Vitamin B ki kami se Hone Wale Rog – विटामिन बी की कमी से होने वाले रोग

Vitamin B ki kami se hone wale rog: विटामिन हमारे शरीर में पाया जाने वाला एक आवश्यक तत्व है ये हमारे भोजन में पाया जाता है, जिनकी हमे अल्प मात्रा में आवश्यकता होती है ये हमारे शरीर के वृद्धि विकास, घावों का उपचार एवं मरम्मत का कार्य करने में सहायक होते हैं तथा हमारे शरीर में प्रमुख भूमिका निभाते हैं

विटामिन की खोज 1912 में हॉपकिंस द्वारा की गई थी परंतु उस समय इन्होंने विटामिन को कोई नाम नहीं दिया था दोबारा इसका नामकरण अमेरिकी बायोकेमिस्ट फंक द्वारा किया गया तब से इन्हे ही विटामिन्स का खोजकर्ता कहा जाता है

यह एक प्रकार का कार्बनिक यौगिक है इनसे कोई कैलोरी नहीं प्राप्त होती परंतु ये शरीर के पाचय में रासायनिक प्रतिक्रियाओं के नियम के लिए अत्यंत आवश्यक है इसे रक्षात्मक पदार्थ भी कहा जाता है

विटामिन ऐसे कार्बनिक यौगिकों को कहा जाता है जो चाहे कम मात्रा में ही सही पर हमारे शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक होते हैं यह हमे हमारे भोजन से प्राप्त होता है

हमारा शरीर विटामिन्स का निर्माण स्वयं से नही करता है और यदि करता भी है तो बहुत ही कम मात्रा में, इसलिए हमे ये विटामिन्स भोजन से प्राप्त करने पड़ते हैं

शरीर की सभी क्रियाओं को ठीक से कार्य करने के लिए हमे उचित मात्रा में विटामिन्स की ज़रूरत होती है तो आज हम इन्ही विटामिन्स के बारे में जानकारियां प्राप्त करेंगे

 

Vitamin B ki kami se Hone Wale Rog
Vitamin B Deficiency in Hindi

 

अनुक्रम

Vitamin B ki kami se Hone Wale Rog – विटामिन बी की कमी से होने वाले रोग

विटामिन बी की कमी बहुत से रोगों का कारण बनती है

जिनके नाम निम्नलिखित हैं

  • एनीमिया
  • बेरी बेरी रोग
  • त्वचा का फटना

तो जैसा कि आपने देखा कि विटामिन्स हमारे शरीर के लिए कितने आवश्यक होते हैं और यदि इनकी हमारे शरीर में कमी हो जाती है तो हम कितने सारे रोगों से ग्रस्त हो सकते हैं आगे हम इसी Vitamin B ki kami se hone wale rog के बारे में सारी जानकारियां इकट्ठा करेंगे


विटामिन बी (1-vitamin B1)

विटामिन B1  विटामिन बी का ही एक प्रकार है इसको वैज्ञानिक भाषा में थायमिन हाइड्रोक्लोराइड भी कहा जाता है यह बच्चों से लेकर व्यस्कों तक हर किसी में पाया जाता है

भोजन में विटामिन बी1 की कमी होने पर मनुष्य का शरीर फास्फोरस का संपूर्ण प्रयोग नहीं कर पाता है जिससे एक विशाल एसिड जमा हो जाता है और रक्त में मिल जाता है

जिससे मस्तिष्क के तंत्रिका तंत्र को हानि पहुंचने लगती है, बेरी बेरी रोग इसी विटामिन की कमी से होता है इसीलिए वैज्ञानिकों द्वारा इसे बेरी बेरी विटामिन भी कहा गया है

 

  • रासायनिक नाम – Rasayanik naam

विटामिन बी1 का रासायनिक नाम थायमीन है

 

विटामिन बी1 की कमी से होने वाले रोग – Vitamin B1 ki kami se hone wale rog

विटामिन बी1 की कमी से अनेक रोग होते हैं, जैसे मस्तिष्क में खराबी, स्मरण शक्ति कम होना, पैरों में जलन, सांस लेने में कठिनाई, कब्ज होना, पाचन क्रिया में समस्या होना आदि

परंतु विटामिन बी1 की कमी से मुख्यतः बेरी बेरी रोग होता है

 

