकि गर्म पानी आपके शरीर मे मौजूद दूषित बैक्टीरिया को मारता है और आपके शरीर को स्वस्थ रखता है।
  • तुलसी का रस (Basil Juice) तुसली एक ऐसा वनस्पति है जिनमे कई रोगप्रतिरोधक गुण पाए जाते है ऐसे में अगर आपको टाइफाइड जैसी समस्या हो तो तुलसी के पत्तों में रस निकालकर पीने से टाइफाइड की बीमारी के लिए काफी फायदा होता है।
  • लहसुन (Garlic) लहसुन एक एंटीबायोटिक प्राकुतिक माना जाता है इसको इस्तेमाल करने से कितनी भी बड़ी टाइफाइड की गंभीर समस्या हो इस बीमारी को जल्द से ठीक करने में मदद मिलती को इसको इस्तेमाल करने का आसान तरीका है लहसुन की कलियों को पीसकर सेंधा नमक मिलाकर घी के साथ सेवन करे इससे काफी राहत मिलेंगी।

इन उपाय द्वारा आप टाइफाइड जैसी बीमारी से निपट सकते है। लेकिन इसके साथ ही डॉक्टर के इलाज भी बेहद जरूरी है क्योंकि हमारी लापरवाही हमे गंभीर बीमारी दे सकती हैं अगर टाइफाइड से जड़ से छुटकारा पाना है तो घरेलू उपाय और डॉक्टर के इलाज की सख्त जरूरत होती हैं।

 

टाइफाइड का आयुर्वेदिक इलाज – Typhoid ka ayurvedic ilaaj

हमारे देश मे रोजाना लाखों लोग टाइफाइड से ग्रसित होते है और यह बैक्टीरियल इंफेक्शन द्वारा होने वाली खतनाक बीमारियों में से एक है। इसका इलाज होमियोपैथी, एलोपैथिक और आयुर्वेदिक दवाओं से भी किया जाता है।

लेकिन अगर इस बीमारी से जल्द से निजात पाना है तो सर्जन डॉक्टर के इलाज की जरूरत पड़ती हैं साथ ही आयुर्वेद और अन्य उपचार भी करना पड़ता है।

निचे हम ने टाइफाइड का आयुर्वेदिक इलाज के बारे में जानकारी प्रदान की है उसे एक बार जरूर पढ़े ।

  • अंजीर (Fig)आपको बता दें कि अंजीर में पोटेशियम,मैग्नीशियम,आयरन कॉपर जैसे अन्य फाइबर युक्त एंटीऑक्सीडेंट होता है जो टाइफाइड को जड़ से खत्म करता है इसको काढ़े में मिलाकर सेवन करने से काफी फायदा होता है।
  • मुनक्का (Raisins) इसमे डाइटरी फाइबर के साथ विटामिन ए व डी के अलावा अन्य गुण पाए जाते है इससे टाइफाइड से होने वाली कमजोर में काफी राहत मिलती हैं इसको खाली खाने से काफी फायदा होता हैं।
  • गिलोय (Giloy) आप जानते ही है कि टाइफाइड में इम्युनिटी काफी कमजोर हो जाती है इसलिए गिलोय इम्युनिटी स्ट्रांग करने में मदद करता है जिनमे एंटी-बैक्टीरियल गुण होते है जो टाइफाइड जैसे बीमारी के सामने लड़ने में मदद करते है

इन आयुर्वेदिक उपाय द्वारा आप टाइफाइड जैसे बीमारी को ठीक कर सकते है लेकिन जैसा कि हमने आपको बताया कि आयुर्वेदिक उपाय के साथ-साथ डॉक्टर के इलाज की भी जरूरत होती हैं दोनो माध्यम से आप इस बीमारी को जड़ से ठीक कर सकते हो।

 

सवाल टाइफाइड के उपचार (Treatments of Typhoid in Hindi)

टाइफाइड के लक्षण आमतौर पर पंद्रह दिनों के बीच दिखाए देते हैं जिनमे शरुआत में नॉर्मल बुखार होता है। और जैसे ही नॉर्मल लक्षण दिखाई दे तुरंत मरीज़ को उपचार करना चाहिए।

इसके उपचार के लिए एंटीबायोटिक सही विकल्प है  साथ ही शरीर मे ज्यादा पानी होना भी फायदेमंद है मतलब की आपको टाइफाइड होने पर ज्यादा पानी पीना चाहिए। इस बीमारी का उपचार कुछ हमारे हाथ और कुछ डॉक्टर के हाथ में होता है

हालांकि ज्यादातर टाइफाइड के मरीज एंटीबायोटिक दवाओं से जल्दी ठीक होते है। यह एक ऐसी गंभीर बीमारी है जिसमे दिल में छेद होने का भी डर रहता है

अगर किसी भी मरीज़ ने समय पर इलाज नही करवाया तो आगे जाकर दिल मे छेद होने की समस्या हो सकती हैं।

