VDRL Test in Hindi – वीडीआरएल टेस्ट क्या है

VDRL test in hindi – आज कल लगभग हर एक व्यक्ति को आये दिन कोई न कोई बीमारी लगी ही रहती है जिससे कि उसके स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर काफी असर पड़ता है

यदि आपको कोई छोटी मोटी बीमारी होती है जैसे खांसी जुखाम, सर दर्द आदि, तो इन बिमारियों के लक्षणों को देख कर ही आपको पता चल जाता है कि हाँ, हमें ये बीमारी है लेकिन कुछ बीमारियाँ ऐसी होती हैं जिनके सिर्फ लक्षणों से पक्का नहीं बता सकते कि व्यक्ति को वही बीमारी है

तो यदि आपको लक्षणों से नहीं पता चल पा रहा है कि आपको कौन सी बीमारी है तो इसके लिए आपको टेस्ट्स करवाने होंगे क्योंकि किसी बीमारी का पता लगाने के लिए टेस्ट्स सबसे बेहतर तरीका है

जैसे यदि आपको काफी समय से बुखार हो रहा है और नियमित रूप से दवाइयों के सेवन से भी आपको आराम नहीं मिल पा रहा है तो ऐसे में आप जब डॉक्टर के पास जाते हैं तो डॉक्टर सबसे पहले कुछ टेस्ट्स करते हैं

जैसे टाइफाइड टेस्ट या डेंगू टेस्ट आदि, इन टेस्ट्स का परिणाम आने के बाद पता चल जाता है कि आपको क्या हुआ है? या आप कौन सी बीमारी से ग्रस्त है

अनेक बिमारियों के लिए अलग-अलग टेस्ट किये जाते हैं जैसे एचआईवी टेस्ट (HIV Test), सीबीसी टेस्ट (CBC Test) केएफटी टेस्ट (KFT Test ) आयरन टेस्ट (Iron Test) तथा कई प्रकार के ब्लड टेस्ट आदि

 

VDRL test ka Hindi matlab kya hota hai
VDRL test ka Hindi matlab kya hota hai

 

इन्हीं में से एक है VDRL टेस्ट, तो जैसा कि हमारा सवाल भी है VDRL test in hindi  तो आज हम इसी टेस्ट के बारे में जितनी भी आवश्यक जानकारियां होती हैं

उन सबके बारे में विस्तार से आगे पढेंगे साथ ही हम प्रयास करेंगे कि आसान शब्दों में आपको सारी जानकारियां प्रदान करें जिससे कि आपको यह आर्टिकल अच्छे से समझ आ जाए

 

VDRL Test in Hindi – वीडीआरएल टेस्ट क्या है

 

VDRL test in hindi 

 

VDRL टेस्ट एक स्क्रीनिंग टेस्ट होता है जो कि सिफलिस के लिए किया जाता है यह हमारे शरीर में पाए जाने वाले प्रोटीन को मापता है, जिसे एंटीबॉडी के नाम से भी जाना जाता है, जो व्यक्ति के शरीर में तब पैदा हो सकता है जब व्यक्ति सिफलिस पैदा करने वाले बैक्टीरिया के संपर्क में आया हो

ऊपर आपने पढ़ा कि VDRL टेस्ट सिफलिस के लिए किया जाता है तो अब आप सोच रहे होंगे कि सिफलिस क्या होता है? तो हम आपको बता दें कि सिफलिस एक बैक्टीरियल संक्रमण है

जो कि आमतौर पर यौन संपर्क से फैलता है सबसे पहले यह एक  घाव के रूप में शुरू होता है फिर जननांगों, मलाशय या मुंह पर सिफलिस इन घावों के माध्यम से  ही त्वचा के संपर्क से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल जाता  है

जो बैक्टीरिया सिफलिस रोग पैदा करते हैं उन्हें ट्रेपोनिमा पैलिडम कहा जाता है

अब यदि हम आपसे पूछें कि VDRL टेस्ट क्या होता है तो इतना पढने के बाद आपके लिए इस सवाल का जवाब देना मुश्किल नहीं होगा पर यदि आपको अब भी VDRL टेस्ट के बारे में नहीं समझ आया है तो हमारा पूरा आर्टिकल अवश्य पढ़ें इससे आपको अवश्य इस टेस्ट के बारे में सारी चीजें समझ आ जाएंगी