बेरी बेरी रोग का परिचय – Beri beri rog ka parichay

बेरी बेरी विटामिन b1 की कमी से होने वाला एक रोग है इसके अन्य नाम पॉलिन्यूराइटिस इंडेंमिका, बारबियर्स आदि हैं। बेरी-बेरी का अर्थ होता है – जो चलने में सक्षम न हो

संसार के जिन क्षेत्रों में चावल का अधिक प्रयोग होता है वहां के लोगों में ये रोग ज्यादा देखने को मिलता है

 

 बेरी रोग होने का कारण – Beri beri hone ka karan

विटामिन b1 में मौजूद तंत्रिकाशोथ अवरोधी होता है जो कि कुटे चावल और पॉलिश किए हुए चावलों में कम पाया जाता है पर चावल को जब मशीन में पॉलिश किया जाता है तो जिस भाग में विटामिन बी1 की मात्रा अधिक होती है वो भाग चावल में मिल जाता है जिसका सेवन करने से बेरी बेरी रोग हो जाता है

रक्त में पाइरूविक अम्ल की मात्रा बढ़ने पर यह रोग उत्पन्न होता है इसकी सामान्य मात्रा 0.4 से 0.6 मिलीग्राम प्रतिशत होती है पर बेरी बेरी रोग होने पर यह मात्रा बढ़ कर 1 से 7 मिलीग्राम तक हो जाती है

 

बेरी बेरी रोग के लक्षण – Beri beri rog ke lakshan

  • मांसपेशियों के कार्य में कमी आ जाती है
  • बोलने में कठिनाई आती है
  • मानसिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है
  • थकान होने लगती है
  • चिड़चिड़ापन आ जाता है
  • भूख नहीं लगती तथा वजन में भी कमी आ जाती है

 

बेरी बेरी रोग के उपाय – Beri beri rog ke upay

बेरी बेरी रोग से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में विटामिन b1 का सेवन करना आवश्यक है यदि आपको बेरी बेरी रोग हो जाता है तो सबसे पहले चिकित्सक से संपर्क करें

बेरी बेरी रोग होने पर चिकित्सक मरीज को विटामिन b1 का टीका लगाते हैं पर यदि आप चाहते हैं कि आपको बेरी बेरी रोग ना हो तो विटामिन b1 का पर्याप्त मात्रा में सेवन अवश्य करें

 

विटामिन बी1 के मुख्य स्रोत – Vitamin b1 ke mukhya strot

विटामिन बी1 के मुख्य स्त्रोत मूंगफली, तिल, सूखा मिर्च, बिना घुली दाल, यकृत, अंडा एवं सब्जियां आदि हैं


विटामिन बी 2  (Vitamin B2)

शरीर में एंजाइम की मात्रा बनाए रखने के लिए विटामिन b2 की आवश्यकता होती है यह हमारे शरीर की एनर्जी बढ़ाने में मदद करता है आंखों के स्वास्थ्य के लिए, हृदय को स्वस्थ रखने के लिए और तंत्रिका तंत्र संबंधी रोगों के लिए ये अत्यंत लाभकारी होता है

  • रासायनिक नाम – Rasayanik naam

विटामिन बी2 को रायबोफ्लेविन कहते हैं

 

विटामिन बी2 की कमी से होने वाले रोग – kami se hone wale rog

विटामिन बी2 की कमी से अनेक रोग होते हैं जैसे त्वचा का फटना, आंखों का लाल होना और जिह्वा का फटना आदि

 

विटामिन बी2 की कमी का कारण – kami ka karan

विटामिन बी2 की कमी के अनेकों कारण हो सकते हैंं नीचे हमने विटामिन बी2 की कमी के मुख्य कारणों को विस्तार से बताया है

 

1) आहार में पोषक तत्वों की कमी – Ahaar me poshak tatvon ki kami

एक संतुलित आहार हमारे शरीर को कई प्रकार के पोषक तत्व प्रदान करता है जिनसे हमारे शरीर को उचित मात्रा में प्रोटीन विटामिन और अन्य तत्व प्राप्त होते हैं जो कि हमारे शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक होते हैं

यदि हमारे शरीर में पोषक तत्वों की कमी होगी तो जाहिर सी बात है कि बहुत से पोषक तत्वों के साथ विटामिन b2 की भी कमी हो जाएगी इसलिए हमें सदैव संतुलित आहार का ही सेवन करना चाहिए