टाइफाइड के सही उपचार यह है कि हम हमारे शरीर मे जैसे ही टाइफाइड के लक्षण देखने को मिले हमे शरुआत में घरेलू या आयुर्वेदिक उपाय करना है अगर उसे ठीक नही होता तो फिर डॉक्टर के पास जाकर इस बीमारी का इलाज करवाना होगा।

एक और महत्वपूर्ण बात बताते आयुर्वेदिक और घरेलू उपाय द्वारा बीमारी को ठीक करने में काफी समय लगता है

ऐसी स्थिति में जब टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारी हो तो आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाकर इलाज करना सही विकल्प होता है

क्योंकि अगर आपने आयुर्वेदिक उपाय किए और उसका असर धीरे धीरे होता है तो तब तक टाइफाइड के गंभीर रूप आपके शरीर पर कब्जा कर लेंगे फिर आपकी सेहत और खराब हो सकती हैं।

आयुर्वेदिक उपाय और घरेलू नुस्खे तब काम आते जब आप नॉर्मल बीमारी से पीड़ित हो जैसे कई बीमारियां है जो घरेलू उपाय से तुरंत ठीक हो जाते हैं लेकिन टाइफाइड जैसे गंभीर बीमारी के लिए घरेलू उपाय कर अपने आपको जोखिम में नही डालना चाहिए।

इसका सटीक और कारगर इलाज डॉक्टर द्वारा मेडिकल हिस्ट्री और मेडिकल रिपोर्ट के माध्यम से होने वाला इलाज है। इस इलाज में थोड़ा समय लगता है लेकिन आप इस बीमारी अच्छे से निजात पा सकते है।

 

FAQs – Typhoid ko jad se khatm karane ka ilaj

सवाल : टाइफाइड में कौन सा काढ़ा पीना चाहिए

इंफेक्शन से होने वाली किसी भी तरह की बीमारी के लिए काढ़ा एक कारगर उपाय साबित हुआ है। और जब टाइफाइड की बात आती हैं तो उसके लिए भी काफी फायदेमंद है

इसको हम घर पर आसानी से बनाकर सेवन कर सकते है जैसे कि अंजीर, मुनक्का और ख़ूबकाला को 400 ग्राम पानी मे पकाकर 100 ग्राम पानी रहने तक उबाले और बाद में छान कर दिन में तीन बार पीने से टाइफाइड की समस्या से निजात पा सकते है।

 

सवाल : टाइफाइड की सबसे अच्छी दवा कौन सी है

इंफेक्शन से होने वाली किसी भी बीमारी के लिए सबसे अच्छा विकल्प डॉक्टर होता है अगर आप ये सोचते हो कि दवा आप प्राइवेट मेडिकल से खरीदकर टाइफाइड को ठीक कर सकते है तो यह आपके दिमाग का वहेम है।

क्योंकि इस बीमारी को ठीक करने के लिए आपके शरीर का सटीक निदान होना बेहद जरूरी होता है जो एक डॉक्टर ही अच्छे से कर सकता है।

जानकारी के लिए बताते टाइफाइड के लिए सबसे अच्छी दवा एंटीबायोटिक है और एंटीबायोटिक थैरेपी के साथ इलाज किया जाता हैं जिनसे आपको दो दिनों में सुधार देखने को मिलेगा।

 

सवाल : टाइफाइड में क्या क्या नहीं खाना चाहिए

जिस तरह जे डॉक्टर का मानना है कि यह एक आंत के विकास और बैक्टीरियल इंफेक्शन से होनेवाली बीमारी तो इस बीमारी से बचने के लिए और टाइफाइड में खाने पीने की चीज़ो को लेकर काफी सावधानियां बरतने की जरूरत होती हैं। टाइफाइड में नीचे दी गई चीजें खाने को परहेज करना चाहिए।

  • नमकीन या मसालेदार भोजन: सिर्फ यह एक बीमारी नही बल्कि दूसरी बीमारी होने पर भी ज्यादा नमकीन और मसालेदार भोजन से दूर रहना चाहिए और यह हमारी पाचन शक्ति को काफी कमजोर बनाता है।
  • कॉफी: वैसे हर घर मे कॉफी का सेवन होना आम बात है लेकिन टाइफाइड में कॉफी पीने से काफी नुकसान होता है जैसे कि आपके पेट और भोजन पचाने को लेकर कुछ समस्याएं हो सकती हैं इसलिए कॉफी टाइफाइड में कभी नही पीनी चाहिए।
  • मटन: टाइफाइड के शरुआती दिनों में मटन या नॉनवेज की किसी भी तरह का भोजन नही करना चाहिए। क्योंकि मटन में एक तरह का कार्बोहाइड्रेट होता है जो बीमारी के समय यह हमारे शरीर के लिए काफी नुकसान करता है। पाचन से लेकर कई पेट की समस्या मटन क्व कारण होती हैं।

 

सवाल : टाइफाइड कैसे फैलता है

कई लोगों का मानना है कि यह बीमारी दूसरी व्यक्ति द्वारा होती हैं | लेकिन ऐसा नही है यह एक इंफेक्शन से होनेवाली बीमारी है टाइफाइड साल्मोनेला टाइफी  (Salmonella Typhi) जीवाणु से होती हैं