क्या होता है VDRL टेस्ट

वीडीआरएल टेस्ट (VDRL Test) एक प्रकार का ब्लड टेस्ट है यह टेस्ट सिफलिस बैक्टीरिया के विरोध में शरीर में बने एंटीबॉडी का पता लगता है, एंटीबॉडीज हमारे रक्त में पाए जाने वाले वे प्रतिरक्षी प्रोटीन होते हैं जो हमारे शरीर द्वारा बनाये जाते हैं सिफलिस फ़ैलाने वाले वायरस के बैक्टीरिया से लड़ने के लिए.

जैसा कि आपने ऊपर पढ़ा ही होगा कि सिफलिस एक यौन से संचारित होने वाला रोग है पर अच्छी बात ये है कि इस रोग का इलाज संभव है

आपको साथ ही ये भी पता चल गया होगा कि यह बीमारी ट्रेपोनिमा पैलिडम नाम के एक बैक्टीरिया द्वारा फैलाई जाती है, ये बैक्टीरिया हमारे खून में पाए जाते हैं इसलिए यदि आप इस रोग से संक्रमित किसी व्यक्ति से रक्त लेते हैं तो उस व्यक्ति से यह बीमारी आपको भी हो सकती है

ये तो हमने पढ़ा कि VDRL टेस्ट क्या होता है अब हम पढेंगे VDRL की फुल फॉर्म क्या होती है


VDRL की फुल फॉर्म – VDRL ki full form

VDRL की फुल फॉर्म होती है वेनेरल डिजीज रिसर्च लेबोरेटरी ( Venereal Disease Research Laboratory ) तथा हिंदी में इसका पूरा नाम है यौन रोग अनुसंधान प्रयोगशाला

जैसा कि आपने ऊपर पढ़ा कि VDRL एक प्रकार का टेस्ट होता है जो कि सिफलिस नाम के एक रोग के लिए किया जाता है ये तो थी VDRL की फुल फॉर्म अब हम देखेंगे कि VDRL का टेस्ट किस लिए किया जाता है


क्यों किया जाता है VDRL टेस्ट 

VDRL टेस्ट के बारे में इतना सब पढ़ने के बाद अब आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा कि आखिर क्यों किया जाता है VDRL टेस्ट तो इसका जवाब हम आपको आगे विस्तार से देंगे

VDRL टेस्ट इसलिए किया जाता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या कोई व्यक्ति सिफलिस पैदा करने वाले बैक्टीरिया से संक्रमित है या नहीं, यह एक यौन संचारित रोग है VDRL परीक्षण से बैक्टीरिया ट्रेपोनिमा पैलिडम के खिलाफ एंटीबॉडी की उपस्थिति का पता लगता है

  • इस टेस्ट से तेजी से नए प्लाज्मा रिजन का परीक्षण किया जाता  है
  • सिफलिस का यह टेस्ट गर्भावस्था के समय पर प्रसवपूर्व देखभाल का भी एक हिस्सा माना जाता है
  • अगर आपके अन्दर यौन संचारित बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं, तो आपका डॉक्टर आपको यह परीक्षण कराने के लिए कह सकता है

अब तो आपको मालूम हो गया होगा कि आखिर क्यों किया जाता है VDRL टेस्ट, तो यदि आपको यौन संचारित कोई बीमारी है तो आपके लिए VRDL टेस्ट कराना बहुत ही ज़रूरी है क्योंकि यदि आप यह टेस्ट नहीं कराते हैं तो हो सकता है कि आगे चलकर स्थिति और भी गंभीर हो जाये


कब कराना चाहिए VDRL टेस्ट 

जैसा कि अब आपको पता चल ही गया होगा कि VDRL टेस्ट सिफलिस रोग का पता लगाने के लिए किया जाता है तो यदि आपको अपने शरीर में सिफलिस के लक्षण दिखाई देते है तो उन्हें बिल्कुल भी नजरंदाज न करें तथा समय पर यह टेस्ट करा लें, हमारे द्वारा सिफलिस के कुछ लक्षण निम्न दिए जा रहे हैं, उन्हें भी अवश्य पढ़ें