 

2) गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन – Garbh nirodhak dvaon ka sevan

जो लोग गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन अधिक करते हैं उनके शरीर में विटामिन बी की कमी का जोखिम हो सकता है

इन दवाइयों के कारण शरीर में विटामिन b2 का अवशोषण सही से नहीं हो पाता है जो की शरीर में विटामिन बी2 की कमी का कारण बन सकता है

 

3)खाद्य पदार्थों का कम सेवन – khadya padarthon ka kam sevan

शरीर के लिए उपयोगी आवश्यक खाद्य पदार्थों का उचित मात्रा में सेवन न करने से भी शरीर में विटामिन बी2 की कमी हो जाती है

 

4) गर्भावस्था एवं स्तनपान – Garbhavastha evam stanpan

गर्भावस्था में स्तनपान की स्थिति में भी विटामिन बी2 की कमी हो जाती है गर्भावस्था एवं स्तनपान के दौरान चिकित्सक महिलाओं को मांस एवं डेयरी उत्पादों के सेवन से परहेज़ करने की सलाह देते हैं

तो जैसा कि आप सभी जानते ही होंगे कि विटामिन b2 का मुख्य स्रोत ही मांस एवं दूध आदि है तो इसका सेवन न करने से उनके शरीर में रायबोफ्लेविन की कमी हो जाती है

 

5) दूध का कम सेवन – Dudh ka kam sevan

विटामिन बी2 पशु आहार जैसे दूध दही अंडा और मांस में पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है ऐसे में जो लोग शाकाहारी हैं तथा अंडा मांस का सेवन नहीं कर सकते, यदि ऐसे लोग दूध का सेवन उचित मात्रा में नही करते हैं तो उनमें विटामिन बी2 की कमी हो सकती है

विटामिन बी2 की कमी के लक्षण – Vitamin b2 ki kami ke lakshan

  • थकान
  • गले में दर्द या सूजन
  • आंखों में खुजली और जलन होना
  • जीभ और होठों के किनारों में सूजन
  • सूखी जीभ
  • दृष्टि धुंधली होना
  • खून की कमी
  • कमजोरी और थकान

 

विटामिन बी2 की कमी का उपचार – Vitamin b ki kami ka upchaar

विटामिन बी2 की कमी को हम अनेक खाद्य पदार्थों का सेवन करके पूरा कर सकते हैं जैसे उन आहारों का सेवन अवश्य करें जिनमें विटामिन बी की मात्रा पर्याप्त हो

प्राकृतिक तरीके से विटामिन बी का सेवन अधिक फायदेमंद होता है, समय-समय पर चिकित्सक से विटामिन बी के स्तर की जांच कराते रहें

 

विटामिन बी2 के फायदे – Vitamin b ke fayde

विटामिन बी2 के अनेकों फायदे हो सकते हैं, जो नीचे दिए गए हैं

 

1) माइग्रेन की समस्या से बचाव – Migraine ki samasya se bachav

विटामिन b2 सिरदर्द के लिए भी उपयोगी साबित होता है एक रिसर्च के अनुसार यह बात सामने आई है कि विटामिन b2 के सेवन से माइग्रेन की समस्या भी कम हो सकती है

 

2) आंखों के लिए फायदेमंद – Aankhon ke liye fayademand

यदि आपके शरीर में लगातार विटामिन बी2 की कमी रहती है तो आपको मोतियाबिंद की समस्या हो सकती है ऐसे में जो व्यक्ति अपने भोजन में अधिक विटामिन बी2 युक्त आहार का सेवन करते हैं उनमें इसका खतरा कम रहता है

इस प्रकार यदि आप विटामिन बी2 का पर्याप्त मात्रा में सेवन करते हैं तो आप आंखों की समस्या से बच सकते हैं

 

3) ऊर्जा बढ़ाता है – Urja badhata hai

विटामिन बी2 का सेवन शरीर में पर्याप्त ऊर्जा को बनाए रखता है इसे ऊर्जा का स्त्रोत भी माना जा सकता है अन्य बी विटामिन जो शरीर के विकास, लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण तथा प्रोटीन को ऊर्जा में बदलने का भी कार्य करते हैं

विटामिन बी2 उन विटामिनों के साथ भी कार्य करता है ऐसे में विटामिन बी2 शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है