अगर हम आम भाषा मे कहे तो खानपान की वजह से या दूषित पानी और बीमारी व्यक्ति के संपर्क में आने से इंफेक्शन के कारण यह बीमारी होती हैं यह एक तरह का बुखार है

लेकिन टाइफाइड इसका गंभीर स्टेज माना जाता हैं। इससे बचने के लिए सही भोजन और तंदुरुस्त जीवनशैली की जरूरत होती हैं।

 

सवाल : टाइफाइड कितने दिन रहता है

आमतौर पर टाइफाइड कम से कम दस दिन तक रहता है। लेकिन आज स्पेशलिस्ट डॉक्टर के माध्यम से होने वाले इलाज से यह बीमारी कुछ ही दिनों में ठीक।हो जाती हैं।

हालांकि शरुआती दिनों में नॉर्मल फीवर रहता है, फिर बाद में भयंकर तेज बुखार होता है और टाइफाइड का कारण बनता है। आपको बता दें टाइफाइड के इलाज से पहले कैसे सावधानियां बरती गई है

और हमारे शरीर में कितने गंभीर लक्षण हैं उस पर निर्भय करता है। कुछ लोग तो सिर्फ तीन दिन में टाइफाइड से ठीक हो जाते है तो कुछ को दस से पंद्रह दिन तक इस बीमारी से जूझना पड़ता है। यह आपके इलाज और आपकी सेहत पर निर्भय करता है।

 

सवाल : टाइफाइड कैसे ठीक होता है

इस बीमारी के लिए सबसे गंभीर लक्षण हैं शरीर की कमजोरी है और अगर आपका सवाल है कि टाइफाइड कैसे ठीक होता है तो इसका जवाब है समय पर डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का सेवन करना होता है, खाने पीने की चीजो का ध्यान रखना पड़ता है। और दवाओं के डोज पूरे करने पड़ते है।

डॉक्टर आपको जो दवा देते है वो तुरंत असर नही करती बल्कि धीरे-धीरे आपके शरीर मे संक्रमण को दूर करती हैं

और पहले कमजोरी और बाद में शरीर में टाइफाइड को लक्षणों में राहत मिलती है एक बात का ध्यान जरुरी रखे कुछ लोग जैसे ही टाइफाइड की बीमारी ठीक होती जाती हैं

दवा के बाकी डोज पूरे नही करते जिसके कारण टाइफाइड का बुखार फिर से आपके शरीर पर असर करता है। इसीलिए दवा का पूरा डोज ही टाइफाइड को जड़ से खत्म करने का इलाज है

और डोज पूरे होते ही एक बार फिर डॉक्टर को दिखाना चाहिए और बाद में डॉक्टर द्वारा दी गई सलाह के मुताबिक अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए।

 

सवाल : टाइफाइड होने का कारण क्या है (Cause of Typhoid)

जैसा कि हमने पहले आपको बताया कि टाइफाइड कोई वायरल बीमारी नही है यह सालमोनेला टाइफी (Salmonella typhi)  बैक्टीरियल इंफेक्शन से होने वाली गंभीर बीमारी है।

इसके कई कारण होते है अगर आपको टाइफाइड जैसी बीमारी से बचना है तो अपने सेहत और स्वास्थ्य का बेहद ध्यान रखना चाहिए, बैक्टीरियल इंफेक्शन से दूर रहना चाहिए।

टाइफाइड को जड़ से खत्म करने का इलाज  कई मौजूद है। इस बीमारी होने पर डर ने की बजाय सटीक इलाज करना चाहिए।

टाइफाइड होने का कारण खाने पीने की चीजो से लेकर कई इंफेक्शन होते है लेकिन हमें स्वस्थ रहना है तो दूषित खाने पीने की चीज़ो को परहेज करना चाहिए।

 

Disclaimer

इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न विशेषज्ञों के अध्ययन और राय के साथ-साथ आम आदमी के स्वास्थ्य पर आधारित है। इस जानकारी को देने का उद्देश्य विषय से परिचित होना है। पाठकों को अपने स्वास्थ्य के आधार पर कोई भी निर्णय लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

 

Conclusion

इस लेख में आपने टाइफाइड को जड़ से खत्म करने का इलाज के बारे में जाना आशा करते है | आप Typhoid ko jad se khatm karane ka ilaj जैसे महत्वपूर्ण विषय की पूरी जानकारी जान चुके होंगे।

आपको लगता है कि इसे दूसरे के साथ भी Share करना चाहिए तो इसे Social Media पर सबके साथ इसे Share अवश्य करें।

और इस विषय संबंधित कोई भी सवाल आप के मन में होगा तो निचे कमेंट में बताये हम आप के कमेंट का जरूर जवाब देंगे | शुरू से अंत तक इस Article को Read करने के लिए आप सभी का तहेदिल से शुक्रिया…

 

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