  • शरीर में खुजली होना
  • वजन का कम होना
  • पूरी बॉडी पर लाल चकते पड़ जाना
  • शरीर की मांसपेशियों में दर्द होना
  • शरीर में फोफले होना
  • जननागों के आस-पास फोड़े फुंसी या चकते हो जाना

यदि ऊपर दिए गए ये लक्षण आपको दिखाई दे रहें हैं तो जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से बात चीत करके VDRL टेस्ट कराएँ ताकि समय पर सिफलिस का पता लगाकर इसे ठीक किया जा सके

तो अब तो आपके मन में ये सवाल नहीं होगा कि कब कराना चाहिए VDRL टेस्ट अब हम आगे विस्तार से पढेंगे कि कैसे किया जाता है VDRL टेस्ट 


कैसे किया जाता है VDRL टेस्ट 

VDRL टेस्ट करने के लिए सबसे पहले डॉक्टर ब्लड सैंपल लेने की तैयारी करते हैं, इसके लिए डॉक्टर व्यक्ति की बांह पर एक बैंड बाँधते है फिर जिस जगह से ब्लड सैंपल लेना होता है उस जगह को Antiseptic से साफ़ किया जाता है

इस सबके बाद एक नस में सुई लगाई जाती है और उस जगह से ब्लड का सैंपल ले लिया जाता है इंजेक्शन लगाने पर हल्का सा दर्द होता है पर यह थोड़ी देर में ठीक भी हो जाता है

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उसके बाद व्यक्ति के ब्लड सैंपल को लेकर एक ट्यूब में डाल दिया जाता है और उस ट्यूब पर व्यक्ति का नाम लिखकर डॉक्टर इसे आगे परीक्षण के लिए भेज देते हैं

तो इस प्रकार डॉक्टर द्वारा लेबोरेटरी में VDRL टेस्ट किया जाता है


VDRL टेस्ट के परिणाम 

VDRL के इस टेस्ट को करवाने के बाद हमें दो प्रकार के रिजल्ट प्राप्त हो सकते हैं जिसे समझना आपके लिए आवश्यक है क्योंकि इसमें दो प्रकार के टर्म का उपयोग किया जाता है उन्ही के बारे में आगे हम सारी जानकारियां विस्तार से प्राप्त करेंगे

  • VDRL के सामान्य परिणाम 

VDRL टेस्ट के सामान्य परिणाम का मतलब है कि आपके ब्लड सैंपल में सिफलिस की कोई भी एंटीबॉडी नहीं देखी गई है तथा आप सिफलिस रोग से ग्रसित नहीं हैं


  • VDRL के असामान्य परिणाम 

VDRL का परिणाम असामान्य होने का अर्थ है कि आपको सिफलिस रोग हो सकता है यदि ये परीक्षण सकारात्मक होता है, तो आपको कुछ और परीक्षण करने होंगे जिससे कि इस रोग का पक्का पता लग सके इसके लिए FTA-ABS नाम का एक टेस्ट कराया जाता है

कई स्थितियां ऐसी भी होती हैं जिनमे गलत-सकारात्मक परीक्षण भी देखा जा सकता है, जो कि नीचे दिए गए हैं

  • Lyme disease
  • निमोनिया रोग
  • मलेरिया रोग
  • एचआईवी / एड्स (HIV/AIDS)

गर्भावस्था के दौरान किया जाने वाला VDRL टेस्ट 

गर्भावस्था के दौरान भी आप सिफलिस रोग की चपेट में आ सकते हैं प्रसवकालीन बीमारी और मृत्यु दर का एक जन्मजात सिफलिस माना जाता है इस टेस्ट को कराने के लिए आपको बहुत अधिक सावधानी नहीं रखनी पड़ती है तथा आसानी से इसे पूरा किया जा सकता है

प्रेगनेंसी में अनेक जांच कराये जाते हैं जैसे HB, शुगर, HIV टेस्ट आदि  इन टेस्ट के साथ ही आप वीडीआरएल का भी टेस्ट करवा सकते हैं