 

4) कैंसर से बचाव – Cancer se bachav

विटामिन बी2 कैंसर से बचाव के लिए भी उपयोगी हो सकता है कुछ अध्ययनों से पुष्टि हुई है कि विटामिन बी2 में एंटी ट्यूमर गुण पाए जाते हैं ऐसे में विटामिन बी2 कैंसर जैसी बड़ी बीमारियों से बचाव में मदद कर सकता है

 

5) त्वचा सुधार में सहायक – Tvacha sudhar me sahayak

विटामिन बी2 त्वचा के सुधार में अत्यंत सहायक होता है इसकी कमी से त्वचा संबंधी अनेक समस्याएं हो सकती हैं इसलिए शरीर में कोलेजन की मात्रा बनाए रखने के लिए और त्वचा को स्वस्थ रखने में विटामिन बी2 की महत्वपूर्ण भूमिका होती है

 

6) बालों के स्वास्थ्य के लिए – Balon ke swasthya ke liye

विटामिन बी2 की कमी से बाल झड़ने की समस्या हो जाती है, यदि आप बालों का झड़ना कम करना चाहते हैं तो सबसे पहले उसके कारण का पता लगाएं

किसी रोग का कारण पता होने पर ही उसका उपाय किया जा सकता है इसलिए यदि आपको अपने बालों को स्वस्थ रखना है तो विटामिन बी2 का सेवन अवश्य करें, परंतु यदि आपके बाल बहुत अधिक झड़ रहे हैं तो सिर्फ विटामिन बी2 पर निर्भर ना होते हुए किसी विशेषज्ञ की सलाह लें

 

विटामिन बी 2 के सेवन की मात्रा – Sevan ki matra

  • जन्म से 6 महीने तक के बच्चों को 0.3 मिलीग्राम प्रतिदिन का सेवन करना चाहिए
  • 7 से 12 महीने तक के बच्चों के लिए 0.4 मिलीग्राम प्रतिदिन पर्याप्त होता है
  • 1 से 3 साल तक के बच्चों के लिए 0.5 मिलीग्राम प्रतिदिन का उपयोग करना फायदेमंद होता है
  • 4 से 8 साल तक के बच्चों के लिए 0.6 मिलीग्राम प्रतिदिन पर्याप्त होता है

 

विटामिन बी2 के मुख्य स्रोत – Vitamin B2 ke mukhya Strot

  • खमीर
  • दूध
  • पनीर
  • मांस
  • हरी सब्जियां आदि

विटामिन बी3 (Vitamin B3)

एक स्वस्थ जीवन के लिए हमारे शरीर को अनेक प्रकार के तत्वों की आवश्यकता होती है विटामिन बी3 भी उन्ही पोषक तत्वों में से एक है

इसका रासायनिक नाम, कमी से होने वाले रोग और स्त्रोत आदि नीचे दिए गए हैं विटामिन बी3 के बारे में जानकारी प्राप्त करने किए इन्हें जरूर पढ़ें

 

  • रासायनिक नाम – Rasayanik naam

विटामिन बी3 का रासायनिक नाम निकोटिनैमाइड या नियासिन है

 

विटामिन बी 3 कमी से होने वाले रोग – Vitamin B ki kami se hone wale rog

विटामिन बी3 की कमी से होने वाले रोगों के नाम निम्नलिखित हैं

  • पेलाग्रा( त्वचा दाद)
  • 4-D-सिंड्रोम

 

विटामिन बी3 के स्रोत – Vitamin b3 ke Shrot

1) मछली – Machli

मछली से हमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी3 प्राप्त होता है टूना मछली से बाकी मछलियों की तुलना में अधिक मात्रा में विटामिन बी3 प्राप्त किया जा सकता है

2) मटर – Matar

शाकाहारी भोजन करने वाले लोगों के लिए विटामिन बी3 प्राप्त करने का मटर सबसे उपयुक्त साधन है, मटर का प्रयोग हम अन्य सब्जियों के साथ मिलकर भी कर सकते हैं जिससे हमारे भोजन में विटामिन बी3 की मात्रा बढ़ जाती है

3) ब्रॉकली – Broccoli

ब्रॉकली आपको बाजार में किसी भी सब्जी की दुकान पर आसानी से प्राप्त हो सकती है जो कि नियासिन का प्राकृतिक स्त्रोत मानी जाती है, ब्रॉकली में अनेक प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर में विटामिन बी3 की कमी को पूरा करते हैं

4) राजमा – Rajma

राजमा भी विटामिन बी3 का एक मुख्य स्त्रोत है, इसमें विटामिन बी3 कम मात्रा में पाया जाता है पर इसको अन्य सब्जियों के साथ मिलकर प्रयोग करने पर विटामिन बी3 की मात्रा बढ़ जाती है और आप अपने शरीर में विटामिन बी3 की कमी को पूरा कर सकते हैं

विटामिन बी की कमी को पूरा करने के लिए अन्य खाद्य पदार्थ पदार्थों की सूची नीचे दी गई है

  • शिमला मिर्च
  • चिकन
  • मीट
  • कॉफी
  • अनाज
  • आलू
  • ओटमील
  • सोया मिल्क आदि

विटामिन बी5  (vitamin B5)

विटामिन बी5 हमारे शरीर के लिए काफी उपयोगी होता है शारीरिक कार्यों को पूरा करने में इसका बहुत योगदान होता है इसका पर्याप्त मात्रा में सेवन करने पर अनेकों लाभ होते हैं इसके बारे में आगे हम सारी जानकारियां प्राप्त करेंगे

  • रासायनिक नाम – Rasayanik naam

विटामिन बी 5 को पैंटोथेनिक अम्ल भी कहते हैं

 

विटामिन बी 5 कमी से होने वाले रोग – Vitamin B ki kami se hone wale rog

बाल सफेद होना, मंद बुद्धि होना आदि रोग विटामिन बी5 की कमी से ही होते हैं

 

विटामिन बी5 के मुख्य स्त्रोत – Vitamin b5 ke mukhya strot

विटामिन बी5 के मुख्य स्त्रोत निम्न हैं

1) मशरूम – Mashroom

मशरूम में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं विटामिन B5 सभी तरह के मशरूम में पाया जाता है परंतु अलग अलग प्रकार के मशरूम में इसकी मात्रा कम या अधिक हो सकती है

2) अंडा – Anda

अंडा विटामिन B5 का मुख्य स्रोत माना जाता है इसमें प्रोटीन भी अधिक मात्रा में पाया जाता है जो कि शरीर के लिए काफी उपयोगी है यदि आप अंडे का इस्तेमाल सुबह नाश्ते के समय में करेंगे तो यह ज्यादा उपयोगी रहेगा

3) सूरजमुखी के बीज – Surajmukhi ke beej

सूरजमुखी के बीज में कई प्रकार के खनिज पदार्थ और विटामिन्स शामिल होते हैं जिसका सेवन करने से आपको कई प्रकार के फायदे हो सकते हैं

 

अन्य खाद्य पदार्थ – Anya khadya padarth

नीचे दिए गए खाद्य पदार्थों का सेवन करके भी आप विटामिन बी5 की कमी को दूर कर सकते हैं

  • शकरकंद
  • एवोकाडो
  • आलू
  • मटर
  • दालें
  • दुग्ध पदार्थ

 

विटामिन बी5 के फायदे – Vitamin b ke fayde

विटामिन बी5 के हमारे शरीर में अनेकों फायदे हैं जो निम्न दिए गए हैं

1) जख्म भरने में सहायक – Jakhm bharne me sahayak

एक रिसर्च से पता चला है कि विटामिन बी में जख्म को भरने के गुण होते हैं और ये शरीर को बाहरी बैक्टीरिया से भी सुरक्षित रखते हैं विटामिन B5 चोट लगने के बाद खून को रोकने तथा जख्म को जल्दी ठीक होने में भी सहायता करते हैं

 

2) हीमोग्लोबिन के लिए फायदेमंद – Hemoglobin ke liye fayademand

विटामिन B5 कोशिकाओं के निर्माण का भी कार्य करता है

यह शरीर में आयरन और कॉपर जैसे तत्वों के साथ मिश्रण करके शरीर में हिमोग्लोबिन को बनाए रखने में भी सहायक होते हैं

 

3) रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है – Rog pratirodhak chamta ko majbut banata hai