यदि किसी प्रेग्नेंट महिला को सिफलिस की समस्या होती है तो इससे उसके गर्भ में पल रहे शिशु को भी खतरा हो सकता है इसके अलावा डिलीवरी के समय भी बच्चे को इसका संक्रमण हो सकता है, इसलिए यदि आप समय पर जांच करवा लेते हैं तो इसका इलाज भी समय पर हो जाएगा और इससे माँ और बच्चा दोनों ही स्वस्थ रहते हैं


VDRL टेस्ट से होने वाले कुछ जोखिम 

वैसे तो यह टेस्ट आसानी से कर लिया जाता है परन्तु इससे जुड़े कुछ जोखिम भी हैं जैसे VDRL टेस्ट के दौरान  रक्त लेने के साथ थोड़ा जोखिम हो सकता है नसों और धमनियों का आकार हर एक व्यक्ति में भिन्न होता है कुछ लोगों से रक्त लेना दूसरों की तुलना में अधिक कठिन हो सकता है

ब्लड सैंपल लेने से जुड़े अन्य जोखिम मामूली हैं, लेकिन इसमें बहुत सी परेशानियाँ शामिल हो सकती हैं जैसे,

  • त्वचा के नीचे रक्त का जमा हो जाना
  • कमजोरी या बेहोशी महसूस होना
  • संक्रमण होना
  • बहुत अधिक रक्तस्राव होना

अब तक हमने वीडीआरएल टेस्ट के बारे में सारी महत्वपूर्ण जानकारियां इकट्ठा की तो अब यदि आपसे कोई पूछे कि VDRL टेस्ट क्या होता है तो इस सवाल का जवाब आसानी से दे सकते हैं तथा सामने वाले व्यक्ति को इस टेस्ट के बारे में सारी जानकारियां भी अच्छे से दे सकते हैं

 

FAQ’s – VDRL test in Hindi

सवाल : वीडीआरएल टेस्ट से क्या पता चलता है?

डॉक्टरों के अनुसार वीडीआरएल टेस्ट सिफलिस की बीमारी जानने के लिए किया जाता है इस जांच से मरीज के शरीर में ऐंटीबॉडी का पता लगाया जाता है

सवाल  : वी डी आर एल की फुल फॉर्म क्या है?

वीडीआरएल का पूरा नाम वेनेरल डिजीज रिसर्च लेबोरेटरी होता है

सवाल  : क्या वीडीआरएल पॉजिटिव इलाज योग्य है?

जी हाँ, वीडीआरएल पॉजिटिव का इलाज संभव है परन्तु इसका इलाज तभी किया जा सकता है जब सिफलिस का संक्रमण अपने प्रारंभिक चरण में हो 

सवाल : VDRL के लक्षण क्या हैं?

वीडीआरएल के लक्षणों में शामिल है मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, सूजी हुई लसीका ग्रंथियां, वजन घटना, थकान, बाल झड़ना, मानसिक बीमारी, स्मरण शक्ति की क्षति, रीढ़ की हड्डी में होने वाला संक्रमण आदि

सवाल : वीडीआरएल टेस्ट में कितना समय लगता है?

आप चिकित्सा निदान के समय से 24 से 36 घंटों के भीतर अपनी वीडीआरएल (VDRL) प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त कर सकते हैं


Conclusion 

आईये हम देखते हैं कि आज के हमारे इस आर्टिकल से हमने क्या-क्या जानकारियां प्राप्त की, तो आज हमने VDRL test in hindi के बारे में सारी आवश्यक जानकारियां विस्तार से प्राप्त की

इसके अलावा हमने देखा कि VDRL की फुल फॉर्म क्या होती है, यह टेस्ट कब कराना चाहिए तथा इसके साथ ही हमने देखा कि VDRL टेस्ट क्या होता है, इस टेस्ट के परिणाम क्या होते हैं, यह टेस्ट किस तरह किया जाता है, गर्भावस्था के दौरान वीडीआरएल टेस्ट तथा VDRL टेस्ट के कुछ जोखिमों के बारे में पर्याप्त जानकारियाँ भी हमने आज प्राप्त की

हमें उम्मीद है कि आपको हमारा आर्टिकल पसंद आया होगा तथा यदि आपको हमारे इस आर्टिकल से संबंधित कोई भी समस्या है या फिर आपका कोई सुझाव है तो comment box में ज़रूर बताएं, अपना कीमती समय हमारे इस आर्टिकल को देने के लिए आपका धन्यवाद

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