विटामिन B5 में लगभग सभी गुण मौजूद होते हैं जो शरीर से बीमारियों को दूर रखने के लिए आवश्यक होते हैं विटामिन बी5 मस्तिष्क और शरीर के कई कार्यों को ठीक करता है तथा शरीर को अनेक प्रकार के रोगों से दूर रखता है

 

4) हार्मोन को उत्तेजित करने में सहायक – Hormone ko uttejit karne me sahayak

विटामिन B5 हार्मोन के स्तर को नियंत्रण में रखने का कार्य करता है तथा इसके कार्यों को सरल बनाता है विटामिन B5 शरीर से संबंधित कई प्रक्रियाओं को भी प्रभावित करता है जिसकी वजह से हार्मोन का स्तर नियंत्रित रहता है

 

5) विटामिन बी5 की अधिकता – Vitamin b5 ki adhikta

विटामिन बी5 अनेक रोगों को सही करने में सहायक होता है परंतु इसकी अधिक मात्रा भी कई रोगों को जन्म देती है जो निम्नलिखित हैं

  • दस्त
  • सूजन
  • जोड़ों में दर्द
  • रक्त वाहिकाएं सख्त हो जाती हैं
  • सीने में जलन
  • डिहाइड्रेशन

 

विटामिन बी5 के मुख्य स्रोत -Vitamin b5 ke mukhya Strot

विटामिन बी5 के मुख्य स्त्रोतों में मछली, मटर और ब्रॉकली आदि शामिल हैं


विटामिन बी6 – vitamin B6

विटामिन बी6 हिमोग्लोबिन के निर्माण में मदद करता है यह हमारे शरीर की इम्युनिटी बढ़ाता है तथा दिमाग को स्वस्थ और एक्टिव रखने में सहायक सिद्ध होता है

 

  • रासायनिक नाम- Rasayanik naam

विटामिन बी 6 का रासायनिक नाम पायरीडॉक्सिन है

 

विटामिन बी6 की कमी से होने वाले रोग – Vitamin B6  ki kami se hone wale rog

एनीमिया एवं त्वचा रोग की समस्या विटामिन बी6 की कमी से होते हैं

 

विटामिन बी6 के स्रोत – Vitamin b6 ke Strot

विटामिन बी6 के मुख्य स्त्रोतों में यकृत, मांस एवम अनाज आदि शामिल हैं


विटामिन बी7 (Vitamin B7)

विटामिन बी7 हमारे शरीर का वजन घटाने में मदद करता है

तथा मेटाबॉल्सिम प्रोसेस के लिए भी शरीर को विटामिन बी7 की आवश्यकता होती है

 

  • रासायनिक नाम- Rasayanik naam

विटामिन बी 7 का रासायनिक नाम बायोटिन है

 

विटामिन बी 7 की कमी से होने वाले रोग – Vitamin B ki kami se hone wale rog

विटामिन बी7 की कमी से होने वाले रोग निम्नलिखित हैं

  • लकवा
  • शरीर में दर्द
  • बालों का गिरना
  • कमजोरी

 

विटामिन बी7 के मुख्य स्त्रोत – Vitamin b7 ke mukhya strot

मांस, अंडा, यकृत और दूध आदि विटामिन बी7 के मुख्य स्त्रोत हैं


विटामिन बी9 (Vitamin B9)

विटामिन बी9 को फोलेट और फॉलिक एसिड भी कहा जाता है विटामिन बी9 कई प्रकार के प्राकृतिक स्रोतों से समृद्ध होता है, कोशिकाओं के निर्माण में विटामिन बी9 का महत्वपूर्ण योगदान होता है

 

रासायनिक नाम – Rasayanik naam

विटामिन बी9 को फॉलिक अम्ल भी कहा जाता है

 

कमी से होने वाले रोग – Vitamin B ki kami se hone wale rog

विटामिन बी9 की कमी से होने वाले रोगों में एनीमिया और पेचिश रोग मुख्य हैं

 

विटामिन बी9 के मुख्य स्त्रोत – Vitamin b9 ke mukhya strot

विटामिन बी9 के मुख्य स्त्रोत निम्नलिखित हैं

  • दाल
  • यकृत
  • सब्जियां
  • अंडा
  • सेम

विटामिन बी12 (Vitamin B12)

विटामिन बी12 इकलौता ऐसा विटामिन है जिसमें कोबाल्ट धातु उपस्थित होता है विटामिन बी12 हमारे शरीर के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है

 

  • रासायनिक नाम-Rasayanik naam

विटामिन बी 12 का रासायनिक नाम साएनोकाबालामिन है

 

विटामिन बी 12 कमी से होने वाले रोग – Vitamin B12 kami se hone wale rog

विटामिन बी12 की कमी से मुख्यतः एनीमिया और पांडुरोग हो जाता है

 

एनीमिया के लक्षण – Anemia ke lakshan

विटामिन बी12 की कमी से होने वाले एनीमिया रोग के लक्षण नीचे दिए गए हैं

  • त्वचा का पीलापन
  • मुंह का अल्सर
  • लाल जीभ और घाव
  • दृष्टि में दोष
  • चिड़चिड़ापन
  • मनोविकृति
  • मनोभ्रंश
  • डिप्रेशन आदि

 

उपर हमने एनीमिया के लक्षण देखे अब आपका सवाल होगा कि इसको सही कैसे किया जाए तो इसका उपाय ये है कि रोगी पर्याप्त मात्रा में दूध का सेवन करें तथा ताजे फलों का प्रयोग अधिक करें

यदि आप ऐसा करते हैं तो आपका एनीमिया जल्दी ठीक हो जाएगा पर यदि ऐसा करने पर भी आपको कोई फायदा नही हो रहा है तो किसी चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें

 

विटामिन बी12 के स्रोत – Vitamin b12 ke Strot

विटामिन बी12 के मुख्य स्त्रोत मांस, कलेजा और दूध आदि हैं

 

विटामिन के प्रकार – Vitamin ke prakar

विटामिन्स 13 प्रकार के होते हैं, परंतु इन्हे दो मुख्य भागों में विभाजित किया गया है इसके एक भाग को जल में घुलनशील विटामिन( water soluble) और दूसरे को वसा में घुलनशील विटामिन ( fat soluble) के रूप में जाना जाता है, विटामिन के इन प्रकारों और भागों को हम आगे विस्तारपूर्वक पढ़ेंगे और समझेंगे


विटामिन के प्रकारों के नाम – Vitamin ke prakaron ke naam

  • विटामिन ए
  • विटामिन बी
  • विटामिन सी
  • विटामिन डी
  • विटामिन इ
  • विटामिन के

 

जल में घुलनशील विटामिन – Jal me ghulanshil vitamin

विटामिन बी एवं विटामिन सी जल में घुलनशील विटामिन होते हैं

 

वसा में घुलनशील विटामिन – Vasa me ghulanshil vitamin

विटामिन ए, विटामिन डी, विटामिन इ एवं विटामिन के वसा या कार्बनिक घोलकों में घुलनशील विटामिन्स होते हैं


FAQs – Vitamin B ki kami se hone wale rog

सवाल : विटामिन बी कितने प्रकार के होते हैं?

विटामिन बी 8 प्रकार के होते हैं

सवाल : विटामिन बी 1 का अन्य नाम क्या है?

विटामिन बी 1 का अन्य नाम थायमिन है

सवाल : विटामिन बी की कमी से कौन से रोग होते हैं?

विटामिन बी की कमी से थकान, उल्टी, बेरी बेरी रोग और एनीमिया जैसे रोग होते हैं

सवाल : विटामिन B का सबसे अच्छा स्रोत क्या है?

दूध, मछली और अंडा विटामिन बी का सबसे अच्छा स्त्रोत होता है

सवाल : विटामिन की खोज कब हुई?

विटामिन की खोज 1912 में हुई

 

Conclusion

तो आइए हम देखते हैं कि हमने आज क्या क्या पढ़ा, आज के इस आर्टिकल में हमने विटामिन्स,विटामिन्स के प्रकार विटामिन बी के सभी प्रकार, उनके स्त्रोत तथा Vitamin B ki kami se hone wale rog के बारे में भी पूर्ण रूप से सारी जानकारियां प्राप्त की

आज हमने पढ़ा कि विटामिन बी की कमी से कौन से रोग होते हैं तथा उनका उपचार कैसे किया जाता है हम उम्मीद करते हैं कि हमारे द्वारा प्रदान की गई जानकारियां आपके काम आएंगी और हमारा आज का आर्टिकल आपको पसंद आया होगा कृपया इसे Share करे और हमे अपने सुझाव Comment करके बताये

 

error: Content is protected !!